ⓘ यात्रा दो एक-दूसरे से दूरी रखने वाले भौगोलिक स्थानों के बीच लोगों के आने या जाने को कहते हैं। यात्रा पैदल, बाइसिकल, वाहन, विमान, नाव, बस, जलयान या अन्य साधन से, ..

शहर

शहर बड़ी और स्थायी मानव बस्ती होती है। शहर में आम तौपर आवास, परिवहन, स्वच्छता, भूमि उपयोग और संचार के लिए निर्मित किया गया एक व्यापक सिस्टम होता हैं। ऐतिहासिक रूप से शहरवासियों का समग्र रूप से मानवता में छोटा सा अनुपात रहा है। लेकिन आज दो शताब्दियों से अभूतपूर्व और तेजी से शहरीकरण के कारण, कहा जाता है कि आज आधी आबादी शहरों में रह रही हैं। वर्तमान में शहर आमतौपर बड़े महानगरीय क्षेत्और शहरी क्षेत्र के केंद्र होते हैं। सबसे आबादी वाला उचित शहर शंघाई है। एक शहर अन्य मानव बस्तियों से अपने अपेक्षाकृत बड़े आकार के कारण भिन्न होता है। शहर अकेले आकार से ही अलग नहीं है, बल्कि यह एक बड़े राजनीतिक संद ...

मुद्रा (करेंसी)

मुद्रा पैसे या धन के उस रूप को कहते हैं जिस से दैनिक जीवन में क्रय और विक्रय होती है। इसमें सिक्के और काग़ज़ के नोट दोनों आते हैं। आमतौर से किसी देश में प्रयोग की जाने वाली मुद्रा उस देश की सरकारी व्यवस्था द्वारा बनाई जाती है। मसलन भारत में रुपया व पैसा मुद्रा है। मुद्रा के बारे में हम उसके द्वारा किये जाने वाले कार्यों के आधापर बात कर सकते हैं। सामान्यतः हम मुद्रा के कार्यो में विनिमय का माध्यम, मूल्य का मापक तथा धन के संचय तथा स्थगित भुगतानों के मान आदि को शामिल करते है। विभिन्न अर्थशास्त्रियों ने मुद्रा की परिभाषा उसके द्वारा किये जाने वाले कार्यों के आधापर दी है। मुद्रा में सामान्य स्व ...

वास्तुकला

भवनों के विन्यास, आकल्पन और रचना की, तथा परिवर्तनशील समय, तकनीक और रुचि के अनुसार मानव की आवश्यकताओं को संतुष्ट करने योग्य सभी प्रकार के स्थानों के तर्कसंगत एवं बुद्धिसंगत निर्माण की कला, विज्ञान तथा तकनीक का संमिश्रण वास्तुकला की परिभाषा में आता है। इसका और भी स्पष्टकीण किया जा सकता है। वास्तुकला ललितकला की वह शाखा रही है और है, जिसका उद्देश्य औद्योगिकी का सहयोग लेते हुए उपयोगिता की दृष्टि से उत्तम भवननिर्माण करना है, जिनके पर्यावरण सुसंस्कृत एवं कलात्मक रुचि के लिए अत्यंत प्रिय, सौंदर्य-भावना के पोषक तथा आनंदकर एवं आनंदवर्धक हों। प्रकृति, बुद्धि एवं रुचि द्वारा निर्धारित और नियमित कतिपय ...

भाषा

भाषा वह साधन है जिसके द्वारा हम अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं और इसके लिये हम वाचिक ध्वनियों का प्रयोग करते हैं। भाषा, मुख से उच्चारित होनेवाले शब्दों और वाक्यों आदि का वह समूह है जिनके द्वारा मन की बात बताई जाती है। किसी भाषा की सभी ध्वनियों के प्रतिनिधि स्वन एक व्यवस्था में मिलकर एक सम्पूर्ण भाषा की अवधारणा बनाते हैं। व्यक्त नाद की वह समष्टि जिसकी सहायता से किसी एक समाज या देश के लोग अपने मनोगत भाव तथा विचार एक दूसरे से प्रकट करते हैं। मुख से उच्चारित होनेवाले शब्दों और वाक्यों आदि का वह समूह जिनके द्वारा मन की बात बताई जाती है जैसे - बोली,जबान,वाणी विशेष। सामान्यतः भाषा को वैचारिक ...

लिपि

लिपि या लेखन प्रणाली का अर्थ होता है किसी भी भाषा की लिखावट या लिखने का ढंग। ध्वनियों को लिखने के लिए जिन चिह्नों का प्रयोग किया जाता है, वही लिपि कहलाती है। लिपि और भाषा दो अलग चीज़ें होती हैं। भाषा वो चीज़ होती है जो बोली जाती है, लिखने को तो उसे किसी भी लिपि में लिख सकते हैं। किसी एक भाषा को उसकी सामान्य लिपि से दूसरी लिपि में लिखना, इस तरह कि वास्तविक अनुवाद न हुआ हो, इसे लिप्यन्तरण कहते हैं। यद्यपि संसाभर में प्रयोग हो रही भाषाओं की संख्या अब भी हजारों में है, तथापि इस समय इन भाषाओं को लिखने के लिये केवल लगभग दो दर्जन लिपियों का ही प्रयोग हो रहा है। और भी गहराई में जाने पर पता चलता है ...

पर्यटन

पर्यटन एक ऐसी यात्रा है जो मनोरंजन या फुरसत के क्षणों का आनंद उठाने के उद्देश्यों से की जाती है। विश्व पर्यटन संगठन के अनुसार पर्यटक वे लोग हैं जो "यात्रा करके अपने सामान्य वातावरण से बाहर के स्थानों में रहने जाते हैं, यह दौरा ज्यादा से ज्यादा एक साल के लिए मनोरंजन, व्यापार, अन्य उद्देश्यों से किया जाता है, यह उस स्थान पर किसी ख़ास क्रिया से सम्बंधित नहीं होता है।" पर्यटन दुनिया भर में एक आरामपूर्ण गतिविधि के रूप में लोकप्रिय हो गया है। २००७ में, ९०३ मिलियन से अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन के साथ, २००६ की तुलना में ६.६ % की वृद्धि दर्ज की गई। २००७ में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक प्राप्तिया ...

                                     

ⓘ यात्रा

English version: Travel

यात्रा दो एक-दूसरे से दूरी रखने वाले भौगोलिक स्थानों के बीच लोगों के आने या जाने को कहते हैं। यात्रा पैदल, बाइसिकल, वाहन, विमान, नाव, बस, जलयान या अन्य साधन से, सामान के साथ या उसके बिना, करी जा सकती है। यात्रा के विभिन्न चरणों के बीच अलग-अलग स्थानों पर कुछ समय के लिए ठहरा भी जा सकता है। कुछ यात्राएँ एक ही दिशा में होती हैं जबकि अन्य में वापस प्रारम्भिक स्थान पर लौटा जाता है। यात्रा करने के कारणों में पर्यटन, मनोविनोद, अनुसंधान, व्यापार, तीर्थ-दर्शन, अभिगमन, एक स्थान छोड़कर किसी नये स्थान में बसने के लिए प्रवास, किसी स्थान पर आक्रमण करना या किसी युद्ध-स्थल से भागकर शरणार्थी होना, इत्यादि शामिल हैं।

                                     
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अतीश दीपंकर

अतीश दीपंकर श्रीज्ञान एक बौद्ध धर्मप्रचारक विक्रमशिला के एक प्रसिद्ध अध्यापक थे। ११वीं शताब्दी में महायान और वज्रयान बौद्ध सम्प्रदायों को एशिया में प्रचारित-प्रसारित करने वाले लोगों में उनका सर्वश्रेष्ठ स्थान है। उन्होने तिब्बत से सुमात्रा तक बौद्ध दर्शन के प्रचार-प्रसार में महती भूमिका निभायी। सन १०१३ ई में उन्होने श्रीविजय राज्य की यात्रा की और वहाँ १२ वर्ष तक रहे और फिर भारत लौटे।

                                     

भोपाल रेलवे मंडल

भोपाल रेलवे मंडल, भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य रेलवे ज़ोन के तहत तीन रेलवे मंडलों में से एक है। इस रेलवे मंडल का गठन 1 अप्रैल 1952 को हुआ था, और इसका मुख्यालय भारत के मध्य प्रदेश राज्य में भोपाल में स्थित है। भोपाल मंडल का कुल मार्ग रुट एवं ट्रैक किलो मीटर दूरी क्रमश: 1016 एवं 1921 है। जबलपुर में स्थित मुख्यालय वाले पमरे ज़ोन के तहत आने वाले दो अन्य रेलवे मंडल में जबलपुर रेलवे मंडल और कोटा रेलवे मंडल शामिल हैं।

                                     

वैनिला द्वीप

वैनिला द्वीप हिंद महासागर में स्थित कुछ द्वीप-राष्ट्रों का एक समूह है। इसका उद्देश्य एक नया यात्रा गंतव्य ब्रांड बनाना है। इसके लिए 4 अगस्त 2010 को ला-रियूनियन में ये इसकी स्थापना हुई। ये देश अपने संसाधनों को मिलाकर पूरे क्षेत्र की सामूहिक मार्केटिंग करना चाहते हैं, बजाए इसके कि प्रत्येक द्वीप केवल स्वयं के लिए काम करे ।