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एमिली डिकिंसन

एमिली डिकिंसन सुप्रसिद्ध अमेरिकी कवयित्री हैं। एमिली डिकिंसन का जन्म मेसाचुसेट्स के एमहर्स्ट नामक स्थान में हुआ। उनके पिता वकील और एहमर्स्ट कॉलेज के कोषाध्यक्ष थे। एमिली को एकांत प्रिय थी, इसलिए उनकी शिक्षा, सभी सुविधाएँ होते हुए भी, अधिक व्यापक न हो सकी। वह घर छोड़कर कहीं भी जाना पसंद नहीं करती थीं। उनके जीवनकाल में उनकी तीन चार कविताएँ ही प्रकाशित हुई। साहित्यिकों से उनका परिचय बहुत ही कम था। उनका जीवन मानो शून्य में बीता था। उनकी मृत्यु के बाद उनकी कविताओं की पांडुलिपियाँ उनकी बहन को मिलीं। दुर्भाग्यवश कुछ रचनाएँ उन्होंने नष्ट भी कर दीं। शेष १८९० में प्रकाशित हुईं और तत्काल ही उनकी प्रस ...

गीदो गैज़ेल

गीदो गैज़ेल बेल्जियम के कवि, प्रभावी लेखक तथा रोमन कैथलिक पादरी थे। वे पश्चिमी फ्लेमी बोली का प्रयोग करने के लिये जाने जाते हैं।

गुलाब खंडेलवाल

महाकवि गुलाब खंडेलवाल Gulab Khandelwal का जन्म अपने ननिहाल राजस्थान के शेखावाटी प्रदेश के नवलगढ़ नगर में २१ फ़रवरी सन्‌ १९२४ ई. को हुआ था। और उनका देहान्त ०२ जुलाई २०१७ को अमरीका में हुआ। उनके पिता का नाम शीतलप्रसाद तथा माता का नाम वसन्ती देवी था। उनके पिता के अग्रज रायसाहब सुरजूलालजी ने उन्हें गोद ले लिया था। उनके पूर्वज राजस्थान के मंडावा से बिहार के गया में आकर बस गये थे। कालान्तर में गुलाबजी प्रतापगढ़, उ.प्र. में कुछ वर्ष बिताने के पश्‍चात अमेरिका के ओहियो प्रदेश में निवास करने लगे। वे प्रतिवर्ष भारत आते रहते थे। श्री गुलाब खंडेलवाल की प्रारम्भिक शिक्षा गया बिहार में हुई तथा उन्होंने क ...

गैरी स्नाइडर

गैरी स्नाइडर अमेरिकी बीट जनरेशन तथा सनफ्रान्सिसको रेनेसाँस के कवि, आलोचक और परिवेशवादी हैं। कविताके लिये उनको पुलित्जर पुरस्कारसे नवाजा गया है। वे प्राचीन चीनि भाषा तथा आधुनिक जापानि कविताके आनुवादक भी हैं। उनका मनन-चिन्तन जेन बौद्ध धर्मसे प्रभावित है। ऐलन गिंसबर्गसे पहले वे भारत आ चुके हैं। भारत भ्रमण पर उनके पुस्तक का नाम है पैसेज थ्रु इनडिया । उनके उस समय के पत्नी जोयाने कयगर ने भी एक स्मृतिलेख लिखे हैं जिसका नाम है स्ट्रेंज बिग मुन: जापान ऐन्ड इनडिया जर्नलस ।

जगनिक

जगनिक कालिंजर के चन्देल राजा परमार्दिदेव के समकालीन भट्ट राव कुल में जन्मे कवि थे इनका पूरा नाम जगनिक राव था । इन्होने परमाल के सामंत और सहायक महोबा के आल्हा-ऊदल को नायक मानकर आल्हखण्ड नामक ग्रंथ की रचना की जिसे लोक में आल्हा नाम से प्रसिध्दि मिली। इसे जनता ने इतना अपनाया और उत्तर भारत में इसका इतना प्रचार हुआ कि धीरे-धीरे मूल काव्य संभवत: लुप्त हो गया। विभिन्न बोलियों में इसके भिन्न-भिन्न स्वरूप मिलते हैं। अनुमान है कि मूलग्रंथ बहुत बड़ा रहा होगा। १८६५ ई. में फर्रूखाबाद के कलक्टर सर चार्ल्स इलियट ने आल्ह खण्ड नाम से इसका संग्रह कराया जिसमें कन्नौजी भाषा की बहुलता है। आल्ह खण्ड जन समूह की ...

तेनाली रामा

Charanसाँचा:Charan तेनाली रामाकृष्णा जो विकटकवि के रूप में जाने जाते थ,आंध्र प्रदेश के एक तेलुगु कवि थे। वे अपनी कुशाग्र बुद्धि और हास्य बोध के कारण प्रसिद्ध हुये। तेनाली विजयनगर साम्राज्य के राजा कृष्णदेवराय के दरबार के अष्टदिग्गजों में से एक थे। विजयनगर के राज-पुरोहित तथाचार्य रामा से शत्रुता रखते थे। तथाचार्य और उसके शिष्य धनीचार्य और मनीचार्य तेनाली रामा को सन्कट में फसाने के लिए नई-नई तरकीबें प्रयोग करते थे पर तेनाली रामा उन तरकीबों का हल निकाल लेता था।

                                     

ⓘ कवि

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अकाहिटो

अकिहितो जापान के नारा युगीन कवि. जापान के सबसे प्राचीन काव्य संग्रह में कई उनके १३ चोका और ३७ पहली प्रकाशित कर रहे हैं ।

                                     

मिजुहारा शुओशी

Misha में चुना सदी के जापानी कवि और बाल थे. पेशे से वे अपने पिता की तरह डॉक्टर थे. वह सन १९२६ में टोक्यो विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की. वह २० अनुभाग में, जो के प्रकाशन. Dr. Dre अंजलि कभी नहीं से अंग्रेजी में अनुवाद किया उन लोगों की तरह- एक नया वर्ष शुरू किया खिलने से जाना है कि एक गुलाब