ⓘ मदुरई जिला. संगम युग, जो 400 ईसापूर्व से 200 ईसवी तक चला, दक्षिण भारत के इतिहास में एक ऐसा काल था जब तमिलनाडु के मदुरई शहर में उस समय के सभी महान कवी और ज्ञानिय ..

                                     

ⓘ मदुरई जिला

संगम युग, जो 400 ईसापूर्व से 200 ईसवी तक चला, दक्षिण भारत के इतिहास में एक ऐसा काल था जब तमिलनाडु के मदुरई शहर में उस समय के सभी महान कवी और ज्ञानियों ने वहां के पांड्य राजाओं के संरक्षण में एक शैक्षिक संघ का निर्माण कर बहुत से महान तमिल काव्य ग्रंथों की रचना करी। इसके दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्व में रामनाथपुरम, उत्तर-पूर्व में तिरुच्चिरापल्लि, उत्तर-पश्चिम में कोर्यपुत्तूर जिले तथा पश्चिम में केरल राज्य स्थित है। इसका क्षेत्रफल ४,९१० वर्ग मील तथा जनसंख्या ३२,११,२२७ १९६१ है। वार्षिक वर्षा का औसत ४० इंच है जो अधिकतर जाड़ों में होती है। वर्षा के असमान वितरण के कारण कृषि के लिये सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है। पेरियार नदी यहाँ की प्रमुख नदी है। कृषि में धान, कपास, मूँगफली तथा कुछ मोटे अनाज उगाए जाते हैं। मदुरई अपने प्राचीन हिंदू मंदिरों के लिये विश्व प्रसिद्ध है।