ⓘ भारतीय साहित्यकार ..

गुणाढ्य

गुणाढ्य पैशाची में बड्डकहा नामक अनुपलब्ध आख्यायिका ग्रंथ के प्रणेता। क्षेमेंद्रकृत बृहत्कथामंजरी के अनुसार वे प्रतिष्ठान निवासी कीर्तिसेन के पुत्र थे। दक्षिणापथ में विद्यार्जन करके विख्यात पंडित हुए। प्रभावित होकर सातवाहनराज ने उन्हें अपना मंत्री बनाया। प्रवाद है कि महाराज संस्कृत व्याकरण के अच्छे ज्ञाता नहीं थे जिससे जलक्रीड़ा के समय वे विदुषी रानियों के मध्य उपहास के पात्र बने। दु:खी होकर उन्होंने अल्प काल में ही व्याकरण मे निष्णात्‌ होने के निमित्त गुणाढ्य पंडित को प्रेरित किया जिसे उन्होंने असंभव बताया। किंतु ‘कातत्र’ के रचयिता दूसरे सभापंडित शर्ववर्मा ने इसे छह मास में ही संभव बताया। ...

परमिंदर सोढी

परमिंदर सोढी पंजाबी लेखक, कवि और साहित्यिक एवं दार्शनिक पुस्तकों के अनुवादक हैं। वर्तमान में वे जापान के शहर ओकासा में रहते हैं। सोढी को पंजाब की साहित्यिक दुनिया में जापानी काव्य शैली, हाइकू का परिचय कराने का श्रेय जाता है।

फूलचंद गुप्ता

30 अक्टूबर 1958 को उत्तर-प्रदेश के फ़ैजाबाद ज़िले के रुदौली तहसील के एक छोटे से गाँव, अमराईगाँव में एक अत्यंत ग़रीब परिवार में जन्मे फूलचंद 1970 से बारह वर्ष की उम्र से ही गुजरात में रह रहे हैं।तीन दशक से अधिक समय तक अहमदाबाद में रहने के बाद फिलहाल वे अपने परिवार के साथ उत्तर गुजरात के साबरकाँठा ज़िले के मुख्यालय हिम्मतनगर में रह रहे हैं। फूलचंद गुप्ता हिन्दी भाषा के सुप्रसिद्ध कवि हैं। वस्तुतः फूलचंद के काव्य को पढ़ना काव्य के नए स्वर से जुड़ना है।उनका स्वर क्रांति का परिवर्तनधर्मी स्वर है।फूलचंद गुप्ता की कविता आंदोलनधर्मी कविता है।उसकी बानगी एक प्रतिबद्ध एवं प्रखर मार्क्सवादी क्रांतिकार ...

रमेश तेंदुलकर

तेंदुलकर ने कई संग्रह प्रकाशित किये थे जो निम्न की एक आंशिक सूची है उनमें यह है:- मानस - लहरी: Mānas - Laharī मराठी रोमांटिक काव्यप्रतिभा: Marāṭhī Rōmaņţik Kāvyapratibhā बालकवींची कविता: तीन संदर्भ: Bālakavīncī Kavitā: Tīna Sandarbha प्राजक्त: Prājakt

हाल

हाल भारतीय साहित्य के सुविख्यात रचनाकार थे। हालकृत गाहा सत्तसई एक सुविख्यात काव्यरचना है। इसमें ७०० प्राकृत गाथाओं का संग्रह है। हाल के अतिरिक्त गाहा सत्तसई के कर्ता का नाम सालाहण तथा सातवाहन भी पाया जाता जाता है।

                                     

ⓘ भारतीय साहित्यकार

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फ़राज़ काज़ी

फराज काजी एक भारतीय अंग्रेजी उपन्यासकार हैं. सच पागलों की तरह, गहराई से उनकी पहली उपन्यास, कर रहे हैं, जो २०१० में प्रकाशित हुआ, जिसे नवंबर २०१२ को फिर से प्रकाशित किया गया था. फराज का दूसरा उपन्यास दूसरी तरफ, फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट ने १५ जुलाई २०१३ को शुरू किया जा सकता.वें मुंबई से, यह भारत के निकोलस स्पार्क्स कर रहे हैं कहा जाता है ।