ⓘ आस्था के फूलों से बाल गोविन्द द्विवेदी द्वारा रचित काव्य-संग्रह है। शत-शत नमन राष्ट्र की रज को, नमन कोटि जन-जन को। शश्य-श्यामलाप्रकृतिसुन्दरी, नमन भूमि भारत को। ..

                                     

ⓘ आस्था के फूलों से

आस्था के फूलों से बाल गोविन्द द्विवेदी द्वारा रचित काव्य-संग्रह है।

शत-शत नमन राष्ट्र की रज को,

नमन कोटि जन-जन को।

शश्य-श्यामलाप्रकृतिसुन्दरी,

नमन भूमि भारत को।।

एक रहे हैं – एक रहेंगे,

यह विश्वास हमारा है।

आर्यावर्त हमारा है,

पावन कैलाश हमारा है।