ⓘ श्रोणि जलन बीमारी. यह आमतौपर तब होता है जब यौन संचारित बैक्टीरिया गर्भ, फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय या योनि से फैल गया। श्रोणि जलन बीमारी पीआईडी एक सामान्य शब्द है ज ..

                                     

ⓘ श्रोणि जलन बीमारी

English version: Pelvic inflammatory disease

यह आमतौपर तब होता है जब यौन संचारित बैक्टीरिया गर्भ, फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय या योनि से फैल गया।"

श्रोणि जलन बीमारी पीआईडी एक सामान्य शब्द है जो गर्भाशय बच्चेदानी, गर्भनली अंडाशय से गर्भाशय तक अंडों को ले जाने वाला ट्यूब और अन्य प्रजनन इंद्रियों के संक्रमण से संबंधित है। श्रोणि जलन बीमारी पीआईडी तब होती है जब जीवाणु महिला की जननेद्रिय या ग्रीवा सर्विक्स से जननेद्रिय अंग में ऊपर की ओर प्रवेश करती है। बहुत से अलग-अलग अवयवों से श्रोणि जलन बीमारी पीआईडी होती है किंतु अनेक मामले सुजाक गानोरिया और क्लैमिडिया से संबंधित हैं और दोनों ही जीवाणु यौन संचारित बीमारी एसटीडी नहीं हैं। कामेन्द्रियों में लिप्त महिलाओं को अपने प्रजनन वर्ष के दौरान अत्यंत खतरा होता है और जिनकी आयु 25 वर्ष से कम है, उनको 25 वर्ष से अधिक वालों से अधिक खतरा होता है और उनमें श्रोणि जलन बीमारी पीआईडी विकसित हो सकती है। इसका कारण यह होता है कि बीस वर्ष से कम आयु की लड़कियों और युवतियों का ग्रीवा सर्विक्स पूरी तरह परिपक्व नहीं होता है और वे यौन संचारित बीमारी एसटीडी के लिए संवेदनशील होती हैं जो कि श्रोणि जलन बीमारी पीआईडी से संबद्ध होती हैं।

                                     

1. लक्षण

श्रोणि जलन बीमारी पीआईडी के लक्षण गंभीर से गंभीरतम हो सकते हैं। जब श्रोणि जलन बीमारी पीआईडी, क्लैमिडिया संबंधी संक्रमण से उत्पन्न होती है तो महिला को बहुत हल्के लक्षणों अथवा न के बराबर लक्षणों का अनुभव हो सकता है किन्तु उसकी प्रजनन शक्ति अंगो की खराबी का गंभीर खतरा होता है। जिन महिलाओं को श्रोणि जलन बीमारी पीआईडी के लक्षण प्रतीत होते हैं उनको सामान्यतः पेट के निचले भाग में दर्द होता है। अन्य लक्षण हैं- स्राव, जिसमें बदबू आ सकती है, दर्द भरा संभोग, पेशाब करते समय दर्द होना और मासिक धर्म के दौरान अनियमित रक्तस्राव होना।

                                     

2. रोकथाम

यौन संचारित बीमारी एसटीडी से बचने का सबसे पक्का तरीका है कि संभोग न किया जाए या फिर ऐसे साथी के साथ आपसी एक संगी संबंध रखा जाए जिसे यह बीमारी नहीं है।