ⓘ विटिलिगो त्वचा की एक ऐसी विशेषता हैं जिसमे त्वचा का कुछ भाग अपना वर्णक खोने लगते हैं। यह अवस्था तब उत्पन होती हैं जब त्वचा के वर्णक कोशिकाएं मृत या कार्य करने म ..

                                     

ⓘ विटिलिगो

English version: Vitiligo

विटिलिगो त्वचा की एक ऐसी विशेषता हैं जिसमे त्वचा का कुछ भाग अपना वर्णक खोने लगते हैं। यह अवस्था तब उत्पन होती हैं जब त्वचा के वर्णक कोशिकाएं मृत या कार्य करने में असमर्थ रहते हैं। विटिलिगो के होने के कारण अभी तक अज्ञात है। अनुसंधान से यह पता चला हैं की विटिलिगो के उत्पन्न होने के कारणों मे स्व-प्रतिरक्षित, आनुवंशिक, ऑक्साइडेटिव तनाव, तंत्रिका या वाईरल तनाव हो सकते हैं। विटिलिगो को आम तौपर दो मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है: सेगमेंट और नॉन-सेगमेंट विटिलिगो।

ऑटो इम्यून बीमारियां जैसे एडिसन रोग, हाशिमोटो थायरोडिटिस, और टाइप 1 मधुमेह उनमे होने की ज़्यादातर संभावना होती हैं जिन्हे विटिलिगो है। विटिलिगो के लिए कोई इलाज नहीं है, लेकिन उपचार के कई विकल्प उपलब्ध हैं जिसमे शामिल हैं सामयिक स्टेरॉयड, अवरोधकों कॅल्षाइन्रिन और फोटोथेरेपी।

                                     

1. वर्गीकरण

विटिलिगो के वर्गीकरण के प्रयास मे मतैक्य नहीं हैं एवं हाल मे हुई एक आम सहमति के आधापर इसको दो भागों मे बाटा गया हैं कमानी विटिलिगो एसवी और गैर- कमानी विटिलिगो एनएसवी। एनएसवी विटिलिगो के सबसे आम प्रकार है।

नॉन सेगमेंट

नॉन सेगमेंट विटिलिगो एनएसवी में, आमतौपर डिपिगमेंटेशन के धब्बों के स्थान में समरूपता दीखती हैं। नए पैच भी समय के साथ दिखाई देते हैं। नॉन सेगमेंट विटिलिगो एनएसवी किसी भी उम्र में हो सकता है, सेगमेंट विटिलिगो के विपरीत जो किशोरावस्था में ज्यादा देखा जाता है।

नॉन सेगमेंट विटिलिगो के निम्नलिखित प्रकार शामिल हैं:

  • सामान्यीकृत विटिलिगो: सबसे आम पैटर्न
  • यूनिवर्सल विटिलिगो: डिपिगमेंटेशन शरीर के ज़्यादातर हिस्सों मे
  • फोकल विटिलिगो: बच्चों में सबसे आम
  • श्लैष्मिक विटिलिगो: केवल श्लेष्मा झिल्ली की डिपिगमेंटेशन
  • आक्रॉफ़सीयाल विटिलिगो: उंगलियों और पेरिओरीफिसीयाल क्षेत्रों मे

सेगमेंट

सेगमेंट विटिलिगो एसवी उपस्थिति, कारण और संबद्ध बीमारियों से प्रसार में अलग है। इसका उपचार एनएसवी से काफ़ी अलग है। एसवी का उपचार किया जा सकता है

                                     

2. कारण

विटिलिगो होने के कई धारणाएँ उपस्थित हैं जिनमे ये पता हालता हैं की प्रतिरक्षा प्रणाली में परिवर्तन की इसके होने के जिम्मेदार हैं।

प्रतिरक्षा

जीन में बदलाव जो प्रतिरक्षा प्रणाली या मेलनसिट्स के प्रकार का हिस्सा हैं इनको विटिलिगो के साथ संबद्ध किया गया है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा त्वचा की मेलनो साइट्स पर हमला कर उन्हे नष्ट करने की वजह से भी होता हैं.

                                     

3. निदान

विभेदक निदान

इस प्रकार के अवस्थाओं के समान लक्षण मे निम्नलिखित शामिल हैं:

  • प्राथमिक अधिवृक्क कमी
  • एल्बीनिज़्म
  • गुलिकाभ कुष्ठ
  • पाई बालडिस्म
  • पित्यरियासिस अल्बा
  • पोस्ट इंफ्लेमेटरी हाइपोपिगमेंटेशन
  • टिनिअ वेर्सिकोलोर
                                     

4. उपचार

विटिलिगो या सफ़ेद दाग का इलाज संभव है।

फोटोथेरेपी

फोटोथेरेपी विटिलिगो के लिए एक दूसरी पंक्ति के इलाज माना जाता है। यूवीबी दीपक से यूवीबी रोशनी को त्वचा के हिस्सों पर दिखाना विटिलिगो का सबसे आम उपचार है। उपचार एक घरेलू यूवीबी दीपक के साथ या एक क्लिनिक में घर पर किया जा सकता है। ये एक काफी सस्ता एवं सर्व सुलभ इलाज़ है।