ⓘ बिवाई पैरों की एड़ियों में होती हैं। इसे एड़ियों का फटना भी कहा जाता है। एक सामान्य सौंदर्य समस्या हो सकती है, लेकिन इससे गंभीर चिकित्सकीय समस्या भी पैदा हो सकत ..

                                     

ⓘ बिवाई

बिवाई पैरों की एड़ियों में होती हैं। इसे एड़ियों का फटना भी कहा जाता है। एक सामान्य सौंदर्य समस्या हो सकती है, लेकिन इससे गंभीर चिकित्सकीय समस्या भी पैदा हो सकती है। एड़ियों की बिवाई उस समय सामने आती है, जब एड़ियों के नीचे की बाहरी सतह की त्वचा कड़ी, सूखी और भुरभुरी हो जाती है। कभी-कभी तो बिवाई इतनी गहरी होती है कि उसमें दर्द होने लगता है और खून निकलने लगता है।

फटी हुई एड़ियां पैरों की एक सामान्य समस्या है, जिसे बिवाई भी कहा जाता है। एड़ियों का फटना आमतौपर सूखी त्वचा जेरोसिस के कारण होता है। जब एड़ी के चारों ओर की त्वचा मोटी हो जाती है कैलस, तो समस्या अधिक गंभीर हो जाती है।

                                     

1. कारण

एड़ियों की बिवाई किसी को भी प्रभावित कर सकती है, लेकिन यह मुख्य रूप से निम्न स्थितियों में होता हैं:

  • पसीने की निष्क्रिय ग्रंथियां
  • लगातार खाली पैर चलना या सैंडल या पीछे से खुले जूते पहनना
  • मोटापा
  • सूखी जलवायु में रहना

पैरों की अन्य स्थितियों के अनुरूप ही यदि बिवाई का समय पर उपचार नहीं किया जाये, तो वे खतरनाक हो सकती हैं। वे गहरी होकर संक्रमित हो सकती हैं। ये मधुमेह या सीमित प्रतिरोधी ताकत वाले मरीजों में विशेष रूप से खतरनाक हो सकती हैं।

                                     

2. उपचाऔर बचाव

पैरों को नियमित रूप से नमीयुक्त बनाने से बिवाई से बचाव हो सकता है। एक बार वे हो जायें, तो हर दिन झामा ईंट से रगड़ कर त्वचा की मोटाई कम करें। खाली पैर चलने या पीछे की ओर से खुले जूते, सैंडल या पतले तले के जूते पहनने से बचें। मोटे तले के जूते स्थिति में सुधार में मदद कर सकते हैं। पैरों में हर दिन कम से कम दो बार कोई मोइश्चराइजर लगाने और सोते समय मोजे पहनने से भी मदद मिल सकती है।