ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 81

गुम्बज़

गुम्बद या गुम्बज़ एक वास्तुकला का सामान्य रचना अवयव है, जो कि एक खाली गोलार्ध से चिन्हित है। गुम्बद के अनुप्रस्थ परिच्च्हेद का पूर्ण गोला होना आवश्यक नहीं है। इसका अनुप्रस्थ अंडाकार भी हो सकता है। यदि अंडाकार आकृति के बडे़ व्यास के समानांतर, गुम् ...

ताजमहल के मूल एवं वास्तु

ताजमहल मुगल वास्तुकला का सर्वाधिक परिष्कृत एवं उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। इसका उद्गम भारत के बडे़ भूभाग पर शासन करने वाले मुगल साम्राज्य की इस्लामी संस्कृति एवं इतिहास की बदलती परिस्थितियों पर आधारित है। एक विचलित मुगल बादशाह शाहजहाँ ने एक ...

सह्न

एक सह्न सेहन, अरबी: صحن‎, इस्लामी वास्तुकला में एक आंगन है। अधिकांश पारंपरिक मस्जिदों में एक बड़ा केंद्रीय साहन होता है, जो चारों तरफ से एक रिवाक या आर्केड से घिरा होता है। पारंपरिक इस्लामी डिजाइन में, निवास और पड़ोस में निजी सह्न हो सकते हैं। इस ...

हरम

हरम किसी एक पुरुष की अनेक स्त्रियों के रहने के उस स्थान को कहते हैं जहाँ अन्य मर्दों का जाना वर्जित होता है। यह प्रथा मध्य पूर्व से शुरु हुई और अब पाश्चात्य सभ्यता में इसे उसमानी साम्राज्य से जोड़कर देखा जाता है। दक्षिणी एशिया में इसको पर्दा प्रथ ...

मुग़ल वास्तुकला

मुगल वास्तुकला, जो कि भारतीय, इस्लामी एवं फारसी वास्तुकला का मिश्रण है, एक विशेष शैली, जो कि मुगल भारत में 16वीं 17वीं एवं 18वीं सदी में लाए|मुगल वास्तुकला का चरम ताजमहल है। मुगल वास्तुकला का विकास एक कर्मिक विकास है। शाहजहां के काल को मुगल वास्त ...

उस्ताद ईसा

उस्ताद ईसा एक काल्पनिक वास्तुकार हैं, जिन्हें प्रायः ताजमहल का प्रधान वास्तुकार बताया जाता है। मूलरूप से उन्हें यातो फारसी या फिर तुर्क वास्तुकार बताया जाता है। पूर्ण एवं विश्वस्त सूचना के अभाव में, कि किस को ताजमहल के रूपांकन का श्रेय दिया जाए; ...

आगरा का किला

आगरा का किला एक यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर स्थल है। यह किला भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा शहर में स्थित है। इसके लगभग 2.5 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में ही विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताज महल मौजूद है। इस किले को कुछ इतिहासकार चारदीवारी से घिरी ...

आधम ख़ान का मकबरा

आधम ख़ान का मकबरा 16वीं सदी की एक इमारत है। इस मकबरे में मुगल बादशाह अकबर के एक सिपहसालार आधम ख़ान को दफनाया गया था। आधम खान अकबर की धाय मां महम अनघा का छोटा पुत्र होने के नाते रिश्ते में अकबर का दूध भाई था। अकबर का चहेता होने के नाते आधम ख़ान को ...

उस्ताद अहमद लाहौरी

उस्ताद अहमद लाहौरी, ताजमहल के प्रधान वास्तुकार होने के अधिकारी हैं। यह दावा उनके वंशज लुत्फुल्लह मुहांदी द्वारा लिखित दावे पर आधारित है। जीवन परिचय उस्ताद अहमद लाहौरी, ताजमहल के प्रधान वास्तुकार होने के अधिकारी हैं। यह दावा उनके वंशज लुत्फुल्लह म ...

उस्ताद-शागिर्द के मकबरे, सरहिंद

उस्ताद-शागिर्द के मकबरे भारत के पंजाब राज्य के फतेहगढ़ साहिब जिला के तलानिया गाँव में मुग़ल काल में निर्मित इमारतें हैं, जो राज्य सरकार की तरफ से स्मारक घोषित की हुई हैं। यह क्षेत्र मुग़ल काल के समय सरहिंद राज्य का हिस्सा था।

खास महल

खास महल आगरा किले में संगमरमर से निर्मित एक महल है। शाहजहां ने इस ऐतिहासिक महल का निर्माण कराया। यह महल भारतीय-ईरानी विशेषताओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। ये बादशाह का सोने का कमरा या आरामगाह माना जाता है। खासमहल की बाईं ओर मुसम्‍मन बुर्ज है। यह अष्‍ट ...

ज़फ़र महल, महरौली

ज़फ़र महल दक्षिणी दिल्ली के महरौली इलाके में स्थित मुगल काल की आखिरी ऐतिहासिक इमारत है। मुगल शासन द्वारा इस इमारत का निर्माण ग्रीष्मकालीन राजमहल के रूप में करवाया गया था। उपब्ध ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक इस इमारत के भीतरी ढांचे के निर्माण मुग ...

जामा मस्जिद, दिल्ली

जामा मस्जिद दिल्ली में स्थित एक मस्जिद है। इसका निर्माण सन् 1656 में हुआ था। यह मस्जिद लाल पत्थरों और संगमरमर का बना हुआ है। लाल किले से महज 500 मी. की दूरी पर जामा मस्जिद स्थित है जो भारत की सबसे बड़ी मस्जिद है। इस मस्जिद का निर्माण 1650 में शाह ...

पंच महल

पंच महल मुगल सम्राट अकबर द्वारा निर्मित एक महल है। यह फतेहपुर सीकरी में स्थित है। इस चार मंजिले महल की वास्तुकला किसी बौद्ध मन्दिर से प्रेरित प्रतीत होती है। इसमें कुल १७६ खम्भे हैं, जिनमें से ८४ भूतल पर, ५६ प्रथम तल पर और २० तथा १२ खम्भे क्रमशः ...

बीबी का मक़बरा

बीबी के मक़बरे का निर्माण मुग़ल बादशाह औरंगजेब ने, अंतिम सत्रहवीं शताब्दी में करवाया था। यह पत्नी, राबिया-उद-दौरानी की याद में बनवाया गया था। दिलरस बानो बेगम को राबिया-उद-दौरानी के नाम से भी जाना जाता था। यह ताज महल की आकृति पर बनवाया गया था। यह ...

मोती मस्जिद

मोती मस्जिद उर्दू: موتی مسجد) मुगल बादशाह औरंगजेब द्वारा बनवागई मस्जिद है। यह दिल्ली के लाल किले में स्थित है। इसी नाम से एक मस्जिद लाहौर, पाकिस्तान में भी स्थित है। यह मुगल बादशाह शाहजहाँ द्वारा 1645 CE में बनवागई थी। यह लाहौर का किला में स्थित है।

रहीम का मकबरा

अब्दुर्रहीम ख़ान-ए-ख़ाना मुगल बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि थे। रहीम का मकबरा दिल्ली के निजामुद्दीन पूर्व में मथुरा रोड पर स्थित है। इस मकबरे का निर्माण रहीम की पत्नी द्वारा करवाया गया था जिसका निर्माण कार्य सन् 1598 ई ...

शालीमार बाग (श्रीनगर)

शालीमार बाग़, भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य में विख्यात उद्यान है जो मुगल बाग का एक उदाहरण है। इसे मुगल बादशाह जहाँगीर ने श्रीनगर में बनवाया था। श्रीनगर भारत के उत्तरतम राज्य जम्मू एवं कश्मीर की ग्रीष्म-कालीन राजधानी है। इसे जहाँगीर ने अपनी प्रिय ...

हुमायूँ का मकबरा

हुमायूँ का मकबरा इमारत परिसर मुगल वास्तुकला से प्रेरित मकबरा स्मारक है। यह नई दिल्ली के दीनापनाह अर्थात् पुराने किले के निकट निज़ामुद्दीन पूर्व क्षेत्र में मथुरा मार्ग के निकट स्थित है। गुलाम वंश के समय में यह भूमि किलोकरी किले में हुआ करती थी और ...

अब्दुल रहमान मस्जिद

अब्दुल रहमान मस्जिद ; Abdul Rahman Mosque, जिसे काबुल की ग्रैंड मस्जिद भी कहा जाता है, अफगानिस्तान में सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। यह काबुल के वाणिज्यिक इलाके में में स्थित है, जिसे देह अफगानिस्तान कहा जाता है। इमारत तीन मंजिला ऊंची है, जो 3 ...

जुमा मस्जिद हैरात

जुमा मस्जिद है रात जामा मस्जिद, जिसे हैरात की मस्जिद-आई जामी के नाम से भी जाना जाता है, और हेरात की महान मस्जिद हेरात शहर में स्थित है हेरात प्रांत में मस्जिद महान शासक ग्यासउद्दीन गोरी द्वारा बनायी गयी थी, जिन्होंने 1200 ईस्वी में इसकी नींव रखी ...

अजमेर शरीफ़

अजमेर शरीफ़ या दरगाह अजमेर शरीफ़ भारत के राजस्थान राज्य के अजमेर नगर में स्थित प्रसिद्ध सूफ़ी मोइनुद्दीन चिश्ती ख्वाजा गरीब नवाज११४१ - १२३६ ई॰ की दरगाह है, जिसमें उनका मक़बरा स्थित है।

हज़रतबल

हज़रतबल भारत के जम्मू व कश्मीर राज्य के श्रीनगर शहर में स्थित एक प्रसिद्ध दरगाह है। मान्यता है कि इसमें इस्लाम के नबी, पैग़म्बर मुहम्मद, का एक दाढ़ी का बाल रखा हुआ है, जिस से लाखों लोगों की आस्थाएँ जुड़ी हुई हैं। कश्मीरी भाषा में बल का अर्थ जगह ह ...

हाजी अली की दरगाह

हाजी अली की दरगाह मुंबई के वरली तट के निकट स्थित एक छोटे से टापू पर स्थित एक मस्जिद एवं दरगाह हैं। इसे सय्यद पीर हाजी अली शाह बुखारी की स्मृति में सन १४३१ में बनाया गया था। यह दरगाह मुस्लिम एवं हिन्दू दोनों समुदायों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखत ...

नसीरुद्दीन चिराग़ देहलवी

नसीरुद्दीन महमूद चिराग़ - देहलवी 14 वीं शताब्दी के रहस्यवादी-कवि और चिश्ती आदेश के सूफी संत थे। वह सूफी संत, निजामुद्दीन औलिया, और बाद में उनके उत्तराधिकारी के एक मूर्ति थे। वह दिल्ली से चिश्ती आदेश का आखिरी महत्वपूर्ण सूफी था। देहलवी को "रोशन चि ...

दस्तगीर साहिब

दस्तगीर साहिब भारत के जम्मू व कश्मीर राज्य के श्रीनगर शहर के खानियार इलाके में स्थित एक प्रसिद्ध सूफ़ी तीर्थस्थल है। यह सूफ़ी संत अब्दुल क़ादिर जीलानी से सम्बंधित है क्योंकि यहाँ उनका एक बाल सुरक्षित है, हालांकि वह स्वयं यहाँ कभी नहीं आये थे। उनक ...

अढ़ाई दिन का झोंपड़ा

अढ़ाई दिन का झोंपड़ा राजस्थान के अजमेर नगर में स्थित यह एक मस्जिद है। माना जाता है इसका निर्माण सिर्फ अढाई दिन में किया गया और इस कारण इसका नाम अढाई दिन का झोपड़ा पढ़ गया। इसका निर्माण पहले से वर्तमान संस्कृत विद्यालय को परिवर्तित करके मोहम्मद ग़ ...

कुतुब परिसर

28.524382°N 77.185430°E  / 28.524382; 77.185430 कुतुब इमारत समूह एक स्मारक इमारतों एवं अवशेषों का समूह है, जो महरौली, दिल्ली, भारत में स्थित है। इसकी सर्वाधिक प्रसिद्ध इमारत कुतुब मीनार है।

कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद, दिल्ली

दिल्ली की प्रसिद्ध कुतुब मीनार के पास स्थित इस मस्जिद का निर्माण गुलाम वंश के प्रथम शासक कुतुब-उद-दीन ऐबक ने 1192 में शुरु करवाया था। इस मस्जिद को बनने में चार वर्ष का समय लगा। लेकिन बाद के शासकों ने भी इसका विस्तार किया। जैसे इल्तुतमिश 1230 में ...

मक्का मस्जिद

मक्का मस्जिद, हैदराबाद, भारत में सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक है। और यह भारत के सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। मक्का मस्जिद पुराने शहर हैदराबाद में एक सूचीबद्ध विरासत इमारत है, जो चौमाहल्ला पैलेस, लाद बाजाऔर चारमीनार के ऐतिहासिक स्थलों के नजद ...

फरहान अख्तर

फरहान अख्तर, एक भारतीय फ़िल्म निर्माता, पटकथा लेखक, अभिनेता, पार्श्वगायक, गीतकार, फ़िल्म निर्माता और टीवी होस्ट है। निर्देशक के रूप में उनकी पहली फ़िल्म दिल चाहता है, 2001 की काफी प्रशंसा की गई थी और तभी से एक खास दर्शक वर्ग में उनकी अलग पहचान है ...

आसिफ़ अली

इडुक्की में तोडुपुज़ा के पास कारिक्कोड में आसिफ अली का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम पी. एम. शैउकत अली और माता का नाम मोली है। उनका प्रारंभिक स्कूली शिक्षा डी पॉल पब्लिक स्कूल तोडुपुज़ा और राजर्षि मेमोरियल स्कूल एरनाकुलममें हुआ था। उन्होंने अपने ...

अनवर (गायक)

अनवर हुसैन, जिन्हें उनके पहले नाम अनवर के नाम से अधिक जाना जाता है, एक पार्श्व गायक हैं, जिन्होंने गायक मोहम्मद रफ़ी की आवाज़ के प्रति अपनी आवाज़ के अचेतन रूप से हिंदी पार्श्व उद्योग में प्रसिद्धि हासिल की। उनका आज तक का सबसे लोकप्रिय गीत मनमोहन ...

इमरान हाशमी

इमरान हाशमी एक फिल्मफेयर पुरस्कार नामांकित भारतीय अभिनेता हैं। इन्होने संगीतमय, समीक्षात्मक प्रशंसनीय और व्यवसायिक तौपर सफल फिल्में दी हैं। इनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण हैं बॉलीवुड में इनका अपने मामा महेश भट्ट और mukesh bhattसे सम्बन्ध.

मारुथानायगम

मुहम्मद यूसुफ़ ख़ान जिन्हें मुहम्मद यूसुफ़ ख़ान भी कहा जाता है, का जन्म 1725 में भारत के तमिलनाडु के रामानंतपुराम जिले के पनय्यूर, हिंदू परिवार में हुआ था, और बाद में ब्रिटिश सेना में लड़ने के लिए इस्लाम में परिवर्तित हो गए थे। विनम्र शुरुआत से, ...

बेगम हज़रत महल

बेगम हज़रत महल, जो अवध की बेगम के नाम से भी प्रसिद्ध थीं, अवध के नवाब वाजिद अली शाह की दूसरी पत्नी थीं। अंग्रेज़ों द्वारा कलकत्ते में अपने शौहर के निर्वासन के बाद उन्होंने लखनऊ पर क़ब्ज़ा कर लिया और अपनी अवध रियासत की हकूमत को बरक़रार रखा। अंग्रे ...

नसीरुद्दीन मौज़ी

नसीरुद्दीन मौज़ी नगर एक भारतीय ख़िलाफ़त आंदोलन कार्यकर्ता थे। इनका जन्म भारत उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में हुआ। यह खिलाफत आंदोलन के साथ जुड़ गए और ब्रिटिश राज के खिलाफ काम काने लगे। इसी दौरान नसीरुद्दीन ने 26 अगस्त 1920 को खेरी के उप आयुक्त सर रॉबर ...

शेख चिन्ना मौलाना

शेख चिन्ना मौलाना, जिसे शेख के नाम से जाना जाता है, कर्नाटक परंपरा में एक प्रसिद्ध नादस्वरम खिलाड़ी थे। 1998 में उन्हें मद्रास संगीत अकादमी की संगीता कलानिधि से सम्मानित किया गया। उन्होंने वाद्ययंत्पर अपने उत्कृष्ट नियंत्रण के माध्यम से, गायकी शै ...

मुहम्मद अली शाह

मुहम्मद अली शाह मेजर मोहोम्मद अली शाह के रूप मे भी जाने वाले फिल्म अभिनेता और एक सामाजिक कार्यकर्ता. वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी अलीगढ़ के कुलपति श्री ज़मीरुद्दीन शाह के पुत्र हैं एवं भारतीय बहुप्रशंषित अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के भतीजे हैं।

उमदत उल-उमरा

गुलाम हुसैन अली खान उर्फ गुलाम हुसैन या उमदत उल-उमरा, 1795 से 1801 तक मुगल साम्राज्य में कर्नाटक राज्य के नवाब थे। उनका वास्तव में उनके दादा, अनवरुद्दीन खान, "अब्दुल वाली" के रूप में नामित किया गया था। लेकिन बाद में उन्हें मुगल सम्राट शाह आलम द्व ...

अत्तिया हुसैन

अत्तिया का जन्म अविभाजित भारत में लखनऊ, यूपी में हुआ था, जो अवध के उदारवादी किदवई कबीले में थे। उनके पिता शाहिद होसैन किदवई, गादिया के कैम्ब्रिज शिक्षित तालुकदार थे, और माँ, बेगम निसार फातिमा काकोरी के अलवी परिवार से थीं। अपने पिता से उन्हें राजन ...

अफ़ज़ल-उद-दौला, आसफ़ जाह पंचम

अफजल उड़-दौला, असफ जह V, "मीर तेहेनियत अली खान" सिद्दीकी बायाफंदी ने 1857 से 1869 तक भारत के हैदराबाद के निजाम थे। वह चौथे निजाम नासिर-उद-दौला - आसफ जाह चतुर्थ के सबसे बड़े बेटे थे।वह बिलकुल अपने पिता के समान दिखता था। उनका मकबरा अन्य निज़ामों की ...

अबुल कलाम आज़ाद

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद या अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन एक प्रसिद्ध भारतीय मुस्लिम विद्वान थे। वे कवि, लेखक, पत्रकाऔर भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे। भारत की आजादी के बाद वे एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक पद पर रहे। वे महात्मा गांधी के सिद्धांतो का समर्थन क ...

अब्दुल रहमान अन्तुले

अब्दुल रहमान अन्तुले महाराष्ट्र से एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ थे। वे ९ जून १९८० से १२ जनवरी १९८२ तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे। पर सीमेंट घोटाले के आरोपों के कारण उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। अन्तुले की ...

अब्बास-मस्तान

अब्बास और मस्तान बर्मावाला दो भाई हैं जो बॉलीवुड में थ्रिलर और ऐक्शन फिल्मों के निर्देशन के लिए जाने जाते हैं। ये प्रायः अपनी फिल्मों में अक्षय कुमार, बॉबी देओल, अक्षय खन्ना, बिपाशा बसु व करीना कपूर आदि को कास्ट करते हैं। इन दोनों ने बॉलीवुड की क ...

अयाज़ खान

उन्होंने हिंदी फिल्म जाने तू या जाने ना में भी काम किया है।उन्होंने.स्टार वन के शो दिल मिल गये में डॉ॰सुभानकर राय के रोल को निभाया था। वर्तमान में वो परिचय टीवी सीरीज में गौरव का किरदार निभा रहे हैं।

हैदर अली

हैदर अली दक्षिण भारतीय मैसूर राज्य के सुल्तान और वस्तुतः शासक थे। उनका जन्म का नाम हैदर नाइक था। वो अपने सैन्य कौशल के कारण काफी प्रतिष्ठित हुये और इसी कारण मैसूर के शासकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके परिणामस्वरूप वो दलवई पद पदोन्नत हुये। इसके ब ...

असफ अली

असफ अली ; Asaf Ali: एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और प्रसिद्ध भारतीय वकील थे। वह भारत से संयुक्त राज्य अमेरिका के पहले राजदूत थे। इन्होंने ओडिशा के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया था असफ अली का जन्म 11 मई 1888 ईस्वी को ब्रिटिश भारत के सिहारा उत्त ...

आरिफ़ मोहम्मद ख़ान

आरिफ मोहम्मद खान एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान केरल के राज्यपाल हैं। वे भारत के पूर्व कैबिनेट मंत्री हैं। उनके पास ऊर्जा से लेकर नागरिक उड्डयन तक के कई पोर्टफोलियो थे। वह वर्तमान दुनिया के अनुसार धार्मिक विचारों को सुधारने में सक्रिय रूप से शा ...

मीर उस्मान अली ख़ान

उस्मान अली खान, उर्दू: عثمان علی خان بہادر| अँग्रेजी: हिज़ एक्सालटेड हाइनेस नवाब मीर उस्मन अली खान बहादुर, आसफ़ जाह VII, हैदराबाद रियासत के अंतिम निज़ाम थे। वे महबूब अली खान के दूसरे पुत्र थे। १९११ से १९४८ तक वे इस रियासत के निज़ाम शासक रहे और बा ...