ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 75

संगतम लोग

संगतम भारत के नागालैण्ड राज्य के तुएनसांग और किफाइर ज़िलों में बसने वाला एक समुदाय है। यह नागा समुदाय की एक शाखा है और संगतम भाषा बोलती है। पारम्परिक रूप से यह झूम कृषि से जीविका चलाते थे। अधिकांश संगतम ने 19वीं शताब्दी में ईसाई धर्म अपना लिया ले ...

सीरवी

हमारा सीरवी समाज खारड़िया एक क्षत्रिय कृषक जाती है। समाज क्षत्रिय से राजपूत और आज से लगभग ७०३ वर्ष पूर्व राजपूत जाति से अलग होकर समाज, जो राजस्थान के मारवाड़ी व गोडवाड क्षेत्र में बशीवान हुए। समाज में किसी भाई के यहां राव भाटो द्वारा बही बचाने पर ...

सुथार

सुथार भारत में एक ब्राह्मणजाति है। मूलतः इनका पारंपरिक काम बढ़ई होता है और ये भगवान विश्वकर्मा को अपना ईष्ट देव मानते हैं। बढ़ई जाती भारत के सारे राज्यों में पाए जाते है इनकी संख्या सबसे ज्यादा हरियाणा राजस्थान गुजरात तथा पंजाब में पाई जाती है। स ...

सुनार

सुनार भारत के स्वर्णकार समाज से सम्बन्धित जाति है जिनका मुख्य व्यवसाय स्वर्ण धातु से भाँति-भाँति के कलात्मक आभूषण बनाना, खेती करना तथा सात प्रकार के शुद्ध व्यापार करना है। यद्यपि यह समाज मुख्य रूप से हिन्दू को मानने वाला है लेकिन इस जाति का एक वि ...

हव्यक

हव्यक ब्राह्मण हिन्दु पंच द्राविड वैदिक ब्राह्मणों में एक है। इन्हे "हवीका", "हैगा" तथा "हवीगा" नाम से भी जाना जाता है। वर्तमान में अधिकांश हव्यक भारत का कर्नाटक राज्य के निवासी हैं। हव्यक, आदि शंकराचार्य द्वारा प्रतिपादित अद्वैत दर्शन को मान्ते हैं।

ओइरत लोग

ओइरत मंगोल लोगों का सबसे पश्चिमतम समुदाय है जो पश्चिमी मंगोलिया के अल्ताई पर्वत क्षेत्र में वास करते हैं। कई क़बीलों के एकीकरण से बनी यह जाति मध्य एशिया के पूर्वी भाग में उत्पन्न हुई थी लेकिन अब इनका सबसे बड़ा गुट रूस के काल्मिकिया गणतंत्र में मि ...

ख़ितानी लोग

ख़ितानी लोग ४थी सदी ईसवी से मंगोलिया और मंचूरिया में बसने वाले एक मंगोल जाति के लोग थे। १०वीं सदी तक उन्होंने उत्तरी चीन के एक बड़े इलाक़े पर अपनी धाक जमा ली थी और लियाओ राजवंश स्थापित कर लिया था। सन् ११२५ में यह राजवंश ख़त्म हो गया और ख़ितानी पश ...

ज़ुन्गार लोग

ज़ुन्गार मंगोल लोगों की ओइरत शाखा की एक उपशाखा का नाम है जिन्होनें १७वीं और १८वीं सदी में अपनी ज़ुन्गार ख़ानत चलाई थी। ऐतिहासिक रूप से वे ओइरत उपजाति के चार प्रमुख क़बीलों में से एक रहे हैं । मंगोल भाषा में ज़ुउन्गार शब्द का मतलब बाहिनें हाथ होता ...

तुर्की-मंगोल

तुर्की-मंगोल मध्य एशिया के स्तेपी इलाक़े में रहने वाले विविध ख़ानाबदोश लोगों को दिया जाने वाला नाम था जो मंगोल साम्राज्य के अधीन थे। समय के साथ-साथ उनकी भाषा और पहचान में गहरी तुर्की छाप आ गई। इन लोगों ने मध्यकाल में बहुत से बड़े राज्य बनाए, जिनम ...

मालागासी लोग

मालागासी दक्षिणपूर्वी अफ़्रीका की मुख्यभूमि से कुछ दूर हिन्द महासागर में स्थित माडागास्कर द्वीप-राष्ट्र की मुख्य मानव जाति का नाम है। यह लोग अधिकतर मालागासी भाषा बोलते हैं और माडागास्कर देश के लगभग सभी लोग इस समुदाय के सदस्य हैं। हालांकि माडागास् ...

मेरीना लोग

मेरीना हिन्द महासागर के माडागास्कर द्वीप-राष्ट्र के मालागासी लोगों का एक उपसमुदाय है। यह उस देश के मध्य पहाड़ी-पठारी उच्चभूमीय क्षेत्र में रहते हैं और ऐतिहासिक रूप से माडागास्कर के सबसे प्रभावशाली गुट रहे हैं। १८वी व १९वी सदी के मालागासी राज्य के ...

अल्ताई लोग

अल्ताई रूस के साइबेरिया क्षेत्र के अल्ताई गणतंत्और अल्ताई क्राय विभागों में बसने वाले तुर्क लोग हैं। सन् २०१० में इनकी कुल आबादी ३,६७,००० अनुमानित की गई थी। इस समुदाय की अल्ताई भाषा नामक अपनी अलग तुर्की भाषा है।

इनुइत

इनुइत ग्रीनलैंड, कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के सुदूर उत्तर में स्थित बर्फ़ीले आर्कटिक इलाक़ों में बसने वाली कुछ मानव जातियों का सामूहिक नाम है। इनुइतों में बहुत सी भिन्न उपजातियाँ हैं लेकिइन सभी में आपसी समानताएँ और सम्बन्ध हैं। इनुइत एक ...

कोरयाक लोग

अगर आप भारत के इस से मिलते-जुलते नाम के समुदाय के बारे में जानकारी ढूंढ रहे हैं तो कोनयाक लोग का लेख देखें कोरयाक रूस के साइबेरिया क्षेत्र में कमचातका प्रायद्वीप के उत्तर में कमचातका क्राय तथा बेरिंग सागर के तट पर बसने वाला एक समुदाय है। यह लोग द ...

ख़कास लोग

ख़कास, जो स्वयं को तादार कहते हैं, रूस के साइबेरिया क्षेत्र के दक्षिणी भाग में स्थित ख़कासिया गणतंत्र में बसने वाला तुर्क लोगों का एक समुदाय है। ध्यान दें कि हालांकि यह लोग अपने आप को तादार या तातार कहते हैं, इस से तात्पर्य साइबेरियाई तातार है जो ...

चरकस लोग

चरकस या अदिगेय कॉकस क्षेत्र की एक जाती और समुदाय है, जो बहुत प्राचीनकाल से कॉकस के इलाक़े के निवासी हैं। चरकस लोगों की अपनी बोली है - चरकसी भाषा। यह लोग सुन्नी इस्लाम के अनुयायी हैं। दुनिया के लगभग आधे चरकस लोग तुर्की में रहते हैं।

तातार लोग

तातार या ततार रूसी भाषा और तुर्की भाषाएँ बोलने वाली एक जाति है जो अधिकतर रूस में बसती है। दुनिया भर में इनकी आबादी ७० लाख अनुमानित की गई है, जिनमें से ५५ लाख रूस में रहते हैं। रूस के तातारस्तान प्रांत में २० लाख तातार रहते हैं। रूस के बाहर तातार ...

निव्ख़ लोग

निव्ख़ या निव्ख़ी या गिल्यक एक मानव समुदाय है जो रूस के सूदूर-पूर्व में साख़ालिन द्वीप और ख़ाबारोव्स्क क्राय में अमूर नदी के सागर से मिल जाने वाले क्षेत्र में रहता है। यह इस क्षेत्र के प्राचीनतम निवासी माने जाते हैं। प्राचीनकाल में यह गर्मियों मे ...

याकूत लोग

याकूत या साख़ा रूस के साइबेरिया क्षेत्र के मध्य-उत्तरी भाग में स्थित साख़ा गणतंत्र में बसने वाला तुर्क लोगों का एक समुदाय है। यह अपनी अलग साख़ा भाषा बोलते हैं जो तुर्की भाषाओं की साइबेरियाई शाखा की उत्तरी उपशाखा की एक बोली है। कुछ याकूत लोग साख़ा ...

रूसी लोग

रूसी लोग एक पूर्वी स्लाव जातीय समूह है जो मूल रूप से रूस का निवासी है। रूसी लोग रूसी भाषा बोलते हैं और ज़्यादातर रूस और उसके पड़ोसी देशों में रहते हैं। राष्ट्रीयता के नज़रिए से रूस के सभी नागरिकों को भी कभी-कभी रूसी कहा जाता है हालाँकि उनमें से ब ...

चाम लोग

चाम या चम्पा के निवासी दक्षिणपूर्व एशिया का एक जातीय समूह है। चाम लोग कम्बोडिया के कामपोंग चाम प्रांत तथा केन्द्रीय वियतनाम के फान रंग-थाप चाम, फान थिएत, हो चि मिन्ह नगर तथा अन गिआंग क्षेत्र के बीच के क्षेत्र के निवासी हैं। लगभग 4.000 चाम थाईलैण् ...

गोएकतुर्क

गोएकतुर्क मध्य एशिया और उत्तरपूर्वी एशिया में एक मध्यकालीन ख़ानाबदोश क़बीलों का परिसंघ था जिन्होंने ५५२ ईसवी से ७४४ ईसवी तक अपना गोएकतुर्क ख़ागानत नाम का साम्राज्य चलाया। इन्होनें यहाँ पर अपने से पहले सत्ताधारी जू-जान ख़ागानत को हटाकर रेशम मार्ग ...

ताइवानी आदिवासी

ताइवानी आदिवासी ताइवान के मूल निवासी हैं। वे एक ऑस्ट्रोनीशियाई समुदाय हैं और फ़िलिपीन्ज़, मलेशिया, इण्डोनेशिया, माडागास्कर तथा ओशिआनिया के अन्य ऑस्ट्रोनीशियाई भाषाएँ बोलने वाले समुदायों से अनुवांशिक व भाषीय सम्बन्ध रखते हैं। ताइवानी आदिवासी चीन क ...

ताई लोग

ताई लोग उन भिन्न समुदायों का सामूहिक नाम है जो आदि-ताई भाषा बोलने वाले प्राचीन लोगों के आधुनिक वंशज हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जो अब ताई भाषाएँ नहीं बोलते। पूर्वोत्तर भारत के अहोम लोग जो अब हिन्द-आर्य भाषा-परिवार की असमिया भाषा बोलते हैं, चीन क ...

तुंगुसी लोग

तुंगुसी लोग उत्तर-पूर्वी एशिया की उन जातियों को कहा जाता है जिनकी मातृभाषा तुंगुसी भाषा-परिवार की सदस्य हो। यह लोग साइबेरिया, मंचूरिया, कोरिया और मंगोलिया के क्षेत्रों में पाए जाते हैं, हालांकि कुछ तुंगुसी समुदाय इस क्षेत्र से भाहर भी मौजूद हैं। ...

वैदा लोग

वैदा या वैद्दा श्रीलंका की एक आदिवासी जनजाति है। इतिहासकारों का मानना है कि वे श्रीलंका के सबसे पहले मानव निवासी थे। पारम्परिक तौर से वैदा श्रीलंका के जंगलों के भीतर रहा करते थे। उनकी अपनी अलग वैदा भाषा थी, जिसकी मूल जड़ें अज्ञात हैं और जो अब विल ...

पॉलिनीशियाई लोग

पॉलिनीशियाई लोग प्रशांत महासागर के कई द्वीपों पर मूल-रूप से बसने वाले समुदयों का समूह है जो पॉलिनीशियाई भाषाएँ बोलते हैं, जो ओशियानी भाषा-परिवार की एक शाखा है। इस मानव समूह में टोंगा, सामोआ, निउए, हवाई, न्यू ज़ीलैण्ड, तहीती, ईस्टर द्वीप और अन्य प ...

एंडियन समुदाय

एंडियन समुदाय या एंडियन देशों का समुदाय दक्षिण अमेरिकी देशों का एक व्यापार गुट है जिसके सदस्य बोलीविया, कोलम्बिया, ईक्वाडोऔर पेरू हैं। इस व्यापार गुट को १९९६ तक एंडियन संधि के नाम से जाना जाता था और १९६९ में कार्टागेना समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ...

मुलाटु

पुर्तगाली और स्पैनिश शब्दावली में मुलाटु वो व्यक्ति है जिसके माता और पिता में से एक श्वेत और दूसरा अश्वेत होता है, या उस व्यक्ति के वंशज श्वेत और अश्वेत दोनो होते हैं।

मेस्टिज़ो

मेस्टिज़ो एक स्पैनिश और पुर्तगाली परिभाषिक शब्द है जिसे दक्षिण अमेरिका के पूर्व स्पैनिश साम्राज्य और पुर्तगाली साम्राज्य में स्पेनी या पुर्तगाली उपनिवेशकों और मूल अमेरिकी निवासियों की मिश्रित संतानों का उल्लेख करने के लिए प्रयोग किया जाता है। लैट ...

जिब्राल्टेरियन लोग

जिब्राल्टेरियन उन लोगों के सांस्कृतिक समूह का नाम है जो ब्रिटिश विदेशी प्रदेश जिब्राल्टर के मूल निवासी हैं। जिब्राल्टर औबेरियन प्रायद्वीप और यूरोप के दक्षिणी छोपर भूमध्य सागर के प्रवेश द्वापर स्थित है।

वाइकिंग

वाइकिंग ८वीं से लेकर ११वीं सदी ईसवी में सुदूर उत्तरी यूरोप के स्कैंडिनेविया क्षेत्र में रहने वाले उन नॉर्स लोगों को कहा जाता था जो सिपाही, व्यापारी, समुद्री डाकू या खोजयात्री बनकर यूरोप, एशिया और उत्तरी अटलांटिक द्वीपों में जाते थे और अक्सर बसते ...

तुसु परब

तुसु परब या टूसू परब एक आदिवासी और कुड़मी समुदाय की प्रमुख त्योहार है। यह पंचपरगना, पुरुलिया, बैंकुरिया और मिदनापुर जिलों में मनाया जाता है। यह बिहार, झारखंड और ओडिशा के जिलों में भी मनाया जाता है। यह त्योहार एक महीने के लिए मनाया जाता है। त्योहा ...

मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय

मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय,श्यामला हिल्स भोपाल में स्थित है, इसका लोकार्पण भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने किया था। यह संग्रहालय मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा संचालित होता है इस संग्रहालय में मध्यप्रदेश में निवासरत जनज ...

फ़ुला भाषा

फ़ुला भाषा या फ़ुलानी भाषा पश्चिम अफ़्रीका में फ़ुला समुदाय द्वारा बोली जाने वाली एक भाषा है। यह नाइजर-कांगो भाषा-परिवार की सेनेगाम्बियाई शाखा की सदस्या है। फ़ुला लोग पश्चिमी अफ़्रीका के तटवर्ती क्षेत्रों से लेकर साहेल पट्टी पर पूर्व में इथियोपिय ...

शरणार्थी

शरणार्थी यानि शरण में उपस्थित असहाय, लाचार, निराश्रय तथा रक्षा चाहने वाले व्यक्ति या उनके समूह को कहते हैं। इसे अंग्रेजी भाषा में refugee लिखा व सम्बोधित किया जाता है। इस प्रकार वह व्यक्ति विशेष या उनका समूह जो किसी भी कारणवश अपना घरबार या देश छो ...

इराकी शरणार्थी

इराकी शरणार्थी: जो इराक़ी नागरिक हैं जो युद्ध या उत्पीड़न के कारण इराक से भाग गए हैं। पिछले 30 वर्षों के दौरान, इराक से भागने वाले शरणार्थियों की संख्या बढ़ रही है और दुनिया भर में बसने जा रही है, जो हाल ही में नवीनतम इराक युद्ध के साथ चोटी गई है ...

कादेश का युद्ध

कादेश का युद्ध रामेसेस द्वितीय के नेतृत्व में मिस्र साम्राज्य और मुवाताल्ली द्वितीय के नेतृत्व में हित्तिते साम्राज्य के बीच कादेश नाम के नगर में हुआ था। यह युद्ध १२७४ ईसापूर्व में हुआ था और यह इतिहास का पहला युद्ध है जिसका लिखित प्रमाण है साथ ही ...

मुवाताल्ली द्वितीय

मुवाताल्ली द्वितीय हित्तिते साम्राज्य का राजा था। वह रामेसेस द्वितीय के विरुद्ध लड़ें गए अपने युद्ध कादेश के युद्ध के लिए प्रसिद्ध है।

कपालमिति

मानव की विभिन्न जातियों के कपाल आकाऔर रूप में भिन्न हाते हैं और उनका अध्ययन कपालमिति या करोटिमापन का विषय है। कपालमिति, शीर्षमिति के अन्तर्गत आता है जो मानवमिति के अन्तर्गत आता है जो नृतत्वशास्त्र की शाखा है। किन्तु कपालमिति, कपालविद्या से भिन्न ...

अभिलेख

अभिलेख पत्थर अथवा धातु जैसी अपेक्षाकृत कठोर सतहों पर उत्कीर्ण किये गये पाठन सामाग्री को कहते है। प्राचीन काल से इसका उपयोग हो रहा है। शासक इसके द्वारा अपने आदेशो को इस तरह उत्कीर्ण करवाते थे, ताकि लोग उन्हे देख सके एवं पढ़ सके और पालन कर सके। आधु ...

वो कान्ह प्रशस्ति

वो कान्ह प्रशस्ति दक्षिण पूर्व एशिया का अब तक का सबसे पुराना संस्कृत शिलालेख है। यह 18वीं सदी में वियतनाम के वो कान्ह गाँव में पाया गया था, जो लगभग न्हा ट्रांग शहर से क़रीब 4 किमी दूर स्थित है। यह शिलालेख 2.5 मीटर ऊँचे पत्थर के रूप में है, जिसमें ...

खोह

खोह मध्य प्रदेश के सतना जिले के उंचेहरा तहसील में स्थित एक प्राचीन गाँव है। इस स्थान से गुप्तकालीन ताम्रपत्रों, दानपत्रों पर लिखे आठ से अधिक अभिलेख प्राप्त हुए हैं। इनमें महाराज जयनाथ और महाराज शर्वनाथ के दानपत्र उल्लेखनीय हैं।

तेल (पुरातत्वशास्त्र)

तेल या तॆल पुरातत्वशास्त्र में ऐसे टीले को कहते हैं जो किसी स्थान पर कई सदियों से मानवों के बसने और फिर छोड़ देने से बन गया हो। जब लोगों की कई पुश्तें एक ही जगह पर रहें और बार-बार वहाँ निर्माण और पुनर्निर्माण करती जाएँ तो सैंकड़ों सालों में उस जग ...

पाण्डुलिपि

पाण्डुलिपि या मातृकाग्रन्थ एक हस्तलिखित ग्रन्थविशेष है । इसको हस्तप्रति, लिपिग्रन्थ इत्यादि नामों से भी जाना जाता है। आङ्ग्ल भाषा में यह Manuscript शब्द से प्रसिद्ध है इन ग्रन्थों को MS या MSS इन संक्षेप नामों से भी जाना जाता है। हिन्दी भाषा में ...

भीतरी (गाँव)

भीतरी, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में सैदपुर से उत्तर-पूर्व की ओर लगभग पाँच मील की दूरी पर स्थित ग्राम है। ग्राम से बाहर चुनार के लाल पत्थर से निर्मित एक स्तंभ खड़ा है जिसपर गुप्त शासकों की यशस्वी परंपरा के गुप्त सम्राट स्कंदगुप्त का अभिलेख उत् ...

समुद्री पुरातत्व

समुद्री पुरातत्व, पुरातत्व की एक शाखा है जो प्राचीन मानव का समुद्रों, झीलों एवं नदियों से सम्बन्धित क्रियाकलापों का अध्ययन करती है। इस कार्य में प्राचीन जलयान, समुद्र के किनारे स्थित बन्दरगाह एवं अन्य निर्माण, डूबे हुए लैण्डस्केप आदि बहुत सहायक ह ...

हस्तकृति

हस्तकृति ऐसी वस्तु होती है जिसे मानव ने एक कलाकृति, औज़ार, निर्माण वस्तु या अन्य किसी प्रयोग से बनाया हो, विशेषकर अगर वह वस्तु पुरातत्वशास्त्र की दृष्टि से महत्व रखती हो। इतिहास में कई ऐसी विलुप्त संस्कृतियाँ व मानव समाज हैं जो आज केवल उनके द्वार ...

खैशगी

खैशगीखैशगी एक पख़्तून क़बीला है। अनुमानों के मुताबिक़ इसकी कुल संख्या साढ़े छ: लाख है। यह क़बीला अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान व भारत में विभिन्न एं निवासरत है। मौखिक परंपराओं के मुताबिक़ यह क़बीला ख़ुद को बनी इस्राएल से मानता है। इसके 100% लोग इस्लाम ...

रैबारी

मुख्य रूप से यह जाती रबारी, रैबारी राईका, गोपालक, मालधारी एव देवासी के नाम से जानेवाली यह एक अति प्राचीन जाती है। खेती और पशुपालन भारतीय लोगो का मुख्य व्यवसाय रहा है। इस जाती के लोग भी इसी व्यवसाई से जुड़े हुए लोग है। रैबारी उत्तर भारत की एक प्रम ...