ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 5

मीठा इन्द्रजौ

मीठा इन्द्रजौ या मीठी इन्द्रयव एक पादप है। इसे श्वेत कुटज भी कहते हैं। इस जाति के श्वेत पौधे के फूलों में एक प्रकार की सुगंध होती है जो काले पौधे के फूलों में नहीं होती। श्वेत पौधे की छाल लाल रंग लिए बादामी तथा चिकनी होती है। फलियों के अंत में बा ...

मुखजली

मुखजली एक कीटभक्षी पौधा है। यह लगभग २ सेमी व्यास का पौधा है। यह सबसे तेजी से कीट पकड़ने वाले पौधों में से एक है। इसकी पत्तियाँ किसी कीट को कुछ ही सेकेण्ड में मुड़कर लपेट लेतीं हैं जबकि इसी जाति के दूसरे पौधों में यही क्रिया मिनटों से लेकर घण्टों ...

मूर्वा

मूर्वा या मरोड़फली नाम की लता हिमालय के उत्तराखण्ड को छोड़ भारतवर्ष में और सब जगह होती है। इसमें सात-आठ डंठल निकलकर इधर उधर लता की तरह फैलते हैं। फूल छोटे छोटे, हरापन लिए सफेद रंग के होते हैं। इसके रंशे बहुत मजबूत होते हैं जिससे प्राचीन काल में उ ...

मोरशिखा

मोरशिका एक पौधा है जिसका फूल मोर के शिखा जैसा दिखता है। इसलिए हिन्दी में इसे मुर्गे का फूल या लाल मुर्गा भी कहते हैं। यह पौधा घर के अन्दर और बाहर समान रूप से उगाया जा सकता है। इस पौधे का उपयोग प्रायः सजाने के लिए किया जाता है। इसकी पत्तियाँ और फू ...

लिलि

लिलि लिलिएसी कुल, का जीनस है, जिसके १०० स्पीशीज़ हैं। इसके पौधे कठोर, अर्धकठोर तथा कंदीय शाक होते हैं। लिलि के कीपाकार फूल अपनी सुंदरता सुगंध एवं आकृति के कारण विख्यात हैं। फूलों की पंखुड़ियों में बाहर की ओर भूरी, या गुलाबी वर्णरेखाएँ रहती हैं और ...

सनई

सनई एक पौधा है जिसका उपयोग हरी खाद बनाने में किया जाता है। इसके फूलों की शब्जी बनती है। इसके तने को पानी में सड़ाने के बाद इसके ऊपर लगा रेशा से रस्सी बनायी जाती है।और यह रस्सी बहुत ही टिकाऊ होती है।

सल्फी

सल्फी ताड़ कुल का एक पुष्पधारी वृक्ष है। यह भारतीय उपमहाद्वीप तथा दक्षिण-पूर्व एशिया का देशज है। इसको संस्कृत में मोहकारी कहते हैं। सूखने के बाद इसकी पत्ती को मछली पकडने के डण्डे के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसे बस्तर बीयर के नाम से भी जाना जा ...

स्थलीय पादप

स्थलीय पादप वे पादप है जो भूमि में, भूमि पर, या भूमि से उगते हैं। जैसे नीम, आम, गेहूँ आदि। इसके विपरीत अस्थलीय पादप वे हैं जो या तो जल में उगते हैं, दूसरे पादपों के ऊपर उगते हैं या शिलाओं पर उगते हैं ।

अनॉक्सीजनी प्रकाशसंश्लेषण

अनॉक्सीजनी प्रकाशसंश्लेषण कुछ बैक्टीरिया जातियों में प्रकाश ऊर्जा के प्रयोग द्वारा बाद में प्रयोग हो सकने वाली रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करने की क्षमता को कहते हैं। यह पौधों द्वारा करे जाने वाले प्रकाशसंश्लेषण से भिन्न प्रक्रिया है। पौधे प्रका ...

पर्णहरित

पर्णहरित, हरितलवक, पर्ण हरिम या क्लोरोफिल एक प्रोटीनयुक्त जटिल रासायनिक यौगिक है। यह वर्णक पत्तों के हरे रंग का कारण है। यह प्रकाश-संश्लेषण का मुख्य वर्णक है। इसे फोटोसिन्थेटिक पिगमेंट भी कहते हैं। इसका गठन कार्बन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन तथा मैग्निसि ...

प्रकाश संश्लेषण क्रिया विधि: विभिन्न मत

प्रकाश संश्लेषण की क्रिया केवल हरे पौधों से होती है और समीकरण अत्यन्त साधारण है, फिर भी किसी प्रकार CO 2 पानी जैसे तरल पदार्थ, कार्बोहाइड्रेट्स जैसे तरल पदार्थों का निर्माण करते हैं यह एक विवादग्रस्त प्रश्न है। समय-समय पर विभिन्न पादप कार्यिकी वि ...

प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक

प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया अनेक कारकों द्वारा प्रभावित होती है। इसके कुछ कारक बाह्य होते हैं तथा कुछ भीतरी। इसके अतिरिक्त कुछ सीमाबद्ध कारक भी होते हैं। बाह्य कारण वे होते है जो प्रकृति और पर्यावरण में स्थित होते हुए प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित कर ...

कंडाली

कंडाली अंग्रेजी में नेटल के नाम से जानी जाने वाली यह वनस्पति नेपाल व हिमालय क्षेत्र की मध्य पहाड़ी क्षेत्र तथा उपत्यका में मिलने वाले अट्रिक्यसी परिवार का जलानेवाला झाड़ है। इसमें औषधिय गुण रहा होता है इसे उबाल के खाया जा सकता है। इसमें होने वाले ...

कचरी

कचरी एक जंगली लता है जिसके पत्ते ककड़ी के पत्तों जैसे होते हैं। इसमें पीले-पीले फूल लगते हैं।इसका फल सब्जी के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग मांस के मृदूकरण के लिये भी किया जाता है। कचरी को आयुर्वेद में मृगाक्षी कहा जाता है और यह बिगड़े ...

कचूर

कचूर, हल्दी के समान एक क्षुप है जो ज़िंजीबरेसी कुल का है। इसे "करक्यूमा ज़ेडोयिरया कहते हैं। पूर्वोत्तर भारत तथा दक्षिण समुद्रतटवर्ती प्रदेशों में यह स्वत: उगता है और भारत, चीन तथा लंका में इसकी खेती भी की जाती है। इसके लिए कर्चूर, षटकचोरा आदि कच ...

खसखस

खस या खसखस एक सुगंधित पौधा है। इसका वानस्पतिक नाम वेटिवीरिआ जिजेनिऑयडीज है जिसकी व्युत्पत्ति तमिल के शब्द वेटिवर से हुई प्रतीत होती है। यह सुगंधित, पतले एकवर्ध्यक्ष का लंबे पुष्पगुच्छवाला वर्षानुवर्षी पौधा है। इसकी अनुशूकी का जोड़ा सीकुररहित होता ...

जैलप

जैलप मेक्सिको में उत्पन्न होनेवाली एक लता, एक्सोगोनियम जैलपा, की जड़ को कहते हैं। यह भारत, लंका आदि में भी उपजाई जाती है। जड़ को पीसकर हलके बादामी रंग का चूर्ण तैयार किया जाता है। जैलप में एक प्रकर की राल होती है। इसका रेचक प्रभाव इसी राल के कारण ...

नील (पादप)

नील एक पादप है। यही नील रंजक का मूल प्राकृतिक स्रोत था। यह एशिया और अफ्रीका के उष्ण तथा शीतोष्ण क्षेत्रों में पैदा होता है। आजकल अधिकांश रंजक संश्लेषण द्वारा कृत्रिम रूप से बनाए जाते हैं न कि इस पौधे से प्राप्त किये जाते हैं। नील के अलावा इस पादप ...

पलाश

पलाश एक वृक्ष है जिसके फूल बहुत ही आकर्षक होते हैं। इसके आकर्षक फूलो के कारण इसे "जंगल की आग" भी कहा जाता है। पलाश का फूल उत्तर प्रदेश का राज्य पुष्प है और इसको भारतीय डाकतार विभाग द्वारा डाक टिकट पर प्रकाशित कर सम्मानित किया जा चुका है।प्राचीन क ...

पोई

पोई या पोयसाग या बचलू ; वैज्ञानिक नाम: बेसेला अल्बा / BASELLA ALBA) एक सदाबहार लता है। इसकी पत्तियाँ मोटी, हरी होतीं हैं जिनका शाक-शब्जी के रूप में उपयोग किया जाता है। विभिन्न भाषाओं में नाम संस्कृत उपोदिका, पोतकी, मालवा, अमृतवल्लरी मराठी मायाल, ...

भारतीय वनस्पतिजात

विशेष: यह सूची लिपि परिवर्तक द्वारा स्वचालित रूप से रोमन से देवनागरी में बदलकर बनायी गयी है। इसमें त्रुटियाँ हैं। कृपया इन्हें ठीक करे। आक अध-बिरनी अदोतोदै अगठी अगति ऐनी ऐनी-मर्म अजवा अजोवन अज्वैन अकड़ा अकल्बिर आलूबुखारा अमादा अम्बरी अम्बरी अमला ...

शकरकन्द

शकरकंद कॉन्वॉल्वुलेसी कुल का एकवर्षी पौधा है, पर यह अनुकूल परिस्थिति में बहुवर्षी सा व्यवहाकर सकता है। यह एक सपुष्पक पौधा है। इसके रूपान्तरित जड़ की उत्पत्ति तने के पर्वसन्धियों से होती है जो जमीन के अन्दर प्रवेश कर फूल जाती है और उन फूले हुए जड़ ...

सहजन

सहजन) एक बहु उपयोगी पेड़ है। इसे हिन्दी में सहजना, सुजना, सेंजन और मुनगा आदि नामों से भी जाना जाता है। इस पेड़ के विभिन्न भाग अनेकानेक पोषक तत्वों से भरपूर पाये गये हैं इसलिये इसके विभिन्न भागों का विविध प्रकार से उपयोग किया जाता है। इसकी पत्तियो ...

साइपरेसी

साइपरेसी घास सदृश शाक का कुल है जिसके पौधे एकबीजपत्री तथा दलदली भूमि में उगते हैं। इस कुल के पौधे मुख्यत: बहुवर्षी होते हैं। साइपरेसी कुल के ८५ वंश और लगभग ३,२०० स्पीशीज ज्ञात हैं। ताड़कुल Palmae तथा लिलिएसी Liliaceae कुल के बीजों के अंकुरण की तर ...

हिम कमल

चीन के सिन्चांग वेवूर स्वायत्त प्रदेश में खड़ी थ्येनशान पर्वत माले में समुद्र सतह से तीन हजार मीटर ऊंची सीधी खड़ी चट्टानों पर एक विशेष किस्म की वनस्पति उगती है, जो हिम कमल के नाम से चीन भर में मशहूर है। हिम कमल का फूल एक प्रकार की दुर्लभ मूल्यवान ...

कार्नो ऊष्मा इंजन

कार्नो इंजन वह इंजन है जिसकी अधिकतम दक्षता 100% हो सकती है। यदि उष्मीय इंजन की सम्पूर्ण ऊष्मा इंजन के अवस्था परिवर्तन कार्य में ही व्यय हो तो अधिकतम दक्षता प्राप्त होती है। कानो ने एक ऐसे आदर्स इन्जन क़ी कल्पना क़ी जिससे किसी भी प्रकार से उर्जा ह ...

अंतर्बीजाणु

अंतर्बीजाणु फ़र्मीक्यूटीस संघ की कुछ बैक्टीरिया जातियों द्वारा बनाया जाने वाला एक कठोर व निष्क्रय ढांचा होता है। हालांकि इसका नाम और रूप बीजाणु व बीज से मिलता है, यह प्रजनन से असम्बन्धित है। यह किसी बैक्टीरिया कोशिका का प्रतिकूल परिस्थितियों में ...

रॉस रिवर बुखार

रॉस रिवर बुखार वायरस है जो एक मच्छर जनित रिवर रॉस के साथ संक्रामक रोग के संक्रमण के कारण होता है। पोलीआर्थ्रआटीस बीमारी है और एक इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी आम तौपर विशेषता के द्वारा जानी जाती है। स्थानिक रूपसे यह वायरस ऑस्ट्रेलिया पापुआ न्यू गिनी, फ ...

इको वाइरस

इको वाइरस शिशुओं और छोटे बच्चों में तीव्र बुखार की बीमारी के प्रमुख कारणों से एक है। इको वाइरस अत्यधिक संक्रामक है। जन्म के बाद इस विषाणु अगर बच्चे की शरीर में पाए जाए तो बच्चे को गम्भीर रोग हो सकता है। शिशु मृत्य दर इससे बढ़ जाती है। रूप में यह ...

ओरुंगो

वायरस वर्गीकरण समूह: समूह III दियेस र न ये आदेश: अनअसाइन्ड परिवार:रिओ विरिदे उपप्रजाति: सेरिओविरिने जीनस: ओरबि विषाणु३ प्रजाति: ओरुंगो विषाणु ओरुंगो एक विषाणु है।ओरुंगो विषाणु एक अरबो विशाणु है जिसका वंश है ओरबि विषाणु, ऑर उपपरिवार है सेदोरि विरि ...

टरनिप मोजेक वाइरस

टरनिप मोजेक वाइरस एक विषाणु है जो पौधों में रोग पैदा करता है। इसमें आनुवांशिक पदार्थ के रूप में आरएनए होता है तथा इसकी औसत लम्बाई 720 nm होती है। ६२ ० सेण्टीग्रेड तापमान तक गर्म करने पर इसका मृत्यु हो जाती है।

धोरि वाइरस

धोरि वाइरस एक विषाणु है। धौरी वायरस जीनस थोगोटोवायरस की एक प्रजाति है और ओर्थमोक्सोवाइरिडे परिवार का सदस्य हैं। इसके मेजबान टिक, मच्छरों और स्तनधारी हैं। धौरी वायरस चूहों के लिए घातक है, जो कि वायरल इन्फ्लूएंजा ए) वायरस संक्रमण के साथ मनुष्यों मे ...

पीत विषाणु

पीत विषाणु फ़्लैविविरिडेई विषाणु परिवार Flaviviridae के विषाणुओं की एक जाति है। इस प्राजाति में पश्चिमी नील विषाणु, डेंगी विषाणु, टिक-बॉर्न मेनिनगो इंसेफ़लाइटिस विषाणु, पीत जवर विषाणु, ज़ीका विषाणु और कई अन्य विषाणु होते हैं जो इंसेफ़लाईटिस, दिमा ...

पेस्टिवाइरस

पेस्टिवाइरस फ्लेविविरिदे परिवार में विषाणुओं का एक जीनस है। जो विषाणुऐं पेस्टिवाइरस के जीनस में हैं वह स्तनधारियों, बोविदे परिवार के सदस्य और सुइदे परिवार को संक्रमित करते हैं। वर्तमान में इस जिनस में चार जाति हैं बोवईन वायरल दस्त वाइरस १ के प्रक ...

ब्लूटोंग रोग

ब्लूटोंग रोग एक गैर-संक्रामक, कीट जनित, जुगाली करने वाले पशुओं का वायरल रोग है जो मुख्य रूप से भेड़ और कम बार पशु, बकरी, भैंस, हिरण और मृग का है। यह ब्लूटोंग वायरस के कारण होता है। वायरस Midge culicoides imicola, Culicoides variipennis, और अन्य c ...

मर्स कोरोना वायरस

कोरोनावायरस से बचने के कारगर उपाय मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस मनुष्यों में संक्रमण करने वाला वायरस है। मर्स के मरीजों में आमतौपर बुखार, निमोनिया और खराब किडनी जैसी लक्षण पाए जाते हैं। यह एक जानलेवा बिमारी है और महामारी की रूप ले ...

मारेक्स रोग

मारेक्स रोग एक विषाणु जनित रोग है। इस रोग का नाम पशु चिकित्सक जोसफ मारेक पर रखा गया है। यह्र रोग, गालिड हेरपस वायरस नामक विषाणु से उत्पन्न होता है। रोग, टी सेल लिंफोमा की उपस्थिति से जाने जाते है। लसीकाकोशिका तंत्रिकाओं और अंगों में प्रवेश करते ह ...

राइबोविरिया

राइबोविरिया वायरस का एक जगत है, जिसमें आरएनए वायरस और वायरोइड शामिल हैं। यह वायरस का एकमात्र परिभाषित जगत है। रेट्रोवायरस इस वर्ग में सम्मिलित नहीं हैं।

रिफ्ट वैली ज्वर

रिफ्ट वैली ज्वर एक विषाणुजनित रोग रोग है जो हल्के से लेकर गंभीर लक्षण पैदा कर सकता है। हल्के लक्षणों में शामिल हैं: बुखार, मांसपेशियों में दर्द, और सिरदर्द जो एक हफ्ते तक बने रह सकते हैं। जिनमें रक्तस्राव होता है उनमें मृत्यु की संभावनाएं 50% तक ...

लेंटीवायरस

लेंटीवायरस रेट्रोवायरस का एक जीववैज्ञानिक वंश है। इसकी बहुत-सी सदस्य जातियाँ मानवों और कई अन्य स्तनधारियों में लम्बी ऊष्मायन अवधि वाले जीर्ण और भयानक रोगों के रोगजनक होते हैं। एड्स फैलाने वाला एचआइवी वायरस इसी वंश का सदस्य है।

विषाणु वर्गीकरण

विषाणु वर्गीकरण में विषाणुओं का नाम और उचित समूह में रखने की प्रक्रिया है। इनके वर्गीकरण पर अभी भी बहस चलता रहता है और कई प्रस्ताव भी आते रहते हैं। ==सन्दर्भ ==

कल्याण अर्थशास्त्र

कल्याण अर्थशास्त्र अर्थशास्त्र की एक शाखा हैं, जो सूक्ष्म अर्थशास्त्रीय तकनीकों का प्रयोग करता हैं, जिससे सकल स्तर पर भलाई का आंकलन किया जा सकें।

समष्टि अर्थशास्त्र

समष्टि अर्थशास्त्र आर्थिक विश्लेषण की वह शाखा है जिसमें समुच्चय का विश्लेषण सम्पूर्ण अर्थशास्त्र के सन्दर्भ में किया जाता है। समष्टि अर्थशास्त्र में समस्त आर्थिक क्रियाओं का संपूर्ण रूप से अध्ययन किया जाता है। राष्ट्रीय आय, उत्पादन, रोजगार/बेरोजग ...

कीमत स्तर

सामान्य कीमत स्तर, कुछ निश्चित वस्तुओं एवं सेवाओं के समग्र मूल्य का काल्पनिक दैनिक माप है। इसे प्रायः किसी आधार तिथि पर समग्र मूल्य से तुलना करके देखा जाता है।

चालू खाता घाटा

अर्थशास्त्र में, चालू खाता भुगतान के संतुलन के प्राथमिक दो घटकों में से एक है, दूसरा है पूंजीगत खाता. यह व्यापार शेष माल और सेवाओं के आयात को घटाकर निर्यात, निवल घटक आय जैसे लाभांश और ब्याज और निवल अंतरण भुगतान जैसे विदेशी सहायता का कुलयोग है। चा ...

वैश्विक मंदी

वैश्विक मंदी विश्वव्यापी आर्थिक मंदी की अवधि है। वैश्विक मंदी की परिभाषा करते समय, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष कई कारकों को ध्यान में रखता है, पर उसके कथनानुसार 3 प्रतिशत या उससे कम का वैश्विक आर्थिक विकास, "वैश्विक मंदी के बराबर है". इस पैमाने पर, ...

पिपीलिका विज्ञान

पिपीलिकाशास्त्र या पिपीलिका विज्ञान या चींटी विज्ञान कीट विज्ञान की वह शाखा है जिसमें चींटी व दीमक का वैज्ञानिक अध्ययन करा जाता है। पिपीलिकाशास्त्री चींटियों के समाज तथा उसके संगठन और प्रक्रियाओं का भी अध्ययन करते हैं। पिपीलिकाशास्त्र का कीट अध्य ...

संचय (गणित)

गणित में किसी समुच्चय से कुछ वस्तुओं का चयन करने के तरीकों का अध्ययन एवं उनकी की संख्या संचय या कंबिनेशन कहलाती है। संचय में चयन की गयी वस्तुओं के क्रम का महत्व नहीं होता अथवा चयनित वस्तुओं के क्रमपरिवर्तन से बनी नयी चीज कार्यात्मक रूप से बिल्कुल ...

विविक्त गणित

विविक्त गणित गणित की वह शाखा है जो ऐसी गणितीय संरचनाओं का अध्ययन करती है जो मूलतः विविक्त होती हैं, न कि सतत । विविक्त गणित में पूर्णांकों, ग्राफों, तथा तार्किक कथनों का अध्ययन किया जाता है जिनका परिवर्तन असतत होता है न कि वास्तविक संख्याओं की भा ...

तंत्रिका विज्ञान

तंत्रिका विज्ञान तन्त्रिका तन्त्र के वैज्ञानिक अध्ययन को कहते हैं। पारम्परिक रूप से यह जीवविज्ञान की शाखा माना जाता था लेकिन अब रसायन शास्त्र, संज्ञान शास्त्र, कम्प्यूटर विज्ञान, अभियान्त्रिकी, भाषाविज्ञान, गणित, आयुर्विज्ञान, आनुवंशिकी और अन्य स ...