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लुआनदी

लुआनदी या लुआनती या शूलिआनदी तीसरी सदी ईसापूर्व से चौथी सदी ईसवी तक आधुनिक मध्य एशिया और चीन के क्षेत्र में शासन करने वाली प्राचीन शियोंगनु लोगों का एक राजवंश था। इनका ज़िक्र महान इतिहासकार के अभिलेख, हान ग्रन्थ और अन्य प्राचीन चीनी इतिहास-ग्रन्थ ...

शांग राजवंश

शांग राजवंश प्राचीन चीन में लगभग १६०० ईसापूर्व से १०४६ ईसापूर्व तक राज करने वाला एक राजवंश था, जिनका राज्य ह्वांगहो की वादी में स्थित था। चीनी स्रोतों के अनुसार यह राजवंश शिया राजवंश के राजकाल के बाद आया और शांग राजवंश के बाद चीन में झोऊ राजवंश स ...

शिआन

शिआन चीन के शान्शी प्रांत की राजधानी है और चीन की प्रशासनिक प्रणाली में शहरी उपप्रान्त का दर्जा रखता है। वेई नदी के किनारे स्थित शिआन का इतिहास ३,१०० वर्षों से चला आ रहा है और यह चीन के प्राचीनतम शहरों में से एक है। मिंग राजवंश के दौर से पहले इसे ...

शिन राजवंश

शिन राजवंश प्राचीन चीन का एक राजवंश था जिसने चीन में ९ ईसवी से २३ ईसवी तक के छोटे काल में राज किया। इसे राजवंश तो कहा जाता है लेकिन इसमें सम्राट सिर्फ़ एक ही था। यह हान राजवंश के काल के बीच में आया। इस से पहले के हान काल को पश्चिमी हान राजवंश कहा ...

शिया राजवंश

शिया राजवंश प्राचीन चीन में लगभग २०७० ईसापूर्व से १६०० ईसापूर्व तक राज करने वाला एक राजवंश था। यह चीन का पहला राजवंश था जिसका ज़िक्र बांस कथाएँ, इतिहास का शास्त्और महान इतिहासकार के अभिलेख जैसे चीनी इतिहास-ग्रंथों में मिलता है। शिया वंश से पहले च ...

शु हान राज्य (प्राचीन

शु हान राज्य प्राचीन चीन के तीन राजशाहियों के काल में चीन पर नियंत्रण पाने के लिए जूझने वाला एक राज्य था। यह २२१ ईसवी से २६३ ईसवी तक चला। शु हान आधुनिक सिचुआन राज्य के क्षेत्र में स्थित था जिसे तब शु के नाम से जाना जाता था। कुछ विद्वान यह दलील दे ...

सम्राट वु ती (हान वंश)

सम्राट वू ती हान वंश के सातवें सम्राट थे। उन्होने ४१ ईसा पूर्व से ८७ ईसा पूर्व तक शासन किया। वू ती के शासन काल में चीन की सीमाएँ बहुत फैलीं एवं उन्होने एक शक्तिशाली कानफ्युसिआयी राज्य का निर्माण किया। चीन के इतिहास में उन्हें हान वंश का सर्वश्रेष ...

सांस्कृतिक क्रांति

सांस्कृतिक क्रांति जनवादी गणराज्य चीन में माओ त्से-तुंग द्वारा चलाया गया एक सामाजिक-राजनीतिक आन्दोलन था सन् १९६६ से आरम्भ होकर सन् १९७६ तक चला। माओ उस समय चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष थे। 16 मई 1966 को शुरू हुई यह क्रांति 10 वर्षों तक चली ...

साओ पी

साओ पी, जिसका औपचारिक नाम वेई के सम्राट वेन था, प्राचीन चीन के तीन राजशाहियों के काल में साओ वेई राज्य का सम्राट था। वह हान राजवंश काल के साओ साओ नामक ज़मींदार का दूसरा बेटा था। वह अपने सारे भाईयों में सबसे चालाक माना जाता था और पढ़ाई और युद्धों ...

साओ वेई राज्य (प्राचीन

साओ वेई राज्य, जिसे कभी-कभी सिर्फ़ वेई राज्य भी कहा जाता है, प्राचीन चीन के तीन राजशाहियों के काल में चीन पर नियंत्रण पाने के लिए जूझने वाला एक राज्य था। यह २२० ईसवी से २६५ ईसवी तक चला। इसकी स्थापना २२० ईसवी में साओ पी ने की थी जिसनें अपने पिता स ...

सुई राजवंश

सुई राजवंश प्राचीन चीन का एक राजवंश था। यह केवल ५८९ ईसवी से ६१८ ईसवी तक चला लेकिन इस समय में वह सशक्त रहा। सुई काल से पहले उत्तरी और दक्षिणी राजवंशों का काल था और उसके बाद तंग राजवंश सत्ता में आया।

सोंग राजवंश

सोंग राजवंश चीन का एक राजवंश था, जिसका शासनकाल सन् ९६० ईसवी से सन् १२७९ ईसवी तक चला। यह पाँच राजवंश और दस राजशाहियों के दौर के बाद शुरू हुआ और युआन राजवंश के उभरने पर ख़त्म हुआ। सोंग राजवंश के काल में बहुत प्रशासनिक, सैन्य और वैज्ञानिक प्रगति हुई ...

हान ग्रंथ

हान ग्रंथ, हान की किताब, हान शू या पूर्वकालीन हान राजवंश का इतिहास २०६ ईसापूर्व से २५ ईसवी तक पश्चिमी हान राजवंश के दौर के चीनी इतिहास के बारे में एक इतिहास-ग्रन्थ है। इसे बान बियाओ, बान गू और बान झाओ नामक इतिहासकारों ने लिखा और यह सन् १११ ईसवी म ...

हान राजवंश

हान राजवंश प्राचीन चीन का एक राजवंश था जिसने चीन में २०६ ईसापूर्व से २२० ईसवी तक राज किया। हान राजवंश अपने से पहले आने वाले चिन राजवंश को सत्ता से बेदख़ल करके चीन के सिंहासन पर विराजमान हुआ और उसके शासनकाल के बाद तीन राजशाहियों का दौर आया। हान रा ...

१९११ की चीन की क्रांति

चीन की 1911 की क्रांति के फलस्वरूप चीन के अन्तिम राजवंश की समाप्ति हुई और चीनी गणतंत्र बना। यह एक बहुत बड़ी घटना थी। मंचू लोगों का शासन चीन पर पिछले तीन सौ वर्षों से चला आ रहा था जिसका अंत हो गया। बीसवीं शताब्दी में चीन एशिया का प्रथम देश था, जहा ...

जर्मन क्रांति

जर्मन क्रांति या नवंबर क्रांति प्रथम विश्व युद्ध के अंत में जर्मन साम्राज्य में एक नागरिक संघर्ष था, जिसके परिणामस्वरूप जर्मन संघीय संवैधानिक राजतंत्र एक लोकतांत्रिक संसदीय गणतंत्र के साथ बदल गया था जिसे बाद में वेइमार के रूप में जाना जाने लगा। ग ...

जर्मन राइख

जर्मन राइख, १८७१ से १९४३ तक जर्मन राष्ट्र-राज्य का आधिकारिक नाम था। इसका शाब्दिक अर्थ जर्मन साम्राज्य है। अनौपचारिक रूप से इसे केवल जर्मनी कहा जाता है। राइख के इतिहास के तीन अवधियाँ प्रमुख हैं- १ प्रथम राइख या प्राचीन राइख 962–1806 ई २ द्वितीय रा ...

जर्मनी का एकीकरण

मध्य यूरोप के स्वतंत्र राज्यों को आपस में मिलाकर १८७१ में एक राष्ट्र-राज्य व जर्मन साम्राज्य का निर्माण किया गया। इसी ऐतिहासिक प्रक्रिया का नाम जर्मनी का एकीकरण है। इसके पहले यह भूभाग ३९ राज्यों में बंटा हुआ था। इसमें से ऑस्ट्रियाई साम्राज्य तथा ...

फ्रैंकफर्ट पार्लियामेंट

फ्रैंकफर्ट पार्लियामेंट जर्मनी की पहली, सभी के लिए, स्वतन्त्र रूप से चुनी गई, संसद थी। इसका चुनाव ०१ मई १८४८ को हुआ था। इसका सत्र १८ मई १८४८ से ३१ मई १८४८ तक फ्रैंकफर्ट एम मेन में सम्पन्न हुआ। जर्मन कॉनफेडरेशन के राज्यों के भीतर इसका अस्तित्व "मा ...

वर्साय की सन्धि

, फ्रान्स, अमेरिका, रूस आदि) के बीच में हुई थी। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद पराजित जर्मनी ने 28 जून 1919 के दिन वर्साय की सन्धि पर हस्ताक्षर किये। इसकी वजह से जर्मनी को अपनी भूमि के एक बड़े हिस्से से हाथ धोना पड़ा, दूसरे राज्यों पर कब्जा करने की पाबन ...

वाइमर गणराज्य

वाइमर गणराज्य) इतिहासकारों द्वारा जर्मनी की उस प्रतिनिधिक लोकतांत्रिक संसदीय सरकार को दिया हुआ नाम है जिसने जर्मनी में प्रथम विश्वयुद्ध के बाद १९१९ से १९३३ तक शाही सरकार के बदले में कार्यभार संभाला था। इसका नाम उस जगह से पड़ा जहाँ संवैधानिक सदन क ...

तोकुगावा इयासू

तोकुगावा इयासू जापान के तोकुगावा शोगुनराज का संस्थापक एवं प्रथम शोगुन था। इसने १६०० ई के शेकिगहारा युद्ध से लेकर १८६८ में मेजी संस्थापन तक शासन किया।

निंजा

निंजा या शिनोबी मध्यकालीन जापान के उन योद्धाओं को कहा जाता था जो पैसे के लिए हत्या, अपहरण, लूट मार, जजुसी, अंगरक्षक का काम आदि करते थे|निंजा अपने अंधेरे में घात लगाकर हमला करने और युद्ध कला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है| सेंगोकू काल या युद्धरत र ...

मेइजी पुनर्स्थापन

मेइजी पुनर्स्थापन उन्नीसवी शताब्दी में जापान में एक घटनाक्रम था जिस से सन् 1868 में सम्राट का शासन फिर से बहाल हुआ। इस से जापान के राजनैतिक और सामाजिक वातावरण में बहुत महत्वपूर्ण बदलाव आये जिनसे जापान तेज़ी से आर्थिक, औद्योगिक और सैन्य विकास की ओ ...

मैजी

मैजी जापानी: 明治天皇 Meiji-tennō?, 3 नवम्बर 1852 – 30 जुलाई 1912 जापान के १२२वें सम्राट थे। उन्हें मैजी महान के नाम से जाना जाता है। वे 3 फ़रवरी 1867 से अपनी मृत्यु तक 30 जुलाई 1912 तक सम्राट रहे। उनके काल में जापान ने तीव्र गति से विकास किया तथ ...

शोगुन

शोगुन यह एक राजकीय उपाधि थी जो सन् ११९२ से १८६७ तक जापान के सम्राट के महामंत्री या सेनापति को दी जाती थी। यह सैन्य तानाशाह होते थे और अपने वंश चलाते थे। इस काल के जापानी इतिहास को इन्ही शोगुन वंशों के कालों में बांटा जाता है। औपचारिक रूप से जापान ...

समुराई

समुराई जापान के परंपरागत योद्घा वर्ग हैं। ये बुशीदो नामक आचार सन्हिता का पालन करते हैं। बेहद स्वामिभ्क्त होते हैं। अपमान के बजाय मृत्यु को पहला विकल्प देते है। ये झेन धर्म का पालन करते हैं। ‍

2017-तुर्की ने लगाया विकिपीडिया पर प्रतिबंध

तुर्की प्रशासन ने 29 अप्रैल 2017 को ऑनलाइन एन्साइक्लोपीडिया विकिपीडिया पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया। तुर्की सरकार इसे प्रशासनिक कदम बता रही है।. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि प्रतिबंध क्यों लगाया गया था। तुर्की के सूच ...

किजिले, अंकारा

किजिले तुर्की की राजधानी अंकारा के चंकाया क्षेत्र में स्थित एक मौहल्ला है। इसका नाम तुर्की लाल क्रीसेण्ट-चन्द्रमा किजिले देर्नेगी के नाम पर दिया गया है, जिसका मुख्यालय यहां के किजिले स्क्वायर नामक चौक पर ही स्थित है। यहां के हरे भरे गुवेन पार्क म ...

जलालुद्दीन ख्वारिज्म शाह

वह सुलतान मुहम्मद ख्वारिज़्म शाह का ज्येष्ठ पुत्और वंश का अंतिम शासक था। मुहम्मद की मृत्यु के पश्चात् जलालुद्दीन के अन्य भाइयों ने मंगोलों की सहायता से इसके विरुद्ध षड्यंत्र रचा, इसलिये यह भागकर अफगानिस्तान चला गया। गजनी में इसने ६०,००० तुर्को को ...

तुर्की आम चुनाव, 2018

तुर्की आम चुनाव, 2018: तुर्की में नये राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों के लिए 24 जून को मतदान हो गया है। यह चुनाव पिछले डेढ़ दशक से तुर्की में शासन कर रहे श्री रेसेप तैयप एर्दोगन और उनकी इस्लामवादी पार्टी एके के लिए बड़ी चुनौती है। संसदीय चुनाव तुर्क ...

युवा तुर्क आन्दोलन

युवा तुर्क आन्दोलन २०वीं शताब्दी के आरम्भिक दिनों में आरम्भ हुआ एक राजनीतिक सुधार का आन्दोलन था। इसका उद्देश्य उस्मानिया साम्राज्य के पूर्ण राजतंत्र को समाप्त करके वहाँ संवैधानिक राजतंत्र स्थापित करना था। बाद में इस आन्दोलन को एकता और प्रगति समित ...

रूस-तुर्की युद्ध १८७७-७८

सन १८७७-७८ का रूस-तुर्की युद्ध, उस्मानी साम्राज्य तथा रूसी साम्राज्य के नेतृत्व में पूर्वी आर्थोडोक्स समूह के बीच लड़ा गया। पूर्वी आर्थोडॉक्स समूह में बुल्गारिया, रोमानिया, सर्बिया और मॉन्टीनिग्रो थे। इस युद्ध ने १९वीं शताब्दी में बाल्कन राष्ट्रव ...

लीडिया

लीडिया या लुडया ईसा के पूर्व आठवीं सदी में वर्तमान पश्चिमी तुर्की में एक साम्राज्य हुआ करता था जिसे हिन्द-आर्य जाति का माना गया है। इनका प्राचीन ग्रीक लेखों में ज़िक्र मिलता है। छठी सदी ईसा पूर्व के अन्त में इसे फ़ारसी शासकों ने हरा दिया था। सरडि ...

हिट्टी साम्राज्य

हिट्टी साम्राज्य अनातोलिया यानि आज के तुर्की में स्थित एक साम्राज्य ईसापूर्व 1900 में था जो हिन्द-आर्य मूल के लोगों का माना जाता है। इसकी व्याख्या के लिये आर्य प्रवास तथा स्थानांतरण सिद्धांत का सहारा लिया जाता है। असीरियाई लोगों से इन्होंने कीलाक ...

अयुध्या राज्य

अयुध्या या अयुथिया १३५० ई. से १९६७ ई. तक स्याम की राजधानी था। वह मिनाम चो फिया तथा लोयबरी नदियों के संगम पर एक द्वीप में बैंकाक से ४२ मील की दूरी पर स्थित है। परंतु इस समय यहाँ के अधिकांश मनुष्य इस द्वीप के समीप मिनाम चो फिया नदी के किनारे रेलमार ...

चक्री राजवंश

चक्री राजवंश थाईलैण्ड का वर्तमान संवैधानिक राजवंश है। इसकी स्थापना सन् १७८२ ईसवी में राजा राम प्रथम द्वारा की गई थी। इसके वर्तमान राजा भूमिबोल अदुल्यदेज १९४६ से शासन कर रहे हैं।

बुद्ध योद्फ चुललोक

थाईलैंड का आधुनिक काल का राजा। भ्र बुध्ययोत्फा चुलालोक थाई भाषा:พระพุทธยอดฟ้าจุฬาโลก, या राम प्रथम 20 मार्च 1737 – 7 सितम्बर 1809, श्याम थाईलैण्ड के रत्नकोटि राज्य के संस्थापक तथा चक्री राजवंश के प्रथम राजा थे।

राम (थाइलैण्ड के राजा)

थाइलैण्ड के इतिहास के सन्दर्भ में वर्तमान चक्री राजवंश के सभी राजाओं को प्रायः राम कहा जाता है। यह नाम विष्णु के अवतार भगवान राम के नाम से जुड़ा हुआ है। इस प्रकार थाई परम्परा में इस वंश के शासकों को राम प्रथम, राम द्वितीय, राम तृतीय आदि नाम से जा ...

स्याम की १९३२ की क्रांति

सन १९३२ में स्याम में एक रक्तहीन सत्तापलट हुआ जिसे स्याम की क्रान्ति कहते हैं। २०वीं शताब्दी के थाइलैण्ड के इतिहास का यह एक महत्वपूर्ण मोड़ था। यह क्रान्ति लगभग बिना किसी रक्तपात के २४ जून १९३२ को सम्पन्न हुई थी। इसके फलस्वरूप थाईलैण्ड की शासनव्य ...

ऑरेंज रिवर कॉलोनी

ऑरेंज रिवर कॉलोनी यानि ऑरेंज नदी उपनिवेश, अफ़्रीका के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित एक पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश था, जिसे दुसरे बोअर युद्ध में विजय के बाद, अंग्रेजों ने स्थापित किया था। इसे १९०२ में स्थापित किया गया था। १९०१ में दक्षिणी अफ्रीका के अन्य त ...

केप कॉलोनी

केप कॉलोनी यानि केप उपनिवेश, जिसे आम तौपर केप ऑफ़ गुड होप कहा जाता था, अफ़्रीकी महाद्वीप के दक्षिणी छोर पर, वर्त्तमान दक्षिण अफ़्रीका और नामीबिया के स्थान पर स्थित एक ब्रिटिश उपनिवेश था, जिसे अंग्रेज़ों ने नीदरलैंड को हरा कर कब्ज़ा किया था। इसका ...

जर्मन दक्षिण-पश्चिम अफ़्रीका

जर्मन दक्षिण-पश्चिमी अफ़्रीका, १८८४ से १९१५ के बीच दक्षिण पश्चिमी अफ्रीका में विद्यमान, जर्मन साम्राज्य का एक उपनिवेश था। इसका कुल क्षेत्रफल ८,३५,१०० वर्ग किलोमीटर था, जिसके साथ, यह तत्कालीन मुख्यभूमिय जर्मन भूमि से आकार में डेढ़-गुना बड़ा था। वर ...

ट्रांस्वाल उपनिवेश

ट्रांस्वाल कॉलोनी यानि ट्रांस्वाल उपनिवेश, ट्रांस्वाल क्षेत्र के बोध के लिए उपयोग किया जाने वाला एक शब्द था। 1910 में ट्रांस्वाल का दक्षिणी अफ़्रीका के अन्य तीन उपनिवेशों के साथ विलय होकर दक्षिण अफ़्रीकी संघ बना। यह क्षेत्र, दक्षिण अफ्रीका का ट्र ...

त्रांसवाल प्रान्त

त्रांसवाल प्रान्त या ट्रांसवाल प्रान्त सन् १९१० से लेकर १९९४ तक दक्षिण अफ़्रीका का एक प्रान्त था। इस प्रान्त की राजधानी प्रीटोरिया थी और सबसे बड़ा नगर जोहानेस्बर्ग था। १९९४ में अपार्थाइड की समाप्ति हुई और एक नया संविधान लागू हुआ जिसके बाद इस प्रा ...

दक्षिण अफ़्रीकी संघ

दक्षिण अफ़्रीकी संघ यानि यूनियन ऑफ़ साउथ ऍफ़्रिका, वर्त्तमान दक्षिण अफ़्रीका का पुरख राज्य था। इसकी स्थापना, ३१ मई १९१० में, अफ्रीका के दक्षिणी छोपर ष्टिं चार पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश:केप कॉलोनी, नटाल कॉलोनी, ट्रांसवाल उपनिवेश और ऑरेंज रिवर कॉलोनी क ...

नटाल कॉलोनी

नटाल कॉलोनी यानि नटाल उपनिवेश, दक्षिणी अफ्रीका के पूर्वी तट पर स्थित एक ब्रिटिश उपनिवेश था। इसे मई १८४५ में एक ब्रिटिश उपनिवेश के रूप में घोषित किया गया था, जब अंग्रेजों ने नतालिया के बोअर गण पर कब्ज़ा कर बफैलो नदी के दक्षिण के पूरे क्षेत्पर अपना ...

लांग वॉक टू फ्रीडम

लांग वॉक टू फ्रीडम दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला द्वारा लिखित एक आत्मजीवनी है, और जिसे 1995 में लिटिल ब्राउन एंड कंपनी. के द्वारा प्रकाशित किया गया। यह पुस्तक उनकी प्रारंभिक जीवन, जवानी, शिक्षा और 27 वर्ष कि उम्र में हुई ...

काउंटी ऑफ़ फ़्लैंडर्स

द काउंटी ऑफ़ फ़्लैंडर्स नीचले देशों का एक ऐतिहासिक भूभाग था। काउंट्स ऑफ़ फ़्लैंडर्स वर्ष ८६२ के बाद से मध्यकालीन फ़्रान्स के मूल १२ सहयोगियों में से एक था।

डच इस्ट इंडिया कंपनी

वेरऐनिख़्डे ऑव्स्टिडिस्ख़े कोम्पाख़्नी, वीओसी या अंग्रेज़ीकरण यूनाइटेड ईस्ट इंडिया कंपनी नीदरलैंड की एक व्यापारिक कंपनी है जिसकी स्थापना 1602 में की गई और इसे 21 वर्षों तक मनमाने रूप से व्यापार करने की छूट दी गई। भारत आने वाली यह सब से पहली यूरोप ...