ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 424

अफगान रुपया

1925 तक अफगान रुपया अफगानिस्तान की मुद्रा थी। 18 91 से पहले, चांदी के रुपये तांबे के फालस और सोने के मोहर के साथ फैले हुए थे। विभिन्न धातुओं के पास अपने स्वयं के सिक्कों को जारी करने के साथ तीन धातुओं के बीच कोई निश्चित विनिमय दर नहीं थी। 1891 मे ...

अफ़ग़ानिस्तान युद्ध (2001–वर्तमान)

अफ़ग़ानिस्तान युद्ध अफ़ग़ानिस्तानी चरमपंथी गुट तालिबान, अल कायदा और इनके सहायक संगठन एवं नाटो की सेना के बीच सन 2001 से चल रहा है। इस युद्ध का मकसद अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार को गिराकर वहाँ के इस्लामी चरमपंथियों को ख़त्म करना है। इस युद्ध कि ...

अल्प तिगिन

अल्प तिगिन या अल्प तेगिन ९६१ ईसवी से ९६३ ईसवी तक आधुनिक अफ़ग़ानिस्तान के ग़ज़नी क्षेत्र का राजा था। तुर्क जाति का यह राजा पहले बुख़ारा और ख़ुरासान के सामानी साम्राज्य का एक सिपहसालार हुआ करता था जिसने उनसे अलग होकर ग़ज़नी की स्थानीय लवीक नामक शास ...

अहमद शाह मसूद

अहमद शाह मसूद अफ़ग़ानिस्तान के एक राजनैतिक और सैनिक नेता थे। १९७९ से १९८९ तक चलने वाले अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत युद्ध के दौरान वे सोवियत संघ के विरुद्ध लड़ने वाले एक मुख्य व्यक्ति थे और फिर बाद में वे कट्टरपंथी तालिबान के विरुद्ध लड़ने वाले गुटों ...

उत्तरी मित्रपक्ष

अफ़ग़ान उत्तरी मित्रपक्ष, जिसे औपचारिक रूप से अफ़ग़ानिस्तान की मुक्ति के लिए संयुक्त इस्लामी मोर्चा, अफ़ग़ानिस्तान में एक सैनिक मोर्चा था जो १९९६ में काबुल पर तालिबान कट्टरपंथी गुट का क़ब्ज़ा हो जाने के बाद उस का बलपूर्वक विरोध करने के लिए बना था ...

गंदमक की संधि

गंदमक की संधि ब्रिटिश भारत तथा अफ़गान अमीर याकुब ख़ान के बीच सन् 1879 में 26 मई को हुई थी जिसमें ब्रिटिश अफ़गान क्षेत्रों पर और आक्रमण नहीं करने पर सहमत हुआ था जिसके एवज़ में उनको सीमान्त अफ़ग़ान क्षेत्रों पर अधिकार मिल गया। इसके साथ ही याक़ुब ख़ ...

अफ़ग़ानिस्तान गृहयुद्ध (1978–वर्तमान)

′′′अफ़ग़ानिस्तान गृहयुद्ध′′′ 1989 में सोवियत सेना के प्रस्थान के साथ ही अफगानिस्तान में गणतंत्र की स्थापना हुई पर मुजाहिदीनों का आक्रमण जारी रहा। 1992 में मुजाहिदीनों ने सत्ता पर अधिकाकर लिया। 1992-1996 तक मुजाहिदीन सत्ता में तो रहे पर उनके बीच आ ...

तृतीय आंग्ल-अफ़ग़ान युद्ध

तृतीय आंग्ल-अफ़ग़ान युद्ध की परिणति अफ़ग़निस्तान की स्वतंत्रता मे हुई। 1917 की रूस की क्रांति के बाद रूस और ब्रिटेन साथी नही रहे। अफ़ग़ानो ने ब्रिटिश सेना पर अचानक हमला बोल दिया। हलांकि ब्रिटिशों ने हवाई आक्रमण का सहारा लिया और राजा तक के महल पर ...

दोस्त मुहम्मद ख़ान

दोस्त मुहम्मद ख़ान बराकजई राजवंश का संस्थापक और प्रथम एंग्लो-अफगान युद्ध के दौरान अफगानिस्तान के प्रमुख शासकों में से एक था। दुर्रानी राजवंश के पतन के साथ ही वह 1826 से 1839 तक और फिर 1843 से 1863 तक अफ़ग़ानिस्तान का अमीर बना। एक जातीय पश्तून, वह ...

द्वितीय आंग्ल-अफ़ग़ान युद्ध

यह 1878-1880 के बीच अफ़ग़ानिस्तान में ब्रिटेन द्वारा सैन्य आक्रमण को कहते हैं। 1841 में हुई संधि और उसके बाद ब्रिटिश सैनिकों के क़त्ल का बदला लेने और रूस द्वारा अफ़ग़निस्तान में पहुँच बढ़ाने की स्पर्धा में ये आक्रमण आफ़ग़ानिस्तान में तीन स्थानों ...

पहलवी साम्राज्य

पहलवी साम्राज्य, प्राचीन ईरान और ईराक का प्रमुख राजनैतिक और सांस्कृतिक केन्द्र था। इसका संस्थापक पार्थिया का अश्क प्रथम, जो कि पर्णि कबीले का प्रमुख भी था, ने तृतीय शताब्दी ईसा पूर्व में पार्थिया क्षेत्र को जीत कर की थी। मिहर्दत प्रथम ने सेल्युकस ...

प्रथम आंग्ल-अफ़ग़ान युद्ध

प्रथम आंग्ल-अफ़ग़ान युद्ध जिसे प्रथम अफ़ग़ान युद्ध के नाम से भी जाना जाता है, 1839 से 1842 के बीच अफ़ग़ानिस्तान में अंग्रेजों और अफ़ग़ानिस्तान के सैनिकों के बीच लड़ा गया था। इसकी प्रमुख वजह अंग्रज़ों के रूसी साम्राज्य विस्तार की नीति से डर था। आर ...

मैवंद की मलाला

मलाला क़न्दहार के करीब एक जगह मैवंद से सम्बंध रखनेवाली एक पश्तून स्त्री थी | इतिहास में मैवंद-युद्ध के कारण से याद की जाती है क्योंकि मलाला ने पश्तूनों को उस समय प्रोत्साहित किया जब वह अंग्रेज़ सेना के विरुध लड़ रहे थे | युद्ध एक ऐसे समय पर हुआ ज ...

मोहम्मद ज़ाहिर शाह

मोहम्मद ज़ाहिर शाह अफ़ग़ानिस्तान के अंतिम राजा थे जिन्होंने 8 नवंबर 1933 से 17 जुलाई 1973 तक शासन किया। यह काल अफ़ग़ानिस्तान के इतिहास में एक व्यावस्थित काल माना जाता है। इस दौर में उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान का आधुनिकीकरण करने का प्रयास किया। इटली म ...

अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत युद्ध

1979-1989 के बीच सोवियत सेना तथा मुज़ाहिदीन लड़ाकों के बीच लड़ा गया अफ़ग़निस्तानी गृहयुद्ध था। मुज़ाहिदीन, अफ़ग़निस्तान की साम्यवादी सरकार का तख्तापलट करना चाहते थे, जिसे सोवियत रूस का समर्थन प्राप्त था। मुज़ाहिदीन घुसपैठियों को अमेरिका तथा पाक़ि ...

आंग्ल-अफ़ग़ान युद्ध

आंग्ल-अफ़ग़ान युद्ध तीन युद्धों को सम्मिलित रूप से कहा जाता है जिसे पहले सिर्फ अफ़ग़ान युद्ध के नाम से जाना जाता था। पहले अफ़ग़ानिस्तान की लड़ईयां ब्रिटिश राज के खिलाफ हुई थी पर 2001 में अमेरिका तथा उससे पहले 1980 के दशक में सोवियतो के साथ संघर्ष ...

शाह शुजा

शाह शुजा दुर्रानी अफ़ग़ानिस्तान का अमीर था जो दोस्त मुहम्मद ख़ान से हारकर कश्मीर में रहा था। प्रथम आंग्ल अफ़ग़ान युद्ध के बाद अंग्रेज़ों ने उसे अफ़ग़ानिस्तान का शासक फिर से बनाया लेकिन २ साल के भीतर उसकी काबुल में हत्या कर दी गई। इसके बाद दुर्रान ...

हज़ाराजात

हज़ाराजात, जिसे हज़ारिस्तान भी कहा जाता है, हज़ारा लोगों की मध्य अफ़ग़ानिस्तान में स्थित मातृभूमि है। यह हिन्दू कुश पर्वतों के पश्चिमी भाग में कोह-ए-बाबा श्रृंखला में विस्तृत है। उत्तर में बामयान द्रोणी, दक्षिण में हेलमंद नदी, पश्चिम में फिरूज़कु ...

इटली की स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम

इटली की स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम वर्ष 1848 और 1849 में सर्दीनिया राज्य तथा आस्ट्रियाई साम्राज्य के बीच हुआ था।

इत्रस्की सभ्यता

इत्रस्की सभ्यता प्राचीन इटली की एक सभ्यता थी जो पश्चिमोत्तरी इटली में सन् ८०० ईसापूर्व से आरम्भ हुई। लगभग २०० वर्षों तक इसका प्रभुत्व रहा और लगभग सन् ४०० ईसापूर्व के बाद इसके रोमन साम्राज्य में विलय हो जाने के संकेत मिलते हैं। इत्रस्की लोग स्वयं ...

कार्बोनरी

कार्बोनरी इटली में १८०० से १८३१ के बीच सक्रिय गुप्त क्रान्तिकारी समूहों के अनौपचारिक नेटवर्क था। इन्होने फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल, रूस, ब्राजील और उरुग्वे के क्रान्तिकारियों को भी प्रभावित किया। इसकी स्थापना अनाम कान्तिकारियों नें सन 1810 ईस्वी मे ...

रोम मार्च

इटली के तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी की राष्ट्रीय फासिस्ट पार्टी ने २२ से २९ अक्टूबर १९२२ तक काली शर्ट पहनकर एक मार्च निकाला जिसे रोम मार्च कहते हैं। इसी मार्च के परिणामस्वरूप फासिस्ट पार्टी, इटली की सत्ता हथियाने में सफल रही।

अल-हीरा

अल-हीरा मेसोपोटामिया में फ़ुरात नदी के किनारे स्थित एक प्राचीन शहर था। इसके खँडहर अब आधुनिक इराक़ के कूफ़ा शहर से ३ किमी दक्षिण में मिलते हैं। इसकी शुरुआत एक सैनिक छावनी के रूप में हुई थी लेकिन २६६ ईसवी में यह लख़मी राज्य की राजधानी बना।

इराकी गृहयुद्ध (2014-वर्तमान)

इराकी गृहयुद्ध मध्य पूर्व एशिया में चल रहे एक सशस्त्र संघर्ष है। इराकी उग्रवाद एक गृहयुद्ध में उस समय बदल गया जब इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और लेवांत ने फालुजा और मोसुल और उत्तरी इराक के कई प्रमुख क्षेत्रों में अपना कब्ज़ा कर लिया। जिसकी वजह से प्रधा ...

उर, मेसोपोटामिया

उर प्राचीन मेसोपोटामिया में एक महत्वपूर्ण सुमेरियन शहर-राज्य था। यह शहर लगभग 3800 ईसा पूर्व उबायद काल से है, और 26 वीं शताब्दी ईसा पूर्व से शहर का राज्य के रूप में लिखित इतिहास में दर्ज किया गया है, इसका पहला राजा मेसनपेडा था। शहर का संरक्षक देवत ...

ऑपरेशन ओपेरा

ऑपरेशन ओपेरा या ऑपरेशन बेबीलोन एक आकस्मिक इज़राइली हवाई हमला था जो ७ जून १९८१ को हुआ। इस हमलेमें बग़दाद के दक्षिण-पूर्व में १७ किलोमीटर पर स्थित इराक़ के परमाणु भट्ठी ओसिराक को नष्ट कर दिया गया। इस परमाणु भट्ठी के निर्माण में इराक की मदद फ्रांस न ...

ऑपरेशन डायमंड

ऑपरेशन डायमंड, इज़राइल देश के खुफिया विभाग मोसाद द्वारा किया गया एक ऑपरेशन था जिसका लक्ष्य सोवियत संघ निर्मित मिकोयान-गुरेविच मिग-२१ विमान का अधिग्रहण था, जो उस समय का सबसे उन्नत सोवियत लड़ाकू विमान था। यह ऑपरेशन १९६३ के मध्य में शुरू हुआ और १६ अ ...

अय्यार

अय्यार मध्यकालीन इराक़ और ईरान में एक प्रकार के योद्धा को कहते थे। एक ओर इन्हें बहादुर समझा जाता था और युद्धों में इनका प्रयोग किया जाता था लेकिन दूसरी ओर इन्हें आवारा, बदमाश और लफ़ंगा भी समझा जाता था जो शराब और जुए के अड्डों में और वेश्याओं के प ...

अर्दशीर प्रथम

अर्दशीर​ प्रथम या अर्दशीर यकुम ईरान के सासानी साम्राज्य का संस्थापक और प्रथम सम्राट था। यह पहले दक्षिणी फ़ारस प्रान्त के इस्तख़्र​ क्षेत्र का शासक हुआ करता था जिसने पार्थी साम्राज्य के पतन के साथ अपना साम्राज्य बनाया। यह सासानी साम्राज्य ४०० सालो ...

ईलम

ईलम दक्षिण-पश्चिमी ईरान का एक प्राचीन साम्राज्य था जो आज के ख़ुज़ेस्तान प्रांत में केन्द्रित था। इसका काल ईसापूर्व 2700 से ईसापूर्व 640 रहा था जिसका ज़िक्र मेसोपोटामिया के असीरियाई तथा सुमेरी स्रोतों में मिलता है। यह साम्राज्य न तो आर्य था और न ह ...

कम्बुजीय

कंबुजीय प्रथम ईरानी नरेश कुरूष प्रथम का पुत्र था और कम्बुजीय द्वितीय कुरूष द्वितीय का। विख्यात कंबुजीय द्वितीय है। पिता की मृत्यु के पश्चात् इसने उसी की विजयनीति अपनाई और सबसे पहले मिस्र को हस्तगत कर देने के लिए चढ़ाई की। ईरानी सेनाओं के सम्मुख ट ...

कवाध प्रथम

कवाध प्रथम फारस के ससानी वंश का राजा तथा फ़ीरोज का पुत्र था। इसे कवाद, कोबाद या कवात भी कहते हैं। कवाध प्रथम अपने चाचा बलास की जगह गद्दी पर बैठा। कवाध के दीर्घ राज्यकाल का पहला वीरकार्य उन बर्बर खज्रों के विरुद्ध सफल अभियान था जो तुर्की जाति के थ ...

क़ाजार राजवंश

क़ाजार राजवंश तुर्कियाई नस्ल का एक राजघराना था जिसने सन् १७८५ ई॰ से १९२५ ई॰ तक ईरान पर राज किया। इस परिवार ने ज़न्द राजवंश के अंतिम शासक, लोत्फ़ अली ख़ान, को सत्ता से हटाकर सन् १७९४ तक ईरान पर पूरा क़ब्ज़ा जमा लिया। १७९६ में मुहम्मद ख़ान क़ाजार न ...

क्षयार्षा

दारयवौष प्रथम की प्रथम पत्नी की तीन संतानें थी। उनमें ज्येष्ठ आर्तज़ेबीज़ो को उसने उत्तराधिकारी बनाया था। किंतु खब्बास के विद्रोह के समय उसकी दूसरी पत्नी अत्तोस्स कुरूष की कन्या ने अपने ज्येष्ठ पुत्र क्षयार्षा को उत्तराधिकारी मनोनीत करवा दिया। क् ...

खुसरू प्रथम

खुसरू प्रथम कवाध या कोवाद प्रथम का प्रिय पुत्और फारस के ससानीद वंश का सबसे गौरवशाली राजा था। इसे नौशेरवाँ आदिल, नौशेरवाँ या अनुशेरवाँ भी कहते हैं। पश्चिमी लेखकों ने इसे खोसरोज अर्थात् खुसरू और अरबों ने किसरा कहा है।

ख्वारिज्मी साम्राज्य

ख्वारिज्मी राजवंश तुर्की मूल का फारस का सुन्नी मुस्लिम राजवंश था। इस राजवंश ने वृहद ईरान के अधिकांश भाग पर पश्चवर्ती मध्यकाल में शासन किया।

दारा तृतीय

दारा तृतीय या डेरियस तृतीय महान हख़ामनी राजवंश का अंतिम प्रसिद्ध राजा हुआ। वह बहादुऔर दूष्ट प्रकृति का सुयोग्य व्यक्ति था। लेकिन उसे शांति से राज्य करने और अपनी शासकीय योग्यता दिखाने का अवसर न मिल सका। उसके दुर्भाग्य से मैसीडोनिया और यूनान की राज ...

दारा द्वितीय

दारा द्वितीय या डेरियस द्वितीय ई.पू. ४२४ में पारसी सम्राट् जर्क्रसीस द्वितीय को उसके भाई सॉगडियानस ने मार डाला। लेकिन सौगडियानस भी अपने भाई ओकस द्वारा मार डाला गया। ओकस डेरियस द्वितीय या दारा द्वितीय के नाम से गद्दी पर बैठा। उसे डेरियस नोथस भी कह ...

दारा प्रथम

दारा प्रथम या डेरियस प्रथम uš, नव फ़ारसी भाषा: داریوش दरायुस ; इब्रानी: דָּֽרְיָוֶשׁ ‎, दारायावेस ; c. 550–486 ईसा पूर्व) प्राचीन ईरान के हख़ामनी वंश का प्रसिद्ध शासक था जिसे इतिहास में धार्मिक सहिष्णुता तथा अपने शिलालेखों के लिए जाना जाता है। वह ...

नादिर शाह

नादिर शाह अफ़्शार फ़ारस का शाह था और उसने सदियों के बाद क्षेत्र में ईरानी प्रभुता स्थापित की थी। उसने अपना जीवन दासता से आरंभ किया था और फ़ारस का शाह ही नहीं बना बल्कि उसने उस समय ईरानी साम्राज्य के सबल शत्रु उस्मानी साम्राज्य और रूसी साम्राज्य क ...

पहलवी वंश

पहलवी वंश के अन्तर्गत दो राजाओं ने १९२५ से लेकर १९७९) तक शासन किया। ये राजा थे रजा शाह पहलवी तथा उनका पुत्र मोहम्मद रजा शाह पहलवी ।

रुस्तम

रुस्तम फारस का एक विख्यात वीऔर योद्धा था। रुस्तम का समय ईसा की नवीं शती माना जाता है। वह जालजार का पुत्और शाम का पौत्र था। राजा बाहमन से हुई एक लड़ाई में उसकी मृत्यु हुई। जब वह युद्ध पर जानेवाला था तो उसकी स्त्री गर्भवती थी। अभियान पर जाते समय उस ...

सफ़वी वंश

सफ़वी वंश ईरान का एक राजवंश जिन्होने 1502 - 1730 तक राज किया। इस वंश के शासनकाल में पहली बार शिया इस्लाम राजधर्म के रूप में स्थापित हुआ। इसका पतन अफ़गानों के विद्रोहों और उस्मानी साम्राज्य के आक्रमणों के कारण 1720 में हुआ। मुग़ल बादशाह बाबर के भा ...

सासानी साम्राज्य

सासानी ईरान के इतिहास में सबसे प्रभावशाली शासकों में से एक हैं। इनका स्थान ईरान में हख़ामनी वंश के बाद सबसे सशक्त शासक वंशों में गिना जाता है। इनका उदय ईरान के दक्षिण में फ़ार्स में हुआ था - ये वही राज्य है जिसे हख़ामनी शासकों का मूल स्थान माना ज ...

हख़ामनी साम्राज्य

आचमेनिड साम्राज्य "द एम्पायर" 7 वीं शताब्दी ईसा पूर्व तक, फारस के क्षेत्र में फारस के लोग ईरानी पठार के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में बस गए थे, जो उनके दिल का इलाका बन गया था।

कनाडा के आदिवासी

कनाडा के आदिवासी से आशय कनाडा की सीमा के भीतर रहने वाले उन लोगों से है जो वहाँ के मूल निवासी हैं, जिनके पूर्वज हजारों वर्षों से वहाँ के निवासी थे। इनमें मुख्य हैं फर्स्ट नेशन्स, इन्युइट और मेतिस, यद्यपि कनाडा के आदिवासियों को कानूनी दस्तावेजों मे ...

कोरिया का इतिहास

कोरिया, पूर्वी एशिया में मुख्य स्थल से संलग्न एक छोटा सा प्रायद्वीप जो पूर्व में जापान सागर तथा दक्षिण-पश्चिम में पीतसागर से घिरा है । उसके उत्तरपश्चिम में मंचूरिया तथा उत्तर में रूस की सीमाएँ हैं। यह प्रायद्वीप दो खंडों में बँटा हुआ है। उत्तरी क ...

बेकजे

बेकजे या पेकचे एक प्राचीन कोरियाई राज्य था जो दक्षिण-पूर्वी कोरिया में स्थित था। यह १८ ईसापूर्व से ६६० ईसवी तक अस्तित्व में रहा। गोगुरयेओ और सिल्ला के साथ यह प्राचीन कोरिया के तीन राज्यों में से एक था। बेकजे राज्य की स्थापना गोगुरयेओ राज्य के संस ...

यी सुन सिन

यी सुन सिन एक कोरियाई नौसेना के कमांडर था। उसकी जीत के लिए विख्यात जापानी नौसेना के खिलाफ कोरिया जापानी आक्रमण में के दौरान Joseon राजवंश. Samdo Sugun Tongjesa हंगुल का उनका शीर्षक, शाब्दिक "तीन के नौसेना कमांडर अर्थ प्रांतों "का संचालन हाथ के कम ...

सिल्ला

सिल्ला एक प्राचीन कोरियाई राज्य था जो पूर्वी कोरियामें स्थित था। यह ५७ ईसापूर्व से ९३५ ईसवी तक अस्तित्व में रहा और इसमें एशिया के सबसे दीर्घ समय तक चलने वाले राजवंशों में से एक था। गोगुरयेओ और बेकजे के साथ यह प्राचीन कोरिया के तीन राज्यों में से ...