ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 393

राघव बहल

राघव बहल एक भारतीय व्यापारी हैं, टीवी 18 भारत सहित कई टेलीविजन चैनलों के अपने स्वामित्व के लिए इन्हें जाना जाता है। यह रिलायंस समूह के अधिकरण से पहले नेटवर्क 18 के संथापक / नियंत्रित शेयरधारक और नेटवर्क 18 समूह के प्रबंध निदेशक थे। राघव ने नेटवर् ...

सिटी केबल

सिटी केबल लिमिटेड के रूप में) भारत की एक मल्टी सिस्टम ऑपरेटर है जो सुभाष चंद्रा के स्वामित्व में है। यह भारत के प्रमुख शहरों जैसे:दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, बंगलौर, हैदराबाद, विजयवाड़ा, इंदौर, पटना आदि में डिजिटल केबल टीवी सेवाएं देती है। इस कंपनी क ...

बिग बॉस तेलुगू

बिग बॉस तेलुगू रियलिटी टीवी कार्यक्रम बिग बॉस का तेलुगू संस्करण है जो स्टार मा में प्रसारित होता है। बिग बॉस तेलगू का पहला सत्र 16 जुलाई 2017 को स्टार मा पर लॉन्च किया गया था। जूनियर एनटीआर शो की मेजबानी करते है। शो का पहला सीजन लोकप्रिय हो गया औ ...

द ब्रदरहुड वृत्तचित्र

द ब्रदरहुड एक भारतीय डॉक्यमेंट्री फिल्म है। जिसका निर्माण एवं निर्देशन वरिष्ठ पत्रकार पंकज पाराशर ने किया है। यह वृत्तचित्र जनपद गौतमबुद्ध नगर के बिसाहड़ा गांव में अखलाक नामक व्यक्ति की हत्या एवं उसके उपरांत उत्पन्न सांप्रदायिक वैमन्स्यता पर आधार ...

गोवा

गोवा या गोआ, क्षेत्रफल के अनुसार से भारत का सबसे छोटा और जनसंख्या के अनुसार चौथा सबसे छोटा राज्य है। पूरी दुनिया में गोवा अपने सुन्दर समुद्र के किनारों और प्रसिद्ध स्थापत्य के लिये जाना जाता है। गोवा पहले पुर्तगाल का एक उपनिवेश था। पुर्तगालियों न ...

देव, बिहार

देव प्रखण्ड, का एक शहर देव, देव औरंगाबाद, बिहार, Deo या केवल देव, बिहार भारत के बिहार राज्य के अन्तर्गत मगध मण्डल के औरंगाबाद जिले देव प्रखण्ड का एक शहर है। एक छोटा सा शहर है जो औरंगाबाद, बिहार में स्थित है। यह देव सूर्य मंदिर या यूँ कहें देवार्क ...

भारत के सात आश्चर्य

विश्व की सबसे शानदार मानव-निर्मित और प्राकृतिक चीजों को सूचीबद्ध करने के लिए विश्व के सात आश्चर्य की कई सूचियां बनाई गयी हैं। लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया समाचार पत्र ने के पहचाने गए 20 प्राचीन तथा मध्यकालीन स्थलों में से सात महान आश्चर्यों के चुनाव के ...

भारत में धार्मिक पर्यटन

भारत में धार्मिक पर्यटन से तात्पर्य भारत में स्थित विभिन्न धर्मस्थलों से है। भारत एक विविधताओं से भरा देश है और यहाँ कई धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं। विभिन्न धर्मों से संबंधित विभिन्न स्थान, शहर या इमारतें भारत भर में विद्यमान हैं, जो कि मात्र ध ...

हालोंग की खाड़ी

हालोंग की खाड़ी यूनेस्को की एक विश्व धरोहर स्थल है, और वियतनाम के क्वैंग नन्ह प्रान्त में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। हालोंग नाम का अर्थ है "अवरोही ड्रैगन"। प्रशासनिक रूप से, खाड़ी हालोंग शहर, कम फ़ा, शहर के अंतर्गत आता है, और वान डोन ज़िला का एक ...

ईहामृग

संस्कृत नाटक दो प्रकार के होते हैं: रूपक तथा उपरूपक। रूपक के दस भेद हैं जिसमें से ईहामृग एक है। ईहामृग में दर्शकों का मनोरंजन इसके मस्तिष्क को झकझोर देने वाले कथानक से होता है। धनंजय के अनुसार ईहामृग का कथानक मिश्रित कुछ ऐतिहासिक और कुछ उत्पाद्य ...

उपजाति (छन्द)

उपजाति एक संस्कृत छन्द है। उपजाति मुद्रण ई-मेल जिस छन्द में कोई चरण इन्द्रवज्रा का हो और कोई उपेन्द्रवज्रा का, उसे उपजाति छन्द कह्ते हैं । इसका लक्षण और उदाहरण पद्य में देखिए: अनन्तरोदीरितलक्ष्मभाजौ पादौ यदीयावुपजातयस्ताः । इत्थं किलान्यास्वपि मि ...

औचित्यवाद

भारतीय काव्यशास्त्र में आचार्य अभिनवगुप्त के शिष्य क्षेमेंद्र ने अपनी कृति "औचित्यविचारचर्चा" में रससिद्ध काव्य का जीवित या आत्मभूत औचित्य तत्व को घोषित कर एक नए सिद्धांत की स्थापना की थी, जो औचित्यवाद के नाम से प्रसिद्ध है। क्षेमेंद्र की इस उद्भ ...

पाश्चात्य काव्यशास्त्र

पाश्चात्य काव्यशास्त्र के उद्भव के साक्ष्य ईसा के आठ शताब्दी पूर्व से मिलने लगते हैं। होमर और हेसिओड जैसे महाकवियों के काव्य में पाश्चात्य काव्यशास्त्रीय चिंतन के प्रारम्भिक बिंदु मौजूद मिलते हैं। ईसापूर्व यूनान में वक्तृत्वशास्त्रियों का काफ़ी म ...

रसिकप्रिया

रसिकप्रिया यह आचार्य केशवदास की प्रसिद्ध रचना है। काव्यशास्त्र में रसविवेचन का प्रमुख स्थान है, इस दृष्टि से केशव ने इस ग्रंथ में रस का विशद वर्णन किया है। इसमें कुल १६ प्रकाश हैं। शृंगार रस चूँकि रसराज माना गया है, इसलिये मंगलाचरण के बाद प्रथम प ...

लोल्लट

आचार्य अभिनवगुप्त ने "अभिनवभारती" में लोल्लट का उल्लेख भरतमुनि के नाट्यसूत्र के मान्य टीकाकार आचार्य के रूप में किया है। भरत के रसपरक सिद्धांत की व्याख्या करनेवाले सर्वप्रथम विद्वान् लोल्लट ही हैं। रसनिष्पत्ति के सबंध में इनका स्वतंत्र मत साहित्य ...

शौद्धोदनि

आचार्य शौद्धोदनि काव्यशास्त्र के आचार्य थे। वे बौद्ध थे। काव्यलक्षण पर उनका प्रसिद्ध कथन है कि- काव्यं रसादिमद्वाक्यं श्रुतं सुखविशेषकृत् अलंकारशेखर

हरिवंशराय बच्चन-प्रतीक्षा

प्रतीक्षा हरिवंशराय बच्चन मधुर प्रतीक्षा ही जब इतनी, प्रिय तुम आते तब क्या होता? मौन रात इस भांति कि जैसे, कोई गत वीणा पर बज कर, अभी-अभी सोई खोई-सी, सपनों में तारों पर सिधर और दिशाओं से प्रतिध्वनियाँ, जाग्रत सुधियों-सी आती हैं, कान तुम्हारे तान क ...

पर्सेपोलिस

पर्सेपोलिस, आक्मेनीड साम्राज्य की औपचारिक राजधानी थी। पर्सेपोलिस, आधुनिक इरान के फार्स प्रान्त के वर्तमान शहर शिराज़ के 70 km पूर्वोत्तर में स्थित है। समकालीन फारसी में इस स्थान को तख़्त-ए जमशीद तथा पारसेह के नाम से जाना जाता है। पर्सेपोलिस के सब ...

अल हम्रा

अल हम्रा स्पेन के ग्रानादा शहर में स्थित एक ऐतिहासिक महल और क़िला है। यह मूल रूप में 889 में एक छोटे किले के तौपर बनाया गया था पर इसका कोई ख्याल न रखा गया। फिर 11वीं सदी के मध में ग्रानादा एमिरात के मूर मूल के आमिर महंमद बिन अल-अहमार ने इसका मौजू ...

गोबिंदगढ़ किला

गोबिंदगढ़ किला एक ऐतिहासिक सैन्य किला हैं भारतीय राज्य पंजाब के अमृतसर शहर के बीच में स्थित है। इस किले का निर्माण इस्वीसन १७०० की सदी अथवा इअससे भी पूर्व हुआ था।

लीड्स कैसल

इंग्लैंड में मैडस्टोन, कैंट में यह कैसल ९०० वर्षों से अधिक पुराना है। इस कैसल के चारों ओर नहर है। इस कैसल ने राजा हेनरी अष्टम की खूब मेजबानी की है। इसे इंग्लैंड के सबसे लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों में से एक माना जाता है। इस कैसल के लिए १९२६ में बोली ...

सबलगढ़ किला

मुरैना के सबलगढ़ नगर में स्थित यह किला मुरैना से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है। मध्यकाल में बना यह किला एक पहाड़ी के शिखर बना हुआ है। इस किले की नींव सबल सिंह तोमर ने डाली थी जबकि करौली के महाराजा गोपाल सिंह जादौन ने 18वीं शताब्दी में इसे पूरा क ...

करेंसी बिल्डिंग, कोलकाता

करेंसी बिल्डिंग, एक शानदार तीन मंजिला इमारत है, जिसे इतालवी वास्तु शैली में डिजाइन किया गया है। यह कोलकाता के डलहौज़ी स्क्वायर में स्थित है। इमारत को 1833 में पहले पहल आगरा बैंक लिमिटेड के कार्यालय के रूप में बनाया गया था, लेकिन जब सरकार ने 1868 ...

काल कोठरी की घटना

काल कोठरी नामक घटना पश्चिम बंगाल की एक घटना है, जो स्वतंत्रता पूर्व काल की है।ऐसा माना जाता है कि, बंगाल के नवाब ने 146 अंग्रेज़ बंदियों, जिनमें स्त्रियाँ और बच्चे भी सम्मिलित थे, को एक 18 फुट लंबे, 14 फुट 10 इंच चौड़े कमरे में बन्द कर दिया था। 2 ...

कॉलेज स्ट्रीट कॉफी हाउस

कॉलेज स्ट्रीट कॉफी हाउस प्रेसिडेंसी कॉलेज के सामने स्थित कोलकाता का एक विख्यात काफ़ीघर है। यह प्रेसिडेंसी कॉलेज और कलकत्ता विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों और कोलकाता की अन्य मशहूर हस्तियों के मिलने-जुलने का एक लोक-प्रिय स्थल माना जाता है। कल ...

कोलकाता नगर निगम

कोलकाता नगर निगम कोलकाता शहर के नागरिक प्रशासन एवं संरचना के लिए उत्तरदायी है। इसका लघु नाम के.एम.सी है। यह निगम षर का १८५ वर्ग किलोमीटर का अनुरक्षण करता है। इसका आदर्श वाक्य, पुरोश्री बिबर्धन, इसके चिह्न पर बांग्ला लिपि में अंकित है। के.एम.सी के ...

ग्रैंड होटल कोलकाता

ग्रैंड होटल या ग्रांड होटल, जिसे अब ओबेरॉय ग्रैंड के नाम से जाना जाता है, जवाहरलाल नेहरु रोड पर कोलकाता की के हृदय में स्थित है। यह अंग्रेजी काल की एक सर्वसज्जित और विशालकाय इमारत है जोकि कोलकाता में बहुत प्रसिद्ध भी है। इस होटल को ओबेरॉय चैन ऑफ़ ...

टाउन हॉल, कोलकाता

टाउन हॉल, कोलकाता स्थित एक इमारत है जिसका निर्माण 1813 में वास्तुकाऔर अभियंता मेजर-जनरल जॉन गारस्टिन द्वारा किया गया था। रोमन डोरिक शैली में निर्मित इस इमारत के निर्माण में कुल 700.000 रुपये खर्च हुए थे, जिनकी उगाही एक लॉटरी के माध्यम से की गयी थ ...

टीपू सुल्तान मस्जिद

टीपू सुल्तान शाही मस्जिद कोलकता, भारत की एक प्रसिद्ध मस्जिद है। 185 धर्मातल्ला स्ट्रीट पर स्थित, मस्जिद वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत का अवशेष है। सामान्य इस्लामिक संस्कृति के विपरीत, समाज और धर्मों के सभी वर्गों के लोग इस ऐतिहासिक परिसर की तस्व ...

प्रधान डाकघर, कोलकाता

प्रधान डाकघर, कोलकाता शहर का केन्द्रीय और पश्चिम बंगाल का मुख्य डाकघर है। यह डाकघर कोलकाता शहर की अधिकांश आने व जाने वाली डाक और पार्सलों को संभालता है। यह बी.बी.डी. बाग क्षेत्र में नेताजी सुभाष रोड पर स्थित है। जीपीओ की भव्य संरचना इसे शहर के प् ...

राइटर्स बिल्डिंग

राइटर्स बिल्डिंग), जिसे संक्षेप में अक्सर सिर्फ राइटर्स कहा जाता है, भारत के राज्य पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार के सचिवालय की इमारत है। यह पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित है। 4 अक्टूबर 2013 तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का कार्यालय इसी ...

राजभवन (पश्चिम बंगाल), कोलकाता

राजभवन कोलकाता भारत के पश्चिम बंगाल राज्य के राज्यपाल का आधिकारिक आवास है। यह राज्य की राजधानी कोलकाता में स्थित है। जगदीप धनखड़ राज्य के वर्तमान राज्यपाल हैं।

विद्यासागर सेतु

विद्यासागर सेतु हुगली नदी पर कोलकाता से हावड़ा को जोड़ता हुआ सेतु है। यह सेतु टोल ब्रिज है, किंतु साइकिलों के लिए निःशुल्क है। यह अपने प्रकार के सेतुओं में भारत में सबसे लंबा और एशिया के सबसे लंबे सेतुओं में से एक है। इस सेतु का नाम उन्नीसवीं शता ...

काला ताज महल

काला ताज महल काले पत्थरों के साथ बना एक काल्पनिक मकबरा है जिसके बारे में कहा जाता है कि यह यमुना की दूसरी तरफ ताज महल के सामने बनाया जाना था। माना जाता है कि मुगल बादशाह शाह जहाँ ने अपनी तीसरी बीवी मुमताज़ महल की तरह अपने लिए भी एक मकबरा बनाने की ...

ताज महल - भोपाल

भोपाल स्थित ताजमहल का निर्माण बेगम के निवास स्थल के रूप में किया गया था इसकी लागत 3.00.000 रुपए थी और यह 13 वर्ष में बनकर तैयार हुआ था सन 1871 से लेकर 1884 तक यह उस समय के सबसे बड़े महलों में से एक था। इस महल का शुरूआती नाम राजमहल था लेकिन भोपाल ...

पर्चिनकारी

पीट्रा ड्यूरे, एक ऐतिहासिक कला है। इसमें उत्कृष्ट पद्धति से कटे, व जड़े हुए, तराशे हुए एवं चमकाए हुए रंगीन पत्थरों के टुकड़ो से पत्थर में चित्रकारी की जाती है। यह सजावटी कला है। इस कार्य को, बनने के बाद, एकत्र किया जाता है, एवं अधः स्तर पर चिपकाय ...

शाह जहाँ

शाह जहाँ पांचवे मुग़ल शहंशाह था। शाह जहाँ अपनी न्यायप्रियता और वैभवविलास के कारण अपने काल में बड़े लोकप्रिय रहे। किन्तु इतिहास में उनका नाम केवल इस कारण नहीं लिया जाता। शाहजहाँ का नाम एक ऐसे आशिक के तौपर लिया जाता है जिसने अपनी बेग़म मुमताज़ बेगम ...

गोथिक कला

गोथिक कला मध्ययुगीन यूरोपीय वास्तु की एक शैली जो १२वीं शती के मध्य में फ्रांस में जन्मी। यह रोमनेस्क वास्तुकला से उद्भूत हुई। यह सम्पूर्ण पश्चिमी यूरोप में फैली किन्तु ऐल्प्स के दक्षिण में इसका प्रभाव कम रहा। इसने इटली के क्लासिक शैली को अधिक प्र ...

गूगूश

गूगूश, जिनका असली नाम फ़ाएग़ेह आतशीन है, एक प्रसिद्ध ईरानी गायिका व अभिनेत्री हैं। वे ईरानी पॉप संगीत में अपने दिए योगदानों के लिए जानी जाती हैं लेकिन उन्होनें १९५०-१९८० काल में कई ईरानी फ़िल्मों में भी अदाकारी की थी। वे ईरान और मध्य एशिया की सबस ...

पश्चिम की यात्रा

पश्चिम की यात्रा चीनी साहित्य के चार महान प्राचीन उपन्यासों में से एक है। इसका प्रकाशन मिंग राजवंश के काल में सन् 1590 के दशक में बेनाम तरीक़े से हुआ था। बीसवी सदी में इसकी लिखाई और अन्य तथ्यों की जाँच करी गई और इसे लिखने का श्रेय वू चॅन्गॅन नामक ...

बेब्लेड

बेब्लेड जापानी कार्टून धारावाहिक है। इसका निर्माण टकाओ अओकी ने बेब्लेड नामक खिलौने के प्रचार के लिए किया था। यह धारावाहिक मूल रूप से कोरोकोरो के पुस्तक पर आधारित है।

थांका चित्रकला

थांका चित्रकला भारतीय, नेपाली तथा तिब्बती संस्कृति की अनुकाम मिसाल है। इस के माध्यम से तिब्बती धर्म, संस्कृति एवं दार्शनिक मूल्यों को अभिव्यक्त किया जाता रहा है। इस का निर्माण सामान्यत: सूती वस्त्र के धुले हुए काटल कार किया जाता है।

अरंडा लोग

अरंडा, जिन्हें विकृत रूप से अंग्रेज़ी में अरेंटे कहते थे, ऑस्ट्रेलिया के नॉर्थर्न टेरिटरी क्षेत्र में ऐलिस स्प्रिंग्स इलाक़े पर केन्द्रित एक ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी समुदाय है। इनकी मूल भाषा भी अरंडा कहलाती है।

नूंगार लोग

नूंगार या नूंगा ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया राज्य के दक्षिणपश्चिम कोने में केन्द्रित एक ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी समुदाय है। इनकी मूल भाषा भी नूंगार कहलाती है।

आर्मीनिया की संस्कृति

401 एडी के आसपास अर्मेनिया में साहित्य शुरू हुआ। साहित्यिक कलाओं का बहुमत 5 वीं शताब्दी में खोरेन के मूसा ने बनाया था। वर्षों के दौरान साहित्य के तत्व बदल गए हैं क्योंकि कहानियों और मिथकों को पीढ़ियों के माध्यम से पारित किया गया था। 17 वीं शताब्द ...

इलाहाबाद की संधि

इलाहाबाद की प्रथम सन्धि, राबर्ट क्लाइव तथा मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय के बीच में १२ अगस्त १७६५ में हुई थी। यह संधि बंगाल के इतिहास में एक युगान्तकारी घटना थी क्योंकि कालान्तर में इसने उन प्रशासकीय परिवर्तनों की पृष्ठभूमि तैयाकर दी जिससे ब्रिटिश ...

कर्नाटक युद्ध

Harsh saini साँचा:Campaignbox Second Carnatic War साँचा:Campaignbox Seven Years War कर्नाटक युद्ध Karnatic Wars भारत में इंग्लैंड औ्र फ्रांस के बीच १८वीं शताब्दी के मध्य में अपने बर्चस्व स्थापना की कोशिशों को लेकर हुआ युद्ध है। ब्रिटेन औ्र फ्रांस ...

चुआड़ विद्रोह

झारखंड के आदिवासियों ने रघुनाथ महतो के नेतृत्व में ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ जंगल, जमीन के बचाव तथा नाना प्रकार के शोषण से मुक्ति के लिए 1769 में जो आन्दोलन आरम्भ किया उसे चुआड़ विद्रोह कहते हैं। यह आन्दोलन 1805 तक चला। स्थानीय आदिवासी लोगों को ...

झाँसी की रानी रेजिमेंट

झाँसी की रानी रेजिमेंट आज़ाद हिन्द फ़ौज की एक महिला रेजिमेंट थी, जो १९४२ में भारतीय राष्ट्रियावादियो द्वारा दक्षिण-पूर्व एशिया में जापानी सहायता से औपनिवेशिक भारत को ब्रिटिश राज से आज़ादी दिलवाने के उद्देश्य से बनायी गयी थी। लक्ष्मी स्वामीनाथन के ...

पण्डारी

पिंडारी दक्षिण भारत के युद्धप्रिय पठान सवार थे। उनकी उत्पत्ति तथा नामकरण विवादास्पद है। वे बड़े कर्मठ, साहसी तथा वफादार थे। टट्टू उनकी सवारी थी। तलवाऔर भाले उनके अस्त्र थे। वे दलों में विभक्त थे और प्रत्येक दल में साधारणत: दो से तीन हजार तक सवार ...