ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 365

ग़बन (उपन्यास)

ग़बन के अन्य अर्थों के लिए ग़बन का लेख देखें । गबन प्रेमचंद द्वारा रचित उपन्यास है। ‘निर्मला’ के बाद ‘गबन’ प्रेमचंद का दूसरा यथार्थवादी उपन्यास है। कहना चाहिए कि यह उसके विकास की अगली कड़ी है। ग़बन का मूल विषय है - महिलाओं का पति के जीवन पर प्रभा ...

गीतारहस्य

गीतारहस्य नामक पुस्तक की रचना लोकमान्य बालगंगाधर तिलक ने माण्डले जेल में की थी। इसमें उन्होने श्रीमदभगवद्गीता के कर्मयोग की वृहद व्याख्या की। उन्होंने इस ग्रन्थ के माध्यम से बताया कि गीता चिन्तन उन लोगों के लिए नहीं है जो स्वार्थपूर्ण सांसारिक जी ...

गोदान (उपन्यास)

यह प्रेमचंद द्वारा लिखित उपन्यास संबंधी लेख है। गोदान संबंधी अन्य लेखों के लिए देखें - गोदान गोदान, प्रेमचन्द का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण उपन्यास माना जाता है। कुछ लोग इसे उनकी सर्वोत्तम कृति भी मानते हैं। इसका प्रकाशन १९३६ ई० में हिन्दी ग्रन्थ र ...

चक्रव्यूह- कविता संग्रह

कुँवर नारायण का पहला कविता-संग्रह चक्रव्यूह है, इस संग्रह से कवि का रंगप्रवेश भले ही हो रहा हो, वे प्रशंसनीय धीरता और खासी कुशलता से मंच पर अवतरित होते हैं। इन कविताओं के माध्यम से कवि के मानस और व्यक्तित्व की जो झलक दिखती है, वह पाठक में और भी ज ...

चतुरी चमार

चतुरी चमार भारत के महान हिन्दी कवि और रचनाकार पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला द्वारा रचित कहानी संग्रह है। निराला जी की यह रचना मानव-निर्मित जाति-भेद पर आधारित ऊंच-नीच की विडम्बना से सतायी गयी निम्न जाति में आत्म-सम्मान की नयी चेतना के प्रादुर् ...

तीसरा सप्तक

तीसरा सप्तक अज्ञेय द्वारा संपादित नई कविता के सात कवियों की कविताओं का संग्रह है। इसमें कुँवर नारायण, कीर्ति चौधरी, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, मदन वात्स्यायन, प्रयाग नारायण त्रिपाठी, केदारनाथ सिंह और विजयदेवनरायण साही की रचनाएँ संकलित हैं। इसका प्रक ...

द डबल हेलिक्स

जेम्स डी. वाटसन और फ्रांसिस क्रिक ने डी.एन.ए. की बनावट का पता लगाया था। इन दोनो और मॉरिस विल्किंस को १९६२ में इस कार्य के लिये नोबल पुरुस्कार मिला। यह बनावट का पता उन्से किया, इसी का वर्णन वाटसन ने द डबल हेलिक्स The Double helix पुस्तक में लिखा ह ...

द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर

द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर शांतनु गुप्ता द्वारा रचित तथा ब्लूम्सबरी प्रकशन संस्था द्वारा प्रकाशित एक् पुस्तक है। इसमें उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की जीवनी है। किताब में एक संन्यासी के मुख्यमंत्री बनने के सफ़र का उल्लेख है। इ ...

द वंडर दैट वाज़ इण्डिया

द वंडर दैट वाज़ इण्डिया: अ सर्वे ऑफ़ कल्चर ऑफ़ इण्डियन सब-कांटिनेंट बिफ़ोर द कमिंग ऑफ़ द मुस्लिम्स, भारतीय इतिहास से सम्बन्धित एक प्रसिद्ध पुस्तक है जिसकी रचना १९५४ में आर्थर लेवेलिन बाशम ने की थी। यह पुस्तक पशिमी जगत के पाठकों को लक्षित करके लिख ...

द स्टोरी ऑफ़ माय लाइफ़

द स्टोरी ऑफ़ माय लाइफ़ पहली बार वर्ष १९०३ में प्रकाशित हेलेन केलर की आत्मकथा है जो उनके प्रारम्भिक जीवन के बारे में और विशेषतः ऐनी सुलिवन के साथ उनके अनुभवों का विवरण देती है। इसके कुछ हिस्से विलियम गिब्सन के १९५७ के प्लेहाउस ९० निर्माता, १९५९ के ...

दुर्गादास (उपन्यास)

दुर्गादास एक उपन्यास है जो एक वीर व्यक्ति दुर्गादास राठौड़ के जीवन पर मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित है। इसे एक वीर गाथा भी कह सकते हैं जिससे हमें कई सीख मिलती है। यह बाल साहित्य के अंतर्गत आता है तथा इसके मुख्य प्रकाशक भारतीय ज्ञानपीठ है। इसमें बता ...

दूसरा सप्तक

दूसरा सप्तक सात कवियों का संकलन है जिसका संपादन अज्ञेय द्वारा 1949 में तथा प्रकाशन 1951 में भारतीय ज्ञानपीठ से हुआ। दूसरा सप्तक में भवानी प्रसाद मिश्र, शकुन्तला माथुर, हरिनारायण व्यास, शमशेर बहादुर सिंह, नरेश मेहता, रघुवीर सहाय एवं धर्मवीर भारती ...

नरेन्द्र कोहली के उपन्यास

हिन्दी उपन्यास के विकास में नरेन्द्र कोहली का योगदान गुणात्मक भी है और मात्रात्मक भी. उन्होंने ऐतिहासिक उपन्यास भी लिखे, सामाजिक उपन्यास भी और पौराणिक उपन्यास भी. पौराणिक उपन्यास का वर्ग तो उनके लेखन के बाद ही हिन्दी साहित्य में एक पृथक वर्गीकरण ...

नीम का पेड़

नीम का पेड़ दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित होने वाला एक टीवी धारावाहिक था जिसका प्रसारण वर्ष 1991 में शुरू हुआ। यह धारावाहिक हिंदी लेखक राही मासूम रज़ा के लिखे इसी नाम के उपन्यास पर आधारित था जिसके निर्देशक गुरबीर सिंह ग्रेवाल थे और निर्म ...

परख

जैनेंद्र कुमार की सर्वप्रथम औपन्यासिक कृति परख का प्रकाशन सन 1929 में हुआ। सत्यधन, कट्टो, बिहारी और गरिमा नामक पात्र-पात्रियों के चरित्पर आधारित यह मनोवैज्ञानिक कथा अप्रत्यक्ष रूप से विधवा विवाह की समस्या से संबंध रखती है, जो भारतेंदुयुगीन औपन्या ...

परीक्षा गुरू (हिन्दी का प्रथम उपन्यास)

लाला श्रीनिवास कुशल महाजन और व्यापारी थे। अपने उपन्यास में उन्होंने मदनमोहन नामक एक रईस के पतन और फिर सुधार की कहानी सुनाई है। मदनमोहन एक समृद्ध वैश्व परिवार में पैदा होता है, पर बचपन में अच्छी शिक्षा और उचित मार्गदर्शन न मिलने के कारण और युवावस् ...

बिल्लेसुर बकरिहा

बिल्लेसुर बकरिहा भारत के महान कवि एवं रचनाकार सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का एक व्यंग उपन्यास है। निराला के शब्दों में ‘हास्य लिये एक स्केच’ कहा गया यह उपन्यास अपनी यथार्थवादी विषयवस्तु और प्रगतिशील जीवनदृष्टि के लिए बहुचर्चित है। बिल्लेसुर एक गरीब ...

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त, ब्रह्मगुप्त की प्रमुख रचना है। यह संस्कृत मे है। इसकी रचना सन ६२८ के आसपास हुई। ध्यानग्रहोपदेशाध्याय को मिलाकर इसमें कुल पचीस अध्याय हैं। यह ग्रन्थ पूर्णतः काव्य रूप में लिखा गई है। ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त का अर्थ है - ब्रह्म ...

भारत की सांस्कृतिक कहानी (गद्य)

भारत की सांस्कृतिक कहानी रामधारी सिंह दिनकर की बच्चों के लिए लिखी गई गद्य रचना है। इसका प्रकाशन पहली बार १९५५ में हुआ। साँचा:रामधारी सिंह दिनकर की कृतियाँ

भाषा शिक्षण

भाषा शिक्षण के प्रथम संस्करण में भूमिका रूप में वर्णित अपने वक्तव्य में रवीन्द्रनाथ भाषा शिक्षण का परिचय देते हुए लिखते हैं कि- "भाषा शिक्षण के मूल में भाषा व्यवहाऔर भाषिक कौशल होते हैं स्वयं भाषा की अपनी संरचना या प्रकृति नहीं ।"

मंगलसूत्र (उपन्यास)

मंगलसूत्र में एक साहित्यिक के जीवन की समस्या गयी है। इसी दृष्टि से यह उपन्यास प्रेमचंद्र के अन्य उपन्यासों से भिन्न है। इसके चार अध्यायों में देव साहित्य-साधना में अपना जीवन व्यतीत करते हैं। उन्हें कुछ व्यसन भी लगे हुए हैं। इन दोनों कारणों से उनक ...

महाभारत (निराला की रचना)

महाभारत हिन्दी विकिपीडिया पर महाभारतम् विकिस्रोत पर Mahābhārata अंग्रेज़ी विकिपीडिया पर महाभारतं संस्कृत विकिपीडिया पर Mahabharat अंग्रेज़ी विकिस्रोत पर महाभारतम् संस्कृत विकिपुस्तक पर

महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण

महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण रामविलास शर्मा द्वारा लिखित हिंदी की आलोचनात्मक कृति है। १५ अगस्त १९७६ को इस पुस्तक की भूमिका लिखी गई थी। हिंदी नवजागरण में द्विवेदी जी की भूमिका को अहम मानते हुए रामविलास शर्मा लिखते हैं कि- "द्विवेदी जी ...

महासमर

महासमर कालजयी कथाकार एवं मनीषी डॉ॰ नरेन्द्र कोहली का सर्वाधिक प्रसिद्ध महाकाव्यात्मक उपन्यास. हिन्दी साहित्य की सर्वप्रसिद्ध रचनाओं में अग्रगण्य. महाभारत पर आधारित कथानक. आधुनिक जीवनदृष्टि. चार हज़ार पृष्ठों का फैलाव. आठ खंड. आधुनिक हिन्दी साहित् ...

मानसरोवर (कथा संग्रह)

मानसरोवर झील के बारे में जानने के लिए यहां जाएं -मानसरोवर मानसरोवर कथा संग्रह प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानियों का संकलन है। उनके निधनोपरांत मानसरोवर नाम से ८ खण्डों में प्रकाशित इस संकलन में उनकी दो सौ से भी अधिक कहानियों को शामिल किया गया है। कॉ ...

माय लाइफ (पुस्तक)

द स्टोरी ऑफ माय लाइफ अमेरिका की प्रसिद्ध लेखिका हेलेन केलर द्वारा लिखित एक आत्मकथा है। इस पुस्तक में वर्तमान में महिलाओं की शिक्षा और उनके सशक्तिकरण का सवाल हमारे देश में अब भी बना हुआ है। ऐसे में हेलन किसी के लिए भी प्रेरणा हो सकती हैं। हेलन केल ...

मिर्च का मज़ा (कविताएँ)

मिर्च का मज़ा रामधारी सिंह दिनकर की बच्चों के लिए लिखी गई पद्य रचना है। इसका प्रकाशन पहली बार १९५१ में हुआ। इसमें छोटी छोटी कविताएँ हैं। साँचा:रामधारी सिंह दिनकर की कृतियाँ

मुर्दहिया

मुर्दहिया दलित साहित्यकार डॉ॰ तुलसीराम की आत्मकथा है, जिसके माध्यम से लेखक ने कई वर्षों से दलित आत्मकथाओं में साहित्य जगत के बंधे-बंधाये मानदण्डों को तोड़कर अपने जीवन से जुड़े उस सच्चे और कड़ुवे यथार्थ को सबके सामने उजागर करने का प्रयास किया है, ...

मेरा संघर्ष

माइन काम्फ एडोल्फ हिटलर की आत्मकथा है अडोल्फ हिटलर को विश्व मानवता का शत्रु समझने वाले लोगों के लिए ‘माइन काम्फ’ हिटलर की आत्मकथा ‘मेरा संघर्ष’ एक ऐसी ख्याति प्राप्त ऐतिहासिक ग्रन्थ है, जिसके अध्ययन से न केवल जर्मनी की पीड़ा, बल्कि हिटलर की पीड़ि ...

रंगीला रसूल

रंगीला रसुल १९२० के दशक में प्रकाशित पुस्तक है जो लाहौर के राजपाल एण्ड सन्स ने प्रकाशित की थी। इसके लेखक चामुपति एम ए या किशन प्रसाद प्रताब नामक आर्यसमाजी थे किन्तु लेखक का नाम प्रकाशन ने कभी नहीं बताया। यह पुस्तक बहुत विवादास्पद सिद्ध हुई। इसमें ...

रश्मिरथी(खंड काव्य)

रश्मिरथी, जिसका अर्थ "सूर्य की सारथी" है, हिन्दी के महान कवि रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित प्रसिद्ध खण्डकाव्य है। यह १९५२ में प्रकाशित हुआ था। इसमें ७ सर्ग हैं। इसमें कर्ण के चरित्र के सभी पक्षों का सजीव चित्रण किया गया है। रश्मिरथी में दिनकर ने ...

रामधारी सिंह दिनकर

रामधारी सिंह दिनकर हिन्दी के एक प्रमुख लेखक, कवि व निबन्धकार थे। वे आधुनिक युग के श्रेष्ठ वीर रस के कवि के रूप में स्थापित हैं। दिनकर जी की काव्य प्रतिभा का अनुमान अभिनेता आशुतोष राणा द्वारा दिनकर जी की प्रसिद्ध कविता कृष्ण की चेतावनी को सुनकर लग ...

राष्ट्रभाषा और राष्ट्रीय एकता

राष्ट्रभाषा और राष्ट्रीय एकता भारत के राष्ट्रकवि डा रामधारी सिंह दिनकर द्वारा लिखित एक पुस्तक है। यह पुस्तक सन्‌ 1958 में प्रकाशित हुआ था। साँचा:रामधारी सिंह दिनकर की कृतियाँ

राही मासूम रज़ा

राही मासूम रज़ा का जन्म गाजीपुर जिले के गंगौली गांव में हुआ था और प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा गंगा किनारे गाजीपुर शहर के एक मुहल्ले में हुई थी। बचपन में पैर में पोलियो हो जाने के कारण उनकी पढ़ाई कुछ सालों के लिए छूट गयी, लेकिन इंटरमीडियट करने के बाद ...

लोक साहित्य विज्ञान

लोक साहित्य विज्ञान लोक साहित्य के विद्वान लेखक डॉ॰ सत्येन्द्र द्वारा रचित पुस्तक है। इस पुस्तक के प्रकाशक हैं- शिवलाल अग्रवाल एण्ड कम्पनी, आगरा। इस पुस्तक के अब तक कई संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं। लोक साहित्य के अनुसंधान कर्ताओं के लिए, लोक साहि ...

वसुदेव (उपन्यास)-नरेन्द्र कोहली

वसुदेव कालजयी कथाकार एवं मनीषी डॉ॰नरेन्द्र कोहली द्वारा रचित प्रसिद्ध उपन्यास है। भारत की पौराणिक गाथाओं में वसुदेव और देवकी सुपरिचित नाम हैं। कृष्ण के माता-पिता के रूप में उन्हें सभी जानते हैं। किंतु, उनके बारे में विस्तार से चर्चा कम ही होती है ...

वाजश्रवा के बहाने

कुंवर नारायण का वाजश्रवा के बहाने खण्ड-काव्य अपने समकालीनों और परवर्ती रचनाकारों के काव्य-संग्रहों के बीच एक अलग और विशिष्ट स्वाद देने वाला है जिसे प्रौढ़ विचारशील मन से ही महसूस किया जा सकता है। यह गहरी अंतर्दृष्टि से किये गये जीवन के उत्सव और ह ...

कैंसर वार्ड

राकोवीय कोरपुस रूसी लेखक अलेक्सान्द्र सोल्शेनीत्सिन का प्रसिद्ध उपन्यास है जिसमे स्टालिन के अत्याचारों का ब्यौरा लिखा गया है, जिसे लेखक ने स्वयं झेला था। यह उपन्यास १९६८ में प्रकाशित हुआ था।

विकल्पहीन नहीं है दुनिया

विकल्पहीन नहीं है दुनिया किशन पटनायक द्वारा रचित हिन्दी भाषा की पुस्तक है जिसमें उन्होंने पूँजीवादी विकास के लिए विकल्प के बारे में लिखा है। इस पुस्तक का प्रकाशन वर्ष २००० में हुआ।

वैराग्य संदीपनी

वैराग्य संदीपनी गोस्वामी तुलसीदास की एक प्रमुख कृति है। वैराग्‍य संदीपनी को चार भागों में विभाजित किया गया है। इसमें प्रयुक्‍त छंद दोहा,सोरठा,और चौपाई है।

शंबूक की हत्या

शंबूक की हत्या नरेन्द्र कोहली द्वारा रचित नाटक है। शम्बूक वध का सत्य लेखक – स्वामी विद्यानंद सरस्वती एक दिन एक ब्राह्मण का इकलौता लड़का मर गया । उस ब्राह्मण के लड़के के शव को लाकर राजद्वापर डाल दिया और विलाप करने लगा । उसका आरोप था कि अकाल मृत्यु ...

शिवसिंहसरोज

शिवसिंहसरोज, किसी भारतीय द्वारा लिखी गई हिन्दी साहित्य के इतिहास की पहली पुस्तक है। इसके लेखक शिवसिंह सेंगर हैं। 1883 ई० मे लिखी गई इस पुस्तक में एक हजार साहित्यकारों का परिचय दिया गया है। इसमें वास्तव में हिंदी साहित्य के इतिहास का एक ढाँचा तैया ...

सम्पत्ति-शास्त्र

सम्पत्ति-शास्त्र महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखित अर्थशास्त्र संबंधी हिंदी की पहली पुस्तक है। इसका पुस्तक रूप में प्रकाशन सन् १९०८ में हुआ। इसके पूर्व १९०७ की सरस्वती के विभिन्न अंकों में सम्पत्ति-शास्त्र के अंश प्रकाशित हो चुके थे।

सामर्थ्य और सीमा

सामर्थ्य और सीमा सुप्रसि़द्घ कथाकार भगवती चरण वर्मा का बहुचर्चित उपन्यास है। इसमें अपने सामर्थ्य की अनुभूति से पूर्ण कुछ ऐसे विशिष्ट व्यक्तियों की कहानी है जिन्हें परिस्थितियाँ एक स्थान पर एकत्रित कर देती है। हर व्यक्ति अपनी महत्ता, अपनी शक्ति और ...

सुनीता

1935 में जैनेंद्र कुमार के दूसरे उपन्यास सुनीता का प्रकाशन हुआ। आरंभ में इसका दो तिहाई अंश चित्रपट में प्रकाशित हुआ था। गुजराती की एक पत्रिका में यह धारावाहिक रूप से अनूदित भी हुआ। सुनीता और जैनेंद्र की पूर्वप्रकाशित औपन्यासिक कृति परख के कथानक म ...

सूरसारावली

सूरसारावली भक्त कवि सूरदास की एक रचना है। इसमें ११०७ छन्द हैं। यह सम्पूर्ण ग्रन्थ एक "वृहद् होली" गीत के रूप में रचित है। इसकी टेक है - खेलत यह विधि हरि होरी हो, हरि होरी हो वेद विदित यह बात। इसका रचना-काल संवत् १६०२ वि० निश्चित किया गया है, क्यो ...

सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला

सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला हिन्दी कविता के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक माने जाते हैं। वे जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा के साथ हिन्दी साहित्य में छायावाद के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं। उन्होंने कई कहानियाँ, उपन् ...

हिन्द स्वराज

हिन्द स्वराज, गांधीजी द्वारा रचित एक पुस्तक का नाम है। मूल रचना सन १९०९ में गुजराती में थी। यह लगभग तीस हजार शब्दों की लघु पुस्तिका है जिसे गाँधी जी ने अपनी इंग्लैण्ड से दक्षिण अफ्रीका की यात्रा के समय पानी के जहाज में लिखी। यह इण्डियन ओपिनिअन मे ...

हिन्दी साहित्य का विकास ऐतिहासिक दृष्टिकोण

हिन्दी साहित्य का विकास ऐतिहासिक दृष्टिकोण एक महात्यपूर्ण पुस्तक हे जो वाणी प्रकाशन से प्रकाशित हुई हे जिसे डॉ देवेंद्र कुमार शर्मा ने लिखा हे, साहित्य के इतिहास को लिखने का यह प्रथम प्रयास है।

हिम्मत जौनपुरी

हिम्मत जौनपुरी राही मासूम रजा का दूसरा उपन्यास था जो मार्च १९६९ में प्रकाशित हुआ। आधा गांव की तुलना में यह जीवन चरितात्मक उपन्यास बहुत ही छोटा है। हिम्मत जौनपुरी लेखक का बचपन का साथी था और लेखक का विचार है कि दोनों का जन्म एक ही दिन पहली अगस्त सन ...