ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 358

एमिल बोरेल

फेलिक्स एडवर्ड जस्टिल एमिल बोरेल फ्रांसीसी गणितज्ञ और राजनीतिज्ञ थे। गणितज्ञ के रूप में उन्होंने मापन सिद्धान्त और प्रायिकता के क्षेत्र में कार्य के लिए जाने जाते हैं।

अब्दुर राब नष्तर

सरदार अब्दुर राब नष्तर एक मुस्लिम लीग स्ट्रावार्ट, एक पाकिस्तान आंदोलन कार्यकर्ता और बाद में एक पाकिस्तानी राजनेता पर था।

विश्वम्भर दयालु त्रिपाठी

विश्वम्भर दयालु त्रिपाठी एक भारतीय वकील और राजनेता थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बांगरमऊ में हुआ था। वे उत्तर प्रदेश के प्रथम लोकसभा सदस्यों में से एक थे। विश्वम्भर दयालु त्रिपाठी उन्नाव जिले के कई संस्थानों के संस्थापक भी है,जैसे ...

जय नारायण व्यास

जय नारायण व्यास पुष्करणा एक भारतीय राजनेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री रह थे। जोधपुर स्थित जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय उनके नाम पर रखा गया है। सामाजिक, राजनीतिक, कर्मण्यवादी जयनारायण व्यास अपने युग की जीवित गाथा थे। युग का स्पन्दन उनकी आत्मा का ...

अंगमी जपू फिजो

अंगमी जपो 1904 से 1990 तक नागालैंड राष्ट्रवाद के नेता थे।उन्होंने नागालैंड की आम जनता से देश और राज्य के प्रति चल रहे सैन्य कार्यवाही को सैन्य विद्रोह का नाम दिया और इसे समाप्त खत्म करने में खासी पहल की था। शुरुआत के चरणों में इन्होंने शांति स्था ...

बारबरा मैक्लिंटॉक

बारबरा मैक्लिंटॉएक अमेरिकी वैज्ञानिक और साइटोजेनेटिकिस्ट थी, जिन्हें फिजियोलॉजी या मेडिसिन में 1983 का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। मैकक्लिंटॉक ने 1927 में कॉर्नेल विश्वविद्यालय से वनस्पति विज्ञान में पीएचडी प्राप्त की। वहां उन्होंने अपने करियर की ...

एल॰ वी॰ प्रसाद

एल॰ वी॰ प्रसाद दक्षिण भारत के साथ-साथ उत्तर भारत के सिनेमा जगत में भी समान रूप से ख्याति प्राप्त व्यक्ति थे। एक अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में मद्रास, हैदराबाद और मुम्बई तीनों क्षेत्रों के फिल्म संसार में उनकी विशिष्ट पहचान और प्रतिष्ठा ...

कुप्पाली वी गौड़ा पुटप्पा

कुपल्ली वेंकटप्पागौड़ा पुटप्पा एक कन्नड़ लेखक एवं कवि थे, जिन्हें २०वीं शताब्दी के महानतम कन्नड़ कवि की उपाधि दी जाती है। ये कन्नड़ भाषा में ज्ञानपीठ सम्मान पाने वाले आठ व्यक्तियों में प्रथम थे। पुटप्पा ने सभी साहित्यिक कार्य उपनाम कुवेम्पु से कि ...

कोटा शिवराम कारन्त

कोटा शिवराम कारन्त ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता। वह कन्नड लेखक, यक्षगान कलाकाऔर फिल्म के निदेशक आदि थे। इनके द्वारा रचित एक लोक नाट्य–विवेचन यक्षगान बायलाट के लिये उन्हें सन् १९५९ में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बेजवाड़ा गोपाला रेड्डी

बेजवाड़ा गोपाल रेड्डी एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। वह तत्कालीन आंध्र राज्य के मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल थे। उन्हें आंध्र टैगोर के नाम से जाना जाता था। गोपाल रेड्डी और उनकी पत्नी, दोनों ने रबींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित शान्तिनिकेतन में ...

रामचंद्र छत्रपति

रामचंद्र छत्रपति हरियाणा के सिरसा शहर से प्रकाशित होने वाले एक स्थानीय सांध्य समाचारपत्र पूरा सच के प्रकाशक व संपादक थे। ३० मई २००२ में उन्होंने अपने समाचार पत्र में डेरा सच्चा सौदा में बाबा गुरमीत राम रहीम द्वारा साध्वियों के साथ तथाकथित रूप से ...

लोतफिया अलनादी

लोत्फिया एल्नाडी एक मिस्री एविएटर था । वह पहली मिस्र की महिला होने के साथ-साथ पायलट का लाइसेंस हासिल करने वाली अरब दुनिया की पहली महिला भी थीं।

२००२ में निधन

निम्नलिखित सूची २००२ में निधन हो गये लोगों की है। यहाँ पर सभी दिनांक के क्रमानुसार हैं और एक दिन की दो या अधिक प्रविष्टियाँ होने पर उनके मूल नाम को वर्णक्रमानुसार में दिया गया है। यहाँ लिखने का अनुक्रम निम्न है: नाम, आयु, उल्लेखनीयता का कारण एवं ...

हरिवंश राय बच्चन

हरिवंश राय बच्चन हिन्दी भाषा के एक कवि और लेखक थे। अलाहाबाद के प्रवर्तक बच्चन हिन्दी कविता के उत्तर छायावत काल के प्रमुख कवियों में से एक हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति मधुशाला है। भारतीय फिल्म उद्योग के प्रख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन उनके सुपुत्र ह ...

२००३ में निधन

निम्नलिखित सूची २००३ में निधन हो गये लोगों की है। यहाँ पर सभी दिनांक के क्रमानुसार हैं और एक दिन की दो या अधिक प्रविष्टियाँ होने पर उनके मूल नाम को वर्णक्रमानुसार में दिया गया है। यहाँ लिखने का अनुक्रम निम्न है: नाम, आयु, उल्लेखनीयता का कारण एवं ...

महमूद

महमूद अली एक भारतीय अभिनेता और फ़िल्म निर्देशक थे। हिन्दी फ़िल्मों में उनके हास्य कलाकार के तौपर किये गये अदभुत अभिनय के लिये वे जाने और सराहे गये है। तीन दशक लम्बे चले उनके करीयर में उन्होने 300 से ज़्यादा हिन्दी फ़िल्मों में काम किया। महमूद अभि ...

२००४ में निधन

निम्नलिखित सूची २००४ में निधन हो गये लोगों की है। यहाँ पर सभी दिनांक के क्रमानुसार हैं और एक दिन की दो या अधिक प्रविष्टियाँ होने पर उनके मूल नाम को वर्णक्रमानुसार में दिया गया है। यहाँ लिखने का अनुक्रम निम्न है: नाम, आयु, उल्लेखनीयता का कारण एवं ...

मनोहर श्याम जोशी

मनोहर श्याम जोशी 1935- आधुनिक हिन्दी साहित्य के श्रेष्ट गद्यकार, उपन्यासकार, व्यंग्यकार, पत्रकार, दूरदर्शन धारावाहिक लेखक, जनवादी-विचारक, फिल्म पट-कथा लेखक, उच्च कोटि के संपादक, कुशल प्रवक्ता तथा स्तंभ-लेखक थे। दूरदर्शन के प्रसिद्ध और लोकप्रिय धा ...

मारिया अस्लामैज़ियन

मरियम अर्शकी असलमाज़ियन एक सोवियत चित्रकार थी, जिन्हें आर्मीनियाई एसएसआर के पीपुल्स आर्टिस्ट और सोवियत संघ के पीपुल्स आर्टिस्ट के रूप में मान्यता मिली। वह सजावटी-प्लानर के अर्मेनियाई स्कूल की एक प्रतिनिधि थी जो अभी भी है, कथा चित्और चित्र। उनकी ब ...

२००६ में निधन

निम्नलिखित सूची २००६ में निधन हो गये लोगों की है। यहाँ पर सभी दिनांक के क्रमानुसार हैं और एक दिन की दो या अधिक प्रविष्टियाँ होने पर उनके मूल नाम को वर्णक्रमानुसार में दिया गया है। यहाँ लिखने का अनुक्रम निम्न है: नाम, आयु, उल्लेखनीयता का कारण एवं ...

अब्दुल राशिद ग़ाज़ी

अब्दुल राशिद ग़ाज़ी एक इस्लामी पाकिस्तानी मौलवी थे। वो मुहम्मद अब्दुलाह ग़ाज़ी के पुत्र एवं अब्दुल अज़ीज़ ग़ाज़ी के छोटे भाई थे। वो पाकिस्तानी प्रान्त पंजाब के राजनपुर ज़िले के रोझन कस्बे में माज़री जनजाति की सादवानी गौत्र में जन्मे थे। 10 जुलाई ...

अरुण कौल

अरुण कौल कश्मीरी फ़िल्म निर्माता एवं पटकथा लेखक थे। उनकी फ़िल्म दीक्षा ने १९९२ में सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के लिए फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड जीता।

२००७ में निधन

निम्नलिखित सूची २००७ में निधन हो गये लोगों की है। यहाँ पर सभी दिनांक के क्रमानुसार हैं और एक दिन की दो या अधिक प्रविष्टियाँ होने पर उनके मूल नाम को वर्णक्रमानुसार में दिया गया है। यहाँ लिखने का अनुक्रम निम्न है: नाम, आयु, उल्लेखनीयता का कारण एवं ...

सुमन राजे

राजे ने लखनऊ विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर एवं पीएच॰डी॰ की उपाधि प्राप्त की। तत्पश्चात कानपुर विश्वविद्यालय से डी॰लिट्॰ की उपाधि प्राप्त की।

२००८ में निधन

निम्नलिखित सूची २००८ में निधन हो गये लोगों की है। यहाँ पर सभी दिनांक के क्रमानुसार हैं और एक दिन की दो या अधिक प्रविष्टियाँ होने पर उनके मूल नाम को वर्णक्रमानुसार में दिया गया है। यहाँ लिखने का अनुक्रम निम्न है: नाम, आयु, उल्लेखनीयता का कारण एवं ...

लक्ष्मी चंद्र जैन

लक्ष्मी चंद्र जैन भारत के गांधीवादी अर्थशास्त्री थे। भारत में आर्थिक नियोजन के पिछले पचास वर्षों के इदिहास पर डॉ॰ जैन की बारीक नजर थी। वो योजना आयोग के सदस्य रहे और दक्षिण अफ्रीका में भारत के राजदूत भी। वो मानते थे कि हमारी प्रमुख समस्या नौकरशाही ...

सचिन्द्र लाल सिंह

सचिन्द्र लाल सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक राजनेता थे। वो भारत के उत्तर पूर्वी राज्य त्रिपुरा के १ जुलाई १९६३ से १ नवम्बर १९७१ तक मुख्यमंत्री रहे। वो नवनिर्मित पार्टी कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी के भी नेता रहे। वो छटी लोकसभा के लिए त्रिपुरा पश ...

२०१० में निधन

निम्नलिखित सूची २०१० में निधन हो गये लोगों की है। यहाँ पर सभी दिनांक के क्रमानुसार हैं और एक दिन की दो या अधिक प्रविष्टियाँ होने पर उनके मूल नाम को वर्णक्रमानुसार में दिया गया है। यहाँ लिखने का अनुक्रम निम्न है: नाम, आयु, उल्लेखनीयता का कारण एवं ...

हेलेना

हेलेना, या सेंट हेलेना,रोमन साम्राज्य एक महारानी थी, और सम्राट कांस्टेंटाइन द ग्रेट की माँ थी। संभवतः एशिया माइनर के ड्रिपाना, बिथिनिया में, वह भविष्य के रोमन सम्राट कॉन्सटेंटियस क्लोरस और भविष्य के सम्राट कॉन्सटेंटाइन द ग्रेट की मां थी। हेलेना अ ...

ददरी मेला (बलिया)

बलिया का ददरी मेला हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा से आरम्भ होता है। इसमें मुख्यतः पशुओं का क्रय-विक्रय किया जाता है। मेले की ऐतिहासिकता इस मेले की ऐतिहासिकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चीनी यात्री फाह्यान तक ने इस मेले का अपनी पुस्तक में ...

नौचन्दी मेला

नौचन्दी मेला उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों मे से एक है। नौचन्दी मेला मेरठ में प्रति वर्ष लगता है। यह मेला मेरठ की शान है।यहां का ऐतिहासिक नौचंदी मेला हिन्दू – मुस्लिम एकता का प्रतीक है। हजरत बाले मियां की दरगाह एवं नवचण्डी देवी का मंदिर एक दूसरे ...

विश्व पुस्तक मेला

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला का आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा दिल्ली के प्रगति मैदान में किया जाता है। यह मेला पिछले ४१ वर्षों से प्रतिवर्ष लगाया जा रहा हैं।

विश्व पुस्तक मेला २०१०

विश्व पुस्तक मेला २०१०, नई दिल्ली में ३० जनवरी, २०१० से प्रगति मैदान में आरंभ हुआ है। यह मेला ७ फरवरी, २०१० तक चलेगा। यहां एक दर्जन से अधिक हॉल और खुले में टेंट में लाखों पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया। यह १९वां विश्व पुस्तक मेला नेशनल बुक ट्रस्ट ...

भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2008

यहां कई मण्डप बने हुए हैं। इन मण्डपों का मानचित्र व योजना इस प्रकार से है:- इन मण्डपों में तकनीकी मण्डप सरकारी उद्यमों के मण्डप उपभोक्ता उत्पादों की कम्पनियों के। अन्य कई मण्डप हैं। अन्तर्राष्ट्रीय मण्डप भारत के सारे राज्यों के मण्डप हैं। कई मण्ड ...

भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2009

भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2009 दिल्ली के प्रगति मैंदान पर आयोजित इस तरह का २९वा मेला था। भारतीय ट्रेड प्रमोशन आर्गेनाइजेशन द्वारा इस वर्ष मेला की विषयवस्तु "एक्सपोर्ट ऑफ सर्विसेज" रखी गई थी।

अंतर्राष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन

अंतर्राष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन एक अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक संस्था हैं, जिसकी स्थापना १३ जुलाई २०१४ को हुआ था। यह विश्व में वैश्य जाति का प्रतिनिधित्व करता हैं। पूर्व सांसद रामदास अग्रवाल इसके संस्थापक अध्यक्ष हैं। अंतर्राष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन की शाखा ...

ऑक्सीकरण संख्या

ऑक्सीकरण संख्या या ऑक्सीकरण अवस्था किसी रासायनिक यौगिक में बंधे हुए किसी परमाणु के ऑक्सीकरण के दर्जे का सूचक होता है। यह संख्या गिनाती है कि उस यौगिक के रासायनिक बंध में वह परमाणु कितने इलेक्ट्रान उस यौगिक में स्थित अन्य परमाणुओं को खो चुका है। उ ...

झिल्लीस्वरी

संगीत वाद्य यंत्रों के होर्नबोस्तेल-साक्स वर्गीकरण में, झिल्लीस्वरी या मेम्ब्रेनोफ़ोन वे वाद्य हैं जिनमें झिल्लियाँ होती हैं जिनके कांपने से ध्वनी उत्पन्न होती है। इसका उदाहरण तबला है।

कुल (जीवविज्ञान)

कुल जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में प्राणियों के वर्गीकरण की एक श्रेणी होती है। एक कुल में एक-दुसरे से समानताएँ रखने वाले कई सारे जीवों के वंश आते हैं। ध्यान दें कि हर प्राणी वंश में बहुत-सी भिन्न प्राणियों की जातियाँ सम्मिलित होती हैं।

क्लेड

क्लेड या जीवशाखा जीव जातियों का ऐसा समूह होता है जिसमें कोई जाति और उससे विकसित हुई सभी जातियाँ शामिल होती हैं। जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में क्लेड जीवन वृक्ष की एक शाखा होती है। क्लेड शब्द बहुत नया है और १९५८ में ब्रिटिश जीववैज्ञानिक जूलियन हक्सली न ...

गण (जीवविज्ञान)

गण जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में जीवों के वर्गीकरण की एक श्रेणी होती है। एक गण में एक-दुसरे से समानताएँ रखने वाले कई सारे जीवों के कुल आते हैं। ध्यान दें कि हर जीववैज्ञानिक कुल में बहुत सी भिन्न जीवों की जातियाँ-प्रजातियाँ सम्मिलित होती हैं।

जगत (जीवविज्ञान)

जगत जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में जीवों के वर्गीकरण की एक ऊँची श्रेणी होती है। आधुनिक जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में यह श्रेणी संघों से ऊपर आती है, यानि एक जगत में बहुत से संघ होते हैं और बहुत से संघों को एक जीववैज्ञानिक जगत में संगठित किया जाता है।

जाति (जीवविज्ञान)

जाति जीवों के जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में सबसे बुनियादी और निचली श्रेणी होती है। जीववैज्ञानिक नज़रिए से ऐसे जीवों के समूह को एक जाति बुलाया जाता है जो एक दुसरे के साथ संतान उत्पन्न करने की क्षमता रखते हो और जिनकी संतान स्वयं आगे संतान जनने की क्षमत ...

जीववैज्ञानिक वर्गीकरण

जीव जगत के समुचित अध्ययन के लिये आवश्यक है कि विभिन्न गुणधर्म एवं विशेषताओं वाले जीव अलग-अलग श्रेणियों में रखे जाऐं। इस तरह से जन्तुओं एवं पादपों के वर्गीकरण को वर्गिकी या वर्गीकरण विज्ञान अंग्रेजी में वर्गिकी के लिये दो शब्द प्रयोग में लाये जाते ...

टैक्सोन

टैक्सोन या वर्गक जीववैज्ञानिक वर्गीकरण के क्षेत्र में जीवों की जातियों के ऐसे समूह को कहा जाता है जो किसी वर्गकर्ता के मत में एक ईकाई है, यानि जिसकी सदस्य जातियाँ एक-दूसरे से कोई मेल या सम्बन्ध रखती हैं जिस वजह से उनके एक श्रेणी में डाला जा रहा ह ...

प्रकार जाति

जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में प्रकार जाति किसी जीववैज्ञानिक वंश या उपवंश की ऐसी सदस्य जीववैज्ञानिक जाति को कहते हैं जो उस वंश का मानक उदाहरण हो और जिसके नाम पर पूरे वंश का नाम रखा गया हो। इस से मिलती जुलती एक प्रकार वंश की अवधारणा भी है।

प्रकार वंश

जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में प्रकार वंश किसी जीववैज्ञानिक कुल के ऐसे सदस्य जीववैज्ञानिक वंश को कहते हैं जो उस कुल का मानक उदाहरण हो और जिसके नाम पर पूरे कुल का नाम रखा गया हो।

वंश (जीवविज्ञान)

वंश जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में जीवों के वर्गीकरण की एक श्रेणी होती है। एक वंश में एक-दूसरे से समानताएँ रखने वाले कई सारे जीवों की जातियाँ आती हैं। ध्यान दें कि वंश वर्गीकरण के लिए मानकों को सख्ती से संहिताबद्ध नहीं किया गया है और इसलिए अलग वर्गीकर ...

वंश समूह (जीवविज्ञान)

वंश समूह जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में जीवों के वर्गीकरण की एक श्रेणी होती है। यह वंश से ऊपर लेकिन कुल से नीचे होती है, यानि एक वंश समूह में एक से अधिक वंश आते हैं।

वर्ग (जीवविज्ञान)

वर्ग जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में जीवों के वर्गीकरण की एक श्रेणी होती है। आधुनिक जीववैज्ञानिक वर्गीकरण में यह श्रेणी गणों से ऊपर और संघों के नीचे आती है, यानि एक वर्ग में बहुत से गण होते हैं और बहुत से वर्गों को एक फ़ायलम में संगठित किया जाता है। ध् ...