ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 354

नित्यानन्द तिवारी

नित्यानन्द तिवारी हिन्दी साहित्य के वरिष्ठ आलोचक हैं। मध्ययुगीन रोमांचक आख्यान, सृजनशीलता का संकट, आधुनिक साहित्य और इतिहास का बोध इनकी प्रमुख आलोचना पुस्तकें हैं।

निदा फ़ाज़ली

मुक़्तदा हसन निदा फ़ाज़ली या मात्र निदा फ़ाज़ली हिन्दी और उर्दू के मशहूर शायर थे इनका निधन ०८ फ़रवरी २०१६ को मुम्बई में निधन हो गया।

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी भारतभूषम अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित कवि एवं आलोचक हैं। आत्मकथा की संस्कृति इनकी सर्वप्रमुख आलोचना पुस्तक है। इन्होंने मंगलेश डबराल की प्रतिनिधि कविताएं का संपादन भी किया है । पंकज चतुर्वेदी वर्तमान मे कानपुर विश्वविद्यालय के विक् ...

पद्मसिंह शर्मा

पं. पद्मसिंह शर्मा आर्य विचारक, दार्शनिक, समीक्षक, संपादक, परोपकारी, हिन्दी साहित्यकार, प्रसिद्ध लेखक और समालोचक थे। हिन्दी का सर्वोच्च पुरस्कार मंगलाप्रसाद पारितोषिक उन्हें ही सबसे पहले दिया गया। आपने हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग के प्रधान पद क ...

कैलाश चन्द्र पन्त

कैलाश चन्द्र पन्त, हिन्दी-साहित्यकार, पत्रकार एवं प्रमुख हिन्दीसेवी हैं। उनके जीवन में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब नौकरी छोड़कर स्वतंत्र प्रेस डाला और साप्ताहिक पत्र ‘जनधर्म’ निकाला।

पुष्पदन्त (कवि)

पुष्पदंत तथा गंधर्वराज पुष्पदंत के बीच भ्रमित न हों पुष्पदंत अपभ्रंश भाषा के महाकवि थे जिनकी तीन रचनाएँ प्रकाश में आ चुकी हैं- महापुराण, जसहरचरित यशोधरचरित और णायकुमारचरिअ नागकुमारचरित। इन ग्रंथों की उत्थानिकाओं एवं प्रशस्तियों में कवि में अपना ब ...

प्रभाकर माचवे

इनके कविता-संग्रह हैं: स्वप्न भंग, अनुक्षण, तेल की पकौडियां तथा विश्वकर्मा आदि। इन्होंने उपन्यास, निबंध, समालोचना, अनुवाद आदि मराठी, हिन्दी, अंग्रेजी में 100 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं।

प्रवीणराय

प्रवीणराय एक वेश्या थी जो गायन और नृत्यकला में प्रवीण होने के साथ साथ काव्यरचना में भी चतुर थी। वह ओड़छा के महाराज इंद्रजीतसिंह के महल में रहती थी। वह महाकवि केशवदास की शिष्या थी। इसकी प्रशंसा सुनकर अकबर ने इसे अपने दरबार में बुला भेजा किंतु इंद् ...

प्रह्लाद रामशरण

प्रह्लाद रामशरण मॉरिशस के हिन्दी साहित्यकार-इतिहासकार हैं। वे त्रिभाषी पत्रिका इंद्रधनुष’ के प्रधान संपादक हैं। हिन्दी में अब तक ४० पुस्तकें लिख चुके हैं। अपने शोध-पत्रों तथा ग्रंथों के द्वारा उन्होंने मॉरीशस के इतिहास को नए आयाम दिए हैं। उनकी पु ...

प्रेमनारायण टण्डन

सप्त स्वर, भाषा-अध्ययन के आधार बीसवीं शताब्दी के पूर्व हिन्दी गद्य का विकास गबन: एक अध्ययन अनुशासन-समस्या: एक सर्वांगीण विवेचन -- अनुशासन-समस्या संबंधी तथ्यपूर्ण घटनाओं पर आधारित विवेचनात्मक लेखों का महत्वपूर्ण संग्रह साहित्यालोक सूर की भाषा प्रे ...

बदरीनाथ भट्ट

श्री बदरीनाथ भट्ट का जन्म आगरे के गोकुलपुरा नामक मुहल्ले में संवत् 1948 वि. की चैत्र शुक्ल तृतीया को हुआ था। आपके पिता पं॰ रामेश्वर भट्ट हिंदी के प्रसिद्ध विद्वान् थे। घर पर अध्ययन करने के पश्चात् आगरा कालेज से आपने दसवीं कक्षा पास की। अध्ययन के ...

बदरीनारायण चौधरी उपाध्याय प्रेमघन

प्रेमधन जी पं॰ गुरुचरणलाल उपाध्याय के पुत्र थे। गुरुचरणलाल उपाध्याय, कर्मनिष्ठ तथा विद्यानुरागी ब्राह्मण थे। संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार में आपने तन-मन-धन से योगदान किया। इस तपस्वी एवं विद्याप्रेमी ब्राह्मण के उपाध्याय जी ज्येष्ठ पुत्र थे। आप स ...

बलदेव

बलदेव हिन्दी के साहित्यकाऔर कवि थे। इनका उपनाम द्विज बलदेव था। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के मानूपुर ग्राम में हुआ था। पिता ब्रजलाल अवस्थी कृषिकर्मी कान्यकुब्ज ब्राह्मण थे। द्विज बलदेव ने प्रांरभ में ज्योतिष, कर्मकांड और व्याकरण की शि ...

बलदेव प्रसाद मिश्र

बलदेव प्रसाद मिश्र हिन्दी साहित्यकार, न्यायविद तथा लोकसेवक थे। वे भारत के ऐसे प्रथम शोधकर्ता थे जिन्होने अंग्रेजी शासनकाल में अंग्रेजी के बदले हिन्दी में अपना शोध प्रबन्ध प्रस्तुत कर डी लिट् की उपाधि अर्जित की । उन्होने तुलसी दर्शन पर विशेष कार्य ...

बलदेव वंशी

विभिन्न अकादमियों, संस्थाओं, विश्वविद्यालयों द्वारा सम्मानित। मलूक रत्न सम्मान कबीर शिखर सम्मान छह पुस्तकों पर केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा पुरस्कृत। दादू शिखर सम्मान

बाल शौरि रेड्डी

बाल शौरि रेड्डी हिन्दी के सुप्रसिद्ध लेखक और बाल साहित्यकार हैं। उनका जन्म ग्राम मोल्लर गुडर, जिला कण्ण गुडर आंध्र प्रदेश में हुआ। वे मूल रूप से तेलुगु भाषी हैं। उन्होंने दक्षिण भारत की हिन्दी प्रचार सभा मद्रास में लेखन एवं संपादन कार्य किया। वे ...

बालकृष्ण राव

बालकृष्ण राव हिन्दी के कवि एवं संपादक थें। ये हिंदी साहित्य सम्मेलन, इलाहाबाद की माध्यम पत्रिका के पहले सम्पादक बने एवं भारत सरकार के आकाशवाणी विभाग में रहकर हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कार्य किए। इनकी अनेक आलोचनाएँ विभिन्न पत ...

बिहारीलाल भट्ट

बिहारीलाल भट्ट का जन्म आश्विनश् शुक्ला विजयदशमी, सं. १९४६ वि. को बुंदेलखंड के अंतर्गत बिजावर में हुआ। इस ब्रह्मभट्ट वंश में कवि होते ही आए थे। पितामह दिलीप, जो अच्छे कवि थे, की देखरेख में बिहारीलाल का बाल्यकाल बीता और उन्हीं के द्वारा इन्हें प्रा ...

भगवत मुदित

भगवत मुदित के पिता माधव मुदित चैतन्य संप्रदाय के भक्त सुकवि तथा आगरा के निवासी थे। इनका समय सं. 1630 तथा सं. 1720 वि. के मध्य में था। यह आगरा में शुजाअ के दीवान थे और वहाँ से विरक्त होकर वृंदावन में आ बसे थे। इन्हें हित संप्रदाय के भक्तों का भी स ...

भगवतशरण अग्रवाल

डॉ॰ भगवत शरण अग्रवाल हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार हैं। वे हाइकु लिखने में सिद्धहस्त हैं। वे हाइकु–भारती के सम्पादक हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के फतेहगंज पूर्वी में हुआ था। उन्होने लखनऊ विश्वविद्यालय से बी.ए., पी–एच.डी. की उपाधि ली है।

भगवतशरण उपाध्याय

भगवतशरण उपाध्याय शिक्षाविद तथा हिन्दी साहित्यकार थे। भगवतशरण उपाध्याय का जन्म 1910 ई0 को उजियारपुर, जिला- बलिया उ0प्र0 में हुआ। निधन 12 अगस्त 1982 ई0 को हुआ। उपाध्याय जी ने संस्कृत, हिन्दी साहित्य, इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व का गहन अध्ययन कि ...

भगवती शरण मिश्र

लक्ष्मण-रेखा भारत के राष्ट्रपति मैं भीष्म बोल रहा हूँ गोबिन्द गाथा का के लागू पाँव पीतांबरा पवनपुत्र पुरुषोत्तम देख कबीरा रोया प्रथम पुरुष भारत के प्रधानमंत्री मेरी इक्यावन बाल कहानियाँ पावक अरण्या आदर्श पौराणिक कहानियाँ अग्नि पुरुष प्रसिद्ध पौरा ...

भगवान सिंह

भगवान सिंह का जन्म, 1 जुलाई 1931 गोरखपुर जनपद के एक मध्यवित्त किसान परिवार में। गोरखपुर विश्व विद्यालय से एम. ए. हिंदी । आरंभिक लेखन सर्जनात्मक कविता, कहानी, उपन्यास और आलोचना।

भारतेन्दु मंडल

भारतेन्दु हरिश्चंद्र के जीवनकाल में ही कवियों और लेखकों का एक खासा मंडल चारों ओर तैयार हो गया था। हिन्दी साहित्य के इतिहास में इसे भारतेन्दु मंडल के नाम से जाना जाता है। इन सभी ने भारतेंदु हरिश्चंद्र के नेतृत्व में हिन्दी गद्य की सभी विधाओं में अ ...

भुवनेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव

भुवनेश्वर का जन्म शाहजहांपुर के एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। बचपन में ही उनकी माँ का देहान्त हो गया। इसके कारण उनको घर में घोर उपेक्षा झेलनी पड़ी। कम उम्र में घर छोड़कर जब इलाहबाद आये तो शाहजहांपुर में महज इंटरमीडिएट तक पढ़े इस लेखक के अंग्रे ...

मन्नन द्विवेदी गजपुरी

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के गजपुर नामक स्थान सन,1885 में जन्म। शिक्षा जुबिली स्कूल, गोरखपुर, क्वींस कालेज, काशी और म्योर कालेज, इलाहाबाद। शिक्षा के अनंतर सरकारी पद पर आसीन हुए और तहसीलदार रहे। बहुमुखी प्रतिभा के साहित्यकार थे। गद्य और पद्य दोनों म ...

महेश नारायण

महेश नारायण हिन्दी कवि तथा सामाजिक कार्यकर्ता थे। वे आधुनिक बिहार के निर्माता के रूप में भी जाने जाते हैं। सन १८८१ में २३ वर्ष की अवस्था में उन्होंने खड़ी बोली हिंदी में स्वप्न नामक एक कविता की रचना की जिसका प्रकाशन पटना से प्रकाशित बिहार बंधु मे ...

माधव प्रसाद मिश्र

माधव प्रसाद मिश्र, हिन्दी के विख्यात साहित्यकार थे। कुछ लोगों का विचार है कि हिन्दी के द्विवेदी युग का सही नाम माधव प्रसाद मिश्र युग होना चाहिये। वे सुदर्शन नामक एक हिन्दी पत्र का सम्पादन करते थे। उनका जन्म भिवानी में हुआ था। माधव प्रसाद मिश्र का ...

मार्कण्डेय

मार्कण्डेय हिन्दी के जाने-माने कहानीकार थे। वे नयी कहानी के दौर के प्रमुख हस्ताक्षर थे। वे नयी कहानी के सिद्धान्तकारों में से एक थे।अपने लेखन में वे सदैव आधुनिक और प्रगतिशील मूल्यों के हामीदार रहे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के बराईं ...

मिश्र बंधु

मिश्रबंधु नाम के तीन सहोदर भाई थे, गणेशबिहारी, श्यामबिहारी और शुकदेवबिहारी। ग्रंथ ही नहीं एक छंद तक की रचना भी तीनों जुटकर करते थे। इसलिये प्रत्येक की रचनाओं का पार्थक्य करना कठिन है।

मुद्राराक्षस (पत्रकार)

मुद्राराक्षस के नाम से सुप्रसिद्ध सुभाष चंद्र गुप्ता की चिंतक एवं पत्रकार,साम्प्रदायिकता विरोधी लेखन एवं दलित साहित्य चिंतक के रूप में विख्यात वरिष्ठ साहित्यकार मुद्राराक्षस के 12 उपन्यास, 3 व्यंग्य संग्रह एवं 10 से ज्यादा नाटकों की पुस्तकें प्रक ...

मोहनकृष्ण बोहरा

मोहनकृष्ण बोहरा वरिष्ठ आलोचक हैं, इनको राजस्थान साहित्य अकादेमी के विशिष्ट साहित्यकार सम्मान से पुरस्कृत किया गया है। इनकी कई आलोचना पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं एवं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी इनकी आलोचनाएँ प्रकाशित होती रहती हैं। इनके द्वारा प्र ...

रघुवीर सिंह (महाराज कुमार)

डॉ रघुवीर सिंह कुशल चित्रकार, वास्तुशास्त्री, प्रशासक, सैन्य अधिकारी, प्रबुद्ध सांसद, समर्थ इतिहासकाऔर सुयोग्य हिन्दी साहित्यकार थे।

रमाशंकर मिश्र

एल0टी0, के0पी0 टेनिंग कालेज इलाहाबाद एम0 ए0 हिन्दी आगरा विश्वविद्यालय एम0ए0 अंग्रेजी इलाहाबाद विश्वविद्यालय साहित्यरत्न, हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग, इलाहाबाद

राज बुद्धिराजा

राज बुद्धिराजा दिल्ली में रहनेवाली हिन्दी साहित्यकाऔर आलोचक हैं। कन्यादान, रेत का टीला, दिल्ली अतीत के झरोखे से, जापान की श्रेष्ठ कहानियाँ, जापानी हिन्दी कोश आदि उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं। उन्हें महिला शिरोमणि, भारतीय प्रतिष्ठा आदि भारतीय पुरस्कार ...

राजा लक्ष्मण सिंह

राजा लक्ष्मण सिंह, भारतेंदु हरिश्चंद्र युग से पूर्व की हिन्दी गद्यशैली के प्रमुख विधायक थे। इन्होने हिन्दी को हिन्दी संस्कृति के अनुकूल संस्कृतनिष्ठ बनाने की चेष्टा की। इन्होने आगरा से प्रजा-हितैषी पत्र निकाला और कालिदास के अभिज्ञान शाकुन्तलम्, र ...

राजा शिवप्रसाद सितारेहिन्द

राजा शिवप्रसाद सितारेहिन्द हिन्दी के उन्नायक एवं साहित्यकार थे। वे शिक्षा-विभाग में कार्यरत थे। उनके प्रयत्नों से स्कूलों में हिन्दी को प्रवेश मिला। उस समय हिन्दी की पाठ्यपुस्तकों का बहुत अभाव था। उन्होंने स्वयं इस दिशा में प्रयत्न किया और दूसरों ...

राजी सेठ

राजी सेठ प्रसिद्ध हिंदी उपन्यासकार हैं। उनका कथा मानस आंतरिक भाव यंत्र या सम्वेदन -तंत्र के ताने-बाने को पूरी जटिलता के साथ रेखांकित करता है। उनका दर्शन यथार्थ कलाऔर विचार का मनोवैज्ञानिक ढंग से संपुजन करता है। उनके शिल्प में भाषा, शैली, शब्द संग ...

राजेन्द्र कुमार (साहित्यकार)

वरिष्ठ आलोचक राजेन्द्र कुमार इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष हैं। साहित्य में सृजन के आयाम और विज्ञानवादी दृष्ट, इलाचन्द्र जोशी इनकी प्रमुख आलोचना पुस्तकें हैं। साही के बहाने समकालीन रचनाशीलता पर एक बहस, प्रेमचन्द की कहानिया ...

राजेश जोशी

उनका जन्म मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ जिले में हुआ। उन्होंने शिक्षा पूरी करने के बाद पत्रकारिता शुरू की और कुछ सालों तक अध्यापन किया। राजेश जोशी ने कविताओं के अलावा कहानियाँ, नाटक, लेख और टिप्पणियाँ भी लिखीं। उन्होंने कुछ नाट्य रूपांतर तथा कुछ लघु फ ...

राजेश्वर प्रसाद मंडल

राजेश्वर प्रसाद मंडल न्यायविद, साहित्यकार एवं हिन्दीसेवी थे। पटना उच्च न्यायालय में हिन्दी में न्यायादेश लिखने वाले वे प्रथम न्यायधीश थे।

राधाकृष्ण

बिहार में जन्में राधाकृष्ण हिन्दी के यशस्वी कहानीकार हैं। आपकी कहानियों में देश एवं समाज की कुरीतियों पर गहरा व्यंग्य रहता है। भाषा सरल, सीधी किन्तु हृदयग्राही है। आपके अब तक कई उपन्यास तथा कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें रूपान्तर एवं स ...

राधाकृष्ण दास

राधाकृष्ण दास हिन्दी के प्रमुख सेवक तथा साहित्यकार थे। वे भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के फुफेरे भाई थे। शारीरिक कारणों से औपचारिक शिक्षा कम होते हुए भी स्वाध्याय से इन्होने हिन्दी, बंगला, गुजराती, उर्दू, आदि का अच्छा ज्ञान प्राप्त कर लिया था। वे प्रसिद ...

राधाचरण गोस्‍वामी

राधाचरण गोस्‍वामी हिन्दी के भारतेन्दु मण्डल के साहित्यकार जिन्होने ब्रजभाषा-समर्थक कवि, निबन्धकार, नाटकरकार, पत्रकार, समाजसुधारक, देशप्रेमी आदि भूमिकाओं में भाषा, समाज और देश को अपना महत्वपूर्ण अवदान दिया। आपने अच्छे प्रहसन लिखे हैं।

राधामोहन गोकुल

राधामोहन गोकुल हिन्दी साहित्यकार थे। इनका जन्म 1865 में उत्तर प्रदेश के गोपालगंज नामक स्थान में हुआ था। 3 सितम्बर 1935 को पेचिश के कारण उनकी मौत हो गई। उनकी स्मृति को सहेजे रखने के लिए अखिल भारतीय हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग ने स्वतंत्रता-संग्र ...

राम जू भट्ट

राम जू भट्ट उत्तर प्रदेश के फ़र्रूख़ाबाद नगर के निवासी थे। इनका समय सं0-1867-1950 है। इन्होंने आचार्यत्व प्रदर्शन के लिए लक्षण ग्रंथ ‘शृंगार सौरभ’ की रचना ब्रजभाषा में की थी। दोहा तथा घनाक्षरी छन्द में लिखा गया यह ग्रंथ वास्तव में शृंगार का सौरभ है।

राम रतन भटनागर

डॉ रामरतन भटनागर मास्टर ओफ़ फिलासफी अंग्रेजी साहित्य 1937 लखनऊ विश्वविद्यालय, मास्टर ओफ़ फिलासफी इलाहबाद विश्वविद्यालय हिन्दी साहित्य 1939, डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इलाहबाद विश्वविद्यालय 1948 "राईज़ एंड ग्रोथ ऑफ हिन्दी जर्नलिस्म" डॉक्टर ऑफ लिट्रेचर सागर ...

रामकृष्ण वर्मा

रामकृष्ण वर्मा बलवीर हिन्दी साहित्यकार तथा भारत जीवन प्रेस के स्वामी थे। वे भारतेन्दु मण्डल के कवि थे जो पुराने ढर्रे की कविताएँ लिखा करते थे। उन्होने अपने प्रेस से अनेक पुरानी पुस्तकों को छापकर हिन्दी का बहुत उपकार किया अन्यथा उनमें से बहुत सी प ...

रामचरित उपाध्याय

रामचरित उपाध्याय हिन्दी कवि एवं साहित्यकार थे। श्री रामचरित उपाध्याय का जन्म सन् १८७२ में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में हुआ था। प्रारंभ में ये ब्रजभाषा में कविता करते थे। आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी जी के प्रोत्साहन से इन्होंने खड़ी बोली में ...

रामदहिन मिश्र

इनका जन्म चैत्र पूर्णिमा सं. १९४३ वि. ग्राम पथार, जिला आरा बिहार के शाकद्वीपीय परिवार में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई और बाद में साहित्य तथा संस्कृत व्याकरणादि की शिक्षा डुमरॉव एवं टेकरी संस्कृत पाठशाला से मिली थी। इसके पश्चात् ये काशी ...