ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 353

रमेश पटेल

रमेश पटेल ब्रिटेन मे बसे भारतीय मूल के हिंदी लेखक है। वर्ष 2006 में अपने जीवन के 70 वर्ष पूरे करने वाले रमेश पटेल प्रेमोर्मी ब्रिटेन में भारतीय संगीत और कला के सच्चे राजदूत माने जा सकते हैं। `नव कला नामक संस्था की स्थापना कर लंदन में भारतीय कलाका ...

शैल अग्रवाल

शैल अग्रवाल) ब्रिटेन मे बसी भारतीय मूल की हिंदी लेखक है। उनका जन्म बनारस में हुआ था। वे गद्य एवं पद्य दोनों विधाओं में समान अधिकार रखती हैं। उनके लेखन का कैनवस अत्यंत विस्तृत है। उनकी कहानियां मानव मन की सूक्ष्म अभिव्यंजना प्रस्तुत करती हैं तो कव ...

संजीव

संजीव हिन्दी साहित्य की जनवादी धारा के प्रमुख कथाकारों में से एक हैं। कहानी एवं उपन्यास दोनों विधाओं में समान रूप से रचनाशील। प्रायः समाज की मुख्यधारा से कटे विषयों, क्षेत्रों एवं वर्गों को लेकर गहन शोधपरक कथालेखक के रूप में मान्य।

सत्येन्द्र श्रीवास्तव

सत्येन्द्र श्रीवास्तव ब्रिटेन मे बसे भारतीय मूल के हिंदी लेखक है। युनाइटेड किंगडम में हिन्दी के वरिष्ठतम लेखक हैं। कविता, नाटक एवं लेख उनकी प्रिय विधाएं हैं। हिन्दी के अतिरिक्त उनके तीन कविता संग्रह अंग्रेजी भाषा में भी प्रकाशित हो चुके हैं। सत्य ...

सुभद्रा कुमारी चौहान

सुभद्रा कुमारी चौहान हिन्दी की सुप्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका थीं। उनके दो कविता संग्रह तथा तीन कथा संग्रह प्रकाशित हुए पर उनकी प्रसिद्धि झाँसी की रानी के कारण है। ये राष्ट्रीय चेतना की एक सजग कवयित्री रही हैं, किन्तु इन्होंने स्वाधीनता संग्राम मे ...

सोहन राही

सोहन राही ब्रिटेन मे बसे भारतीय मूल के हिंदी लेखक है। सर्रे निवासी सोहन राही इंग्लैण्ड में गीत और ग़ज़ल विधा के बेहतरीन कलाकार हैं। वे इस देश के पहले साहित्यकार हैं जिनकी ग़ज़लों एवं गीतों के कैसेट एवं सी. डी. तैयार हुए। इंग्लैण्ड के कई गायक एवं ...

स्वयं प्रकाश

स्वयं प्रकाश हिन्दी साहित्यकार हैं। वे मुख्यतः हिन्दी कहानीकार के रूप में विख्यात हैं। कहानी के अतिरिक्त उन्होंने उपन्यास तथा अन्य विधाओं को भी अपनी लेखनी से समृद्ध किया है। वे हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में साठोत्तरी पीढ़ी के बाद के जनवादी लेखन स ...

चौथा सप्तक

चौथा सप्तक अज्ञेय द्वारा संपादित कृति है। इसमें हिंदी के कुल सात कवियों की कविताएँ संकलित हैं। इन सात कवियों में अवधेश कुमार, राजकुमार कुंभज, स्वदेश भारती, नंदकिशोर आचार्य, सुमन राजे, श्रीराम वर्मा तथा राजेंद्र किशोर आदि सम्मिलित हैं।

मुक्तछन्द

मुक्तछन्द कविता का वह रूप है जो किसी छन्दविशेष के अनुसार नहीं रची जाती न ही तुकान्त होती है। मुक्तछन्द की कविता सहज भाषण जैसी प्रतीत होती है। हिन्दी में मुक्तछन्द की परम्परा सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला ने आरम्भ की। हिन्दी का मुक्त छन्द फ्रेंच का व ...

मृगावती

मृगावती से निम्नलिखित का बोध होता है- १ भगवान बुद्ध के समकालिन कौशांबी नरेश उदयन की पत्नी का नाम मृगावती है। २ वैशाली नरेश चेटक की पुत्री, महावीर की ममेरी बहन और राजा शतानीक की पत्नी। इनकी गणना जैन धर्म में १६ सतियों में की जाती है। इनकी कथा भारत ...

शिवा बावनी

शिवा बावनी भूषण द्वारा रचित बावन छन्दों का काव्य है जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, पराक्रम आदि का ओजपूर्ण वर्णन है। इसमें इस बात का वर्णन है कि किस प्रकार उन्होंने हिन्दू धर्म और राष्ट्र की रक्षा की। शिवा बावनी की कुछ कविताएँ: साजि चतुरंग ...

हिन्दी में शैव काव्य

संस्कृत स्तोत्रों में वैदिक शतरुद्रि, उत्पलदेव की स्तोत्रावली, जगद्धर भट्ट की स्तुतिकुसुमांजलि, पुष्पदंत का शिवमहिम्न स्तोत्र, रावणकृत तांडव स्तोत्र एवं शंकराचार्य कृत शिवानंदलहरी प्रमुख शैव रचनाएँ हैं। प्रबंधकाव्यों में कालिदासकृत कुमारसंभव भारव ...

पद्मावत

पद्मावत हिन्दी साहित्य के अन्तर्गत सूफी परम्परा का प्रसिद्ध महाकाव्य है। इसके रचनाकार मलिक मोहम्मद जायसी हैं। दोहा और चौपाई छन्द में लिखे गए इस महाकाव्य की भाषा अवधी है। यह हिन्दी की अवधी बोली में है और चौपाई, दोहों में लिखी गई है। चौपाई की प्रत् ...

हिन्दी पुस्तकों की सूची

यहाँ पर हिन्दी की प्रमुख साहित्यिक रचनाओं की सूची दी गयी है। यह सूची पुस्तकों के नाम के क्रम में हैं। श, ष, स, ह वर्णों से शुरू होने वाले नामों वाली पुस्तकें य र ल व वर्णों से शुरू होने वाले नामों वाली पुस्तकें चवर्ग के वर्णों से शुरू होने वाले न ...

हिन्दी पुस्तकों की सूची/अ

एक नारी एक प्रलय - रामजी दास पुरी आत्म साक्षात्कार - प्रभा किरण एपार बंगला ओपार बांगला - शंकर उर्दू के श्रेष्ठ हास्य व्यग्य-1 - स. सुरजीत अनन्त आकाश अथाह सागर - जय प्रकाश भारती अंगुलीमाल - अनंतप्रिय अधूरा स्वपन - गौरी शंकर अशोक के शिलालेख - शा गु ...

हिन्दी पुस्तकों की सूची/अन्य

1084वें की मां - महाश्वेता देवी 17 साल बाद - शिव नारायण श्रीवास्तव 1980 की श्रेष्ठ कहानियां - डॉ॰ महीप सिंह 1857 की महान राष्ट्रीय क्रांति - हरिप्रसाद 1857 का भारतीय स्वातंत्र्य संघर्ष - विनायक दामोदर

हिन्दी पुस्तकों की सूची/च

छोटी मछली - बड़ी मछली - शैलेस भटियानी जन्मेजय बचो - शिवसागर मिश्र चंद्र शेखर वैंकंटरमण - संतराम चीखो आरपार - ज्योत्सना मित्तल चिंतामुक्त कैसे हों - स्वेट मार्डन चीफ साहब आ रहें हैं - हेतु भारद्वाज जाल टूटता हुआ - राम दरश मिश्र चैरंगी - शंकर चैथा ...

हिन्दी पुस्तकों की सूची/ट

डॉ॰ लोहिया व्यक्तित्व और कृतित्व - डॉ॰ राजेन्द्र मोहन भटनागर टुटे हुए सूर्य बिम्ब - पानू खोलिया टोबा टेक सिंह - सआदत हसन टूटता हुआ मैं - डा. रामकुमार ठहरा हुआ शहर - विष्णु चन्द्र शर्मा टेढ़े मुंह वाला दिन - हर दर्शन सहगल डिप्लोमेट - निमाई भट्टाचा ...

हिन्दी पुस्तकों की सूची/त

नरेन्द्र मोहनी - देवकी नन्दन खत्री नूतन ब्रह्मचारी - बाल कृष्ण भट्ट देश भक्त शहिदों की गाथाएं - व्यथित हृदय दुल्हन बाजार - राबिन शॉ पुष्प तिष्य रक्षिता - गिरीश सक्सेना त्रिपुर सुन्दरी - र.श.केलकर दूसरा सूरज - राम कुमार भ्रमर तुलसी दास - उमर नाथ श ...

हिन्दी पुस्तकों की सूची/प

मीठे परांठे - श्रीमती रतन शर्मा मेवे रा रूंख - अन्नाराम सुदामा मान सरोवर भाग-। - प्रेमचंद पति परम गुरू-2 - विमल मित्र मान सरोवर भाग-5 - प्रेमचंद महात्याग-गांधी प्रथम दर्शन - शंकर दयाल सिंह मेरी प्रिय कहानियां - मन्नू भण्डारी मेरी श्रेष्ठ व्यंग्य ...

हिन्दी पुस्तकों की सूची/य

लहरों के बीच - सुनील गंगोपाध्याय विद्यार्थी जीवन में उन्नति के उपाय - कृष्ण विकल युधिष्ठिर की कथाएं - अमरचित्रकथाएं राजयोगः साधना और सिद्वान्त - ब्रह्म मित्र अवस्थी वेतन भेागी करदाता समस्या समाधान - बी. एन. गोयल लज्जा हरण - विमल मित्र यश की धरोहर ...

हिन्दी पुस्तकों की सूची/श

संवाद शीर्षक से कविता संग्रह-ईश्वर दयाल गोस्वाामी हंसी हाजिर हो - सुशील कालरा हिंदीधातु कोश - मुरलीधर श्रीवास्तव स्त्री - विमल मित्र सागर कन्याऐं - खलील जिब्रान स्नहे सुरभि - स्नेह लता पाठक सम्पूर्ण गृहकला - संतोष ग्रोवर शिकायत मुझे भी है - हरि श ...

ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी

ज्ञानमण्डल लिमिटेड हिन्दी पुस्तकों एवं पत्रों का प्रमुख प्रकाशक है। इसकी स्थापना १९१९ में शिव प्रसाद गुप्त ने की थी। इसका कार्यालय वाराणसी में कबीर चौरा पर स्थित है।

हिन्दी के बाल साहित्यकार

शताब्दी की चुनी हुई बाल कविताओं के प्रमुख रचनाकारों में-- श्रीधर पाठक की प्रमुख बाल कविताओं में- कुक्कुटी, उठो भई उठो, देल छे आए, तीतर, बिल्ली के बच्चे, तोते पढ़े, मैना, चकोर, मोर, कोयल, गुड्डी लोरी महावीर प्रसाद की प्रमुख बाल कविताओं में- कोकिल ...

हिन्दी बाल साहित्य

हिन्दी बाल साहित्य की बहुत समृद्ध परम्परा हॅ। बाल साहित्य के अन्तर्गत वह समस्त साहित्य आता है जिसे बच्चों के मानसिक स्तर को ध्यान में रखकर लिखा गया हो। बाल साहित्य में रोचक कहानियाँ एवं कविताएँ प्रमुख हैं। रवीद्रनाथ टैगोर का बाल साहित्य नाम से बच ...

अविनाश वाचस्पति

अविनाश वाचस्पति एक भारतीय साहित्यकार, लेखक और व्यंग्यकर थे। वे दिल्ली विश्वविद्यालय से कला स्नातक थे और भारतीय जन संचार संस्थान से संचार परिचय, तथा हिंदी पत्रकारिता पाठ्यक्रम पूरा किया था। साहित्यकार होने के साथ-साथ वे साहित्य, फ़िल्म और समाज से ...

हुल्लड़ मुरादाबादी

हुल्लड़ मुरादाबादी एक हिंदी हास्य कवि थे। इतनी ऊंची मत छोड़ो, क्या करेगी चांदनी, यह अंदर की बात है, तथाकथित भगवानों के नाम जैसी हास्य कविताओं से भरपूर पुस्तकें लिखने वाले हुल्लड़ मुरादाबादी को कलाश्री, अट्टहास सम्मान, हास्य रत्न सम्मान, काका हाथर ...

शरद जोशी

{{ शरद जोशी १९३१-१९९१ हिन्दी जगत के प्रमुख व्यंगकार शरद जोशी का जन्म मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में २१ मई १९३१ को हुआ। जीवन परिचय - कुछ समय तक यह सरकारी नौकरी में रहे, फिर इन्होंने लेखन को ही आजीविका के रूप में अपना लिया। लेखन परिचय - आरम्भ में कु ...

माला शब्द संशोधक

माला शब्द संशोधक एक प्रकार का शब्द संशोधक है, जिसका निर्माण 25 दिसम्बर 2013 को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के निर्माण दल द्वारा किया गया था। इसका नाम माखनलाल जी के नाम पर ही रखा गया है। यह निःशुल्क और मुक्त स्रो ...

हिन्दी साहित्य का इतिहास

हिन्दी साहित्य पर अगर समुचित परिप्रेक्ष्य में विचार किया जाए तो स्पष्ट होता है कि हिन्दी साहित्य का इतिहास अत्यंत विस्तृत व प्राचीन है। सुप्रसिद्ध भाषा वैज्ञानिक डॉ० हरदेव बाहरी के शब्दों में, हिन्दी साहित्य का इतिहास वस्तुतः वैदिक काल से आरम्भ ह ...

जगन्मोहन मण्डल

जगन्मोहन मंडल, हिन्दी की एक साहित्यिक संस्था थी जिसका निर्माण काशी के भारतेन्दु मंडल की तर्ज पर हुआ था। इसके संस्थापक भारतेन्दुयुगीन कवि, आलोचक और उपन्यासकार ठाकुर जगन्मोहन सिंह थे। छत्तीसगढ़ में ठाकुर जगमोहनसिंह का साहित्यिक वातावरण बनाने में मह ...

जॉन बार्थविक गिलक्राइस्ट

जॉन बार्थविक गिलक्राइस्ट अथवा जे॰ बी॰ गिलक्रिस्ट, ईस्ट इंडिया कम्पनी के कर्मचारी एवं भारतविद थे। कलकत्ता के फोर्ट विलियम्स कॉलेज में इन्होने हिंदुस्तानी भाषा की पुस्तकें तैयार कराने का कार्य किया।

नासिकेतोपाख्यान

नासिकेतोपाख्यान की रचना सदल मिश्र ने १८०३ ई. में किया है। इसकी भाषा संस्कृतनिष्ठ है। सदल मिश्र उन दिनों कलकत्ता के फोर्ट विलियम कॉलेज में कार्यरत थे। यह पुस्तक भी पाठ्यपुस्तकों के अभाव की पूर्ति की गिलक्राइस्ट की कोशिशों का परिणाम था। नासिकेतोपाख ...

फ्रेडरिक पिन्काट

फ्रेडरिक पिन्काट इंग्लैण्ड के निवासी एवं किन्तु हिन्दी के परम् हितैषी थे। स्वयं हिन्दी में लेख लिखने तथा हिन्दी पत्रिकाएँ सम्पादित करने के अलावा उन्होने तत्कालीन् हिन्दी लेखकों को भी प्रोत्साहित किया। इंग्लैण्ड में बैठे-बैठे ही उन्होने हिन्दी पर ...

भाग्यवती उपन्यास

भाग्यवती पण्डित श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा रचित हिन्दी उपन्यास है। इसकी रचना सन् १८८७ में हुई थी।हालाँकि इसके पहले लाला श्रीनिवास द्वारा रचित उपन्यास परीक्षागुरू जिसका प्रकाशन 1882 मे किया गया;को हिंदी का पहला उपन्यास माना गया है। भाग्यवती की रचन ...

मिश्रबंधु-विनोद

मिश्रबंधु-विनोद मिश्रबन्धुओं द्वारा लिखित हिन्दी का साहित्यिक तथा प्रारम्भिक इतिहास-ग्रन्थ है। यह साहित्यिक इतिहास तीन लेखकों गणेशबिहारी मिश्र, शुकदेवबिहारी मिश्र तथा श्यामबिहारी मिश्र आदि का मिला-जुला प्रयास है।

रीति काल

स्रोतहीन सन् १७०० ई.1757 विक्रमी संवत के आस-पास हिंदी कविता में एक नया मोड़ आया। इसे विशेषत: तात्कालिक दरबारी संस्कृति और संस्कृत साहित्य से उत्तेजना मिली। संस्कृत साहित्यशास्त्र के कतिपय अंशों ने उसे शास्त्रीय अनुशासन की ओर प्रवृत्त किया। हिंदी ...

हिंदी साहित्य का बृहत् इतिहास

हिंदी साहित्य का बृहत् इतिहास नागरीप्रचारिणी सभा, वाराणसी द्वारा 16 खंडों में प्रकाशित है। यह मुख्यतः 1960 ई० तक की अवधि से पूर्व हिंदी साहित्य के आद्यन्त विस्तार को समाहित करने वाला, अनेकानेक विद्वानों द्वारा लिखित एवं संपादित, बृहत् साहित्येतिह ...

हिन्दी साहित्य के इतिहास का लेखन

हिन्दी के आरंभिक काल से लेकर आधुनिक व आज की भाषा में आधुनिकोत्तर काल तक साहित्य इतिहास लेखकों के शताधिक नाम गिनाये जा सकते हैं। हिन्दी साहित्य के इतिहास को शब्दबद्ध करने का प्रश्न अधिक महत्वपूर्ण था। हिन्दी साहित्य के इतिहास-लेखन का कार्य विभिन्न ...

अनन्त गोपाल शेवड़े

अनन्त गोपाल शेवड़े हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार एवं लघुकथाकार थे। वे मराठी भाषी थे किंतु हिंदी में उन्होंने स्तरीय साहित्य सृजन किया। उनके उपन्यास ज्वालामुखी का भारत की 14 भाषाओं में अनुवाद कराया गया। उनके एक अन्य उपन्यास मंगला को ब्रेल लिपि में ...

अन्नपूर्णानन्द

अन्नपूर्णानंद हिंदी में शिष्ट और श्लील हास्य के लेखक थे। विख्यात मनीषी तथा राजनेता डा.सम्पूर्णानन्द के आप छोटे भाई थे। आपकी पढ़ाई उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के एक छोटे स्कूल से आरंभ हुई और "लखनlets do sex की। मोतीलाल नेहरू के पत्र इंडिपेंडेंट में कु ...

अशोक मिश्र

अशोक मिश्र हिन्दी पत्रकार, कहानीकार तथा लेखक हैं। अशोक मिश्र दिल्ली से प्रकाशित होने वाली इण्डिया न्यूज पत्रिका के उप सम्पादक रहे। वो रचना क्रम पत्रिका के सम्पादक रहे हैं। वर्तमान में अशोक मिश्र महात्मा गान्धी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय ...

आचार्य रामचंद्र वर्मा

आचार्य रामचंद्र वर्मा हिन्दी के साहित्यकार एवं कोशकार रहे हैं। हिन्दी शब्दसागर के सम्पादकमण्डल के प्रमुख सदस्य थे। आपने आचार्य किशोरीदास वाजपेयी के साथ मिलकर अच्छी हिन्दी का आन्दोलन चलाया। आपके समय में हिन्दी का मानकीकरण हुआ।

ईश्वरी प्रसाद शर्मा

ईश्वरी प्रसाद शर्मा, हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यिकार-पत्रकार थे। उन्होने दर्जनों पत्रों का संपादन किया। इनमें धर्माभ्युदय`: आगरा, पाटलिपुत्र`: पटना, मनोरंजन`: आरा, लक्ष्मी`: गया, श्रीविद्या` और हिन्दू पंच`: कोलकात्ता प्रमुख है। बिहार के आरा शहर मे ...

ओम आनन्द सरस्वती

स्वामी डॉ ओम आनन्द सरस्वती हिन्दी साहित्यकार, विद्वान, लेखक, विचारक एवं पद्मिनी कन्या आर्य गुरूकुल चित्तौडगढ़ के संस्थापक हैं।

कर्ण सिंह चौहान

डॉ॰ कर्ण सिंह चौहान वरिष्ठ लेखक और आलोचक हैं। इनकी एक दर्जन से अधिक आलोचना-पुस्तकें, कविता-संकलन, कहानी-संग्रह, यात्रा-वृत्तांत, डायरी और अनुवाद प्रकाशित हैं। मूल रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन किया लेकिन कई वर्षों तक सोफिया विश्वविद्याल ...

कुँवरपाल सिंह

प्रो॰ कुँवरपाल सिंह हिन्दी के जाने माने विद्वान, संपादक, लेखक और साहित्यकार हैं। उनका जन्म हाथरस जिले के कैलोरा ग्राम के एक किसान परिवार में हुआ। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से १९५९ में बी.ए., १९६१ में एम.ए. तथा १९६९ में पी-एच.डी. उपाधि प्राप्त ...

कुन्दन अमिताभ

श्री कुन्दन अमिताभ हिन्दी एवं अंगिका भाषा के जाने-माने साहित्यकार हैं। वे अंगिका भाषा के विकास और वेब पर उसकी उपस्थिति बनाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने २००३ में अंगिका भाषा का एक वेब साइट तैयार किया गया था। २००४ में उनके सहयोग से अंगिका भाषा ...

केशवप्रसाद मिश्र

आचार्य जी के पूर्वज बस्ती जिला के धर्मपुर गाँव के कई शताब्दी पूर्व काशी आकर भदैनी मुहल्ले में बस गए। प्राचीन राममंदिर के पास ही आप लोगों का पैतृक गृह था। यहीं विक्रम संमवत 26 जुलाई 1926 को मिश्र जी का जन्म हुआ। पंडित जी अपने पिता पं० भगवतीप्रसाद ...

के॰ सच्चिदानन्दन

के. सच्चिदानन्दन मलयालम भाषा के वरिष्ठ कवि एवं आलोचक हैं। वे श्रीकान्त वर्मा फेलोशिप, ओमान केरल सांस्कृतिक केन्द्र से पुरस्कृत हैं। इनकी समलोचना की कई पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं।