ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 349

खूँटियों पर टँगे लोग

खूँटियों पर टँगे लोग हिन्दी के विख्यात साहित्यकार सर्वेश्वरदयाल सक्सेना द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1983 में मरणोपरांत साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

चुका भी हूँ नहीं मैं

चुका भी हूँ नहीं मैं हिन्दी के विख्यात साहित्यकार शमशेर बहादुर सिंह द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1977 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

ज़िन्दगीनामा - ज़िन्दा रुख़

ज़िन्दगीनामा - ज़िन्दा रुख़ हिन्दी के विख्यात साहित्यकार कृष्णा सोबती द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् १९८० में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसका प्रकाशन सन् 1979 में हुआ था।

ढाई घर

ढाई घर हिन्दी के विख्यात साहित्यकार गिरिराज किशोर द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 1992 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

ताप के ताए हुए दिन

ताप के ताये हुए दिन हिन्दी के विख्यात साहित्यकार त्रिलोचन द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1981 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

दो चट्टानें

दो चट्टानें हिन्दी के विख्यात साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1968 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

नए इलाक़े में

नए इलाक़े में हिन्दी के विख्यात साहित्यकार अरुण कमल द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1998 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

निराला की साहित्य साधना

निराला की साहित्य साधना हिन्दी के विख्यात साहित्यकार रामविलास शर्मा द्वारा रचित एक जीवनी है जिसके लिये उन्हें सन् 1970 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस जीवनी का प्रकाशन सन् १९६९ में हुआ था। निराला की साहित्य साधना तीन खंडों मे ...

नीला चाँद

नीला चाँद हिन्दी के विख्यात साहित्यकार शिवप्रसाद सिंह द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 1990 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

पद्मावत: संजीवनी व्याख्या

पद्मावत: संजीवनी व्याख्या हिन्दी के विख्यात साहित्यकार वासुदेवशरण अग्रवाल द्वारा रचित एक टीका है जिसके लिये उन्हें सन् 1956 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

प्रेमचंद: क़लम का सिपाही

प्रेमचंद: क़लम का सिपाही हिन्दी के विख्यात साहित्यकार अमृत राय द्वारा रचित एक जीवनी है जिसके लिये उन्हें सन् 1963 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बुद्ध धर्म–दर्शन

बुद्ध धर्म–दर्शन हिन्दी के विख्यात साहित्यकार आचार्य नरेन्द्रदेव द्वारा रचित एक दर्शन है जिसके लिये उन्हें सन् 1957 में मरणोपरांत साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बुनी हुई रस्सी

बुनी हुई रस्सी हिन्दी के विख्यात साहित्यकार भवानीप्रसाद मिश्र द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1972 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

भूले बिसरे चित्र

भूले बिसरे चित्र हिन्दी के विख्यात साहित्यकार भगवतीचरण वर्मा द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 1961 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मध्य एशिया का इतिहास

मध्य एशिया का इतिहास हिन्दी के विख्यात साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन द्वारा रचित एक इतिहास है जिसके लिये उन्हें सन् 1958 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।6

मिट्टी की बारात

मिट्टी की बारात हिन्दी के विख्यात साहित्यकार शिवमंगल सिंह सुमन द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1974 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मुक्तिबोध (उपन्यास)

मुक्तिबोध हिन्दी के विख्यात साहित्यकार जैनेन्द्र कुमार द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 1966 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मुझे चाँद चाहिए

मुझे चाँद चाहिए हिन्दी के विख्यात साहित्यकार सुरेन्द्र वर्मा द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 1996 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मैं वक़्त के हूँ सामने

मैं वक़्त के हूँ सामने हिन्दी के विख्यात साहित्यकार गिरिजाकुमार माथुर द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1991 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

रस सिद्धांत (विवेचना)

रस–सिद्धांत हिन्दी के विख्यात साहित्यकार नगेन्द्र द्वारा रचित एक काव्यशास्त्र है जिसके लिये उन्हें सन् 1965 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

रागदरबारी

रागदरबारी विख्यात हिन्दी साहित्यकार श्रीलाल शुक्ल की प्रसिद्ध व्यंग्य रचना है जिसके लिये उन्हें सन् 1970 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह ऐसा उपन्यास है जो गाँव की कथा के माध्यम से आधुनिक भारतीय जीवन की मूल्यहीनता को सहजता और ...

लोग भूल गए हैं

लोग भूल गए हैं हिन्दी के विख्यात साहित्यकार रघुवीर सहाय द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1984 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

विकलांग श्रद्धा का दौर

विकलांग श्रद्धा का दौर हिन्दी के विख्यात साहित्यकार हरिशंकर परसाई द्वारा रचित एक व्यंग्य है जिसके लिये उन्हें सन् 1982 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

संस्कृति के चार अध्याय

संस्कृति के चार अध्याय हिन्दी के विख्यात साहित्यकार रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित एक भारतीय संस्कृति का सर्वेक्षण है जिसके लिये उन्हें सन् 1959 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। संस्कृति के चार अध्याय राष्ट्रकवि स्वर्गीय रामधारी ...

हिमतरंगिनी

हिमतरंगिनी हिन्दी के विख्यात साहित्यकार माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1955 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इन्हीं हथियारों से

इन्हीं हथियारों से हिन्दी के विख्यात साहित्यकार अमरकान्त द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 2007 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

एम एंड द बिग हूम

एम एंड द बिग हूम अंग्रेज़ी भाषा के विख्यात साहित्यकार जेरी पिन्टो द्वारा रचित एक उपन्यास है। इनके लिये उन्हें सन् २०१६ में अंग्रेज़ी भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कलि–कथा: वाया बाइपास

कलि–कथा: वाया बाइपास हिन्दी के विख्यात साहित्यकार अलका सरावगी द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 2001 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कितने पाकिस्तान

कितने पाकिस्तान हिन्दी के विख्यात साहित्यकार कमलेश्वर द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 2003 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह उपन्यास भारत-पाकिस्तान के बँटवारे और हिंदू-मुस्लिम संबंधों पर आधारित है।। यह उनके मन क ...

कोहरे में कैद रंग

कोहरे में कैद रंग हिन्दी के विख्यात साहित्यकार गोविन्द मिश्र द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 2008 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समकालीन साहित्य में अपनी अलग पहचान बनाने वाले विख्यात कथाकार गोविन्द मिश्र का उपन् ...

क्याप

क्याप हिन्दी के विख्यात साहित्यकार मनोहर श्याम जोशी द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 2005 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। क्याप प्रख्यात हिन्दी लेखक मनोहरश्याम जोशी द्वारा लिखा गया एक उपन्यास है। क्याप कुमाउँनी भा ...

द साड़ी शॉप

द साड़ी शॉप अंग्रेज़ी भाषा के विख्यात साहित्यकार रूपा बाजवा द्वारा रचित एक उपन्यास है। ये लेखिका बाजवा का प्रथम उपन्यास जो २००४ मे प्रकाशीत हुआ। इनके लिये उन्हें सन् २००६ में अंग्रेज़ी भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

दुष्चक्र में सृष्टा

दुष्चक्र में सृष्टा हिन्दी के कवि वीरेन डंगवाल का कविता संग्रह है। इसका प्रकाशन वर्ष २००२ में हुआ और इसे वर्ष २००४ का साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया।

दो पंक्तियों के बीच

दो पंक्तियों के बीच हिन्दी के विख्यात साहित्यकार राजेश जोशी द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 2002 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

पत्थर फेंक रहा हूँ

पत्थर फेंक रहा हूँ हिन्दी के विख्यात साहित्यकार चंद्रकांत देवताले द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 2012 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मिलजुल मन

मिलजुल मन हिन्दी के विख्यात साहित्यकार मृदुला गर्ग द्वारा रचित एक उपन्‍यास है जिसके लिये उन्हें सन् 2013 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मोहन दास

मोहन दास हिन्दी के विख्यात साहित्यकार उदय प्रकाश द्वारा रचित एक लघु उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 2010 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

रेहन पर रग्घू

रेहन पर रग्घू हिन्दी के विख्यात साहित्यकार काशीनाथ सिंह द्वारा रचित एक उपन्यास है जिसके लिये उन्हें सन् 2011 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

विनायक

विनायक हिन्दी के विख्यात साहित्यकार रमेशचन्‍द्र शाह द्वारा रचित एक उपन्‍यास है जिसके लिये उन्हें सन् 2014 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

संशयात्मा

संशयात्मा हिन्दी के विख्यात साहित्यकार ज्ञानेन्द्रपति द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 2006 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

हम जो देखते हैं

हम जो देखते हैं हिन्दी के विख्यात साहित्यकार मंगलेश डबराल द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 2000 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

हवा में हस्ताक्षर

हवा में हस्ताक्षर हिन्दी के विख्यात साहित्यकार कैलाश वाजपेयी द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 2009 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इनसाइक्लोपीदी

इनसाइक्लोपीदी फ्रांस में 1751 एवं 1772 के बीच प्रकाशित एक सामान्य विश्वकोश था। इसका पूरा नाम Encyclopédie, ou dictionnaire raisonné des sciences, des arts et des métiers था। इनसाइक्लोपीदी कई दृष्टियों से नयापन लिए हुए थी। यह पहला विश्वकोश था जिसम ...

एग्रोपीडिया

एग्रोपीडिया या कृषिविश्वकोश भारतीय कृषि से सम्बन्धित ज्ञान का एक आनलाइन भण्डार है। इस पर हिन्दी, अंग्रेजी तथा कुछ अन्य भारतीय भाषाओं में जानकारी है। यह परियोजना भारत सरकार द्वारा समर्थित एवं विश्व बैंक द्वारा प्रायोजित है। यह परियोजना १२ जनवरी २० ...

गुजराती विश्वकोश

गुजराती विश्वकोश गुजराती भाषा का प्रथम तथा एकमात्र विश्वकोश है। इसका प्रकाशन गुजराती विश्वकोश ट्रस्ट द्वारा किया गया है। यह २५ भागों में है तथा १६६ से अधिक विषयों पर २,३०,००० से अधिक लेख हैं।

महाराष्ट्रीय ज्ञानकोश

महाराष्ट्रीय ज्ञानकोश मराठी का प्रथम विश्वकोश था। डॉ श्रीधर व्यंकटेश केतकर इसके प्रधान सम्पादक थे। इस विश्वकोश पर १९१६ में कार्य आरम्भ हुआ और १९२८ में यह समाप्त हुआ।

भारत व्युत्पत्तिशास्त्र

भौगोलिक शब्द भारत, जिसे देश के लिए एक आधिकारिक नाम के रूप में भारत के संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त है, का उपयोग इसके कई रूपों में कई भारतीय भाषाओं द्वारा किया जाता है। भारत का उपनाम भरत है, एक धार्मिक आकृति है कि हिंदू शास्त्र प्राचीन भारत के ए ...

अजीव

काल को दो तरह से समझा जा सकता हैं:निश्चयनय और व्यवहारनय

ई-महाशब्दकोश

राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने सी-डैक पुणे के तकनीकी सहयोग से ई-महाशब्दकोश का निर्माण किया है। इस योजना के अंतर्गत शुरुआती दौर में प्रशासनिक शब्द संग्रह को देवनागरी यूनिकोड में प्रस्तुत किया गया है। इसमें आप अँग्रेजी का हिंदी पर्याय त ...

कोश

कोश एक ऐसा शब्द है जिसका व्यवहार अनेक क्षेत्रों में होता है और प्रत्येक क्षेत्र में उसका अपना अर्थ और भाव है। यों इस शब्द का व्यापक प्रचार वाङ्मय के क्षेत्र में ही विशेष है और वहाँ इसका मूल अर्थ शब्दसंग्रह है। किंतु वस्तुत: इसका प्रयोग प्रत्येक भ ...