ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 344

श्रेयान्स प्रसाद जैन

श्रेयान्स प्रसाद जैन साहित्य, संस्कृति और कला के संवर्धन में अग्रणी नाम है। ये भारतीय ज्ञानपीठ के अध्यक्ष रहें एवं पद्मश्री की उपाधि से अलंकृत किए गये।

द्विवेदी पदक

द्विवेदी पदक साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम करने वालों को दिया जाता था। इस पदक को प्राप्त करने वाले महत्वपूर्ण लोगों के नाम इस प्रकार हैं महादेवी वर्मा १९४२ सुमित्रानंदन पंत १९३०

महादेवी वर्मा

महादेवी वर्मा हिन्दी की सर्वाधिक प्रतिभावान कवयित्रियों में से हैं। वे हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक मानी जाती हैं। आधुनिक हिन्दी की सबसे सशक्त कवयित्रियों में से एक होने के कारण उन्हें आधुनिक मीरा के नाम से भी ज ...

मंगलाप्रसाद पारितोषिक

मंगलाप्रसाद पुरस्कार काशी के एक प्रसिद्ध मंगला प्रसाद परिवार द्वारा प्रयाग स्थित हिंदी साहित्य सम्मेलन के माध्यम से साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले व्यक्ति को प्रदान किया जाता है। इसकी स्थापना पुरुषोत्तम दास टंडन ने की थी। मंगलाप्रस ...

अनुगूँज

अनुगूँज गीतांजलि श्री का पहला कहानी संग्रह है। इसमें संकलित दस कहानियों में जो संवेदना जो विद्रोह और प्रतिरोध है वह स्वयं को उजागर करते वक्त पात्रों की कमजोर होते स्वाभिमान अनदेखा नहीं करती, इशारों और बिम्बों के सहारे चित्रण करने वाला शिल्प और शि ...

आवां

सुपरिचित हिन्दी लेखिका चित्रा मुद्गल का बृहद उपन्यास आवां स्त्री-विमर्श का बृहद आख्यान है। जिसका देश-काल तो उनके पहले उपन्यास एक ज़मीन अपनी की तरह साठ के बाद का मुंबई ही है, लेकिन इसके सरोकार उससे कहीं ज़्यादा बड़े हैं, श्रमिकों के जीवन और श्रमिक ...

इंदु शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट

इंदु शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट की स्थापना मई १९९५ में इन्दु शर्मा के असामयिक निधन के बाद उनके नाम पर की गई थी। इसका पंजीकरण मुंबई में हुआ और इसके न्यासी विश्वनाथ सचदेव, राहुल देव एवं नवीन निश्चल हैं। तेजेन्द्र शर्मा इसके सचिव हैं जो स्वर्गीय इंदु शर् ...

एस॰आर॰ हरनोट

संक्षिप्त परिचय नामः एस. आर. हरनोट जन्मः हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की तहसील सुन्नी में स्थित पिछड़ी पंचायत व गांव चनावग में 22 जनवरी, में 22 जनवरी, 1955 के दिन। शिक्षाः बी.ए आनर्ज, एम.ए हिन्दी, पत्रकारिता, लोक सम्पर्क एवं प्रचार-प्रसार में उपाध ...

कुइयाँजान

कुइयाँजान नासिरा शर्मा का एक प्रसिद्ध उपन्यास है। कुइयाँ अर्थात वह जलस्रोत जो मनुष्य की प्यास आदिम युग से ही बुझाता आया है। आमतौपर हिंदी के लेखकों पर आरोप लगता रहा है कि वे जीवन की कड़वी सच्चाइयों और गंभीर विषयों की अनदेखी करते रहे हैं। हालांकि य ...

गीतांजलिश्री

गीतांजलि श्री हिन्दी की जानी मानी कथाकाऔर उपन्यासकार हैं। उत्तर-प्रदेश के मैनपुरी नगर में जन्मी गीतांजलि की प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में हुई। बाद में उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक और जवाहरलाल नेहरू विश्‍ववि ...

ज्ञान चतुर्वेदी

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भोपाल द्वारा संचालित एक अस्पताल में ह्रदय विशेषज्ञ डॉ ज्ञान चतुर्वेदी जानेमाने व्यंग्यकार हैं। 2002 में अपने उपन्यास बारामासी के लिए यू॰के॰ कथा सम्मान से सम्मानित किये गये।

भगवानदास मोरवाल

भगवानदास मोरवाल नगीना, मेवात में जन्मे भारत के सुप्रसिद्ध कहानी व उपन्यास लेखक हैं। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से एम.ए. की डिग्री हासिल की। उन्हें पत्रकारिता में डिप्लोमा भी हासिल है। मोरवाल के अन्य प्रकाशित उपन्यास हैं काला पहाड़ एवं बाबल त ...

मैं बोरिशाइल्ला

महुआ माझी का उपन्यास मैं बोरिशाइल्ला बांग्लादेश की मुक्ति-गाथा पर केंद्रित है। यह उपन्यास बहुत ही कम समय में खासा चर्चित हुआ है और इस कृति को सम्मानित भी किया गया है। इस उपन्यास के असामान्य शीर्षक के बारे में स्पष्टीकरण देती हुई वे, उपन्यास के प् ...

रेत (कथा)

हिन्दी कथा में अपनी अलग और देशज छवि बनाए और बचाए रखने वाले चर्चित लेखक भगवानदास मोरवाल के इस नये उपन्यास के केन्द्र में है - माना गुरु और माँ नलिन्या की संतान कंजर और उसका जीवन। कंजर यानी काननचर अर्थात् जंगल में घूमने वाला। अपने लोक-विश्वासों व ल ...

असग़र वजाहत

असग़र वजाहत हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में मुख्यतः साठोत्तरी पीढ़ी के बाद के महत्त्वपूर्ण कहानीकार एवं सिद्धहस्त नाटककार के रूप में मान्य हैं। इन्होंने कहानी, नाटक, उपन्यास, यात्रा-वृत्तांत, फिल्म तथा चित्रकला आदि विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर् ...

कमल किशोर गोयनका

डॉ॰ कमल किशोर गोयनका दिल्ली विश्वविद्यालय में हिन्दी विभाग के अवकाशप्राप्त प्राध्यापक हैं। उन्होंने वहाँ चालीस वर्ष अध्यापन किया। गोयनकाजी उपन्यास सम्राट प्रेमचन्द के साहित्य के सर्वोत्तम विद्वान शोधकर्ता माने जाते हैं। मुंशी प्रेमचन्द पर उनकी अन ...

कोई दूसरा नहीं

कोई दूसरा नहीं हिन्दी के विख्यात साहित्यकार कुँवर नारायण द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1995 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मन्नू भंडारी

मन्नू भंडारी हिन्दी की सुप्रसिद्ध कहानीकार हैं। मध्य प्रदेश में मंदसौर जिले के भानपुरा गाँव में जन्मी मन्नू का बचपन का नाम महेंद्र कुमारी था। लेखन के लिए उन्होंने मन्नू नाम का चुनाव किया। उन्होंने एम ए तक शिक्षा पाई और वर्षों तक दिल्ली के मिरांडा ...

कुँवर नारायण

सुरज का आलेख}} कुँवर नारायण १९ सितम्बर १९२७ -- १५ नवम्बर २०१७ एक हिन्दी साहित्यकार थे। नई कविता आन्दोलन के सशक्त हस्ताक्षर कुँवर नारायण अज्ञेय द्वारा संपादित तीसरा सप्तक १९५९ के प्रमुख कवियों में रहे हैं। 2009 में उन्हें वर्ष 2005 के लिए भारत के ...

कृष्णा सोबती

कृष्णा सोबती मुख्यतः हिन्दी की आख्यायिका लेखिका थे। उन्हें १९८० में साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा १९९६ में साहित्य अकादमी अध्येतावृत्ति से सम्मानित किया गया था। अपनी बेलाग कथात्मक अभिव्यक्ति और सौष्ठवपूर्ण रचनात्मकता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने ...

नरेन्द्र कोहली

डॉ॰ नरेन्द्र कोहली प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार हैं। कोहली जी ने साहित्य के सभी प्रमुख विधाओं एवं गौण विधाओं और आलोचनात्मक साहित्य में अपनी लेखनी चलाई है। उन्होंने शताधिक श्रेष्ठ ग्रंथों का सृजन किया है। हिन्दी साहित्य में महाकाव्यात्मक उपन्यास की ...

नेमिचन्द्र जैन

नेमिचन्द्र जैन हिन्दी के सुप्रसिद्ध कवि, समालोचक, नाट्य-समीक्षक, पत्रकार, अनुवादक, शिक्षक थे। वे भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष में भी शामिल हुए थे। ये नटरंग प्रतिष्ठान के अध्यक्ष थे। वे 1959-76 राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में वरिष्ठ प्राध्यापक, 1976- ...

राजेन्द्र यादव

राजेन्द्र यादव हिन्दी के सुपरिचित लेखक, कहानीकार, उपन्यासकार व आलोचक थे। नयी कहानी के नाम से हिन्दी साहित्य में उन्होंने एक नयी विधा का सूत्रपात किया। उपन्यासकार मुंशी प्रेमचन्द द्वारा सन् 1930 में स्थापित साहित्यिक पत्रिका हंस का पुनर्प्रकाशन उन ...

रामदरश मिश्र

डॉ॰ रामदरश मिश्र हिन्दी के प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं। ये जितने समर्थ कवि हैं उतने ही समर्थ उपन्यासकाऔर कहानीकार भी। इनकी लंबी साहित्य-यात्रा समय के कई मोड़ों से गुजरी है और नित्य नूतनता की छवि को प्राप्त होती गई है। ये किसी वाद के कृत्रिम दबाव मे ...

भाषा सम्मान पुरस्कार

भाषा सम्मान पुरस्कार एक भारतीय साहित्यिक पुरस्कार जो हर साल प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के वितरण का प्रारंभ साहित्य अकादमी ने १९९६ से किया। साहित्य अकादमी मान्यता-प्राप्त २४ भारतीय भाषाओं में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान करती है। इसलिए भाष ...

राजस्थानी के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेताओं की सूची

साहित्य अकादमी पुरस्कार एक साहित्यिक सम्मान है जो कुल २४ भाषाओं में प्रदान किया जाता हैं और राजस्थानी भाषा इन में से एक भाषा हैं। इस भाषा में १९७४ से पुरस्कार देना शुरु हुआ।

साहित्य अकादमी पुरस्कार कोंकणी

साहित्य अकादमी पुरस्कार एक साहित्यिक सम्मान है जो कुल २४ भाषाओं में प्रदान किया जाता हैं और कोंकणी भाषा इन में से एक भाषा हैं। अकादमी ने १९७७ से इस भाषा के लिए पुरस्कारों को पेश किया।

साहित्य अकादमी पुरस्कार डोगरी

साहित्य अकादमी पुरस्कार एक साहित्यिक सम्मान है जो कुल २४ भाषाओं में प्रदान किया जाता हैं और डोगरी भाषा इन में से एक भाषा हैं। अकादमी ने १९७० से इस भाषा के लिए पुरस्कारों को पेश किया।

साहित्य अकादमी पुरस्कार नेपाली

साहित्य अकादमी पुरस्कार एक साहित्यिक सम्मान है जो कुल २४ भाषाओं में प्रदान किया जाता हैं और नेपाली भाषा इन में से एक भाषा हैं। अकादमी ने १९७७ से इस भाषा के लिए पुरस्कारों को पेश किया।

साहित्य अकादमी पुरस्कार बोड़ो

साहित्य अकादमी पुरस्कार एक साहित्यिक सम्मान है जो कुल २४ भाषाओं में प्रदान किया जाता हैं और बोड़ो भाषा इन में से एक भाषा हैं। अकादमी ने २००५ से इस भाषा के लिए पुरस्कारों को पेश किया।

साहित्य अकादमी पुरस्कार मणिपुरी

साहित्य अकादमी पुरस्कार एक साहित्यिक सम्मान है जो कुल २४ भाषाओं में प्रदान किया जाता हैं और मणिपुरी भाषा इन में से एक भाषा हैं। अकादमी ने १९७३ से इस भाषा के लिए पुरस्कारों को पेश किया।

साहित्य अकादमी पुरस्कार मैथिली

साहित्य अकादमी पुरस्कार एक साहित्यिक सम्मान है जो कुल २४ भाषाओं में प्रदान किया जाता हैं और मैथिली भाषा इन में से एक भाषा हैं। अकादमी ने १९६६ से इस भाषा के लिए पुरस्कारों को पेश किया।

साहित्य अकादमी पुरस्कार सिन्धी

साहित्य अकादमी पुरस्कार एक साहित्यिक सम्मान है जो कुल २४ भाषाओं में प्रदान किया जाता हैं और सिन्धी भाषा इन में से एक भाषा हैं। अकादमी ने १९५९ से इस भाषा के लिए पुरस्कारों को पेश किया।

२००८ के साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा

समकालीन कथा लेखन में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले प्रसिद्ध लेखक गोविंद मिश्और उर्दू के शायर जयंत परमार समेत 21 लेखकों को वर्ष 2008 के साहित्य अकादमी पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई। अकादमी के अध्यक्ष सुनील गंगोपाध्याय की अध्यक्षता में मंगलवार क ...

पुलित्ज़र पुरस्कार

1917 में प्रारम्भ किया गया पुलित्जर पुरस्कार, संयुक्त राज्य अमेरिका का एक प्रमुख पुरस्कार है जो समाचार पत्रों की पत्रकारिता, साहित्य एवं संगीत रचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को प्रदान किया जाता है। इसकी स्थापना हंगरी मूल के अमेरिक ...

मैन बुकर पुरस्कार

मैन बुकर पुरस्कार फ़ॉर फ़िक्शन जिसे लघु रूप में मैन बुकर पुरस्कार या बुकर पुरस्कार भी कहा जाता है, राष्ट्रकुल या आयरलैंड के नागरिक द्वारा लिखे गए मौलिक अंग्रेजी उपन्यास के लिए हर वर्ष दिया जाता है। 2008 वर्ष का पुरस्कार भारतीय लेखक अरविन्द अडिग क ...

गाइड (उपन्यास)

गाइड अंग्रेजी भाषा के महान भारतीय उपन्यासकाआर के नारायण का उपन्यास है। यह आर के नारायण का सबसे प्रसिद्ध उपन्यास है। इसे देश और विदेशों में जबरदस्त सराहना मिली है। उनकी अधिकतर रचनाओं की तरह गाइड भी मालगुडी पर आधारित है। मालगुडी एक काल्पनिक स्थान ह ...

महात्मा का इंतजार

महात्मा का इंतजाआर के नारायण द्वारा लिखित मूलतः एक अंग्रेजी उपन्यास है। महात्मा का इंतजार इस बात का अध्ययन है कि गांधीवादी क्रांति की भारतीय जन साधारण पर कैसी प्रतिक्रिया हुई। राजनीतिक प्रचार से दूर एक मुकम्मल सर्जनात्मक कलाकृति के रूप में यह अध् ...

राज्यश्री (नाटक)

राज्यश्री जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक नाटक है। इसका प्रकाशन वर्ष 1915 है। इस नाटक में मालवा, स्थाणेश्वर, कन्नौज और मगध की राजपरिस्थितियों का वर्णन मिलता है। यह उनका प्रथम ऐतिहासिक नाटक है। इस नाटक का सारांश यह है, कि स्थानेश्वर में अपना राज्य स् ...

ऐतिहासिक उपन्यास

ऐतिहासिक उपन्यास उपन्यास साहित्य की वह विधा है जिसमें किसी भी कालखंड विशेष की प्रख्यात् कथा का चित्रण हो। वैसे तो किसी भी कालखंड विशेष का चित्रण ऐतिहासिक उपन्यास हो सकता है। रंगभूमि, बूंद और समुद्र, झूठा सच और उत्‍तरकथा भी अपने युग का प्रामाणिक च ...

ऑल ब्राइट प्लेसेस

ऑल ब्राइट प्लेसेस, जेनिफर निवेन का एक युवा वयस्क उपन्यास है। यह उपन्यास पहली बार 6 जनवरी 2015 को क्नोप प्रकाशन समूह के माध्यम से प्रकाशित हुआ था और निवेन की पहली युवा वयस्क कृति है। इसी पर आधारित एक फिल्म निर्मित हो रही है जिसमें एले फैनिंग ने अभ ...

कितने चौराहे

कितने चौराहे एक उपन्यास है जिसके रचायिता फणीश्वर नाथ रेणु हैं। इस उपन्यास में आजादी के ठीक पहले तथा उसके अन्त में आजादी के तुरत बाद के ग्रामीण भारत में हो रही गतिविधियों को चित्रित किया गया है। उपन्यास का परिवेश, रेणु के अन्य उपन्यासों की तरह, उत ...

कृष्णावतार

कृष्णावतार कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी द्वारा गुजराती में रचित सात उपन्यासों की एक शृंखला है। आठवें उपन्यास के लेखन के समय उनका देहान्त हो जाने के कारण यह उपन्यास अपूर्ण रह गया। ये उपन्यास कृष्ण के जीवन तथा महाभारत पर आधारित हैं। मुंशी जी ने प्रस्त ...

खाँटी किकटिया

खाँटी किकटिया हिंदी के चर्चित कहानीकाऔर उपन्यासकार अश्विनी कुमार पंकज का उपन्यास है। ‘माटी माटी अरकाटी’ फेम श्री पंकज का यह दूसरा उपन्यास है जो उन्होंने अपनी मातृभाषा मगही में लिखा हॅै। जनवरी, 2018 में प्रकाशित यह उपन्यास 600 ईसा पूर्व के सुप्रसि ...

घेरा (उपन्यास)

घेरा एक पुस्तक है जिसके लेखक वरिष्ठ पत्रकाऔर लेखक ओमकार चौधरी है। ओमकार चौधरी वर्तमान में हरिभूमि नामक समाचार पत्पर सम्पादक है। यह पुस्तक) सन २००१ में प्रकाशित हुई थी।

डॉन क्विक्ज़ोट

डॉन क्विक्ज़ोट एक किताब है। एक स्पेनिश लेखक Cervantes Saavedra द्वारा लिखित उपन्यास है। यह एक काल्पनिक कहानी है.इस उपन्यास में डाॅन क्विक्ज़ोट की उमर 50वर्ष,है। जो कि किताबें तब तक पढता है। जब तक कि उसका दिमाग नहीं घूम जाता। वो खुद को शूरवीर कहता ...

तमस (उपन्यास)

तमस भीष्म साहनी का सबसे प्रसिद्ध उपन्यास है। इसका प्रकाशन 1973 में हुआ था। वे इस उपन्यास से साहित्य जगत में बहुत लोकप्रिय हुए थे। तमस को १९७५ में साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। इस पर १९८६ में गोविंद निहलानी ने दूरदर्शन धारावा ...

द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर

द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर: नरेंद्र मोदी और उनका भारत भारतीय लेखक और राजनेता शशि थरूर, भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में एक 2018 गैर-कथा पुस्तक है। इसे 26 अक्टूबर, 2018 को मनमोहन सिंह, पी॰ चिदंबरम और अरुण शौरी द्वारा जारी किया गय ...

परती परिकथा

परती परिकथा एक उपन्यास है जिसके रचायिता फणीश्वर नाथ रेणु हैं। मैला आँचल के बाद यह रेणु का दूसरा आंचलिक उपन्यास है। इस उपन्यास के साथ ही हिंदी साहित्य जगत दो भागों में विभक्त हो गया: पहला वर्ग तो इसको मैला आँचल से भी बेहतर उपन्यास मानता था, वहीँ, ...

पौराणिक उपन्यास

किसी प्रसिद्ध पुराकथा को माध्यम बनाकर लिखा गया ऐसा उपन्यास पौराणिक उपन्यास कहलाता है जो उपनिषदों के मूल्यों को चरित्रों के माध्यम से उपन्यास के रूप में प्रस्तुत करे। पौराणिक उपन्यास केवल एक काल विशेष की घटनाएँ ही नहीं हैं, उनकी अपनी एक मूल्य-व्यव ...