ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 340

विट्ठल लक्ष्मण फड़के

विट्ठल लक्ष्मण फड़के भारत के लेखक तथा गांधीवादी समाजसेवी थे। स्वतन्त्रतापूर्व उन्होने भारत के गाँवों में स्वच्छता सेवा का अभियान चलाया। उन्हें समाज सेवा क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९६९ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

वी श्रीनिवास राघवन अरुणाचलम

वी श्रीनिवास राघवन अरुणाचलम एक भारतीय वैज्ञानिक हैं जिन्हें भारत सरकार ने प्रशासकीय सेवा के क्षेत्र में सन १९८६ में पद्म भूषण से सम्मानित किया था। ये दिल्ली से हैं।

कस्तूरीस्वामी श्रीस्वामी श्रीनिवासन

कस्तूरीस्वामी श्रीस्वामी श्रीनिवासन को उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९६९ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये तमिलनाडु से हैं।

२००७ में पद्म भूषण धारक

२२०७ प्द्म भूषन धारक: कला के क्षेत्र में। २२०७ प्द्म भूषन धारक: कला के क्षेत्र में - साजन मिश्र एवं राजन मिश्र, कोवलम नारायण पणिकर, तैयब मेहता और सोमनाथ होरे

२०१५ में पद्म भूषण धारक

भारत रत्न,पद्म विभूषण के बाद पद्म भूषण भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च सम्मान है। वर्ष 2015 में पद्म भूषण से सम्मानित व्यक्तियों की सूची इस प्रकार है-

२०१६ में पद्म भूषण धारक

भारत रत्न,पद्म विभूषण के बाद पद्म भूषण भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च सम्मान है। वर्ष २०१६ में पद्म भूषण से सम्मानित व्यक्तियों की सूची इस प्रकार है-

२०१७ में पद्म भूषण धारक

भारत रत्न,पद्म विभूषण के बाद पद्म भूषण भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च सम्मान है। वर्ष २०१७ में पद्म भूषण से सम्मानित व्यक्तियों की सूची इस प्रकार है-

पद्मश्री पुरस्कार (२०१०–२०१९)

नोट= * वि‍देशि‍यों/ अप्रवासी भारतीयों मूल के व्‍यक्‍ति‍यों की श्रेणी में पुरस्‍कार वि‍जेताओं को दर्शाता है। # मरणोपरांत श्रेणी में पुरस्‍कार वि‍जेताओं को दर्शाता है। $ संयुक्‍त श्रेणी के पुरस्‍कार वि‍जेताओं को दर्शाता है।

अति विशिष्ट सेवा पदक

अति विशिष्ट सेवा पदक सशस्त्र बलों के सभी रैंकों के लिए भारत सरकार का एक सैन्य पुरस्कार है यह पुरस्कार मरणोपरांत भी प्रदान किया जाता है। एक से अधिक बार यह पुरस्कार प्राप्त करने पर,पदक के साथ एक पट्टिका जोड़ दी जाती है।

उत्तम युद्ध सेवा पदक

उत्तम युद्ध सेवा पदक युद्धकालीन उल्लेखनीय सेवा के लिए भारत सरकार द्वारा प्रदत्त सैन्य सम्मान में से एक है। इसे परिचालन संबंधी उच्च स्तर की विशिष्ट सेवाओं के लिए दिया जाता है,"परिचालनात्मक संदर्भ" में युद्ध, संघर्ष या शत्रुता का समय शामिल हैं। यह ...

ऑपरेशन पराक्रम पदक

ऑपरेशन पराक्रम पदक भारत का एक सैन्य पुरस्कार है,यह ऑपरेशन पराक्रम में सशस्त्र बलों के कर्मियों और नागरिकों की सेवाओं के लिए प्रदान किया गया था। क्षेत्रीय सेना, सहायक और रिजर्व बल, नर्सिंग अधिकारियों और नर्सिंग सेवाओं के अन्य सदस्यों और ऑपरेशन में ...

ऑपरेशन विजय स्टार

ऑपरेशन विजय स्टार, सशस्त्र सेना कर्मियों और नागरिकों को दिया जाने वाला एक सेवा पदक है, जिन्होंने 1999 में ऑपरेशन विजय के दौरान मुठभेड़ों में भाग लिया था।

घाव पदक

घाव पदक या आहत मैडल एक भारतीय सैन्य सम्मान है जो उन सैनिकों को दिया जाता है, जिन्हें किसी अभियान या आतंक-विरोधी अभियान में सीधे शत्रु से घाव मिले हों।इस पदक की स्थापना १९७३ में भारत के राष्ट्रपति द्वारा १५ अगस्त, १९४७ की तिथि से की गई थी।

परम विशिष्ट सेवा पदक

परम विशिष्ट सेवा मेडल,भारत का एक सैन्य पुरस्कार है। इसका गठन 1960 में किया गया था और तब से आज तक, यह शांति के लिए और सेवा क्षेत्र में सबसे असाधारण कार्य सम्मानित किया जाता है। भारतीय सशस्त्र बलों सहित सभी रैंकों के लिए,प्रादेशिक सेना, सहायक और रि ...

भारतीय सेना के युद्ध सम्मान

भारतीय सेना के युद्ध सम्माउन उल्लेखनीय सेवा देने वाले सैनिको को दिए जाते है जिन्होंने शांति अथवा युद्ध काल में अपनी विशेष सेवाए दी। भारतीय सशस्‍त्र सेनाएँ सैन्य सम्मान के असंख्य पदको की पात्र हैं। असाधारण बहादुरी और साहस के लिए इन्हें सम्मानित कि ...

युद्ध सेवा पदक

युद्ध सेवा पदक युद्धकालीन समय के दौरान प्रतिष्ठित सेवा के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित सैन्य सम्मान है। यह परिचालन संबंधी संदर्भ में जिसमें युद्ध, संघर्ष या शत्रुता के समय शामिल हैं विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। इस सम्मान के प्राप्तकर ...

विशिष्ट सेवा पदक

विशिष्ट सेवा पदक भारत सरकार द्वारा सशस्त्र बलों के सभी रैंकों के कर्मियों के लिए,"विशिष्ट आदेश पर की जाने वाली असाधारण सेवा हेतु ", दिया जाने वाला सम्मान है। यह सम्मान मरणोपरांत भी प्रदान किया जा सकता है और एक से अधिक बार सम्मान प्राप्त करने पर र ...

संग्राम पदक

संग्राम पदक, पाकिस्तान के साथ 1971-72 के युद्ध के दौरान सेवा के लिए दिया गया था। जम्मू और कश्मीर, पंजाब, गुजरात, राजस्थान, पश्चिम बंगाल,असम, मेघालय,मिजोरम, त्रिपुरा के परिचालन क्षेत्रों में सेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस और नागरिकों की सेवा करने वाल ...

सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक

सर्वोतम युद्ध सेवा पदक भारत का युद्धकाल में सबसे प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान है। युद्ध के प्रसंग में,अथवा युद्ध, संघर्ष या शत्रुता के समय असाधारण शौर्य के लिए दिया जाता हैं। यह पुरस्कार,युद्धकाल में,शांतिकाल के सर्वोच्च सेवा सम्मान परम विशिष्ट सेवा प ...

सामान्य सेवा पदक 1965

सामान्य सेवा पदक 1965 भारतीय सशस्त्र बलों को दिया जाने वाला एक सैन्य सेवा पदक है।इसकी स्थापना 8 मई 1975 को की गयी थी तथा 26 जनवरी 1965 से प्रभावी हुआ। सामान्य सेवा पदक उस सक्रिय सेवा के लिए दिया जाता है जहां कोई अन्य पदक दिए जाने का प्रावधान नहीं है।

सियाचिन ग्लेशियर पदक

सियाचिन ग्लेशियर पदक पाकिस्तान के साथ भारत की उत्तरी सीमा पर सियाचिन ग्लेशियर पर युद्ध अथवा सेवा के लिए दिया जाता है। अप्रैल 1984 से सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र में ऑपरेशन मेघदूत में भाग लेने वाले सैनिकों की सहायता करने के लिए, भारतीय वायु सेना को इ ...

गीता और संजय चोपड़ा अपहरण मामला

गीता और संजय चोपड़ा अपहरण मामला नई दिल्ली का 1978 में होने वाला एक कुख्यात अपराध था। दो बच्चे गीता और संजय चोपड़ा को दो युवक रंगा ख़ुश बिल्ला ने उन बच्चों के माता-पिता से फिरौती की मांग करने की योजना के तहत अपहरण कर लिया। उनके पिता के नौसेना अधिक ...

भारतीय बाल कल्‍याण परिषद

भारतीय बाल कल्याण परिषद हर वर्ष 6-18 साल से कम उम्र के बच्चों को चुनकर उन्हें वीरता पुरस्कार देता है। बहादुरी के लिए दिए जाने वाले राष्ट्रीय पदकों की शुरुआत 1957 में भारतीय बाल कल्याण परिषद द्वारा की गई थी।

नेशनल बुक अवॉर्ड (संयुक्त राज्य)

2005 - नार्मन मेलर 1996 - टोनी मारिसन 2006 - एड्रियेन रिच 2000 - रे ब्रैडबेरि 2004 - जूडी ब्लूम 1991 - यूडोरा वेल्टी 1995 - डेविड मककला 1999 - ओप्रा विन्फ्री 1994 - ग्वेंडोलिन ब्रुक्स 1993 - क्लिफटन फैडिमन 2002 - फिलिप राथ 1997 - स्टड्स टर्केल 20 ...

अनामिका (हिंदी कवयित्री)

अनामिका हिंदी की कवयित्री हैं। उन्हें हिंदी कविता में अपने विशिष्ट योगदान के कारण राजभाषा परिषद् पुरस्कार, साहित्य सम्मान, भारतभूषण अग्रवाल एवं केदार सम्मान पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। जन्म: 17 अगस्त 1961, मुजफ्फरपुर बिहार शिक्षा: दिल्ली ...

यह भूमंडल की रात है

यह भूमंडल की रात है पंकज राग का कविता संग्रह है। राजकमल प्रकाशन से २00९ में प्रकाशित इस पुस्तक के लिए पंकज को 2010 के केदार सम्मान से सम्मानित किया गया है।

विनोद दास

विनोद दास केदार सम्मान, श्रीकान्त वर्मा स्मृति पुरस्कार एवं युवा लेखन के लिए भारतीय ज्ञानपीठ के कविता पुरस्कार से पुरस्कृत कवि, आलोचक एवं कला-समीक्षक हैं। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से आलोचनाएँ, कला व सिनेमा समाक्षाएँ प्रकाशित होती हैं।

ओटक्कुष़ल

गोविन्द शंकर कुरुप की रचना ओटक्कुषल् वह पहली पुस्तक है जिसे ज्ञानपीठ के लिए १९६५ में चुना गया। इसकी कविताओं में भारतीय अद्वैत भावना का साक्ष्य है, जिसे ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित महाकवि जी, शंकर कुरूप ने प्रकृति के विविध रूपों में प्रतिबिम्बित ...

श्रेयान्स प्रसाद जैन

श्रेयान्स प्रसाद जैन साहित्य, संस्कृति और कला के संवर्धन में अग्रणी नाम है। ये भारतीय ज्ञानपीठ के अध्यक्ष रहें एवं पद्मश्री की उपाधि से अलंकृत किए गये।

द्विवेदी पदक

द्विवेदी पदक साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम करने वालों को दिया जाता था। इस पदक को प्राप्त करने वाले महत्वपूर्ण लोगों के नाम इस प्रकार हैं महादेवी वर्मा १९४२ सुमित्रानंदन पंत १९३०

महादेवी वर्मा

महादेवी वर्मा हिन्दी की सर्वाधिक प्रतिभावान कवयित्रियों में से हैं। वे हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक मानी जाती हैं। आधुनिक हिन्दी की सबसे सशक्त कवयित्रियों में से एक होने के कारण उन्हें आधुनिक मीरा के नाम से भी ज ...

मंगलाप्रसाद पारितोषिक

मंगलाप्रसाद पुरस्कार काशी के एक प्रसिद्ध मंगला प्रसाद परिवार द्वारा प्रयाग स्थित हिंदी साहित्य सम्मेलन के माध्यम से साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले व्यक्ति को प्रदान किया जाता है। इसकी स्थापना पुरुषोत्तम दास टंडन ने की थी। मंगलाप्रस ...

अनुगूँज

अनुगूँज गीतांजलि श्री का पहला कहानी संग्रह है। इसमें संकलित दस कहानियों में जो संवेदना जो विद्रोह और प्रतिरोध है वह स्वयं को उजागर करते वक्त पात्रों की कमजोर होते स्वाभिमान अनदेखा नहीं करती, इशारों और बिम्बों के सहारे चित्रण करने वाला शिल्प और शि ...

आवां

सुपरिचित हिन्दी लेखिका चित्रा मुद्गल का बृहद उपन्यास आवां स्त्री-विमर्श का बृहद आख्यान है। जिसका देश-काल तो उनके पहले उपन्यास एक ज़मीन अपनी की तरह साठ के बाद का मुंबई ही है, लेकिन इसके सरोकार उससे कहीं ज़्यादा बड़े हैं, श्रमिकों के जीवन और श्रमिक ...

इंदु शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट

इंदु शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट की स्थापना मई १९९५ में इन्दु शर्मा के असामयिक निधन के बाद उनके नाम पर की गई थी। इसका पंजीकरण मुंबई में हुआ और इसके न्यासी विश्वनाथ सचदेव, राहुल देव एवं नवीन निश्चल हैं। तेजेन्द्र शर्मा इसके सचिव हैं जो स्वर्गीय इंदु शर् ...

एस॰आर॰ हरनोट

संक्षिप्त परिचय नामः एस. आर. हरनोट जन्मः हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की तहसील सुन्नी में स्थित पिछड़ी पंचायत व गांव चनावग में 22 जनवरी, में 22 जनवरी, 1955 के दिन। शिक्षाः बी.ए आनर्ज, एम.ए हिन्दी, पत्रकारिता, लोक सम्पर्क एवं प्रचार-प्रसार में उपाध ...

कुइयाँजान

कुइयाँजान नासिरा शर्मा का एक प्रसिद्ध उपन्यास है। कुइयाँ अर्थात वह जलस्रोत जो मनुष्य की प्यास आदिम युग से ही बुझाता आया है। आमतौपर हिंदी के लेखकों पर आरोप लगता रहा है कि वे जीवन की कड़वी सच्चाइयों और गंभीर विषयों की अनदेखी करते रहे हैं। हालांकि य ...

गीतांजलिश्री

गीतांजलि श्री हिन्दी की जानी मानी कथाकाऔर उपन्यासकार हैं। उत्तर-प्रदेश के मैनपुरी नगर में जन्मी गीतांजलि की प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में हुई। बाद में उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक और जवाहरलाल नेहरू विश्‍ववि ...

ज्ञान चतुर्वेदी

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भोपाल द्वारा संचालित एक अस्पताल में ह्रदय विशेषज्ञ डॉ ज्ञान चतुर्वेदी जानेमाने व्यंग्यकार हैं। 2002 में अपने उपन्यास बारामासी के लिए यू॰के॰ कथा सम्मान से सम्मानित किये गये।

भगवानदास मोरवाल

भगवानदास मोरवाल नगीना, मेवात में जन्मे भारत के सुप्रसिद्ध कहानी व उपन्यास लेखक हैं। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से एम.ए. की डिग्री हासिल की। उन्हें पत्रकारिता में डिप्लोमा भी हासिल है। मोरवाल के अन्य प्रकाशित उपन्यास हैं काला पहाड़ एवं बाबल त ...

मैं बोरिशाइल्ला

महुआ माझी का उपन्यास मैं बोरिशाइल्ला बांग्लादेश की मुक्ति-गाथा पर केंद्रित है। यह उपन्यास बहुत ही कम समय में खासा चर्चित हुआ है और इस कृति को सम्मानित भी किया गया है। इस उपन्यास के असामान्य शीर्षक के बारे में स्पष्टीकरण देती हुई वे, उपन्यास के प् ...

रेत (कथा)

हिन्दी कथा में अपनी अलग और देशज छवि बनाए और बचाए रखने वाले चर्चित लेखक भगवानदास मोरवाल के इस नये उपन्यास के केन्द्र में है - माना गुरु और माँ नलिन्या की संतान कंजर और उसका जीवन। कंजर यानी काननचर अर्थात् जंगल में घूमने वाला। अपने लोक-विश्वासों व ल ...

असग़र वजाहत

असग़र वजाहत हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में मुख्यतः साठोत्तरी पीढ़ी के बाद के महत्त्वपूर्ण कहानीकार एवं सिद्धहस्त नाटककार के रूप में मान्य हैं। इन्होंने कहानी, नाटक, उपन्यास, यात्रा-वृत्तांत, फिल्म तथा चित्रकला आदि विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर् ...

कमल किशोर गोयनका

डॉ॰ कमल किशोर गोयनका दिल्ली विश्वविद्यालय में हिन्दी विभाग के अवकाशप्राप्त प्राध्यापक हैं। उन्होंने वहाँ चालीस वर्ष अध्यापन किया। गोयनकाजी उपन्यास सम्राट प्रेमचन्द के साहित्य के सर्वोत्तम विद्वान शोधकर्ता माने जाते हैं। मुंशी प्रेमचन्द पर उनकी अन ...

कोई दूसरा नहीं

कोई दूसरा नहीं हिन्दी के विख्यात साहित्यकार कुँवर नारायण द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1995 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मन्नू भंडारी

मन्नू भंडारी हिन्दी की सुप्रसिद्ध कहानीकार हैं। मध्य प्रदेश में मंदसौर जिले के भानपुरा गाँव में जन्मी मन्नू का बचपन का नाम महेंद्र कुमारी था। लेखन के लिए उन्होंने मन्नू नाम का चुनाव किया। उन्होंने एम ए तक शिक्षा पाई और वर्षों तक दिल्ली के मिरांडा ...

कुँवर नारायण

सुरज का आलेख}} कुँवर नारायण १९ सितम्बर १९२७ -- १५ नवम्बर २०१७ एक हिन्दी साहित्यकार थे। नई कविता आन्दोलन के सशक्त हस्ताक्षर कुँवर नारायण अज्ञेय द्वारा संपादित तीसरा सप्तक १९५९ के प्रमुख कवियों में रहे हैं। 2009 में उन्हें वर्ष 2005 के लिए भारत के ...

कृष्णा सोबती

कृष्णा सोबती मुख्यतः हिन्दी की आख्यायिका लेखिका थे। उन्हें १९८० में साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा १९९६ में साहित्य अकादमी अध्येतावृत्ति से सम्मानित किया गया था। अपनी बेलाग कथात्मक अभिव्यक्ति और सौष्ठवपूर्ण रचनात्मकता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने ...

नरेन्द्र कोहली

डॉ॰ नरेन्द्र कोहली प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार हैं। कोहली जी ने साहित्य के सभी प्रमुख विधाओं एवं गौण विधाओं और आलोचनात्मक साहित्य में अपनी लेखनी चलाई है। उन्होंने शताधिक श्रेष्ठ ग्रंथों का सृजन किया है। हिन्दी साहित्य में महाकाव्यात्मक उपन्यास की ...

नेमिचन्द्र जैन

नेमिचन्द्र जैन हिन्दी के सुप्रसिद्ध कवि, समालोचक, नाट्य-समीक्षक, पत्रकार, अनुवादक, शिक्षक थे। वे भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष में भी शामिल हुए थे। ये नटरंग प्रतिष्ठान के अध्यक्ष थे। वे 1959-76 राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में वरिष्ठ प्राध्यापक, 1976- ...