ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 290

एस के शिवकुमार

एस के शिवकुमार कर्नाटक राज्य के एक भारतीय वैज्ञानिक थे जिन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन केन्द्रों में काम किया था। इन्हें 2015 में चौथे उच्चतम नागरिक पुरस्कार भारत में पद्म श्री सम्मानित किया गया था।

कृष्णकुमार माथुर

कृष्णकुमार माथुर का जन्म १८९३ ई० में हुआ था। आप बड़े मेघावी छात्र थे। सभी परीक्षाओं में आप प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए तथा सर्वदा आपने योग्यता छात्रवृत्तियाँ पाईं। सन् १९१५ में आप आगरा कालेज से बी० एस सी० परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर १९१६ ...

केदारेश्वर बनर्जी

केदारेश्वर बनर्जी एक एक्स-किरण क्रिस्टलोग्राफर तथा कोलकाता के इण्डियन एसोसियेशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ साईन्स के निदेशक थे। क्रिस्टिलोग्राफी के विकास में प्रो. केदारेश्वर बनर्जी द्वारा 1933 में किया गया शोध बाद में प्रो. हरबर्ट हैपमैन और कारले को दिग ...

कैलासवटिवु शिवन्

कैलासवटिवु शिवन् भारत के एक अन्तरिक्ष वैज्ञानिक हैं और वर्तमान में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष हैं। इसके पहले वे विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र तथा द्रव प्रणोदन केन्द्र के निदेशक रह चुके हैं।

गोकुलानन्द महापात्र

गोकुलानन्द महापात्र एक भारतीय वैज्ञानिक व विज्ञान-गल्प लेखक थे। उन्होने ओडिया भाषा में विज्ञान के लोकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होने लगभग 95 विज्ञान-गल्प एवं बच्चों की विज्ञान की पुस्तकों की रचना की है। उनकी कुछ प्रमुख कृतियाँ हैं ...

चरक

चरक एक महर्षि एवं आयुर्वेद विशारद के रूप में विख्यात हैं। वे कुषाण राज्य के राजवैद्य थे। इनके द्वारा रचित चरक संहिता एक प्रसिद्ध आयुर्वेद ग्रन्थ है। इसमें रोगनाशक एवं रोगनिरोधक दवाओं का उल्लेख है तथा सोना, चाँदी, लोहा, पारा आदि धातुओं के भस्म एवं ...

जी सतीश रेड्डी

डॉ जी सतीश रेड्डी भारत के एक वायु-अन्तरिक्ष वैज्ञानिक, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अध्यक्ष हैं। वे रक्षामंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा प्रक्षेपास्त्र एवं रणनीतिक प्रणालियों के महानिदेशक भी हैं।

ज्ञानचन्द्र घोष

इनका जन्म 14 सितंबर 1894 ई को पुरुलिया में हुआ था। गिरिडीह से प्रवेशिका परीक्षा में उत्तीर्ण हो, कलकत्ते के प्रेसिडेंसी कालेज से 1915 ई एम एस-सी परीक्षा में इन्होंने प्रथम श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। तत्काल कलकत्ता विश्वविद्यालय के सायंस ...

दत्तात्रेय यशवंत फड़के

दत्तात्रेय यशवंत फड़के को विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९७२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये महाराष्ट्र से हैं।

दाराशा नौशेरवां वाडिया

प्रोफेसर दाराशा नौशेरवां वाडिया भारत के अग्रगण्य भूवैज्ञानिक थे। वे भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण में कार्य करने वाले पहले कुछ वैज्ञानिकों में शामिल थे। वे हिमालय की स्तरिकी पर विशेष कार्य के लिये प्रसिद्ध हैं। उन्होने भारत में भूवैज्ञानिक अध्ययन ...

दौलत सिंह कोठारी

दौलत सिंह कोठारी भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की विज्ञान नीति में जो लोग शामिल थे उनमें डॉ॰ कोठारी, होमी भाभा, डॉ॰ मेघनाथ साहा और सी.वी. रमन थे। डॉ॰ कोठारी रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार रहे। 1961 म ...

नारायण गोपाल डोंगरे

डॉ० नारायण गोपाल डोंगरे भारत के एक वैज्ञानिक हैं। उन्होंने प्राचीन भारतीय अभिलेखों में स्थित विज्ञान ज्ञान को गणितीय सिद्धान्त व गणना के आधार आधुनिक विज्ञान के समकक्ष सिद्ध किया है। वैशेषिक दर्शन एवं अंशुबोधिनी पर इन्हें विशिष्टता प्राप्त है।

पंचानन माहेश्वरी

पंचानन माहेश्वरी, सुप्रसिद्ध वनस्पति विज्ञानी थे। इनका जन्म राजस्थान के जयपुर नगर में हुआ था, जहाँ इनकी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा हुई। प्रयाग विश्वविद्यालय से आपने एम0 एस-सी0 की परीक्षा उत्तीर्ण की। वनस्पति के पादरी प्रोफेसर के चरित्र का इन पर पर्य ...

पुकाडील जॉन

पुकाडील जॉन एक प्रमुख भारतीय प्लाजा भौतिक विज्ञानी है। वह प्लाज्मा रिसर्च इंस्टीट्यूट में प्लाजामा साइंस एंड टेक्नोलॉजी में मेघनाद साहा चेयर पर हैं। अपना पीएचडी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पूरा करने के बाद, जॉन भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला में ...

प्रमथनाथ बोस

प्रमथनाथ बोस सुप्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक और भूगर्भविद। इनका जन्म 12 मई 1855 ई. को बंगाल के नदिया जिले में गायपुर नामक स्थान पर हुआ था। आपकी उच्च शिक्षा लंदन विश्वविद्यालय में हुई, जहाँ से आपने भूविज्ञान में बी. एस.सी. आनर्स की डिग्री प्राप्त की। ...

बाबा कर्तारसिंह

बाबा कर्तारसिंह भारतीय रसायनज्ञ थे। विज्ञान के अतिरिक्त सामाजिक तथा धार्मिक क्षेत्र में भी आपने महत्व की सेवाएँ कीं। सन् 1936 से 41 तक आप सिख धर्म संस्थान, तख्त, हरमंदिर जी, पटना, की निरीक्षक समिति के अध्यक्ष रहे।

महेन्द्र सूरी

महेन्द्र दयाशंकर सूरि १४वीं शताब्दी के जैन खगोलविज्ञानी थे। उन्होंने यंत्रराज नामक संस्कृत ग्रन्थ की रचना की जो एस्ट्रोलेब से सम्बन्धित प्रथम ग्रन्थ है। वे मदन सूरि के शिष्य थे। उनके पिताजी का नाम दयाशंकर और माताजी का नाम विमला था।

येल्लप्रगड सुब्बाराव

येल्लप्रगड सुब्बाराव एक भारतीय वैज्ञानिक थे जिन्होंने कैंसर के उपचार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अपने कैरियर का अधिकतर भाग इन्होने अमेरिका में बिताया था लेकिन इसके बावजूद भी ये वहाँ एक विदेशी ही बने रहे और ग्रीन कार्ड नहीं लिया, हालांकि द्वितीय व ...

रामदेव मिश्र

प्रोेफेसर रामदेव मिश्र भारत के पर्यावरणविद एवं वनस्पतिशास्त्री थे। उन्हें भारत में पर्यावरणविज्ञान का जनक माना जाता है। प्रोफेसर रामदेव मिश्र ने १९३७ में लीड्स विश्वविद्यालय से पर्यावरणविज्ञान में पीएचडी की। इसके बाद वे बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ...

वेणु बाप्पु

वेणु बाप्पु भारत के खगोलविद थे। वे अनतरराष्ट्रीय खगोल संघ के अध्यक्ष रहे। उन्होने भारत में अनेकों खगोलीय संस्थानों की स्थापना में मदद की जिनमें वेणु बाप्पु वेधशाला, तथा भारतीय खगोलभौतिकी संस्थान आदि प्रमुख हैं। 1957 में उन्होने एक परिघटना की खोज ...

शंकर अबाजी भिसे

डॉ शंकर अबाजी भिसे भारत के एक वैज्ञानिक एवं अग्रणि आविष्कारक थे जिन्होने २०० के लगभग आविष्कार किये। उन्होने लगभग ४० आविष्कारों पर पेटेन्ट लिया था। उन्हें "भारतीय एडिसन" कहा जाता है। उन्होने भारतीय मुद्रण प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण योगदान दिया जि ...

शिवराम कश्यप

शिवराम कश्यप का जन्म पंजाब के झेलम नगर के एक प्रतिष्ठित सैनिक परिवार में हुआ था। सन् १८९९ में आने पंजाब विश्वविद्यालय की मैट्रिकुलेशन परीक्षा पास की तथा सन् १९०४ में आगरा के मेडिकल स्कूल की उपाधि परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियो में सर्वप्रथम स् ...

सुश्रुत

शल्य चिकित्सा Surgery के पितामह और सुश्रुत संहिता के प्रणेता आचार्य सुश्रुत का जन्म छठी शताब्दी ईसा पूर्व में काशी में हुआ था। इन्होंने धन्वन्तरि से शिक्षा प्राप्त की। सुश्रुत संहिता को भारतीय चिकित्सा पद्धति में विशेष स्थान प्राप्त है। सुश्रुत स ...

ओरॅस्त ख़्वोलसन

ओरॅस्त ख़्वोलसन एक रूसी भौतिकविज्ञानी थे। १९१६ में अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा सामान्य सापेक्षता सिद्धांत की घोषणाके बाद ख़्वोलसन ने उसपर गहरा अध्ययन किया और १९२४ में ब्रह्माण्ड में गुरुत्वाकर्षक लेंसों के पाए जाने की भविष्यवाणी की। गुरुत्वाकर्षक लें ...

मेंडलीफ

डेमीत्रि इवानोविच मेडेलीफ़, एक रूसी रसानज्ञ और आविष्कारक थे। उन्होंने तत्वों के आवर्त वर्गीकरण का प्रतिपादन किया। इस सारणी का प्रयोग कर उन्होंने उन तत्वों के गुणों का भी पता लगाया जिसकी उसने समय तक खोज नहीं हो सकी थी।

गाल

गाल आँखों के नीचे चेहरे का और नाक और बाएँ या दाएँ कान के बीच का क्षेत्र होता है। अन्य जानवरों में गालों को कपोल भी कहा जा सकता है। गाल मनुष्यों में मांसल होते हैं, त्वचा ठोड़ी और जबड़े से लटकी हुई होती है और यह मानव मुँह की गौण दीवार बनाते हैं।

नाक

नाक रीढ़धारी प्राणियों में पाया जाने वाला छिद्र है। इससे हवा शरीर में प्रवेश करती है जिसका उपयोग श्वसन क्रिया में होता है। नाक द्वारा सूँघकर किसी वस्तु की सुगंध को ज्ञात किया जा सकता है।

नासिका

नासिका या नास कुछ प्राणियों की नाक के अंत में शरीर से बाहर खुलने वाली दो नलियों में से एक को कहते हैं। पक्षियों और स्तनधारियों में नासिकाओं में उन्हें ढांचा प्रदान करने वाली हड्डियाँ या उपास्थियाँ होती हैं, और नासिकाएँ अंदर लिए जाने वाले श्वास को ...

अलेना तिल्की

अलेना तिल्की एक तुर्कीयाई गायिका हैं। अपने गीत "जवाबसज़ चिनलमा" रिलीज़ करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय मान्यता हासिल की, और साथ ही गीत के म्यूज़िक विडियो ने यूट्यूब पर 35 करोड़ से ज़्यादा दृश्य हासिल किए। यह तुर्कीयाई भाषा की यूट्यूब पर सबसे ज़्या ...

मसूद जमील

मसूद जमील एक तुर्क संगीत तथा तानपूरा-नवाज़ थे। उनके पिता का नाम तानबुरी जमील बेग था। मसूद ने 1932 में अरब संगीत की काहिरा बैठक में भाग लिया था। मसूद ने तशेलो एक संगीत यंत्और वाइलिन में प्रशिक्षण प्राप्त किया और बर्लिन संगीत अकादमी में तशेलो के वि ...

के. ओमानकुट्टी

के. ओमानकुट्टी अम्मा एक शिक्षाविद्, संगीत शिक्षक और कर्नाटक गायक हैं। उन्होंने कथकली संगीत पर शोध किया और इसी क्षेत्र में डॉक्टरेट की उपाधि ली। वह केरल के विश्वविद्यालय में संगीत विभाग की प्रमुख है और प्रोफेसर भी। उनके बड़े भाई, एमजी राधाकृष्णन म ...

उस्ताद अली अकबर खां

उस्ताद अली अकबर खां जाने-माने सरोद वादक एवं हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के साधक थे। उस्ताद अली अकबर खान को पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था और पिछले पाँच दशकों से उन्होंने दुनिया में भारतीय शास्त्रीय संगीत का झंडा बुलंद रखा था। भ ...

जोनिथा गाँधी

जोनिथा गाँधी का जन्म नयी दिल्ली, भारत में हुआ था परन्तु उनके माता पिता कनाडा चले गए तोवह टोरंटो व ब्रेम्पटन में बड़ी हुई। उनके पिटा जों शौक द्वारा एक संगीतकार व पेशे द्वारा एक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजिनियर थे, जिन्होंने उनकी क्षमता को पहचाना और उन्होंन ...

तंजावुर चौकड़ी

तंजावुर चौकड़ी तंजोर के चार भाई थे: चिन्नैईः, पोन्नईः, सिवानन्दम तथा वडिवेलू, जो उन्नीसवीं सदी में रहे तथा भरतनाट्यम और करनाटिक संगीत के प्रती अपना बहुत बडा योगदान दिया। मराठा के राजा सरफोजी॥ ने इन चारों भाइयों को दाखिल किया।

मुत्तुस्वामी दीक्षित

मुत्तुस्वामी दीक्षितर् या मुत्तुस्वामी दीक्षित दक्षिण भारत के महान् कवि व रचनाकार थे। वे कर्नाटक संगीत के तीन प्रमुख व लोकप्रिय हस्तियों में से एक हैं। उन्होने 500 से अधिक संगीत रचनाएँ की। कर्नाटक संगीत की गोष्ठियों में उनकी रचनाऐं बहुतायत में गा ...

मोहन उप्रेती

मोहन उप्रेती एक भारतीय थियेटर निर्देशक, नाटककाऔर संगीतकार थे। भारतीय थिएटर संगीत में उनका प्रमुख योगदान रहा है। उप्रेती को अपने गीत "बेड़ू पाको बारमासा" के लिए जाना जाता है। मोहन उप्रेती को कुमाऊँनी लोक संगीत के पुनरोद्धार के प्रति उनके विशाल योग ...

यदुनाथ भट्टाचार्य

यदुनाथ भट्टाचार्य विष्णुपुर घराने के प्रसिद्ध स्ंगीतकार थे। वे जदु बट्ट नाम से प्रसिद्ध हैं। वन्दे मातरम् की धुन उन्होने ही तैयार की थी। यदुनाथ भट्टाचार्य का जन्म १८४० ई में हुआ था। वे विष्णुपुर नगर के कडकुली क्षेत्र के निवासी थे। उनके पिता श्री ...

विश्वनाथ राव रिंगे

विश्वनाथ राव रिंगे तनरंग हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत गायक तथा निर्मता थे। वे ग्वालियर घराने से सम्बन्धित थे। उन्होने लगभग २०० रागों में २००० से भी अधिक बन्दिशों की रचना की जिसके लिए उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में लिखा गया है। उन्होने संगीत ...

शिव-हरि

शिव-हरि नाम से दो संगीतकारों की जोड़ी प्रसिद्ध है: पंडित शिवकुमार शर्मा पंडित हरिप्रसाद चौरसिया और इन दोनों ने शिव-हरि नाम से बहुत सी हिन्दी फिल्मों में संगीत दिया है। इनके द्वाराफिल्म संगीत का श्रीगणेश 1981 में सिलसिला से हुआ था। इन्हें शिव-हरि ...

हृदयनाथ मंगेशकर

हृदयनाथ मंगेशकर भारतीय संगीतकार हैं जो लता मंगेशकर, आशा भोंसले और उषा मंगेशकर का भाई है। इसको संगीत और फ़िल्म जगत में बालासाहब के नाम से जाना जाता है।

अंगदि सुरेश चन्नाबसप्पा

अंगदि सुरेश चन्नाबसप्पा भारतीय जनता पार्टी से संबंधित भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे २००९ में हुए आमचुनाव में कर्नाटक के बेलगाम चुनाव क्षेत्र से १५ वीं लोकसभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

अनंत कुमार हेगड़े

अनंत कुमार हेगड़े भारतीय जनता पार्टी से संबंधित भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे २००९ में हुए आमचुनाव में कर्नाटक के उत्तरा कन्नड चुनाव क्षेत्र से १५ वीं लोकसभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

अनंत वी रेड्डी

अनंत वी रेड्डी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबंधित भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे २००९ में हुए आमचुनाव में आंध्र प्रदेश के अनंतपुर चुनाव क्षेत्र से १५ वीं लोकसभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

अरुणा कुमार वुंडावल्ली

अरुणा कुमार वुंडावल्ली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबंधित भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे २००९ में हुए आमचुनाव में आंध्र प्रदेश के राजमुंद्री चुनाव क्षेत्र से १५ वीं लोकसभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

आर॰ ध्रुवनारायणराव

आर॰ ध्रुवनारायणराव भारतीय जनता पार्टी से संबंधित भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे २००९ में हुए आमचुनाव में कर्नाटक के चमराजनगर चुनाव क्षेत्र से १५ वीं लोकसभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

ए. एच. विश्वनाथ

ए. एच. विश्वनाथ भारतीय जनता पार्टी से संबंधित भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे २००९ में हुए आमचुनाव में कर्नाटक के मैसूर चुनाव क्षेत्र से १५ वीं लोकसभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

ए. एस प्रताप

ए. एस प्रताप भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबंधित भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे २००९ में हुए आमचुनाव में आंध्र प्रदेश के राजमपेट चुनाव क्षेत्र से १५ वीं लोकसभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

एच. डी. देवेगौड़ा

एच. डी. देवेगौड़ा जनता दल से संबंधित भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे २००९ में हुए आमचुनाव में कर्नाटक के हासन चुनाव क्षेत्र से १५ वीं लोकसभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए हैं। jgff

एन. नागेश्वर राव

एन. नागेश्वर राव तेलुगु देशम पार्टी से संबंधित भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे २००९ में हुए आमचुनाव में आंध्र प्रदेश के खम्मम चुनाव क्षेत्र से १५ वीं लोकसभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

एन॰ धरम सिंह

एन॰ धरम सिंह भारत के एक राजनेता थे जो २००४ से २००६ तक कर्नाटक के मुख्यमन्त्री रहे। वे जेवरगी से ७ बार लगातार कर्नाटक विधान सभा के सदस्य चुने गये। २००९ में हुए आमचुनाव में वे बीदर से सांसद चुने गये थे ।