ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 240

सतीश धवन

सतीश धवन को विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा, सन १९७१ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये कर्नाटक राज्य में कई वर्ष रहे थे। ३ जनवरी २००२ को उनका निधन हो गया। इनकी प्रमुख देनों में से एक थी टर्ब्युलेंस में भारतीय शोध ...

सदानंद बकरे

सदानंद बकरे एक भारतीय चित्रकाऔर मूर्तिकार थे। बड़ौदा में पैदा हुए बकरे बंबई प्रगतिशील कलाकार समूह के संस्थापकों में से एक थे जो भारत में पहला आधुनिक कला संगठन था। 1951 में वह ब्रिटेन गए, जहाँ वह जल्द ही मूर्तिकला त्याग कर पेंटिंग पर ध्यान केंद्रि ...

सितारा देवी

सितारा देवी भारत की प्रसिद्ध कत्थक नृत्यांगना थीं। जब वे मात्र १६ वर्ष की थीं, तब उनके नृत्य को देखकर रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने उन्हें नृत्य सम्राज्ञी कहकर सम्बोधित किया था। उन्होने भारत तथा विश्व के विभिन्न भागों में नृत्य का प्रदर्शन किया। इनका जन्म ...

हेलन थॉमस

हेलन थॉमस एक अमेरिकी लेखिका, पत्रकार, अग्रणी महिला रिपोर्टर और व्हाइट हाउस प्रेस कोर की पहली महिला सदस्य थी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट आइज़नहावर से लेकर बराक ओबामा तक देश के विभिन्न राष्ट्रपतियों से संबंघित खबरों की दशकों तक कवरेज किया। ...

अजीत राम वर्मा

अजीत राम वर्मा को भारत सरकार द्वारा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में सन १९८२ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। इनका जन्म लखनऊ के निकट हुआ था।

अमृत राय

अमृतराय आधुनिक कहानीकार हैं। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था। अमृतराय प्रसिद्ध लेखक प्रेमचन्द के सुपुत्र हँ। ये प्रगतिशील साहित्यकारों में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। कहानी तथा ललित निबन्ध के लेखन में भारत विख्यात इस लेखक को कलम का ...

एंटनी पादियारा

कार्डिनल एंटनी पादियारा एक रोमन कैथोलिक आर्चबिशप और कार्डिनल थे। वह सिरो-मालाबार कैथोलिक चर्च के प्रथम प्रमुख आर्कबिशप थे वह 1 985 से 1 99 6 तक एर्नाकुलम-अंगमाली के मेजर आर्चबिशप थे, जिन्होंने पहले ओतकामुंद के बिशप और चंगनससरी के आर्कबिशप के रूप ...

राजकुमार फ़िलिप, एडिनबर्ग के ड्यूक

राजकुमार फ़िलिप, एडिनबर्घ के ड्यूक, यूनाइटेड किंगडम की महरानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के पति हैं। वह किसी ब्रिटिश शासक के शासनकाल में सर्वाधिक समय तक पटराजा रहे हैं। साथ ही वो ब्रिटिश राज परिवार के सबसे वृद्ध पुरुष सदस्य भी हैं। ग्लुक्सबर्ग राजघराने के ...

कुलवंत सिंह विर्क

कुलवंत सिंह विर्क समकालीन पंजाबी साहित्य के एक अग्रणी लेखक हैं। उन्होंने पंजाबी में और अंग्रेजी में भी बड़े पैमाने पर लिखा.उनकी कहानियों का रूसी और जापानी सहित कई अन्य भाषाओं में अनुवाद किया गया। लियो टालस्टाय की पोती नताशा टॉल्स्टॉय रूसी में और ...

केवल रतन मलकानी

केवल रतन मलकानी भारत के एक प्रसिद्ध चिन्तक, राजनेता एवं पत्रकार थे। वे भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष एवं पांडीचेरी के राज्यपाल रहे। वे एक समर्थ विचारक एवं लेखक थे।

जगजीत सिंह आनंद

जगजीत सिंह आनंद एक पत्रकार, लेखक और कम्युनिस्ट राजनीतिज्ञ थे। आनंद कम्यूनिस्ट मार्क्‍सवादी विचारधारा के अनुयायी थे और आधी सदी से अधिक समय से "नवां जमाना" समाचारपत्र का संपादन करते आ रहे थे। जगजीत सिंह आनंद ने अपने प्रिय अखबार नवां जमाना की संपादक ...

शाऊल ज़ांट्ज़

ज़ांट्ज़ का जन्म २८ फ़रवरी १९२१ में न्यू जर्सी में एक यहुदी परिवार में हुआ। ज़ांट्ज़ का ३ जनवरी २०१४ को सैन फ्रांसिस्को, कैलिफ़ोर्निया में अलजाइमर रोग के साथ लम्बी लड़ाई के बाद ९२ वर्ष की आयु में निधन हो गया।

ज़ालमान दाइम्शित्स

2011 में भारत में रूस के राजदूत एलेक्ज़ैनडर कदाकिन Alexander Kadakin ने प्रस्ताव दिया कि ज़ालमन दाइमशीतस के जन्म दिन यानी 25 मई को अनौपचारिक रूसी भारतविद् दिवस unofficial day of Russian Indologist के रूप में मनाना चाहिए।

ज़ोरावर चन्द बख्शी

लेफ्टिनेंट जनरल ज़ोरावर चन्द बख्शी या ज़ेड सी बख्शी पीवीएसएम, एमवीसी, वीआरसी, वीएसएम जन्म 21 अक्टूबर, 1 9 21 भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल हैं, जिन्हें 1 9 65 के भारत-पाकिस्तान युद्ध ऑपरेशन अब्ज़ेज़ के कमांडरों में से एक के रूप में जाना जाता है। ...

जेम्स जोन्स

अमेरिका का राष्ट्रिय पुस्तक पुरस्कार विजेता। जेम्स जोंस ने १९५२ में अपने पहले प्रकाशित उपन्यास "द ह्वेल टू एन्टर्निटी" के लिए नेशनल बुक अवार्ड जीता, जिसे बड़ी स्क्रीन के लिए तुरंत रूपांतरित किया गया था और बाद में एक टेलीविजन श्रृंखला में एक पीढ़ी ...

जॉन राल्स

जॉन रॉल्स बीसवीं सदी के महानतम नैतिक विचारक व अमेरिकी जखाउदारवाद के दार्शनिक थे। उन्होंने 1971 में अपनी पुस्तक अ थिअरी ऑफ जस्टिस का प्रकाशन करके राजनीतिक चिन्तन के पुनरोदय के द्वार खोल दिए। इस पुस्तक के कारण रॉल्स को राजनीतिक चिन्तन के इतिहास में ...

नलिनीधर भट्टाचार्य

नलिनीधर भट्टाचार्य भारत के असम के एक कवि और साहित्यिक समालोचक थे। उनहे असमिया साहित्य के जयन्ति युग के श्रेष्ठ कवियो में गिना जाता है। वे सर्वकणिष्ठ साहित्य अकादेमि स्म्मान प्राप्तकारी बिरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य के ज्येष्ठ भ्राता थे। उनहोने स्वयम ...

हेराल्ड नुगिसेक्स

हेराल्ड नुगिसेक्स द्वितीय विश्व युद्ध में हवलदार थे। नुगिसेक्स उन चार एस्टोनियाई सैनिको में से एक हैं जिन्हें नाइट्स क्रॉस ऑफ़ द आयरन क्रॉस की उपाधि मिली। २ जनवरी २०१४ को उनका निधन हो गया।

नुरुल हसन

नुरुल हसन भारतीय इतिहासकाऔर भारत सरकार में एक नीतिज्ञ थे। वो भारत सरकार में राज्य सभा सदस्य के रूप में शिक्षा राज्य, सामाजिक मामले और संस्कृति मंत्री और बंगाल एवं ओडिशा के राज्यपाल रहे।

पीटर ऑस्टिन

पीटर ऑस्टिन ब्रितानी शराब बनानेवाला थे। वो रिंगवूड ब्रेवरी के संस्थापक एवं सोसाइटी ऑफ़ इंडिपेंडेंट ब्रेवेरस के सह-संस्थापक थे। उन्होंने यूके और अन्य १६ देशों में कुल १४० शराबखानों की स्थापना की।

प्रभात रंजन सरकार

प्रभात रंजन सरकार एक आध्यात्मिक गुरु, आधुनिक लेखक, भारतीय दार्शनिक, सामाजिक विचारक, योगी, लेखक, पंथ-नेता, कवि, संगीतकाऔर भाषाविद थे। सरकार को उनके आध्यात्मिक नाम- श्री श्री आनंदमूर्ति से भी जाना जाता है। उनके शिष्य उन्हें बाबा भी कहते हैं। 1955 म ...

फणीश्वर नाथ "रेणु"

फणीश्वर नाथ रेणु एक हिन्दी भाषा के साहित्यकार थे। इनके पहले उपन्यास मैला आंचल को बहुत ख्याति मिली थी जिसके लिए उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

बलवंत सिंह (लेखक)

बलवंत सिंह हिन्दी: हिन्दी: बलवंत सिंह बीसवीं सदी की उर्दू और हिन्दी के मशहूर नाटककार, उपन्यासकाऔर गल्पकाऔर पत्रकार हैं जिन्होंने जगा, पहला पत्थर, तारोपुद, हिंदुस्तान हमारा जैसे कहानी संग्रह और कॉल कोस, रात, चोऔर चाँद, चक पीरान का जस्सा जैसे लजवाल ...

बाबासाहेब भोसले

बाबासाहेब भोसले एक भारतीय राजनीतिज्ञ और स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने २१ जनवरी १९८२ से १ फरवरी १९८३ तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे।

बिंदेश्वरी दुबे

बिन्देश्वरी दूबे एक भारतीय राजनेता, प्रशासक, स्वतंत्रता सेनानी एवं श्रमिक नेता थे जो बिहार के मुख्यमंत्री, केन्द्रीय काबीना मंत्री, इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष आदि भी रहे। इससे पूर्व ये अखंड बिहार सरकारों में भी शिक्षा, प ...

बेन ब्रेडली

बेंजामिन क्रोनिनशील्ड "बेन" ब्रेडली १९६८ से १९९१ तक अमेरिकी समाचार पत्र द वॉशिंगटन पोस्ट के कार्यकारी सम्पादक थे। उन्हें मुख्यतः वाटरगेट स्कैंडल के दौरान अमरीका की संघीय सरकार के खिलाफ़ लिखने के लिए जाना जाता है जिसके परिणामस्वरूप तत्कालीन राष्ट् ...

बैटी फ़्रीडन

बैटी फ़्रीडन एक अमेरिकी लेखिका, कार्यकर्ता और नारीवादी थीं। वे संयुक्त राज्य अमेरिका में महिलाओं के आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थीं। उनकी पुस्तक "द फ़ेमिनिन मिस्टीक" को अक्सर 20 वीं शताब्दी में अमेरिका में नारीवाद की दूसरी लहर शुरू करने का श्रेय दि ...

माधव मंत्री

मंत्री का जन्म 1 सितम्बर 1921 को महाराष्ट्र के नासिक में हुआ। वो भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर के मामा लगते थे। वो जीवन भर अविवाहित रहे।

महंत अवैद्यनाथ

महंत अवैद्यनाथ भारत के राजनेता तथा गोरखनाथ मन्दिर के भूतपूर्व पीठाधीश्वर थे। वे गोरखपुर लोकसभा से चौथी लोकसभा के लिये हिंदू महासभा से सर्वप्रथम निर्वाचित हुए थे। इसके बाद नौवीं, दसवीं तथा ग्यारहवीं लोकसभा के लिये भी निर्वाचित हुए।

माधव विट्ठल कामत

माधव विट्ठल कामत भारत के पत्रकार थे। वे प्रसार भारती के पूर्व अध्यक्ष भी थे। १९६७-६९ के बीच वे सण्डे टाइम्स के सम्पादक भी रहे तथा १९६९-७८ के बीच टाइम्स ऑफ इण्डिया के वाशिंगटन सम्वाददाता रहे। वे इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इण्डिया के सम्पादक भी रहे। वे म ...

राजेश्वर झा

। लेखक । | नाम = पं राजेश्वर झा | चित्र = | चित्र आकार = | चित्र शीर्षक = | उपनाम = झाजी | जन्मतारीख़ = 21अप्रैल 1922 | जन्मस्थान = रसुआर,सुपौल | मृत्युतारीख़ = 23,अप्रैल 1977 | मृत्युस्थान = पटना | कार्यक्षेत्र = साहित्यकार | राष्ट्रीयता = भारती ...

रोजालीन सूसमैन यालो

रोजालीन सूसमैन यालो एक अमेरिकी चिकित्सा भौतिक विज्ञानी और रेडियोइमुनोसे के विकास के लिए फिजियोलॉजी या मेडिसिन में 1977 नोबेल पुरस्कार के सह-विजेता थी) वह दूसरी महिला थीं, और पहली अमेरिकी मूल की महिला थीं, जिन्हें शरीर विज्ञान या चिकित्सा के क्षेत ...

आर के लक्ष्मण

रासीपुरम कृष्णस्वामी लक्ष्मण भारत के प्रमुख हास्यरस लेखक और व्यंग-चित्रकार थे। उन्हें द कॉमन मैन नामक उनकी रचना और द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के लिए उनके प्रतिदिन लिखी जानी वाली कार्टून शृंखला यू सैड इट के लिए जाना जाता है जो वर्ष १९५१ में आरम्भ हुई थी। ...

वर्गीज कुरियन

डॉ॰ वर्गीज़ कुरियन एक प्रसिद्ध भारतीय सामाजिक उद्यमी थे और फादर ऑफ़ द वाइट रेवोलुशन के नाम से अपने बिलियन लीटर आईडिया - विश्व का सबसे बड़ा कृषि विकास कार्यक्रम - के लिए आज भी मशहूर हैं। इस ऑपरेशन ने 1998 में भारत को अमरीका से भी ज़यादा तरक्की दी ...

वारेन एंडरसन

वारेन एंडरसन भोपाल गैस काण्ड की त्रासदी के समय यूनियन कार्बाईड के अध्यक्ष और सी ई ओ थे। दुर्घट्ना के ४ दिन के पश्चात, ७ दिसम्बर १९८४ को वे भोपाल आए जहाँ उन्हें गिरफ्ताकर लिया गया परन्तु ६ घन्टे के बाद उन्हे २१००$ के मामूली जुर्माने पर मुक्त कर दि ...

वुलिमिरि रामालिंगेस्वामी

वुलिमिरि रामालिंगेस्वामी को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा, सन १९७१ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये तमिलनाडु राज्य से थे।

संत सिंह

ब्रिगेडियर संत सिंह भारतीय सेना में एक अधिकारी थे। वह भारतीय सेना के छह अधिकारियों में से एक थे, जिन्हें महा वीर चक्र, भारत का दूसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन सैन्य सजावट, दो बार से सजाया गया था। वह 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान मुक्ति बहरीन ...

समता प्रसाद

पण्डित सामता प्रसाद भारत के शास्त्रीय संगीतकार एवं तबला-वादक थे। वे बनारस घराने के थे। उन्होंने अनेकों हिन्दी फिल्मों में तबला-वादन किया था, जिनमें से कुछ फिल्मों, जैसे - झनक पायल बाजे, मेरी सूरत तेरी आंखें, बसंत बहाऔर शोले प्रमुख हैं। प्रसिद्ध फ ...

सरोजिनी वरदप्पन

सरोजिनी वरदप्पन तमिलनाडु से एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता थी। वो मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री एम. भक्तवत्सलम की पुत्री और जयंती नटराजन की बड़ी बहन थी। सरोजिनी को वर्ष 1973 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। उन्हें वर्ष 2004 और 2009 के लिए जानकी द ...

सुरेश जोशी

सुरेश जोशी गुजराती भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक निबंध–संग्रह चिन्तयामि मनसा के लिये उन्हें सन् 1983 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सूबेदार जोगिंदर सिंह

सूबेदार जोगिंदर सिंह सिख रेजिमेंट के एक भारतीय सैनिक थे। इन्हें १९६२ के भारत-चीन युद्ध में असाधारण वीरता के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।श्री सिंह १९३६ में ब्रिटिश भारतीय सेना में शामिल हुए और सिख रेजिमेंट की पहली बटालियन में का ...

हरिदेव जोशी

हरिदेव जोशी 17 दिसम्बर 1921 - 1995 एक भारतीय राजनीतिज्ञ और स्वतंत्रता सेनानी थे। उनका जन्म खांदू नामक गाँव में हुआ जो बांसवाड़ा के पास है। उनका निधन 28 मार्च 1995 को मुंबई में हुआ। वे भारत के राजस्थान राज्य से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के ...

बुतरस घाली

बुतरस बुतरस-घाली मिस्र के एक राजनेता और राजनयिक थे। वे संयुक्त राष्ट्र के छट्ठे महासचिव के रूप में अपनी सेवाएँ भी दी। इस पद पर रहते हुये ये यूगोस्लाविया के गोलमाल और रवांडा नरसंहार सहित कई विश्व संकटों से घिरे रहे।

इरविंग गोफमैन

इरविंग गोफमैन इरविंग गोफमैन 11 जून 1922 - 19 नवंबर 1982, एक कनाडा में जन्मे समाजशास्त्री और लेखक, वह छठे most- के रूप में टाइम्स हायर एजुकेशन गाइड द्वारा सूचीबद्ध किया गया 2007.in "बीसवीं सदी के सबसे प्रभावशाली अमेरिकी समाजशास्त्री" माना जाता था ...

उत्राटम् तिरुनाल मार्तण्ड वर्मा

उत्राटम् तिरुनाल मार्तण्ड वर्मा त्रावणकोर के महाराजा थे। वे त्रावण्कोर राज्य के अन्तिम शासक महाराजा चित्रा तुरुनल राम वर्मा के छोटे भाई थे। वे पद्मनाभवस्वामी मंदिर के संरक्षक के रूप में कार्य कर रहे थे। यह मंदिर हाल में अंतराष्ट्रीय चर्चा में तब ...

कुशाभाऊ ठाकरे

कुशाभाऊ ठाकरे भारतीय जनता पार्टी से संबंधित एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। वे १९९८ से २००० तक पार्टी के अध्यक्ष रहे। उअसके पहले वे छह सालोंतक पार्टी के महासचिव थे।

के॰ आसिफ़

के॰ आसिफ़ एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक,फ़िल्म निर्माता तथा पटकथा लेखक थे। ये मुख्य रूप से 1960 में बनी मुग़ल-ए-आज़म के लिए जाने जाते है। वह उत्तर प्रदेश के इटावा में पैदा हुए थे। महज आठवीं जमात तक पढ़े थे। पैदाइश से जवानी तक का वक्त गरीबी में गुजारा ...

जगत मेहता

जगत मेहता एक प्रबुद्ध समाजकर्मी और सेवानिवृत्त भारतीय विदेश सेवा अधिकारी थे। 17 जुलाई 1922 को प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ॰ मोहन सिंह मेहता तथा विद्यादेवी के घर जन्मे जगत मेहता की प्रारंभिक शिक्षा विद्या भवन स्कूल में हुई। मेहता की उच्च शिक्षा इलाहाबाद ...

जिम लेकर

जेम्स जिम चार्ल्स लेकर एक पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी थे जो इंग्लैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए खेलते थे। १९५० वे दशक में ये १९५६ में यह लेकर मैच के लिए काफी लोकप्रिय हो गए यानी १९५६ में इन्होंने ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट मैदान,मैनचेस्टर में ऑस्ट्रेलि ...

जूलियस न्येरेरे

जूलियस कम्बरागे न्येरेरे तंजानिया और पहले तन्गंयिका के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में, १९६१ में देश की स्थापना से १९८५ में सेवानिवृत्ति तक सेवा की। न्येरेरे राजनीति में आने से पहले शिक्षक के पेशे की वजह से स्वाहिली नाम म्वालिमु या गुरु से जाने जाते ...