ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 229

आयरलैंड की जागीरदारी

आयरलैंड की जागीरदारी ११७७ से १५४२ के बीच आयरलैंड में विद्यमान सामंतवादी काल था, जोकि आयरलैंड पर नोएमन आक्रमण के बाद इंग्लैण्ड के राजा के अंदर शुरू हुआ था। इस काल के दौरान इंग्लैण्ड के राजा को आयरलैंड के अधिपति का दर्ज प्राप्त था, और आयरलैंड की ज़ ...

आयरलैंड राजशाही

आयरलैंड राजशाही, आयरलैंड द्वीप पर १५४२ से १८०० के बीच विद्यमान अंग्रेज़ी राजशाही का एक कठपुतली राज्य था। यह तब अस्तित्व में आई जब १५४२ में आयरलैंड की संसद ने क्राउन ऑफ़ आयरलैंड ऍक्ट पारित कर इंग्लैंड के राजा हेनरी अष्टम् को आयरलैंड का राजा घोषित ...

आयरिश मुक्त राज्य

आयरिश मुक्त राज्य के रूप में स्थापित एक स्वतंत्र राज्य था। इसे दिसंबर १९२१ के आंग्ल-आयरिश संधिके तहत स्थापित किया गया था। इस समझौते ने पिछले तीन वर्षों से, सवोऽद्घोषित आयरिश गणराज्य और ब्रिटिश मुकुट के बलों के बीच चली आ रही आयरिश स्वतंत्रता युद्ध ...

इंग्लैंड का इतिहास

सभ्यता के एक स्तर तक पहुँचे हुए इंग्लैंड के प्राचीनतम निवासी केल्टिक जाति के थे जिनमें पश्चात् के देशांतरवासी ब्रायथन या ब्रिट्न कहलाए, जिससे "ब्रिटेन" संज्ञा निकली। केल्टिक अथवा उसके पूर्वी जातियों के आगमन के कोई लिखित प्रमाण नहीं मिलते। आयरलैंड ...

इंग्लैण्ड राज्य

इंग्लैण्ड राजशाही यानि आंग्ल राजतांत्रिक राज्य, जिसे आम वार्ता में केवल इंग्लैण्ड कहा जाता था, ग्रेट ब्रिटेन द्वीप पर स्थित एक पूर्व सार्वभौमिक एकराष्टिय राजतांत्रिक राज्य था। इंग्लैंड का उदय १०वीं शताब्दी में विभिन्न आंग्ल-सैक्सन रजवाड़ों में से ...

इटली का इतिहास

इटली का इतिहास ईसा पूर्व ९वीं शताब्दी से आरम्भ होता है। इसी समय वर्तमान इटली के केन्द्रीय भाग में इतालवी जनजातियों के अस्तित्व के प्रमाण मिलते हैं। भाषाई रूप से वे मुख्यतः तीन भाषाएँ बोलते थे- ओस्कान, अम्ब्रिआन तथा लातिन । कालान्तर में ३५० ईसापूर ...

इतालवी एकीकरण

इतालवी एकीकरण, जिसे इतालवी भाषा में इल रिसोरजिमेंतो कहते हैं, १९वीं सदी में इटली में एक राजनैतिक और सामाजिक अभियान था जिसने इतालवी प्रायद्वीप के विभिन्न राज्यों को संगठित करके एक इतालवी राष्ट्र बना दिया। इस अभियान की शुरुआत और अंत की तिथियों पर इ ...

उस्मानी साम्राज्य

उस्मानी सलतनत १२९९ में पश्चिमोत्तर अनातोलिया में स्थापित एक तुर्क राज्य था। महमद द्वितीय द्वारा १४९३ में क़ुस्तुंतुनिया जीतने के बाद यह एक साम्राज्य में बदल गया। प्रथम विश्वयुद्ध में १९१९ में पराजित होने पर इसका विभाजन करके इस पर अधिकाकर लिया गया ...

काइज़र

काइज़र जर्मन भाषा में सम्राट के लिये शब्द है। रूसी भाषा व अन्य स्लावी भाषाओं के त्सार शब्द की तरह यह भी लातिन भाषा के "सीज़र" शब्द से लिया गया है। ब्रिटिश राज के दौरान भारत पर राज करने वाले अंग्रेज़ शासक भी स्वयं को "केसर-ए-हिन्द" की उपाधि देते थ ...

कीवयाई रूस

कीवयाई रूस मध्यकालीन यूरोप का एक राज्य था। यह 9वीं से 13वीं शताब्दी ईसवी तक अस्तित्व में रहा और 1237-1240 के मंगोल आक्रमण से ध्वस्त हो गया। अपने शुरूआती काल में इसे रूस ख़ागानत​ के नाम से जाना जाता था। सन् 882 में रूस नाम की एक वाइकिंग उपजाति ने ...

क्राइमियाई ख़ानत

क्राइमियाई ख़ानत एक ख़ानत थी जिसपर सन् १४४१ से १७८३ ईसवी तक क्राइमियाई तातार लोगों का राज रहा था। इसके ख़ान शासक तोक़ा तैमूर के वंशज थे जो स्वयं जोची ख़ान का तेहरावाँ पुत्और मंगोल साम्राज्य के संस्थापक चंगेज़ ख़ान का पोता था। सुनहरा उर्दू नामक ख़ ...

गैलिक आयरलैंड

साँचा:आयरलैंड का इतिहास गेलिक आयरलैंड या आयरलैंड की सेल्टिक सभ्यता, आयरलैंड द्वीप की देशज गेलिक लोगों द्वारा विकिसित राजनैतिक व सामाजिक व्यवस्था की सभ्यता को कहा जाता है, यह प्रागैतिहासिक काल से १७वीं सदी की शुरुआत तक आयरलैंड द्वीप पर अस्तित्व मे ...

ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड का यूनाइटेड किंगडम

ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड की यूनाइटेड किंगडम, १ जनवरी वर्ष १८०१ में स्थापित, वर्त्तमान यूनाइटेड किंगडम और आयरिश गणराज्य का पुरख राज्य था। इसकी स्थापना ऍक्ट्स ऑफ़ यूनियन, १८०० द्वारा हुआ था। ततन्तर्गत, आयरिश राजशही का ग्रेट ब्रिटेन राजशाही क ...

ग्रेट ब्रिटेन राजशाही

ग्रेट ब्रिटेन राजशाही या ग्रेट ब्रिटेन राजतंत्र, आधिकारिक रूपसे: ग्रेट ब्रिटेन, पश्चिमी यूरोप में १ मई १७०७ से १३ दिसंबर १८०० तक विद्यमान, यूनाइटेड किंगडम का पूरक राज्य था। ग्रेट ब्रिटेन की स्थापना १७०६ को अंग्रेज़ी राजशाही और स्कोटियाई राजशाही क ...

जर्मन साम्राज्य

जर्मन साम्राज्य ऐतिहासिक जर्मन राष्ट्र-राज्य था जो १८७१ में जर्मनी के एकीकरण से लेकर १९१८ में प्रथम विश्वयुद्ध में जर्मनी की पराजय तक अस्तित्व में था। १९१८ में यह संघीय गणराज्य बन गया। जर्मन साम्राज्य को कभी-कभी जर्मन राइख भी कहते हैं।

ट्रफ़ैलगर का युद्ध

ट्रफ़ैलगर का युद्ध ब्रिटिश नौसेना का फ़्रांसिसी और स्पेनी मिलीजुली नौसेना के एक आक्रामक बेड़े के साथ २१ अक्टूबर १८०५ में लड़ा गया एक समुद्री युद्ध था। यह तीसरे गुट के युद्ध सिलसिले की एक जंग थी। इसमें ब्रिटेन की भारी जीत हुई, हालांकि फ़्रांसिसी-स ...

ड्यूक

डयूक यूरोप में सामंती घरानों और कुछ प्रभुसतासंपन्न शासकों के लिये प्रयुक्त की जानेवाली एक उच्च सम्मानास्पद उपाधि है। ड्यूक मूलत: लैटिन भाषा के शब्द डक्स से बना है, जिसका अर्थ होता है - नेता या जनरल ; सामान्य अर्थ में नेता लेकिन विशिष्ट रूप में एक ...

तीसरे गुट का युद्ध

तीसरे गुट का युद्ध सन् १८०३ से १८०६ तक चलने वाला एक संग्राम था जिसमें ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, रूस और उनके कुछ अन्य साथी देशों के एक गुट को फ्रांस और उसके साथी देशों ने हरा दिया। इस युद्ध में फ्रांस की तरफ़ का नेतृत्व नेपोलियन बोनापार्ट ने किया। इस य ...

तुलाबुग़ा

तुलाबुग़ा, तालुबुग़ा या तेलुबुग़ा सुनहरा उर्दू नामक मंगोल ख़ानत का सन् १२८७ ईसवी से लेकर १२९१ ईसवी तक ख़ान था। वह तरतू का पुत्और सुनहरे उर्दू साम्राज्य के संस्थापक बातु ख़ान का पोता था। १२५७ में उसने मशहूर मंगोल सिपहसालार बुरूनदाई के नेतृत्व में ...

तृतीय फ्रांसीसी गणतंत्र

तृतीय फ्रांसीसी गणतंत्र ने फ्रांस पर १८७० से लेकर १९४० तक शासन किया। इसकी स्थापना फ्रांस-प्रशा युद्ध के समय द्वितीय फ्रांसीसी साम्राज्य के समाप्त होने पर हुई तथा १९४० में नाजी जर्मनी द्वारा फ्रांस को पराजित करने के साथ इसका अन्त हुआ। 1870 ई. में ...

त्राकया

त्राकेया या थ्रेस ऐतिहासिक दक्षिण-पूर्वी यूरोप के एक क्षेत्र का नाम था जो आज के बुल्गारिया के क्षेत्र में हुआ करता था। इसकी परिभाषा और सीमाएँ बदलती रही हैं। प्राचीन यूनानी काल में इस का ज़िक्र आता है।

त्राजान

त्राजान सन् ९८ ईसवी से लेकर ११७ ईसवी तक रोमन साम्राज्य का सम्राट था। सन् ८९ ई॰ में, जब वह स्पेन में रोमन सेना का सिपहसालार था, उसने उस समय के सम्राट के विरुद्ध उठे एक विद्रोह को कुचलने में सहायता की थी। दोमितीयन के बाद एक नर्वा नामक निःसंतान सांस ...

त्सार

त्सार या ज़ार रूस और कई अन्य स्लाव संस्कृतियों में सम्राट या राजा के लिए शब्द है। रानियों और महारानियों को त्सारीना या ज़ारीना कहा जाता है। रूसी साम्राज्य में भी महाराजा को त्सार की उपाधि से ही जाना जाता था। यह मूल रूप से लातिनी भाषा के सीज़र शब् ...

धर्मसुधार-विरोधी आंदोलन

यूरोप में धर्म सुधार आंदोलन के कारण नवीन प्रोटेस्टेंट धर्म के प्रसार से चिंतित होकर कैथोलिक धर्म के अनुयायियों ने कैथोलिक चर्च व पोपशाही की शक्ति व अधिकारों को सुरक्षित करने और उनकी सत्ता को पुनः सुदृढ़ बनाने के लिए कैथोलिक चर्च और पोपशाही में अन ...

नेपोलियन का रूस पर आक्रमण

नेपोलियन की साम्राज्यवादी आकांक्षा तथा महाद्वीपीय व्यवस्था के प्रश्न पर रूस के साथ उसके संबंध पुनः बिगड़ गए। फलस्वरूप 1812 ई. में नेपोलियन ने रूस पर आक्रमण कर दिया। फ्रांस में इसे रूसी अभियान कहा जाता है जबकि रूस में इसे १८१२ का देशभक्तिपूर्ण युद ...

नेपोलियन के युद्ध

नेपोलियन बोनापार्ट जब तक सत्ता में रहा युजिन choda रहारा यूरोप त्रस्त था। इन युद्धों को सम्मिलित रूप से नेपोलियन के युद्ध कहा जाता है। १८०३ से लेकर १८१५ तक कोई साठ युद्ध उसने लड़े थे जिसमें से सात में उसकी पराजय । इन युद्धों के फलस्वरूप यूरोपीय स ...

नोगाई ख़ान

नोगाई ख़ान एक मंगोल सिपहसालाऔर सुनहरा उर्दू नामक मंगोल ख़ानत का असली शासक भी था। नोगाई का दादा बाउल ख़ान था जो जोची ख़ान का ७वाँ बेटा था। इस लिहाज़ से नोगाई मंगोल साम्राज्य के मशहूर संस्थापक चंगेज़ ख़ान का पड़-पड़-पोता था।

पवित्र रोम साम्राज्य

पवित्र रोम साम्राज्य केन्द्रीय यूरोप का एक बहुजातीय जटिल राजनैतिक संघ था जो ९६२ से १८०६ तक अस्तित्व में रहा। पवित्र रोम साम्राज्य न ही पवित्र था और ना ही रोमन। मध्ययुग में यह मध्य यूरोप का हिस्सा था और आरंभिक आधुनिक काल में यह पवित्र रोमन सम्राट ...

पवित्र संघ

पवित्र संघ की स्थापना नेपोलियन बोनापार्ट की अन्तिम पराजय के बाद २६ सितम्बर १८१५ को रूस, ऑस्ट्रिया और प्रशा के राजाओं ने मिलकर की थी। इसमें रूस के जार अलेक्सांदर प्रथम की अग्रणी भूमिका थी।

पुनर्जागरण

पुनर्जागरण का शाब्दिक अर्थ होता है," फिर से जागना”। 14वीं और 17वीं सदी के बीच यूरोप में जो सांस्कृतिक व धार्मिक प्रगति, आंदोलन तथा युद्ध हुए उन्हें ही पुनर्जागरण कहा जाता है। इसके फलस्वरूप जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नवीन चेतना आई। यह आन्दोलन के ...

प्रथम फ्रांसीसी साम्राज्य

प्रथम फ्रांसीसी साम्राज्य, फ्रांस के सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट का साम्राज्य था जो १९वीं शताब्दी के आरम्भ में महाद्वीपीय यूरोप की सर्वप्रमुख शक्ति था।

प्रशा राज्य

प्रशा राज्य एक जर्मन राज्य था जो १७०१ से १९१८ तक प्रशा का भाग था। प्रशा राज्य में वर्तमान समय के जर्मनी, पोलैण्ड, रूस, लिथुआनिया, डेनमार्क, बेल्जियम और चेक गणराज्य के भाग सम्मिलित थे। १८७१ में जर्मनी के एकीकरण के पीछे इस राज्य का बड़ा हाथ था। १९१ ...

फ्रांसीसी क्रांतिकारी युद्ध

फ्रांस के क्रान्तिकारी युद्ध युद्धों की एक शृंखला थी जो १७९२ से आरम्भ होकर १८०२ तक चली। ये युद्ध फ्रांसीसी क्रान्ति की उपज थे।

फ्रेडरिक महान्

फ्रेडरिक द्वितीय महान् १७४० से १७८६ तक प्रशा का शासक था। वह अपने सैनिक विजयों, प्रशा की सेना की पुनर्रचना करने, प्रशा में कला और प्रबोध को प्रोत्साहित करने और सप्तवर्षीय युद्ध में अनेकानेक कठिनाइयों के रहते हुए भी विजय प्राप्त करने के लिये प्रसिद ...

बाइज़ेंटाइन साम्राज्य

बाईज़न्टाइन साम्राज्य मध्य युग के दौरान रोमन साम्राज्य को दिया गया नाम था। इसकी राजधानी क़ुस्तुंतुनिया थी, जोकि वर्तमान में तुर्की में स्थित है, और अब इसे इस्तांबुल के नाम से जाना जाता है। पश्चिमी रोमन साम्राज्य के विपरीत, इसके लोग यूनानी बोलते थ ...

बातु ख़ान

बातु ख़ान एक मंगोल शासक था और सुनहरा उर्दू नामक साम्राज्य का संस्थापक था जो मंगोल साम्राज्य के अधीन एक ख़ानत थी। बातु ख़ान जोची ख़ान का पुत्और मंगोल साम्राज्य के संस्थापक चंगेज़ ख़ान का पोता था। बातु या बात शब्द का अर्थ मंगोल भाषा में कड़ा या दृढ ...

बोस्निया युद्ध

बोस्निया युद्ध या बोस्निया और हर्जेगोविना की लड़ाई एक अंतरराष्ट्रीय सैन्य युद्ध था। यह 1992 से 1995 तक बोस्निया और हर्जेगोविना में हुआ था। बोस्निया और हर्जेगोविना सहित विभिन्न गुट युद्ध में शामिल थे, ख़ासकर बोस्नियाई सर्ब और बोस्नियाई क्रोएशियाई ...

मोही का युद्ध

मोही का युद्ध या सायो नदी का युद्ध मंगोल साम्राज्य और हंगरी राज्य के बीच ११ अप्रैल १२४१ को लड़ा गया एक युद्ध था जो यूरोप पर मंगोल हमले का एक चरण था। यह पूर्वोत्तर हंगरी में सायो नदी के दक्षिणपश्चिम में स्थित मोही शहर के पास लड़ा गया। इस युद्ध में ...

यूरोपीय कोयला और स्टील संगठन

29 फ़रवरी 1952को यूरोपीय कोयला और स्टील संगठन ने ज्याँ मोनेट की अध्यक्षता में काम शुरू कर दिया। दरअसल ज्याँ मोनेट की शूमाँ घोषणा-पत्र के पीछे मुख्य प्रेरणा थे। इस संगठन ने फ्रांस के स्टील उद्योग को जर्मनी से कोयला देने की गारंटी सुनिश्चित की। इसन ...

यूरोपीय ज्ञानोदय

यूरोप में 1650 के दशक से लेकर 1780 के दशक तक की अवधि को प्रबोधन युग या ज्ञानोदय युग कहते हैं। इस अवधि में पश्चिमी यूरोप के सांस्कृतिक एवं बौद्धिक वर्ग ने परम्परा से हटकर तर्क, विश्लेषण तथा वैयक्तिक स्वातंत्र्य पर जोर दिया। ज्ञानोदय ने कैथोलिक चर् ...

यूरोपीय व्यवस्था

यूरोपीय संगति या यूरोपीय व्यवस्था से तात्पर्य सन १९१५ के वियना कांग्रेस के बाद की व्यवस्था से है जो शक्ति-संतुलन का प्रतिनिधित्व करती थी। यह व्यवस्था यूरोप में १८१५ से १९१४ तक विद्यमान रही।

रॉबिन हुड

रॉबिन हुड अंग्रेजी लोककथाओं का एक बहिष्कृत हीरो था। वह एक अचूक तीरन्दाज व कुशल तलवारबाज था जिसे आज भी उसके अपने साथी "मेरी मेन्स" के साथ मिलकर अमीरों की सम्पत्ति को लूट कर गरीबों में बाँट देने के लिये जाना जाता है। परम्परागत रूप से, रॉबिन हुड और ...

लाइपत्सिग का युद्ध

लाइपत्सिग का युद्ध सैक्सोनी के लाइपत्सिग नामक स्थान पर १६ से १९ अक्टूबर, १८१३ को लड़ा गया था। रूस, प्रशा, आस्ट्रिया और स्वीडेन कि संयुक्त सेनाओं ने रूस के जार अलेक्सांदर प्रथम के नेतृत्व नेपोलियन को पराजित कर दिया। इस युद्ध में लगभग 600.000 सैनिक ...

वरैंजियाई

वरैंजियाई या वारयागी पूर्वी स्लाव लोगों और यूनानियों द्वारा उन वाइकिंग लोगों के लिए इस्तेमाल होने वाला एक नाम था जिन्होंने 9वीं से 11वीं सदी ईसवी तक मध्यकालीन कीवयाई रूस राज्य पर राज किया और जिनसे बीज़ान्टिन सल्तनत का वरैन्जियाई दस्ता बना हुआ था। ...

वाइकिंग युग

वाइकिंग युग यूरोप के इतिहास का एक युग था जो 8वीं सदी ईसवी से 11वीं सदी तक चला और विशेष रूप से उत्तरी यूरोप और स्कैंडिनेविया में केन्द्रित था। इस काल में स्कैंडिनेविया के वाइकिंग लोग यूरोप भर में युद्ध और व्यापार करते हुए फैले और आइसलैंड, ग्रीनलैं ...

वाणिज्यवाद

वाणिज्यवाद १६वीं से १८वीं शदी में यूरोप में प्रचलित एक आर्थिक सिद्धान्त तथा व्यवहार का नाम है जिसके अन्तर्गत राज्य की शक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्र की अर्थव्यवस्थाओं का सरकारों द्वारा नियंत्रण को प्रोत्साहन मिला। व्यापारिक क्रांति ने एक नवी ...

वियना कांग्रेस

वियना की कांग्रेस यूरोपीय देशों के राजदूतों का एक सम्मेलन था, जो सितंबर 1814 से जून 1815 को वियना में आयोजित किया गया था। इसकी अध्यक्षता ऑस्ट्रियाई राजनेता मेटरनिख ने की। कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य फ्रांसीसी क्रांतिकारी युद्ध, नेपोलियन युद्ध और प ...

शूमाँ घोषणा-पत्र

फ्रांस के विदेशमंत्री रॉबर्ट शूमाँ ने कोयला और स्टीम उत्पादन में सहयोग के लिए जर्मनी और फ्रांस के लिए एक योजना घोषित की। कुछ अन्य देशों को भी इसमें शामिल होने का न्यौता दिया गया। शूमाँ योजना इस विचापर आधारित थी कि शांति के लिए यूरोपीय एकता बहुत ज ...

सेडान युद्ध

सेडान युद्ध फ्रांस-प्रशा युद्ध के दौरान १ सितम्बर १८७० को हुआ था। नैपोलियन तृतीय और उसके बहुत सारे सैनिक पकडे गये। इस युद्ध में सभी दृष्टियों से प्रशा एवं उसके सहयोगियों की जीत हुई। इसके बावजूद नयी फ्रांसीसी सरकार ने युद्ध जारी रखा।

स्कॉट्लैण्ड राज्य

स्कॉटलैण्ड राजशाही, सामान्यतः स्कॉटलैंड पश्चिमोत्तर यूरोप खण्ड पर स्थित एक पूर्व ऐतिहासिक राज्य था, परंपरानुसार कहा जाता है की उसकी स्थापना सन् ८४३ में हुई थी। १७०७ में स्कॉटलैंड ने इंग्लैण्ड राज्य के साथ सम्मिलित होकर संयुक्त, ग्रेट ब्रिटेन राज् ...