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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे

दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे एक 90 किलोमीटर लम्बा निर्माणाधीन द्रुतगामी मार्ग है | जो की दिल्ली से प्रारम्भ हो कर मेरठ पर ख़त्म होता है। यह राजमार्ग अभिगम नियंत्रण द्रुतगामी मार्ग होगा। इस द्रुतगामी मार्ग पर १४ लेन दिल्ली से डासना तक होंगी तथा ६ लेन ड ...

अपोलो ११

अपोलो ११ वह अंतरिक्ष उड़ान थी जिसने चंद्रमा पर पहले इंसान, नील आर्मस्ट्रांग और ऐडविन "बज़" ऐल्ड्रिन. जुनियर को 20 जुलाई 1969 को अंतराष्ट्रीय समय अनुसार 20:17:39 बजे उतारा था। संयुक्त राज्य अमेरिका का यह मिशन मानव इतिहास व अंतरिक्ष अनुसंधान के इति ...

आर्टेमिस कार्यक्रम

आर्टेमिस कार्यक्रम अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के द्वारा निर्देशित एक अंतरिक्ष कार्यक्रम है जिसका लक्ष्य हमारे चाँद पर फिर से मनुष्यों को भेजना है और उसके बारे में और ज्यादा जानकारी जुटाना है। आर्टेमिस कार्यक्रम चंद्रमा पर एक स्थायी उपस्थिति स्थ ...

एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन

एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन, भारत सरकार की एक पूर्ण स्वामित्व वाली कम्पनी है, जिसका प्रशासनिक नियन्त्रण अन्तरिक्ष विभाग के पास है। यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन की वाणिज्यिक शाखा है। इस कम्पनी के नाम Antrix का उच्चारण अन्तरिक्ष जैसा भी किया जा सकता ...

एक्सोमार्स

एक्सोमार्स, वर्तामान या भूतपूर्व के, मंगल जीवन के जैविक संकेतो की खोज हेतू मंगल के लिए एक रोबोटिक अभियान है। हाल में यह खगोल जैविकी अभियान, रूसी संघीय अंतरिक्ष एजेंसी के सहयोग से यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अधीन विकासशील है।

एक्सोमार्स ट्रेस गैस आर्बिटर

एक्सोमार्स ट्रेस गैस आर्बिटर या टीजीओ यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और रूसी संघीय अंतरिक्ष एजेंसी के बीच एक सहयोगी परियोजना है। यूरोपीय नेतृत्व के हिस्से के रूप में एक वातावरण अनुसंधान ऑरबिटर और श्चियापारेल्ली प्रदर्शन लैंडर 2016 में एक्सोमार्स परियोजन ...

चंद्र टोही परिक्रमा

चंद्र टोही परिक्रमा वर्तमान में चंद्रमा में एक विलक्षण ध्रुवीय मानचित्रण कक्षा में परिक्रमा कर रहा एक नासा के रोबोट अंतरिक्ष यान है. चंद्र टोही परिक्रमा के द्वारा एकत्र आंकड़ों नासा के भविष्य के लिए चंद्रमा के लिए मानव और रोबोट मिशन के रूप में वर ...

श्चियापारेल्ली ईडीएम लैंडर

श्चियापारेल्ली ईडीएम लैंडर एक्सोमार्स परियोजना का एंट्री, डिसेंट और लैंडिंग प्रदर्शक मॉड्यूल है। यह मंगल ग्रह की सतह पर उतरने के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी विकसित करने में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और रूस की रोसकॉस्मोस मदद करेगा। इसे एक्सोमार्स ट्रेस ...

चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम

चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम चीनी राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन) द्वारा निर्देशित है। इसकी प्रौद्योगिकीय शुरूआत १९५० के दशक में हुई जब चीन ने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम आरम्भ किया।

स्क्रैमजेट रॉकेट इंजन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधन संगठन इसरो ने 28 अगस्त 2016 को स्क्रैमजेट इंजन का सफलतापूर्क परीक्षण किया। इसे सुपरसोनिक कॉमब्यूशन रैमजे ट इंजन के नाम से भी जाना जाता है। इस इंजन को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया। वैज् ...

अंतरिक्ष विज्ञान

अंतरिक्ष विज्ञान एक व्यापक शब्द है जो ब्रह्मांड के अध्ययन से जुड़े विभिन्न विज्ञान क्षेत्रों का वर्णन करता है तथा सामान्य तौपर इसका अर्थ "पृथ्वी के अतिरिक्त" तथा "पृथ्वी के वातावरण से बाहर" भी है। मूलतः, इन सभी क्षेत्रों को खगोल विज्ञान का हिस्सा ...

अंतरिक्ष विज्ञान एवं तकनीकी केन्द्र

अंतरिक्ष विज्ञान और इंजीनियरिंग केंद्र एक अनुसन्धान और विकास केंद्र है। पृथ्वी के वायुमंडल, सौरमंडल के अन्य ग्रहों, और ब्रह्माण्ड की समझ बढ़ाने के लिए पृथ्वी विज्ञान अनुसन्धान एवं तकनीकी पर इसका मुख्य ध्यान है। SSEC विस्कांसिन-मेडिसन विश्वविद्याल ...

उपग्रह बस

एक उपग्रह बस किसी उपग्रह का वह मूल ढाँचा होता है जिसपर उपग्रह के विभिन्न प्रणालियाँ लगी रहती हैं और इसके जरिये एक दूसरे से जुड़ी रहती हैं। इसे स्पेसक्रॉफ्ट बस यानि अंतरिक्षयान बस भी कहा जाता है। यह बस किसी उपग्रह या अंतरिक्ष यान का मूल ढाँचा होता ...

टेलस्टार (उपग्रह)

टेलस्टार अमेरिका के नासा द्वारा प्रक्षेपित एक संचार उपग्रह है। इस श्रेणी के दो उपग्रहों में पहले उपग्रह टेलस्टार १ को थोर-डेल्टा रॉकेट की सहायता से १0 जुलाई १९६२ को अंतरिक्ष में भेजा गया। यह विश्व का पहला उपग्रह है जिसकी सहायता से सीधा प्रसारण सं ...

तरेगना

बिहार की राजधानी पटना से करीब पैंतीस किलोमीटर दूर तारेगना एक छोटा सा क़स्बा है, जो आर्यभट्ट की कर्मस्थली मानी जाती है। यही रहकर आर्यभट्ट ने आकाश में ग्रह-नक्षत्और तारों की स्थिति का अध्ययन किया था और इसलिए इसका नाम तारेगना पड़ गया। तारेगना एकाएक ...

दक्षिण अयनांत

दक्षिण अयनांत, वह समय है जब सूर्य आकाश में अपने दक्षिणतम बिंदु पर होता है और दोपहर में क्षितिज के ऊपर अपने निम्नतम उन्नयन पर नजर आता है।आमतौपर दक्षिण अयनांत, उत्तरी गोलार्ध में प्रत्येक वर्ष 21 से 22 दिसम्बर के बीच घटित होता है, तथा दक्षिणी गोलार ...

भारतीय अन्तरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान

भारतीय अन्तरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान भारत एवं एशिया का प्रथम अंतरिक्ष विश्वविद्यालय है। यह तिरुवनंतपुरम शहर के वलियमला क्षेत्र में स्थित है। इसकी स्थापना १४ सितम्बर २००७ को गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर हुई थी। भारत के पूर्व राष्ट्रपत ...

सौर मण्डल

सौर मंडल में सूर्य और वह खगोलीय पिंड सम्मलित हैं, जो इस मंडल में एक दूसरे से गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा बंधे हैं। किसी तारे के इर्द गिर्द परिक्रमा करते हुई उन खगोलीय वस्तुओं के समूह को ग्रहीय मण्डल कहा जाता है जो अन्य तारे न हों, जैसे की ग्रह, बौने ...

सौर प्रज्वाल

सौर प्रज्वाल सूरज की सतह के किसी स्थान पर अचानक बढ़ने वाली चमक को कहते हैं। यह प्रकाश वर्णक्रम के बहुत बड़े भाग के तरंगदैर्घ्यों पर उत्पन्न होता है। सौर प्रज्वाल में कभी-कभी कोरोना द्रव्य उत्क्षेपण भी होता है जिसमें सूरज के कोरोना से प्लाज़्मा और ...

अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन

अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन या केन्द्र बाहरी अन्तरिक्ष में अनुसंधान सुविधा या शोध स्थल है जिसे पृथ्वी की निकटवर्ती कक्षा में स्थापित किया है। इस परियोजना का आरंभ १९९८ में हुआ था और यह २०११ तक बन कर तैयार होगा। वर्तमान समय तक आईएसएस अब तक बना ...

आकाशगंगा

आकाश गंगा या क्षीरमार्ग उस आकाशगंगा का नाम है, जिसमें हमारा सौर मण्डल स्थित है। आकाशगंगा आकृति में एक सर्पिल गैलेक्सी है, जिसका एक बड़ा केंद्र है और उस से निकलती हुकई वक्र भुजाएँ। हमारा सौर मण्डल इसकी शिकारी-हन्स भुजा पर स्थित है। क्षीरमार्ग में ...

गांगेय केंद्र

गांगेय केंद्र, हमारी आकाशगंगा का घूर्णी केंद्र है। यह हमारी पृथ्वी से 8.33±0.35 kpc की दूरी पर स्थित है। यह धनु, सर्पधारी और वृश्चिक तारामंडल की दिशा में स्थित है जहां हमारी आकाशगंगा उज्जवल प्रतीत होती है। इस बात के पुख्ता प्रमाण है जो हमारी आकाश ...

गांगेय वर्ष

गांगेय वर्ष, सौरमंडल द्वारा आकाशगंगा के केंद्र का एक पूर्ण चक्कर लगाने में लिया जाने वाला समय है | एक गांगेय वर्ष का अनुमानित मान २२ से २५ करोड़ वर्ष है | इसे GY संकेत द्वारा दर्शाया जाता है | नासा के अनुसार, सौर मंडल 8.28.000 किमी/घंटा या 5.14.0 ...

छोटा मॅजलॅनिक बादल

छोटा मॅजलॅनिक बादल एक बौनी गैलेक्सी है जो हमारी अपनी गैलेक्सी, आकाशगंगा, की उपग्रह है। यह पृथ्वी से क़रीब २००,००० प्रकाश-वर्ष दूर है और इसका व्यास ७,००० प्रकाश-वर्ष है। छो॰मॅ॰बा॰ में कई दसियों करोड़ तारे हैं। तुलना के लिए आकाशगंगा का व्यास १००,०० ...

धनु ए

धनु ए या सैजीटेरियस ए हमारी गैलेक्सी, क्षीरमार्ग, के केन्द्र में स्थित एक खगोलीय रेडियो स्रोत है। यह खगोलीय धूल के विशाल बादलों द्वारा प्रत्यक्ष वर्णक्रम में दृष्टि से छुपा हुआ है। इसके पश्चिमी भाग के बीच में धनु ए* नामक एक बहुत ही प्रचंड और संकु ...

धनु ए*

धनु ए* हमारी गैलेक्सी, क्षीरमार्ग के केन्द्र में स्थित एक संकुचित और शक्तिशाली रेडियो स्रोत है। यह धनु ए नामक एक बड़े क्षेत्र का भाग है और आकाश के खगोलीय गोले में धनु तारामंडल में वॄश्चिक तारामंडल की सीमा के पास स्थित है। बहुत से खगोलशास्त्रियों ...

फ्रैंकेंस्टीन (आकाशगंगा)

वैज्ञानिकों ने जुलाई 2016 में एक दुर्लभ फ्रैंकेंस्टीन आकाशगंगा खोजी है जो धरती से करीब 25 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है और संभवत: अन्य आकाशगंगाओं के हिस्सों से बनी है। एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित हुए आकाशगंगा यूजीसी 1382 के बारे में नए खुलासे किग ...

बड़ा मॅजलॅनिक बादल

बड़ा मॅजलॅनिक बादल एक बेढंगी गैलेक्सी है जो हमारी अपनी गैलेक्सी, आकाशगंगा, की उपग्रह है। यह पृथ्वी से क़रीब १६०,००० प्रकाश-वर्ष दूर है और आकाशगंगा से तीसरी सब से समीप वाली गैलेक्सी है। इसका कुल द्रव्यमान हमारे सूरज से लगभग १० अरब गुना है और इसका ...

बौनी गैलेक्सी

बौनी गैलेक्सी ऐसी गैलेक्सी को कहते हैं जिसमें चंद अरब तारे ही हों, जो की हमारी गैलेक्सी, आकाशगंगा के २-४ खरब तारों की तुलना में काफ़ी कम हैं। आकाशगंगा की परिक्रमा कर रहा छोटा मॅजलॅनिक बादल एक ऐसी बौनी गैलेक्सी है। हमारे स्थानीय समूह में बहुत सी ब ...

मॅजलॅनिक बादल

मॅजलॅनिक बादल, हमारी मंदाकिनी से लगी हुई अनियमित आकार की दो पडोसी बौनी आकाशगंगाएं है। बड़ा मॅजलॅनिक बादल हमसे 1.60.000 प्रकाश वर्ष दूर है और छोटा मॅजलॅनिक बादल हमसे 1.80.000 प्रकाश वर्ष दूर है। दोनों को ही दक्षिणी अर्धगोलार्ध मे नंगी आंखों से देख ...

मैसियर 81

मैसियर 81 एक चक्रीय आकाशगंगा है जो कि सप्तर्षि तारामंडल से १,२ प्रकाश-साल से है। पृथ्वी के नज़दीक होने, इसके बड़े आकाऔर क्रियाशील आकाशीय नाभिक होने के कारण इसपर काफ़ी खोज की गई है। आकाशगंगा के बड़े आकाऔर चमकीले होने के कारण आकाश यात्रियाँ इसको दे ...

शिकारी-हन्स भुजा

शिकारी-हन्स भुजा हमारी गैलेक्सी की एक सर्पिल भुजा है। यह लगभग ३,५०० प्रकाश वर्ष चौड़ी और १०,००० प्रकाश वर्ष लम्बी है, लेकिन आकाशगंगा के महान आकार के हिसाब से एक छोटी बाज़ू समझी जाती है। पृथ्वी, हमारा सूरज और हमारा पूरा सौर मंडल इसमें स्थित है, इस ...

सर्पिल गैलेक्सी

सर्पिल गैलेक्सी किसी सर्पिल आकार वाली गैलेक्सी को कहते हैं, जैसे की हमारी अपनी गैलेक्सी, आकाशगंगा है। इनमें एक चपटा घूर्णन करता भुजाओं वाला चक्र होता है जिसमें तारे, गैस और धूल होती है और जिसके बीच में एक मोटा उभरा हुआ तारों से घना गोला होता है। ...

सीआर७

वैज्ञानिकों ने हाल ही में खोजी गई नई आकाशगंगा का नाम जून 2015 के तीसरे सप्ताह में पुर्तगाल के फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो के नाम पर सीआर7 रखा है। क्रिस्टियानो रोनाल्डोर को सीआर-7 नाम से भी जाना जाता हैं। सीआर-7 अब तक ज्ञात दूरस्थ आकाशगंग ...

स्थानीय समूह

स्थानीय समूह या लोकल ग्रुप गैलेक्सियों का एक समूह है जिसमें हमारी गैलेक्सी, आकाशगंगा, भी शामिल है। इस समूह में ३० से ज़्यादा गैलेक्सियाँ शामिल हैं जिनमें से बहुत सी बौनी गैलेक्सियाँ हैं। स्थानीय समूह का द्रव्यमान केंद्र आकाशगंगा और एण्ड्रोमेडा गै ...

सरल (उपग्रह)

सरल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और फ़्रांसीसी राष्ट्रीय अंतरिक्ष अध्ययन केन्द्र का संयुक्त अन्तरिक्ष अभियान है। इसे भारत के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 30 अक्टूबर 2013, 02:13:46 यु.टी.सी पर लांच किया गया था।

अर्ध उपग्रह

एक अर्ध उपग्रह सूर्य की परिक्रमा के लिए ठीक उतना समय लेता है जितना कि वह एक ग्रह के रूप मे लेता, परंतु विकेन्द्रता अलग होती है |

एस/2004 एन 1

एस/2004 एन 1, नेपच्यून का एक छोटा सा चाँद है। व्यास में यह 11 मील है और अपने स्वामी ग्रह की परिक्रमा महज एक पृथ्वी दिवस में करता है। जुलाई 2013 में इसकी खोज ने नेप्च्यून के ज्ञात चाकर उपग्रहों को बढ़ाकर चौदह कर दिया। यह चंद्रमा इतना मंद है कि 198 ...

एसजे-10

चीन ने 5 अप्रैल 2016 पुन: प्राप्त किए जा सकने वाले वैज्ञानिक अनुसंधान उपग्रह एसजे-10 Shijian -10 का प्रक्षेपण किया। इसका प्रक्षेपण उत्तरपश्चिमी चीन के गोबी मरूस्थल स्थित जिउक्वाल उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से लॉन्ग मार्च 2-डी रॉकेट के जरिए किया गया। ...

कलाम सैट

कलाम सेट एक विश्व का सबसे हल्का और लघु कृत्रिम उपग्रह है, जिसका नामांकरण भारतीय पूर्व राष्ट्रपति व वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर किया गया है. यह विश्व का पहला ३ डी प्रिंटर से तैयार उपग्रह भी है। इस उपग्रह का वजन 64 ग्राम है। अमेरिकी अंतरि ...

कार्टोसैट-2डी

कार्टोसैट-2डी कार्टोसैट सीरीज का एक रिमोट सेंसिंग उपग्रह है। इसे 15 फरवरी 2017 को पीएसएलवी-सी37 से सुबह 9:28 मिनट पर लॉन्च किया गया।

कॉसमॉस 2510

रूस ने अपनी नवीनतम पूर्व चेतावनी प्रणाली के पहले उपग्रह एकीकृत अंतरिक्ष प्रणाली ईकेएस का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। इस उपग्रह को आधिकारिक तौपर कॉसमॉस 2510 टुंड्रा 11एल नाम दिया गया। इस नई पीढ़ी के उपग्रह का मॉस्को की क्षमता को बहाल हेतु निर्माण ...

चाइनासैट2सी

चीन ने 4 नवंबर 2015 को एक नए संचार उपग्रह ‘चाइनासैट2सी’ का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। इस उपग्रह का इस्तेमाल चीन के रेडियो और टेलीविजन प्रसारण और ब्रॉडबैंड मल्टीमीडिया संचार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा। चाइनासैट2सी उपग्रह को दक्ष ...

डीएएमपीई

चीन ने रहस्यमय काले पदार्थ पर प्रकाश डालने वाले डार्क मैटर पार्टिकल एक्सप्लोरर डीएएमपीई उपग्रह का 17 दिसंबर, 2015 को प्रक्षेपण किया। यह देश का पहला अंतरिक्ष टेलीस्कोप था और इसका प्रक्षेपण जीक्वान Jiuquan उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से एक लांग मार्च 2 ...

तिआनगोंग-1

तिआनगोंग-1 चीन का पहला प्रोटोटाइप अंतरिक्ष स्टेशन है। यह दोनों मानवयुक्त प्रयोगशाला और एक प्रयोगात्मक डॉकिंग क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए सेवारत है। चीन ने मोबाइल दूरसंचार हेतु पहला उपग्रह तिआनतोंग-01 प्रक्षेपित किया।

रावण 1

रावण 1 निचली कक्षा वाली एक श्रीलंकाई अनुसंधान उपग्रह और श्रीलंका का पहला उपग्रह है। उपग्रह रावण 1 को 17 अप्रैल 2019 पर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा साइग्नस एनजी-11 के हिस्से के रूप में लॉन्च किया गया था।

सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर)

चीन ने 10 अगस्त 2016 को एक नया और उच्च क्षमता वाला सिंथेटिक एपर्चर रडार एसएआर इमेजिंग उपग्रह लांच किया है। यह उपग्रह धरती की सटीक और स्पष्ट तस्वीरें भेजेगा। यह उपग्रह विशेष क्षेत्रों के विस्तृत परिदृश्य की तस्वीरें लेने में सक्षम है।

3753 क्रुथने

3753 क्रुथने, सूर्य के ईर्दगिर्द की कक्षा मे एक क्षुद्रग्रह है। पृथ्वी के साथ इसका 1:1 का कक्षीय अनुनाद है। इसे गलत रूप में "पृथ्वी का दूसरा चांद" भी कहा गया है। क्रुथने पृथ्वी की परिक्रमा नहीं करता है बल्कि कई बार यह सूर्य के दूसरी तरफ होता है। ...

अंतरतारकीय बादल

खगोलशास्त्र में अंतरतारकीय बादल अंतरतारकीय माध्यम में स्थित ऐसे बादल को कहते हैं जहाँ गैस, प्लाज़्मा और धूल का जमावड़ा हो। वैसे तो अंतरतारकीय माध्यम के व्योम में कुछ-कुछ कण, अणु और परमाणु तो होते ही हैं, लेकिन अंतरतारकीय बादल ऐसा क्षेत्र होता है ...

अंतर्राष्ट्रीय खगोलिकी वर्ष

1609 में गैलीलियो गैलिली द्वारा खगोलीय प्रेक्षण आरंभ करने की घटना की 400वीं जयंती के रूप में वर्ष 2009 को अंतर्राष्ट्रीय खगोलिकी वर्ष के रूप में मनाया गया था।