ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 191

कोराँव

कोराँव प्रयागराज जिले की आठ तहसीलों में एक का मुख्यालय और क़स्बा है। यह नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्र मिलकर बना हुआ है। प्रयागराज से मिर्ज़ापुर मार्ग स्थित मेजारोड चौराहे से तथा मेजारोड रेलवे स्टेशन से 32 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।

नैनी

इलाहाबाद में शीशा और तार कारखाने काफी हैं। यहां केमुख्य औद्योगिक क्षेत्र हैं नैनी और फूलपुर, जहां कई सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों की इकाइयां, कार्यालय और निर्माणियां स्थापित हैं। इनमें अरेवा टी एण्ड डी इण्डिया बहुराष्ट्रीय अरेवा समूह का ...

फूलपुर

फूलपुर इलाहाबाद से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां रेलवे स्टेशन है। जो कि वाराणसी गोरखपुर को जोड़ती है फूलपुर एक कस्बा है। यहां पर आबादी अधिक है। यहां पर स्टेशन के करीब सामने एक पुराना रानी का महल स्थित है।यहां से इलाहाबाद की ओर लगभग 12 किलोम ...

हर की दून घाटी

हर की दून उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले मे यमुना की सहायक रुपिन व सूपिन नदियों के आस-पास फतेह पर्वत की गोद मे बसा क्षैत्र है। यह उच्च हिमालय के निकट स्थित एक अत्यन्त दुर्गम अन्चल है। उत्तर मे हिमाचल के किन्नोर व पूर्व मे तिब्बत से सटा हर की दून का ...

गांधीधाम जंक्शन रेलवे स्टेशन

गांधीधाम जंक्शन रेलवे स्टेशन, भारतीय राज्य गुजरात के गांधीधाम में स्थित एक रेलवे जंक्शन है, जो गांधीधाम और कंडला क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सेवा मुहैया करता है। इसे पश्चिम रेलवे) के अन्तर्गत अहमदाबाद रेलवे मंडल द्वारा संचालित किया जाता है।

खड्डा

खड्डा, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद के उत्तरी भाग में नेपाल व बिहार सीमा के पास स्थित एक नगर पंचायत है। यहाँ चीनी का कारखाना एवं इण्टरमिडिएट कॉलेज तथा डिग्री कॉलेज भी है। यहाँ रेलवे स्टेशन भी है। नगर नारायणी नदी के पास होने के कारण नगर का वातावरण ...

नेबुआ नौरंगिया

नेबुआ नौरंगिया भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक विकासखंड है। वर्ष 2011 की जनगणना के आँकड़ों के अनुसार इस पूरे ब्लॉक का क्षेत्रफल 214.58 वर्ग किलोमीटर और कुल जनसंख्या 2.23.759 थी। यह विकासखंड पडरौना तहसील में आता है और एक ही नाम के ...

पडरौना

पडरौना उत्तर प्रदेश में कुशीनगर जिले का मुख्यालय है। कुशीनगर एक अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति का पर्यटन स्थल है। पडरौना उत्तर प्रदेश का सबसे पूर्वी व उत्तरी जनपद है। यह २६.९° उत्तरी अक्षांश व ८३.९८° पूर्वी देशान्तर पर स्थित है। समुद्र तल से इसकी औसत उंच ...

कुचिपुड़ी, कृष्णा जिला

कुचिपुड़ी भारत के आन्ध्रप्रदेश राज्य के कृष्णा जिले में स्थित एक गाँव है। इस गाँव के आन्ध्रप्रदेश की राजधानी परिक्षेत्र में शामिल होने की संभावना है, जब यह राजधानी परिक्षेत्र निर्मित होगा।

भारतीय प्रबंधन संस्थान बोध गया

संस्थान बोधगया के मंदिर शहर में स्थित है, जो बौद्धों के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थल है। संस्थान जुलाई 2019 में अपने 119 एकड़ के स्थायी परिसर में चला गया। यह मगध विश्वविद्यालय परिसर के भीतर स्थित एक नए लड़के और लड़कियों के छात्रावास का गठन करता है, ...

नारानाग

नारानाग भारत के जम्मू व कश्मीर राज्य के गान्दरबल ज़िले में २,१२८ मीटर की ऊँचाई पर स्थित एक पर्वतीय पर्यटक स्थल है। यह कंगन से ८ किमी की दूरी पर सिन्द नाले नामक नदी की घाटी पर अधिक ऊँचाई पर स्थित है। अपने मर्ग, पर्वतों और झीलों के लिये जाने जाने व ...

उंडवल्ली

उंडवल्ली: भारत, आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरवती का पड़ोस है । यह ग्राम पंचायत के रूप में इसके निषेध से पहले, गुंटूर जिले के तादपले मंडल में एक गांव था। 5 वीं शताब्दी बौद्ध और हिंदू अंडववली गुफाएं जो इस जगह पर मोनोलिथिक भारतीय रॉक-कट आर्किटेक्चर का ...

ग्वालियर ज़िले के मन्दिर

गोलेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर भितरवार तहसील में है यह नए बस स्थानक के पास है यहाँ की मान्यता है कि यदि भितरवार में पानी बरसता है तो सभी भितरवार वासियों द्वारा पार्वती नदी जो की मंदिर के पास ही कुछ दूरी पर प्रवाहित होती है से पानी लाकर मंदिर के ...

तानसेन समारोह

तानसेन समारोह या तानसेन संगीत समारोह हर साल दिसंबर के महीने में मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के बेहत गांव में मनाया जाता है। यह एक 4 दिन का संगीतमय कल्पात्मक नाटक है। दुनिया भर से कलाकाऔर संगीत प्रेमी यहाँ पर महान भारतीय संगीत उस्ताद तानसेन को श् ...

टनकपुर, श्री पूर्णागिरी टनकपुर तहसील

पूर्णागिरि तहसील भारत के उत्तराखण्ड राज्य के अन्तर्गत कुमाऊँ मण्डल के चम्पावत जिले में एक तहसील है। वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार यहाँ की कुल जनसंख्या 73.143 थी और औसत लिंगानुपात 934 तथा शिशु लिंगानुपात 853 था। यहाँ की साक्षरता दर 80.71% थी। तहसील क ...

ऋषि वैली

रिशी वेली या "ऋषी वेली": अर्थात "ऋशी की वादी" या "ऋशी की वादियां"। यहां पर एक पाठशाला भी है जिस को जिड्डू कृष्णमूर्ती ने स्थापित किया। यह एक आश्रम पाठशाला है। जिड्डू कृष्णमूर्ती को नवीन काल का ऋषी माना जाता है। इन्हों ने इस पहाडी वादी प्रांत में ...

गुर्रम कोंडा

गुर्रम कोंडा: भारत के राज्य आंध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िले में एक तहसील / मंडल है। यह गाँव, शहर बंगलूऔर कडपा के मार्ग में है। टीपू सुल्तान के समय में शहर कड़पा जिले में था।अब जिला चित्तूर में है। इस शहर का प्राचीन नाम "ज़फ़राबाद" था। आज इस का नाम ...

गुर्रामकोंडा दुर्ग

गुर्रामकोंडा दुर्ग: भारत के आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में गुर्रमकोंडा किला पहाड़ी किला है । यह गांव गुर्रमकोंडा मंडल मुख्यालय में स्थित है। इसे जिले के सबसे पुराने किले में से एक माना जाता है। सूत्रों के मुताबिक यह किला विजयनगर राज्य के दौरान ...

तिरुमला तिरुपती देवस्थानम

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम, जिसे संक्षेप में टीटीडी के रूप में जाना जाता है, एक स्वतंत्र ट्रस्ट है जो आंध्र प्रदेश के तिरुमला में तिरुपति वेंकटेश्वर मन्दिर का प्रबंधन करता है । ट्रस्ट दुनिया के दूसरे सबसे अमीऔर सबसे ज्यादा जाने वाले धार्मिक केंद् ...

सालासर

सालासर बालाजी या सालासर धाम भारत में हनुमान के भक्तों के लिए धार्मिक महत्व का स्थान है। यह चूरू जिला,राजस्थानमें सुजानगढ़ के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग 65 पर, सालासर के शहर में स्थित है। बालाजी हनुमान का दूसरा नाम है, यह मंदिर सालासर के बीच में स्थि ...

राज्य राजमार्ग 12 (राजस्थान)

स्टेट हाईवे 12 RJ SH 12 भारत के राजस्थान राज्य में एक स्टेट हाईवे है जो जयपुर जिले के सांगानेर को राजस्थान के राजसमंद जिले के कांकरोली से जोड़ता है। RJ SH 12 की कुल लंबाई 324.20 किमी है ।

ध्रोल राज्य

ध्रोल रियासत, ब्रिटिश भारत के बॉम्बे प्रेसीडेंसी की काठियावाड़ एजेंसी और बाद में, भारत गणराज्य के काठियावाड़ और सौराष्ट्र एजेंसी का एक शाही राज्य था। ध्रोल, ब्रिटिशकालीन भारत के उन ५६२ शाही रियासतों में से एक था, जिनके शाशकों को क्षेत्रीय स्वायत् ...

भूचर मोरी

भूचर मोरी, गुजरात के ध्रोल नगर से २ किमी दूर स्थित एक ऐतिहासिक पठार है। यह राजकोट से लगभग ५० किमी दूर स्थित है। यह स्थान भूचर मोरी की लड़ाई और उस लड़ाई को समर्पित स्मारक के लिए जाना जाता है, जो सौराष्ट्र में लड़ी गयी सबसे बड़ी लड़ाई थी। भूचर मोरी ...

जौनपुर सल्तनत

जौनपुर सल्तनत एक उत्तरी भारत में एक स्वतंत्र साम्राज्य था जिसका कार्यकाल था जिन्होंने जौनपुर में शासन किया जौनपुर जो वर्तमान में उत्तरप्रदेश के नाम से जाना जाता है जौनपुपर शरक़ी राजवंश ने राज किया था ख्वाजा-ई-जहाँ मलिक सरवार पहले शासक थे जिंहोने ...

मऊरानीपुर

मऊरानीपुर, उत्तर प्रदेश के झांसी जिले का एक तहसील है। इसका मुख्यालय झांसी जिले में है। यह कपड़ा उत्पादन का एक केंद्र है, जिसे प्राचीन समय में मधुपुरी के नाम से जाना जाता था। यह उत्तरप्रदेश की सबसे बड़ी तहसील है।

पेटलावद

पेटलावद मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में स्थित एक कस्बा और नगर पंचायत है। यह कस्बा सितम्बर २०१५ को हुए एक भयंकर विस्फोट के कारण चर्चा में आया था जिसमें १०० से भी अधिक लोग मारे गये थे। यह मालवा क्षेत्र के अन्तर्रगत आता है। प्रमुख रेलवे स्टेशन बामनीया ...

आदि बद्रीनारायण शत्रुघ्न मंदिर

प्राचीन आदि बद्रीनारायण शत्रुघ्न मंदिर प्राचीन मंदिर पौराणिक ए॰ं ऐतिहासिक रूप से मुनि की रेती के लिए॰ए॰ प्रमुख स्थल है। यह दो मंजिला पार्किंग के नजदीक नव घाट के पास स्थित है। यही वह स्थान है जहां से प्राचीनकाल में कठिन पैदल चार धाम तीर्थ यात्रा श ...

औषधि बगीचा, मुनि की रेती

ऋषिकेश-गंगोत्री रोड पर ओंकारानंद आश्रम तथा भद्रकाली मंदिर की और चले तो डॉ सुशीला तिवारी औषधि बगीचा मिलेगा जहां वनौषधि तथा सुगंधित जड़ी-बुटियों की भरमार है। इसकी स्थापना वर्ष 2003 में उत्तराखंड के भूतपूर्व मुख्यमंत्री डॉ एन डी तिवारी के आदेशानुसार ...

कैलाश आश्रम

ब्रहमविदंयापीठ श्री कैलाश आश्रम की स्थापना वर्ष 1880 में श्रीमत्स्यास्वामी धनराज गिरीजी महाराज ने की। आज भी वे आदरपूर्वक आदि महाराज जी के नाम से पुकारे जाते हैं। आम विश्वास है कि उन्हें स्वप्न में भगवान शिव ने आश्रम में एक शिवलिंग की स्थापना का आ ...

मुनि की रेती का इतिहास

उत्तराखंड के इतिहास में मुनि की रेती की एक खास भूमिका है। यही वह स्थान है जहां से परम्परागत रूप से चार धाम यात्रा शुरु होती थी। यह सदियों से गढ़वाल हिमालय की ऊंची चढ़ाईयों तथा चार धामों का प्रवेश द्वार था। जब तीर्थ यात्रियों का दल मुनि की रेती से ...

शिवानंद आश्रम, मुनि की रेती

श्री शिवानंद आश्रम जाने माने शिवानंद आश्रम की स्थापना वर्ष 1932 में स्वामी शिवानंद द्वारा की गई। एक स्थानीय इतिहासकार श्री बदोला के अनुसार मुनि की रेती स्वामी शिवानंद की तपोभूमि थी, जो एक मेडिकल डॉक्टर थे एवं मन की आन्तरिक शांति के लिए इस क्षेत्र ...

डिगबोई

डिगबोई भारत के असम राज्य के तिनसुकिया जिले के उत्तर पूर्वी हिस्से में स्थित एक छोटा सा नगर है। 19वीं सदी के अंतिम वर्षों में यहाँ कच्चे तेल की खोज की गयी थी। डिगबोई असम के तेल नगरी के रूप में जाना जाता है। डिगबोई में एशिया में पहली बार तेल कुएँ क ...

तिरुवनन्तपुरम सेंट्रल रेलवे स्टेशन

तिरुवनंतपुरम सेंट्रल, पूर्व में त्रिवेंद्रम सेंट्रल, भारतीय राज्य केरल के तिरुवनंतपुरम शहर का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है। यह यात्री आवाजाही और राजस्व और दक्षिणी रेलवे में एक महत्वपूर्ण रेल हब के रूप में केरल का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है। यह दक्षिण ...

इंदरगढ़

इंदरगढ़ भारतीय राज्य मध्य प्रदेश में दतिया जिले में एक शहर और एक नगर परिषद है। ऐसा माना जाता है कि इस गाँव का नाम पहले दारद था जो बाद में इंदरगाँव बन गया। इंदरगाँव के शासक इंद्रसेन जाट थे। उन्होंने यहां एक मजबूत किले का निर्माण किया, जिसने इस स्थ ...

नगरी

धमतरी, कुरूद, मगरलोड और नगरी को धमतरी जिले में तहसील और धमतरी, कुरुद, नगरी और मगरलोड खंडों के रूप में शामिल किया गया है। धमतरी जिले में नगरी विकासखंड है यह विकासखंड अधिकतर जंगलो से घिरा हुआ है, इस क्षेत्र में अधिकतर आदिवासी बाहुल्य है नगरी में सि ...

मोहनखेड़ा

मोहनखेड़ा मध्यप्रदेश के धार जिलें में स्थित एक कस्बा है। यहाँ श्वेतांबर जैन समाज का एक ऐसा महातीर्थ विकसित हुआ है, जो देश और दुनिया में ख्यात हो चुका है। श्रीमद् विजय राजेंद्र सूरीश्वरजी महाराज साहब की यह तीर्थ नगरी मानवसेवा का भी तीर्थ बन चुकी ह ...

शांतिपुर, नदिया

शांतिपुर पश्चिम बंगाल के नदिया जिला में स्थित है। शांतिपुर में पर्यटक तोपखाना मस्जिद के खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। इसका निर्माण फौजदार गाजी मोहम्मद यार खान ने मुगल शासक औरंगजेब के शासनकाल में 1703-1704 ई. में कराया था। इस मस्जिद में एक बड़ा गुम् ...

कुचेरा

कुचेरा, राजस्थान राज्य के जिला नागौर का एक कस्बा है। इसकी स्थापना अहाङा वंस के राजपूत शासक राव श्री महेंद्र सिंह जी ने १५५२ में की राव महेंद्र सिंह जी समीप के पालड़ी ठिकाने के अंतिम अहाङा वंसी शाशक थे। कुचेरा अहाङा वंस के राजपूतों की कुलदेवी मोरफ ...

खाटू क‌‌‍लां (बडीखाटू)

सम्पूर्ण राजस्थान के आर्थिक दृष्ठी से महत्वपूर्ण स्थानों में से एक खाटूकलां राजस्थान राज्य के नागौर जिले की जायल तहसील का एक गाँव है। यह जिला मुख्यालय से 60 कि॰मी॰ तथा तहसील मुख्यालय से 21 कि॰मी॰ दूरी पर स्थित है। खाटुकला ग्रामपंचायत है। खाटूकलां ...

चिकनास

चिकनास,डेगाना,तहसिल,जिला,नागौर, राज्य,राजस्थान, भारत का एक,छोटा, सा गांव हे। यह सारसण्डा से ४,किलोमिटर,पुर्वमे तथा, बंवरलासे ५ किलोमिटर,पश्चिम, मे, स्थितहे।

जायल

जायल राजस्थान के नागौर जिले का एक कस्बा है। यह नागौर से ४० किमी की दूरी पर है। जायल का सुरपालिया गांव मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है यहां पर तेजाजी, बिग्गाजी, रामदेव जी हरिराम जी, शिवजी,हनुमान जी, कृष्ण जी आदि के सुप्रसिद्ध मंदिर है| शिक्षा क्षेत्र म ...

डेह

कस्बे के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि और सरकारी / निजी नौकरियां है। कुछ ग्रामीण सरकारी सेवाओं और बहुत से लोग असम, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों में निजी नौकरी कर रहे हैं।

मकराना

मकराना भारतीय राज्य राजस्थान की नगर परिषद एवं तहसील है। इस तहसील में १३६ से अधिक गाँव शामिल हैं, और इस प्रकार यह नागौर जिले की सबसे बड़ी तहसील है। मकराना यहाँ के श्वेत पत्थर और संगमरमर के लिए प्रसिद्ध है। मकराना के संगमरमर का उपयोग ताजमहल के निर् ...

रोल

रोल के बारे में कहा जाता है कि यह गाँव 500 साल पहले स्थापित किया गया था। उस समय मुस्लिम बोलबाला था। गाँव में एक बड़ी दरगाह है जहाँ मुसलमानों का हर साल एक उर्स मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमे सब जाति के दर्शणार्थी भाग लेते हैं। डॉ॰ ज़ियाउ-द्दीन ...

अपतानी लोग

अपतानी या तानी अरुणाचल प्रदेश की एक जनजाति है। ये लोग अरुणाचल के लोवर सुबंसिरि जिले के जीरो वैली में पाये जाते हैं। इनकी कुल जनसंख्या लगभग 60.000 है। इनकी भाषा का नाम भी अपतानी भाषा है जो चीनी-तिब्बती परिवार की भाषा है। ये सूर्य और चंद्रमा की पूज ...

नैनीताल के पर्यटन स्थल

नैनीताल में हनुमानगढ़ी सैलानी, पर्यटकों और धार्मिक यात्रियों के लिए विशेष, आकर्षण का केन्द्र हैै। यहाँ से पहाड़ की कई चोटियों के और मैदानी क्षेत्रों के सुंदर दृश्य दिखाई देते हैं। हनुमानगढ़ी के पास ही एक बड़ी वेधशाला है। इस वेधशाला में नक्षत्रों ...

धुआँधार जलप्रपात

धुंआधार जलप्रपात मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले का प्रसिद्ध जलप्रपात है। यह प्रपात भेड़ाघाट क्षेत्र का प्रमुख दर्शनीय स्थान है। यहाँ नर्मदा की धारा 50 फुट ऊपर से गिरती है। जिसका जल सफेद धुंए के समान उड़ने लगता है। इसी कारण इसे धुंआधार कहते हैं।

पवई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र

पवई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, २३० विधानसभा, का एक निर्वाचन क्षेत्र है. यह पन्ना ज़िला में आता है. यह पन्ना जिले की सबसे बड़ी विधानसभा हैं। इस विधानसभा के अंतर्गत 4 तहसील आतीं है ।

नारलाई

नारलाई भारतीय राज्य राजस्थान के पाली ज़िले की देसुरी तहसील का एक गाँव है। यह रणकपपुर से ३६ किमी दूरी पर स्थित है। यहाँ पर विभिन्न हिन्दू और जैन मन्दिर हैं। यहाँ के आदिनाथ जैन और भगवान शिव के मन्दिर महत्वपूर्ण रूप से प्रसिद्ध मन्दिर हैं। इन मंदिरो ...

बाली, राजस्थान

वर्तमान में यहां नगरपालिका अध्यक्ष लकमा राम चौधरी है, जो कि पार्षदो द्वारा निर्वाचित है। यह एक विधान सभा क्षेत्र भी है, जहां से उर्जा राज्‍य मन्त्री पुष्पेंद्र सिंह राणावत विधायक है। पूर्व मुख्यमन्त्री भैंरोसिंह शेखावत यहां से विधायक रह चूके हैं ...