ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 178

कतरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य

कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य भारत-नेपाल सीमा पर, भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद की नानपारा तहसील में स्थित है। यह प्रभाग लगभग ५५१ कि० मी० क्षेत्र में फैला तराई ईकोसिस्टम का विशिष्ट उदाहरण है। जैव विविधता एवं बाघों के संरक्षण के लिए वर्ष ...

छोटे पारिस्थितिकता से भिन्न भूदृश्य

Ecotopes एक परिदृश्य मानचित्रण और वर्गीकरण प्रणाली में सबसे छोटी पारिस्थितिक रूप से विशिष्ट परिदृश्य विशेषताएं हैं। जैसे, वे अपेक्षाकृत सजातीय, स्थानिक रूप से स्पष्ट परिदृश्य कार्यात्मक इकाइयों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो परिदृश्य संरचना, फ़ंक्शन ...

जलकुंभी

जल कुंभी पानी में तैरने वाला एक प्रकार का पौधा है जो मूलत: अमेज़न का है लेकिन अब पूरे विश्व में फैल गया है। जल कुम्भी सबसे पहले भारत में बंगाल में अपने खुबसूरत फूलोंं और पत्तियों के आकार के कारण लाया गया था। भारत में इसे बंगाल का आतंक Terror Of B ...

वन महोत्सव

वन महोत्सव भारत सरकार द्वारा वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देने के लिए प्रति वर्ष जूलाई के प्रथम सप्ताह में आयोजित किया जाने वाला एक महोत्सव है। यह १९६० के दशक में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक परिवेश के प्रति संवेदनशीलतत्कालीन कृषि मंत्री कन्हैयालाल ...

इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में योगदान के लिये दिये जाने वाले इस पुर्सकार की शुरुआत भारत सरकार द्वारा वर्ष 1987 में हुई। इसमें पांच लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। पुरस्कार के लिये किसी एक संगठन या शख्सियत का चयन उपराष्ट्रपति की अ ...

गुरु जम्भेश्वर

गुरू जम्भेश्वर बिश्नोई संप्रदाय के संस्थापक थे। ये जाम्भोजी के नाम से भी जाने जाते है। इन्होंने 1485 में बिश्नोई पंथ की स्थापना की। हरि नाम का वाचन किया करते थे। हरि भगवान विष्णु का एक नाम हैं। बिश्नोई शब्द मूल रूप से वैष्णवी शब्द से निकला है, जि ...

ओपनबिल्ड स्टॉर्क

घोंघिल एक वृहदाकार पक्षी है जो पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़कर पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में पायी जाती है। इसके अतिरिक्त, यह पक्षी, थाइलैंड, चीन, वियतनाम, रूस आदि देशों में भी मौजूद हैं। लम्बी गर्दन व टाँगे तथा चोंच के मध्य खाली स्थान इसकी मुख्य पहचान है ...

जैव विविधता

जैव विविधता जीवन और विविधता के संयोग से निर्मित शब्द है जो आम तौपर पृथ्वी पर मौजूद जीवन की विविधता और परिवर्तनशीलता को संदर्भित करता है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम, के अनुसार जैवविविधता biodiversity विशिष्टतया अनुवांशिक, प्रजाति, तथा पारि ...

पर्यावरण रसायन विज्ञान

पर्यावरण रसायन शास्त्र में इस तरह के जीव विज्ञान, विष विज्ञान, जैव रसायन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और महामारी विज्ञान के रूप में जैविक रसायन शास्त्र, विश्लेषणात्मक रसायन विज्ञान, भौतिक रसायन और अकार्बनिक रसायन विज्ञान के पहलुओं, साथ ही और अधिक विविध क ...

प्रकृति अभिप्रेरित निर्माण

प्रकृति अभिप्रेरित निर्माण विज्ञान की एक ऐसी नवीन विधा है, जो कि पूरी तरह से प्राकृतिक रचनाओं द्वारा प्रेरित होती है। इसे एक नवीन विधा कहने के बजाए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण कहना अधिक उचित होगा। अभियांत्रिकी, आधुनिक प्रौद्योगिकी और दैनिक जीवन में इस ...

भूदृश्य वास्तुकला

भूदृश्य वास्तुकला स्थल को मानव उपयोग और आमोद के लिये सुव्यस्थित करने और उपयुक्त बनाने की सृजनात्मक कला है। इसका उद्देश्य संपूर्ण विन्यास के फलस्वरूप, मानव मस्तिष्क को अत्यधिक प्रभावित करना और स्थल या संरचना से संबद्ध भावनात्मक प्रेरणाओं को संतुष् ...

विलुप्ति

जीव विज्ञान में विलुप्ति उस घटना को कहते हैं जब किसी जीव जाति का अंतिम सदस्य मर जाता है और फिर विश्व में उस जाति का कोई भी जीवित जीव अस्तित्व में नहीं होता। अक्सर ऐसा इसलिए होता है क्योंकि किसी जीव का प्राकृतिक वातावरण बदल जाता है और उसमें इन बदल ...

विलुप्ति घटना

विलुप्ति घटना या महाविलुप्ति या सामूहिक विलुप्ति एक विशेष प्रकार की घटना होती है जिसमें एक छोटे से काल में बहुत सी जातियाँ विलुप्त हो जाती हैं और पूरी पृथ्वी के सम्पूर्ण जीवन में कमी आती है। सामूहिक विलुप्ति पृथ्वी पर असाधारण है लेकिन जातियों में ...

सारस (पक्षी)

सारस विश्व का सबसे विशाल उड़ने वाला पक्षी है। इस पक्षी को क्रौंच के नाम से भी जानते हैं। पूरे विश्व में भारतवर्ष में इस पक्षी की सबसे अधिक संख्या पाई जाती है। सबसे बड़ा पक्षी होने के अतिरिक्त इस पक्षी की कुछ अन्य विशेषताएं इसे विशेष महत्व देती है ...

पर्यावरणीय डिज़ाइन

पर्यावरणीय डिज़ाइन किसी वस्तु, इमारत का निर्माण करने से पूर्व या किसी योजना को चलाने से पूर्व आसपास के पर्यावरण को परख कर, उसके तथ्यों को डिज़ाइन में सम्मिलित करने की प्रक्रिया को कहते हैं। इसमें ध्येय होता है कि पर्यावरण को हानि न पहुँचे और निर् ...

कोलोनी (जीवविज्ञान)

जीवविज्ञान में कोलोनी एक ही जीववैज्ञानिक जाति के दो या उस से अधिक जीवों के एक साथ निवास के स्थान को कहते हैं। यह जीव एक-दूसरे से कुछ चीज़ों में सहयोग करते हैं और कुछ जातियों में एक-दूसरे से जुड़े हुए भी हो सकते हैं। इस सहवास के कई लाभ हो सकते हैं ...

धूप

धूप सूर्यकिरणों से सीधे प्रकाश और गरमी को कहते हैं। इसके अंतर्गत विकिरण के दृश्य अंश ही नहीं आते, वरन् अदृश्य नीललोहित और अवरक्त किरणें भी आती हैं। इसमें सूर्य की परावर्तित और प्रकीर्णित किरणें सम्मिलित नहीं हैं।

भूमंडलीय ऊष्मीकरण

भूमंडलीय ऊष्मीकरण का अर्थ पृथ्वी के वायुमंडल और महासागर के औसत तापमान में 20वीं शताब्‍दी से हो रही वृद्धि और उसकी अनुमानित निरंतरता है। पृथ्‍वी के वायुमंडल के औसत तापमान में 2005 तक 100 वर्षों के दौरान 0.74 ± 0.18 °C की वृद्धि हुई है। जलवायु परिव ...

ईस्ट कैल्कटा वेटलैंड्स

ईस्ट कैल्कटा वेटलैंड्स एक प्राकृतिक और कृत्रिम नम-भूमि का समूह हैं, जो कोलकाता शहर के पूर्व में स्थित हैं। ये नम-भूमि लगभग १२५ वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में विस्तृत हैं। इनमें खारे पानी की दलदल और नमक के खेत भी हैं। यहीं कई स्थानों पर सीवर निष्कास ...

चंद्रताल

चंद्रताल, या चंद्र ताल, हिमालय पर लगभग 4.300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक झील है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। उत्तर भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में, लाहौल व स्पीति घाटियों की सीमा पर कुंजम पास के निकट स्थित चंद्र ...

चिल्का झील

चिल्का झील उड़ीसा प्रदेश के समुद्री अप्रवाही जल में बनी एक झील है। यह भारत की सबसे बड़ी एवं विश्व की दूसरी सबसे बड़ी समुद्री झील है। इसको चिलिका झील के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अनूप है एवं उड़ीसा के तटीय भाग में नाशपाती की आकृति में पुरी जिल ...

बोगोरिया झील

बोगोरिया झील (अंग्रेजी: एक खारे पानी की झील है जो कीनिया के रिफ्ट घाटी क्षेत्र में स्थित है। यह एक रामसर साइट है और बोगोरिया झील राष्ट्रीय रिजर्व के रूप में नवंबर 29, 1973 से संरक्षित है। यह झील करीब 34 कि॰मी॰ लम्बी और 3.5 कि॰मी॰ चौड़ाई वाली है त ...

सो मोरिरी संरक्षित आर्द्रभूमि

सो मोरिरी अथवा मोरिरी झील, भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य में, लद्दाख क्षेत्र में चांगथंग पठापर स्थित एक प्राकृतिक झील है। यह झील 4.522 मी॰ की ऊंचाई पर स्थित है। यह भारत की अत्यधिक ऊँचाई पर स्थित झीलों में सबसे बड़ी है और अपनी जैवभूगोलिक विशेषताओं के ...

ओजोन ह्रास

ओजोन ह्रास या ओजोन अवक्षय दो अलग लेकिन सम्बंधित प्रेक्षणों का वर्णन करता है; 1970 के दशक के बाद से पृथ्वी के समतापमंडल में ओजोन की कुल मात्रा में प्रति दशक लगभग चार प्रतिशत की धीमी लेकिन स्थिर कमी आ रही है;और समान अवधि के दौरान पृथ्वी के ध्रुवीय ...

आभामण्डल

आभामण्डल एक प्रकाश संबंधित वायुमण्डलीय घटना है जिसके अंतर्गत सूर्य अथवा चंद्रमा के इर्दगिर्द एक अस्थाई प्रकाशकीय घेरा दृष्टिगोचर होता है। यह वायुमण्डलीय घटना कुछ विशेष प्रकार के बादलों के साथ जुड़ी हुई है

आयनमंडल

पृथ्वी से लगभग 80 किलोमीटर के बाद का संपूर्ण वायुमंडल आयानमंडल कहलाता है। आयतन में आयनमंडल अपनी निचली हवा से कई गुना अधिक है लेकिन इस विशाल क्षेत्र की हवा की कुल मात्रा वायुमंडल की हवा की मात्रा के 200वें भाग से भी कम है। आयनमंडल की हवा आयनित होत ...

आर्द्रतामापी

अब कुछ ऐसे विद्युत चालक पदार्थों का पता चला है जिनके वैद्युत अवरोध में जलवाष्प के कारण परिवर्तन होता है। डनमोर ने ऐसे आर्द्रतामापी का निर्माण ऊपरी वायुमंडल के अध्ययन के लिए किया है। इसमें लीथियम फ्लोराइड की पतली परत होती है जिसका वैद्युत अवरोध जल ...

ऐटमोस्फ़ेयर (इकाई)

मानक ऐटमोस्फ़ेयर, जिसे atm द्वारा चिन्हित करा जाता है, दाब की एक मापन की इकाई है। इसकी मूल कल्पना कुछ परिस्थितियों में समुद्रतल पर औसत वायुमण्डलीय दबाव के बराबर करी गई थी, लेकिन क्योंकि यह बदलता रहता है इसलिए इसे सटीक रूप से 1.01.325 पास्कल पर नि ...

नाइट्रोजन चक्र

भूमि तथा पौधों में विभिन्न विधियों द्वारा वायुमंडल की स्वतंत्र नाइट्रोजन का नाइट्रोजनीय यौगिकों के रूप में स्थिरीकरण और उनके पुनः स्वतंत्र नाइट्रोजन में परिवर्तित होने का अनवरत प्रक्रम नाइट्रोजन चक्र कहलाता है। Nitrogen gas makes up 70% of atmosp ...

पवन की दिशा

वायु की दिशा यह बताती है कि वह किस ओर से किस ओर जा रही है। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने में सरलता होती है। हवा की गति और दिशा के द्वारा कुछ समय में होने वाले मौसम में बदलाव आदि को जाना जा सकता है। मौसम विज्ञान में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। वायु ...

पवन वेग

पवन वेग एक मौलिक वायुमंडलीय राशि है। वायु का प्रवाह, उच्च दाब से निम्न दाब की ओर होता है। अलग-अलग स्थानों का वायुमंडलीय दाब अलग-अलग होता है, जो ताप के अन्तर के कारण होता है। पवन के वेग से कई कार्य प्रभावित होते हैं, जैसे मौसम की भविष्यवाणी, वायुय ...

बादल

वायुमण्डल में मौज़ूद जलवाष्प के संघनन से बने जलकणों या हिमकणों की दृश्यमान राशि बादल कहलाती है। मौसम विज्ञान में बादल को उस जल अथवा अन्य रासायनिक तत्वों के मिश्रित द्रव्यमान के रूप में परिभाषित किया जाता है जो द्रव रूप में बूंदों अथवा ठोस रवों के ...

बार (इकाई)

बार दाब की एक मापन की इकाई है। यह अन्तरराष्ट्रीय मात्रक प्रणाली में मान्य नहीं है, जिसमें पास्कल नामक इकाई को मान्यता मिली हुई है। एक बार सटीक रूप से 1.00.000 पास्कल के बराबर होता है और पृथ्वी के समुद्रतल पर औसत वायुमण्डलीय दबाव से ज़रा सा कम है।

बाह्यमण्डल

वायुमण्डल में प्रथ्वी के धरातल से ६४० किलोमीटर के ऊपर बाह्यमण्डल या आयतन मंडल का विस्तार हैं। इस परत मे नाइट्रोजन ओक्सिजन हाइड्रोजन हीलियम गैस की प्रधानता होती है। कृत्रिम उपग्रह इसी परत मे स्थापित किये जाते है।

मध्यमण्डल

मध्यमण्डल पृथ्वी के वायुमण्डल में समतापमण्डल के ऊपर स्थित परत को कहा जाता है जो, सामान्यतः, 50 से 80 किलोमीटर की ऊचाई वाले भाग में पाई जाने वाली परत है।इसी मंडल मै ओजोन परत पाई जाती है।जिसका सूत्र O3 होता है

वायुमंडलीय दाब

वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी के वायुमंडल में किसी सतह की एक इकाई पर उससे ऊपर की हवा के वजन द्वारा लगाया गया बल है। अधिकांश परिस्थितियों में वायुमंडलीय दबाव का लगभग सही अनुमान मापन बिंदु पर उसके ऊपर वाली हवा के वजन द्वारा लगाया जाता है। कम दबाव वाले क्ष ...

वायुमण्डलीय विज्ञान

वायुमण्डलीय विज्ञान में पृथ्वी के वायुमण्डल, इसमें होने वाली प्रक्रियाओं, अन्य प्रणालियों का वायुमण्डल पर प्रभाव, आदि का अध्ययन किया जाता है।

फ्यूज

वैद्युत प्रौद्योगिकी एवं एलेक्ट्रॉनिकी फ्यूज, परिपथ का एक संरक्षात्मक अवयव है जो एक नियत मात्रा से अधिक धारा बहने पर परिपथ को तोड देता है। इस प्रकार परिपथ में स्थित अन्य मूल्यवान अवयव अत्यधिक धारा के कारण खराब होने से बच जाते हैं। फ्यूज शब्द फ्यू ...

संसाधन प्रबंधन

9929895334, sansadhano ka sahi pravandhan hi to nahi ho raha tabhi to desh duniya me ashanti, berojgari, kalah. hain. sarvdaisik santulit vikas se hi sansar ke dhan ka pravandhan hoga madhubani, bihar, india, asia, pravandhan vikas sangthan , shr ...

इडिऐकरन कल्प

इडिऐकरन कल्प पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास में एक कल्प था, जो आज से 63.5 करोड़ वर्ष पहले आरम्भ हुआ और 54.1 करोड़ वर्ष पहले अंत हुआ। यह प्राग्जीवी इओन का और नूतनप्राग्जीवी महाकल्प का अंतिम कल्प था। इस से पहले क्रायोजेनियाई कल्प चल रहा था और इसके बा ...

एक्टेशियाई कल्प

एक्टेशियाई कल्प पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास में एक कल्प था, जो आज से 140 करोड़ वर्ष पहले आरम्भ हुआ और 120 करोड़ वर्ष पहले अंत हुआ। यह मध्यप्राग्जीवी महाकल्प का भाग था। एक्टेशियाई कल्प से पहले कैलिमियाई कल्प आया और उस से पहले स्टेनियाई कल्प था।

ओरोसिरियाई कल्प

ओरोसिरियाई कल्प पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास में एक कल्प था, जो आज से 205 करोड़ वर्ष पहले आरम्भ हुआ और 180 करोड़ वर्ष पहले अंत हुआ। यह पुराप्राग्जीवी महाकल्प का एक कल्प था। इस से पहले राएसियाई कल्प चल रहा था और इसके बाद में स्टाथेरियाई कल्प आया। ...

ओर्डोविशी कल्प

पुराजीवी महाकल्प जिन छह युगों में विभक्त किया गया है उनमें से दूर से प्राचीनतम युग को ऑर्डोविशी युग या अवर प्रवालादि युग कहते हैं। इसी को अंगेजी में ऑर्डोवीशियन पीरियड कहते हैं। सन्‌ 1879 ई. में लैपवर्थ महोदय ने इस अवर प्रवालादि युग का प्रतिपादन ...

कैम्ब्रियाई कल्प

कैम्ब्रियाई कल्प पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास में एक कल्प था, जो आज से 54.10 करोड़ वर्ष पहले आरम्भ हुआ और 48.54 करोड़ वर्ष पहले अंत हुआ। यह दृश्यजीवी इओन का और पुराजीवी महाकल्प का प्रथम कल्प था। इस के बाद ओर्डोविशी कल्प आया। कैम्ब्रियाई कल्प से प ...

कैलिमियाई कल्प

कैलिमियाई कल्प पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास में एक कल्प था, जो आज से 160 करोड़ वर्ष पहले आरम्भ हुआ और 140 करोड़ वर्ष पहले अंत हुआ। यह मध्यप्राग्जीवी महाकल्प का सर्वप्रथम कल्प था। इस से बाद में एक्टेशियाई कल्प आया और इस से पहले पुराप्राग्जीवी महाक ...

क्रायोजेनियाई कल्प

क्रायोजेनियाई कल्प पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास में एक कल्प था, जो आज से 85 करोड़ वर्ष पहले आरम्भ हुआ और 63.5 करोड़ वर्ष पहले अंत हुआ। यह नूतनप्राग्जीवी महाकल्प का भाग था। इस से पहले टोनियाई कल्प चल रहा था और इसके बाद इडिऐकरन कल्प का आरम्भ हुआ। क ...

चाकमय कल्प

कल्प और युग जैसे शब्दों का प्रयोग करके लोगों को भ्रमित करने का प्रयास न करें। वेदों और पुराणों के अनुसार चाकमय, क्रिटेशस जैसे नाम का कोई कल्प नहीं है। चाकमय कल्प या खटी कल्प या क्रिटेशस कल्प Cretaceous Period पृथ्वी के मध्यजीवी महाकल्प Mesozoic क ...

जुरैसिक कल्प

मध्यजीवी महाकल्प के अंर्तगत तीन कल्प हैं, जिनमें जुरैसिक का स्थान मध्य में है। ब्रौंन्यार ने सन्‌ 1829 में आल्प्स पर्वत की जुरा पर्वत श्रेणी के आधापर इस प्रणाली का नाम जुरैसिक रखा। विश्व के स्तरशैल विद्या में इस प्रणाली का विशेष महत्व है, क्योंकि ...

टोनियाई कल्प

टोनियाई कल्प पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास में एक कल्प था, जो आज से 100.0 करोड़) वर्ष पहले आरम्भ हुआ और 85.0 करोड़ वर्ष पहले अंत हुआ। यह नूतनप्राग्जीवी महाकल्प का पहला कल्प था। इस के बाद क्रायोजेनियाई कल्प आरम्भ हुआ और इस से पहले मध्यप्राग्जीवी मह ...

ट्राइऐसिक कल्प

ट्राइएसिक पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास में एक कल्प था, जो आज से 25 करोड़ वर्ष पहले आरम्भ हुआ और 20 करोड़ वर्ष पहले अंत हुआ। यह मध्यजीवी महाकल्प का सर्वप्रथम कल्प था। इसके बाद जुरैसिक कल्प आया और इस से पहले पुराजीवी का अंतिम कल्प, पर्मियाई कल्प, च ...