ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 161

बाइलेटेरिया

बाइलेटेरिया या द्विसमभागी ऐसे प्राणी होते हैं जिनके शरीर लगभग दो समान भागों के बने हों, यानि जिनमें द्विभागीय सममिति हो। ऐसे जीवों के शरीर के मुख्य भाग में आमतौपर एक ध्रुव पर सिऔर दूसरे ध्रुव पर गुदा होती है। इनके शरीर में पीछे की ओर रीढ़ और आगे ...

नेफ़्रोज़ोआ

नेफ़्रोज़ोआ प्राणियों का एक क्लेड है, जो बाइलेटेरिया समूह का एक उपसमूह है। बाइलेटेरिया में नेफ़्रोज़ोआ और ज़ीनासीलोमोर्फ़ा दो क्लेड आते हैं। नेफ़्रोज़ोआ को दो समूहों में बांटा जाता है: ड्यूटेरोस्टोमिया और प्रोटोस्टोमिया।

निडोसाइट

निडोसाइट निडारिया नामक जीववैज्ञानिक संघ के प्राणीयों - जिनमें समुद्री मूँगा, हाइड्रा, जेलिमछली शामिल हैं - में पाई जाने वाली एक विस्फोटक कोशिका होती है। कोशिकाओं में एक विष से भरा हुआ निमैटोसिस्ट या निडोसिस्ट नामक कोशिकांग होता है जिसे यह प्राणी ...

ऊन

ऊन मूलतः रेशेदार प्रोटीन है जो विशेष प्रकार की त्वचा की कोशिकाओं से निकलता है। ऊन पालतू भेड़ों से प्राप्त किया जाता है, किन्तु बकरी, याक आदि अन्य जन्तुओं के बालों से भी ऊन बनाया जा सकता है। कपास के बाद ऊन का सर्वाधिक महत्व है। इसके रेशे उष्मा के ...

माइसीलियम

माइसीलियम फफूंद और फफूंद-जैसी बैक्टीरियाई कोलोनियों में वनस्पतियों की तरह शाखाओं वाले धागेनुमा हायफों को कहते हैं। यह अक्सर मिट्टी में फैला हुआ होता है और इसमें स्थान-स्थान पर सतह से ऊपर फफूंद के शरीर उगे हुए होते हैं। कभी-कभी जिस माध्यम में जीव ...

आर्कोसोरिया

आर्कोसोरिया एक प्राणियों का एक क्लेड है जिसमें सभी पक्षी व मगरमच्छ शामिल हैं। सारे डायनासोर भी इसी समूह के सदस्य थे।

साधारण छिपकली

साधारण छिपकली एक प्रकार की छिपकली है जो भारतीय उपमहाद्वीप, अफ़्ग़ानिस्तान, ईरान, इराक़, ओमान, क़तर, साउदी अरब, इथियोपिया, इत्यादि में आम पाई जाती है।

लेपिडोसोरिया

लेपिडोसोरिया सरीसृप के उन सदस्यों को कहते हैं जिनके शल्क एक-के-ऊपर-एक अतिछादी होते हैं, यानि एक शल्क का कुछ अंश दूसरे शल्क के ऊपर पड़ता है।

ऊष्मागतिकी का इतिहास

ऊष्मागतिकी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और व्यापक रूप में विज्ञान का ही महत्वपूर्ण और मूलभूत विषय रहा है। ऊष्मागतिकी विज्ञान की वह शाखा है जिसमें यान्त्रिक कार्य तथा ऊष्मा में परस्पर सम्बन्ध का वर्णन किया जाता है, यह प्रमुख रूप से यान्त्रिक कार् ...

टार्च

टार्च एक प्रकार का यन्त्र होता है, जिसमे एक ओं /ऑफ स्विच होता है। इसमें आगे की तरफ एक LED लेकर ४ LEDs तक लगी होती हैं। जब स्विच ओं होता है तब LEDs जलती है और जब ऑफ होता है तब LEDs ऑफ मतलब बंद हो जाती है। टोर्च मैं अलग-अलग रंगों की LED लाइट्स भी ह ...

मोमबत्ती

हिन्दी भाषा में इस शब्द की व्युत्पत्ति इसके लिए उपयोग में लाये जाने वाले पदार्थ मोम और बत्ती से हुई। इसके निर्माण में केवल यही दो वस्तुओं की आवश्यकता होने के कारण इन्हें मिला कर मोमबत्ती शब्द बनाया गया। इस शब्द की व्युत्पत्ति लेटिन भाषा में केंडे ...

लालटेन

लालटेन प्रकाश का सुवाह्य स्रोत है जिसे हाथ से उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है। प्रकाश स्रोत के अतिरिक्त इनका उपयोग संकेत देने के लिये भी किया जा सकता है। पुराने दिनों में यह टार्च की भांति भी प्रयोग किया जाता होगा। कुछ लालतेनो ...

अनडुलेटर

अनडुलेटर एक युक्ति है जो सिन्क्रोट्रान भण्डारण वलय में इन्सर्सन डिवाइस के रूप में लगायी जाती है।इसमें द्विध्रुवी चुम्बक की आवर्ती संरचना होती है जो समय के साथ अपरिवर्ती होती है। अनडुलेटर की लम्बाई की दिशा में चलने पर चुम्बकीय क्षेत्र तरंगदैर्घ्य ...

अपवाह नली

अपवाह नली एक युक्ति है जो रैखिक त्वरकों में प्रयुक्त होती है। इसमें एक खोखली बेलनाकार नली होती है जिससे रेडियो आवृत्ति का वोल्टेज जुड़ा होता है।

आवेशित कण-पुंज

किसी अवकास में गतिमान आवशों के समूह को आवेशित कण-पुंज कहते हैं। आवेशित कण-पुंज के सभी कणों की स्थिति, गतिज ऊर्जा एवं दिशा लगभग समान होती है। ध्यातव्य है कि इन कणों की गतिज ऊर्जा उनकी साधारण अवस्था की ऊर्जा की अपेक्षा बहुत अधिक होती है। अपनी उच्च ...

इलेक्ट्रॉन साइक्लोट्रॉन अनुनाद

इलेक्ट्रॉन साइक्लोट्रॉन अनुनाद नामक परिघटना प्लाज्मा भौतिकी, संघनित पदार्थ भौतिकी तथा त्वरक भौतिकी देखने को मिलती है। इसमें नियत चुम्बकीय क्षेत्र में गतिमान इलेक्ट्रॉनों द्वारा विद्युतचुम्बकीय तरंगों का अनुनादी अवशोषण होता है। इस नाम में साइक्लोट ...

कण पुंज

उच्च ऊर्जा भौतिकी में अनुसंधान सैनिक उपयोग कण-पुंज आयुध Particle-beam weapon, देखें) कण चिकित्सा Particle therapy में खगोल भौतिकी Astrophysics में सिन्क्रोट्रॉन विकिरण उत्पन्न करने के लिये, जो बहुत उपयोगी है।

कण-पुंज उत्सर्जकता

उत्सर्जकता या एमिटैन्स कण त्वरक के आवेशित कण-पुंज का एक प्रमुख गुण है। कण-पुंज के मार्ग के किसी परिच्छेद पर उत्सर्जकता, फेज अवकाश में कणों के निर्देशांक के औसत वितरण का परिचायक है। इसकी बीमा, दूरी या दूरी x कोण की बीमा होती है। कण-पुंज के मार्ग क ...

किरणपुंज रेखा

कण त्वरक के सन्दर्भ में किरणपुंज रेखा से अभिप्राय किररणपुंज अथवा कणपुंज के गमनपथ से है जिसके अन्तर्गत किरणपुंज के मार्ग में आने वाले सभी अवयव भी सम्मिलित हैं। बीमलाइन प्रायः दो प्रकार की होती है- चक्रीय त्वरकों के किसी बिन्दु से आरम्भ होकर प्रायो ...

कोलाइडर (त्वरक)

कोलाइडर एक प्रकार के कण त्वरक हैं जिसमें विपरीत दिशाओं से आ रहीं अत्यधिक उर्जा वाली आवेशित कणों की किरणपुंजों का संघट्ट कराया जाता है। ये त्वरक रैखिक हो सकते हैं या चक्रीय त्वरक हो सकते हैं। जिनेवा स्थित सर्न का लार्ज हैड्रान कोलाइडर इसी प्रकार क ...

क्लाइस्ट्रॉन

क्लाइस्ट्रॉन एक प्रकार की निर्वातित एलेक्ट्रॉन-नलिका है जिसके अन्दर सूक्ष्मतरंग क्षेत्र में विद्युतचुम्बकीय उर्जा उत्पन्न करने अथवा इसका प्रवर्धन करने के लिये इलेक्ट्रान-किरणपुंज का वेग-मॉडुलेशन किया जाता है। यह वेग-मॉडुलित एलेक्ट्रान-किरणपुंज एक ...

त्वरक भौतिकी

त्वरक भौतिकी, अनुप्रयुक्त भौतिकी की एक शाखा है जिसका सम्बन्ध कण त्वरकों के डिजाइन, निर्माण एवं प्रचालन से है। त्वरक भौतिकी को आपेक्षिकीय आवेशित कणों के पुंज की गति का अध्ययन करने वाला, गति बदलने, तथा उनका प्रेक्षण करने वाला भौतिकी कह सकते हैं। गत ...

निम्नताप मॉड्यूल

क्रायोमॉड्यूल या निम्नताप मॉड्यूल उन पात्रों को कहते हैं जिनके अन्दर अतिचालक रेडियो आवृत्ति कैविटी को रखकर उसे अतिचालक बनाया जाता है। इसके लिये क्रायोमॉड्यूल के अन्दर द्रव हिलियम का प्रवेश कराकर उसकी सहायता से कैविटी को 4K या 2K तक ठण्डा किया जात ...

प्रगामी तरंग नलिका

प्रगामी तरंग नलिका) एक विशिष्ट निर्वात नलिका होती है जिसका उपयोग माइक्रोवेव परास वाले रेडियो आवृत्ति के संकेतों को प्रवर्धित करने के लिये किया जाता है। इस नलिका में चल रहे इलेक्ट्रानों के पुंज से ऊर्जा अवशोशिष कर रेडियो संकेत प्रवर्धित होता है। प ...

माइक्रोट्रॉन

माइक्रोट्रॉन एक प्रकार का छोटा आकार का चक्रीय कण त्वरक है। यह कम उर्जा तक एलेक्ट्रॉनों को त्वरित करने के लिये उपयोगी है। रैखिक कण त्वरक की भांति यह भी बड़े कण त्वरकों का आरम्भिक चरण का काम करता है। परम्परागत माइक्रोट्रान में कण किसी स्रोत से निका ...

रेडियो आवृत्ति चतुर्ध्रुवी

रेडियो आवृत्ति चतुर्ध्रुवी), रैखिक त्वरक का एक अवयव है जो कम ऊर्जा के कणपुंज के त्वरित करने के लिये प्रयुक्त होता है।

रैखिक कण त्वरक

वे कण त्वरक रैखिक कण त्वरक या लिनैक कहलाते हैं जो आवेशित कणों को सीधी रेखा में त्वरित करते हैं। टीवी सरलतम रैखिक त्वरक है जो ट्यूब के पिछले सिरे पर स्थित कैथोड से उत्सर्जित एलेक्ट्रॉनों की वेग वृद्धि करके अधिक तेजी से पर्दे पर टकराने में मदद करता ...

अन्तरराष्ट्रीय रैखिक संघट्टक

अन्तरराष्ट्रीय रैखिक संघट्टक) रैखिक कण त्वरक निर्मान का एक अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट है। इसका मकसद भी विज्ञान के अनसुलझे सवालों को खोजना होगा। वैश्विक स्तर पर तैयारी: दो दर्जन से अधिक देशों के 300 विश्वविद्यालयों तथा प्रयोगशालाओं के 2000 से अधिक लो ...

सिंक्रोट्रॉन

सिंक्रोट्रॉन एक प्रकार का कण त्वरक है। इसमें आवेशित कण-पुंज एक चक्रीय बन्द पथ पर चलते हैं। उदाहरण के लिये भारत में राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केन्द्र, इन्दौर में इण्डस-एक और इण्डस-दो नामक दो सिन्क्रोट्रॉन कार्यरत हैं।

सिन्क्रोट्रॉन प्रकाश स्रोत

सिन्क्रोट्रॉन प्रकाश स्रोत वह मशीन है जो वैज्ञानिक तथा तकनीकी उद्देश्यों के लिये विद्युतचुम्बकीय विकिरण उत्पन्न करती है। यह प्रायः एक भण्डारण वलय के रूप में होती है। सिन्क्रोट्रॉन प्रकाश सबसे पहले सिन्क्रोट्रॉन में देखी गयी थी। आजकल सिन्क्रोट्रॉन ...

स्प्रिंग-८

स्प्रिंग-8 जापान का एक कण त्वरक है। यह जापान के ह्योगो प्रीफेक्चर में स्थित 8 GeV ऊर्जा वाली एक सिन्क्रोट्रॉन विकिरण सुविधा है जिसका विकास संयुक्त रूप से RIKEN एवं जापान का परमाणु ऊर्जा अनुसन्धान संस्थान ने किया है। यह विश्व के ५ विशालतम सिन्क्रो ...

अति तरलता

अति तरलता पदार्थ की वह अवस्था है जिसमें पदार्थ ऐसा व्यवहार करता है जैसे वह शून्य श्यानता का द्रव हो। मूलतः यह गुण द्रव हिलियम में पाया गया था किन्तु अति-तरलता का गुण खगोलभौतिकी, उच्च ऊर्जा भौतिकी, तथा क्वाण्टम गुरुत्व के सिद्धान्तों में भी में भी ...

ठोस

ठोस पदार्थ की एक अवस्था है, जिसकी पहचान पदार्थ की संरचनात्मक दृढ़ता और विकृति के प्रति प्रत्यक्ष अवरोध के गुण के आधापर की जाती है। ठोस पदार्थों में उच्च यंग मापांक और अपरूपता मापांक होते है। इसके विपरीत, ज्यादातर तरल पदार्थ निम्न अपरूपता मापांक व ...

प्रावस्था

भौतिक विज्ञानों में प्रावस्था से तात्पर्य किसी ऊष्मागतिकीय प्रणाली के उस प्रक्षेत्र से है जिसमें पदार्थ के सभी भौतिक गुण अपरिवर्तित रहते हैं। घनत्व, परावर्तन गुणांक, रासायनिक संरचना आदि भौतिक गुणों के अन्तर्गत आते हैं।

पृष्ठ रसायन

पृष्ठ रसायन सतह या अंतरापृष्ठ पर होने वाली परिघटनाओं से सबंधित क्षेत्र है। अंतरापृष्ठ या सतह को स्थूल प्रावस्थाओं से अलग दर्शाने के लिए एक हाइफन या स्लैश का उपयोग किया जाता है। उदाहरणार्थ, एक ठोस एवं गैस के बीच अंतरापृष्ठ को, ठोस-गैस या ठोस/गैस द ...

रासायनिक साम्य

किसी रासायनिक अभिक्रिया के सन्दर्भ में रासायनिक साम्य उस अवस्था को कहते हैं जिसमें समय के साथ अभिकारकों एवं उत्पादों के सांद्रण में कोई परिवर्तन नहीं होता। प्रायः यह अवस्था तब आती है जब अग्र क्रिया की गति पश्चक्रिया की गति के समान हो जाती है। ध्य ...

अदिश बोसॉन

अदिश बोसॉउन बोसॉनों को कहा जाता है जिनका प्रचक्रण शून्य होता है। बोसॉन का अर्थ पूर्णांक प्रचक्रण से होता है; और अदिश इसके मान को शून्य 0 बना देता है। "अदिश बोसॉनों" की अवधारणा क्वांटम क्षेत्र सिद्धान्त की देन है। यह लोरेन्ट्ज रुपान्तरण सम्बंधी गु ...

क्वांटीकरण (भौतिकी)

भौतिकी में क्वांटीकरण भौतिकीय घटनाओं की चिरसम्मत समझ को नये रूप से जिसे क्वांटम यांत्रिकी कहते हैं के रूप में व्यक्त करने की प्रक्रिया है। यह चिरसम्मत क्षेत्र सिद्धान्त को क्वांटम क्षेत्र सिद्धान्त निर्माण की प्रक्रिया है। यह चिरसम्मत यांत्रिकी स ...

बोस-आइन्स्टाइन सांख्यिकी

क्वांटम सांख्यिकी तथा सांख्यिकीय भौतिकी में अविलगनीय कणों का संचय केवल दो विविक्त ऊर्जा प्रावस्थाओं में रह रकता है। इसमें से एक का नाम बोस-आइन्स्टाइन सांख्यिकी है। लेजर तथा घर्षणहीन अतितरल हिलियम के व्यवहार इसी सांख्यिकी के परिणाम हैं। इस व्यवहार ...

अधिकतम शक्ति अन्तरण प्रमेय

विद्युत प्रौद्योगिकी में विद्युत परिपथ सम्बन्धी यह महत्त्वपूर्ण प्रमेय है। इसके अनुसार यदि स्रोत का इम्पीडेन्स नियत हो और लोड की प्रतिबाधा बदलने की स्वतन्त्रता हो तो स्रोत से लोड को अधिकतम शक्ति उस दशा में हस्तानान्तरित होगी जब लोड का इम्पीडेन्स ...

उच्च-वोल्टता डीसी पारेषण

उच्च-वोल्टता डीसी पारेषण बड़ी मात्रा में विद्युत शक्ति के पारेषण की विधि है जिसमें विद्युत शक्ति परम्परागत एसी के बजाय डीसी रूप में भेजी जाती है। इसके कुछ विशिष्ट लाभ हैं; जैसे - लम्बी दूरी तक विद्युत शक्ति भेजने के लिये यह विधि सस्ती पड़ती है; इ ...

धारा स्रोत

धारा स्रोत वह युक्ति या एलेक्ट्रानिक परिपथ है जो एक नियत धारा देती है या लेती है, चाहे उसके सिरों के बीच विभवान्तर कुछ भी हो। उदाहरण के लिए 1.5 एम्पीयर धारा-स्रोत के सिरों के बीच 1 ओम का प्रतिरोध लागाएँ तो उसमें 1.5 अम्पीयर धारा बहेगी और स्रोत के ...

भूसम्पर्कन

विद्युत इंजीनियरी में भूमि के सन्दर्भ में ही वोल्टेज मापे जाते हैं, भूमि ही से होकर विद्युत धारा वापस लौटती है। विद्युत शक्ति वितरण तन्त्र में सुरक्षात्मक भूसम्पर्कन चालक, सुरक्षा की दृष्टि से परम आवश्यक है। विद्युत परिपथों को धरती से जोड़ना, भूस ...

विद्युत उत्पादन

उर्जा के अन्य स्रोतों से विद्युत शक्ति का निर्माण विद्युत उत्पादन कहलाता है। व्यावहारिक रूप में विद्युत् शक्ति का उत्पादन, विद्युत् जनित्रों द्वारा किया जाता है। विद्युत उत्पादन के मूलभूत सिद्धान्त की खोज अंग्रेज वैज्ञानिक माइकेल फैराडे ने १९२० क ...

विद्युतशक्ति का प्रेषण

विद्युत्शक्ति को जनित्रस्थल से उपयोगस्थल तक ले जाना प्रेषण कहलाता है। अधिकांश स्थानों में विद्युत्शक्ति का उत्पादन उसके उपयोगस्थलों से दूर होता है। वैसे तो जनित्रस्थल से उपयोगस्थल तक विद्युत्शक्ति को ले जाना ही प्रेषण कहलाता है, परंतु इस शब्द क व ...

शंट (विद्युत)

शन्ट, विद्युत परिपथ मे लगायी जाने वाली एक युक्ति है जिसके मुख्यतः दो उपयोग हैं- परिपथ की किसी शाखा से होकर जाने वाली धारा को दूसरे मार्ग से भेजना, परिपथ की किसी शाखा में बहने वाली धारा का मापन करना। किसी गैल्वानोमीटर की क्वायल के समान्तर शन्ट लगा ...

कर्षण मोटर

वह विद्युत मोटर जो किसी गाड़ी को चलाने के लिए उपयोग की जाती है, उसे कर्षण मोटर कहते हैं। सबसे पहले कर्षण के लिए डीसी सीरीज मोटर का उपयोग किया गया क्योंकि इसकी विशेषता है कि यह कम चाल पर अधिक बलाघ्र्ण टॉर्क उत्पन्न करती है और अधिक चाल पर कम बलाघूर ...

तुल्यकालिक मोटर

तुल्यकालिक मोटर या सिन्क्रोनस मोटर प्रत्यावर्ती धारा से चलने वाली विद्युत मोटर है। इसका नाम तुल्याकालिका मोटर या सिन्क्रोनस मोटर इस कारण है क्योंकि इसके रोटर की घूर्णन गति ठीक-ठीक उतनी ही होती है जितनी स्टेटर में निर्मित घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र r ...

प्रेरणी मोटर

प्रेरणी मोटर प्रत्यावर्ती धारा से चलने वाली मोटर है जिसके रोटर की कोणीय चाल स्टेटर वाइण्डिंग द्वारा पैदा किये गये घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र की कोणीय चाल से कम होती है। इसी कारण इस मोटर को अतुल्यकालिक मोटर कहा जाता है । इसे प्रेरण मोटर इस कारण कहा ज ...

ब्रश (विद्युत)

विद्युत मशीनों के सन्दर्भ में, ब्रश या कार्बन ब्रश किसी नरम एवं विद्युतचालक पदार्थ से बना हुआ एक घनाभ के आकार की युक्ति है जो दो विद्युत परिपथों को जोड़ता है जिनमें से एक परिपथ घूर्णनशील है तथा दूसरा परिपथ अचल प्रायः मशीन के स्टेटर पर) स्थित होता ...