ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 127

लिथो छपाई

लिथो छपाई पत्थर पर चिकनी वस्तु से लेख लिखकर अथवा डिज़ाइन बनाकर, उसके द्वारा छाप उतारने की कला है। लिथोग्रैफी शब्द यूनानी भाषा के लिथो एवं ग्रैफी शब्दों के मिलने से बना है। पत्थर के स्थान पर यदि जस्ता, ऐलुमिनियम इत्यादि पर उपर्युक्त विधि से लेख लि ...

संस्करण

संस्करण संस्कृत की "कृ" धातु में सम् उपसर्ग मिलकर यह शब्द बनता है। संस्करोति, जिसका साधारण भाषा में अर्थ है भली प्रकार करना। इसी से संस्कार या संस्करण बने जिनका अर्थ है भली प्रकार किया हुआ कार्य या परिष्कृत कार्य। प्रकाशन व्यवसाय के संबंध में संस ...

संस्मय प्रकाशन

संस्मय प्रकाशन मध्यप्रदेश के इंदौर में स्थित पुस्तक प्रकाशन है। इसकी संचालिका श्रीमती शिखा जैन है।संस्मय प्रकाशन मुख्यतः हिन्दी पुस्तकों को प्रकाशित करने वाला एक प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान है। इसका मुख्यालय इंदौर में स्थित है। यह मूलतः साहित्यिक ...

स्क्राइबस

स्क्राइबस डेस्कटॉप प्रकाशन का मुक्तस्रोत प्रोग्राम है। पहले इसमें यूनिकोड का समर्थन तो था किन्तु अब भी भारतीय लिपियों जैसे, देवनागरी, अरबी, हिब्रू एवं दक्षिण-पूर्वी एशिया के लिपियों का पूर्ण समर्थन नहीं हो पाया था। किन्तु मई २०१७ में आये इसके १.५ ...

स्वयं-प्रकाशन

किसी पुस्तक, एलबम या अन्य माध्यम को किसी स्थापित प्रकाशक के बिना स्वयं उसके रचनाकार द्वारा प्रकाशित करना स्वयं-प्रकाशन कहलाता है।

सोहणी महीवाल

सोहनी सिंधु नदी के तट पर रहने वाले कुम्हार तुला की बेटी थी। वह कुम्हार द्वारा बनागए बर्तनों पर सुंदर चित्रकारी करती थी। उजबेकिस्तान स्थित बुखारा का धनी व्यापारी इज्जत बेग व्यापार के सिलसिले में भारत आया। सोहनी से मिलने पर वह उसके सौंदर्य पर आसक्त ...

अशोक चक्रधर

डॉ॰ अशोक चक्रधर हिंदी के विद्वान, कवि एवं लेखक है। हास्य-व्यंग्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट प्रतिभा के कारण प्रसिद्ध वे कविता की वाचिक परंपरा का विकास करने वाले प्रमुख विद्वानों में से भी एक है। टेलीफ़िल्म लेखक-निर्देशक, वृत्तचित्र लेखक निर्देशक ...

ओमप्रकाश कश्‍यप

जन्म सन 1959, जिला बुलंदशहर के एक गांव में, शिक्षा परास्नातक दर्शनशास्त्र, विगत अठाइस वर्षों से शब्दों से दोस्ती। उपन्यास, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य, लेख, विज्ञान, नाटक, कविता, बालसाहित्य, जीवनी आदि विधाओं में नियमित लेखन-प्रकाशन। अभी तक तीस पुस्तके ...

चंपक (बाल पत्रिका)

यह पत्रिका ८ भाषाओं में प्रकाशित होती है। यह पत्रिका दिल्ली प्रेस द्वारा प्रकाशित होती है। चंपक एक बाल पत्रिका है, जिसमें अधिकतर कहानियों के पात्र जानवर ही होते हैं। नई दिल्ली के झंडेवालान इलाके की रानी झांसी रो्ड़ पर स्थित दिल्ली प्रेस की इस पत् ...

चकमक

कई वर्ष तक होशंगाबाद विज्ञान शिक्षण कार्यक्रम चलाकर देशभर में विज्ञान शिक्षण व नवाचार के क्षेत्र में प्रसिद्ध हुई संस्था एकलव्य मासिक चकमक पत्रिका प्रकाशित कर रही है। अब तक चकमक के 343 अंक प्रकाशित हो चुके हैं। कहने को तो यह आठवीं कक्षा तक के बच् ...

चन्दामामा (बाल पत्रिका)

चन्दामामा बच्चों व युवाओं पर केंद्रित एक लोकप्रिय मासिक पत्रिका है जिसमें भारतीय लोककथाओं, पौराणिक तथा ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित कहानियाँ प्रकाशित होती हैं। 1947 में इस पत्रिका की स्थापना दक्षिण भारत के नामचीन फिल्म निर्माता बी नागी रेड्डी ने की, ...

देवपुत्र

देवपुत्र बच्चों पर केन्द्रित हिन्दी की एक बाल पत्रिका है। यह भारत की सर्वाधिक प्रसार संख्या वाली बाल पात्रिका है। यह इन्दौर से प्रकाशित होती है। इसका उद्देश्य बालकों में सृजनात्मकता व अभिव्यक्ति का विकास करना है। देवपुत्र के सम्पादक श्री कृष्ण कु ...

नन्दन (बाल पत्रिका)

नंदन बच्चों की एक हिन्दी पत्रिका है जो पिछले ४० वर्षो से प्रति मास प्रकाशित होती है। इस पत्रिका की शुरुआत १९६४ में पंडित नेहरू की स्मृति में हुई थी। नंदन का पहला अंक पंडित नेहरू को ही समर्पित था। प्रमुख रूप से नंदन की कहानियॉ पौराणिक एवं परी कथाए ...

निरंकार देव सेवक

निरंकारदेव सेवक का जन्म १८ जनवरी १९१९ में हुआ। हिन्दी बाल साहित्य के वरिष्ठ कवियों में निरंकार देव सेवक प्रमुख हैं। सेवक जी ने बाल कविताएँ और शिशुगीत लिखने के साथ ही हिंदी बाल कविता को दिशा देने का बहुत बड़ा काम किया। उनके द्वारा लिखे गये शिशुगीत ...

पराग (पत्रिका)

पराग बच्चों की एक हिन्दी पत्रिका है जो प्रति मास प्रकाशित होती है। पराग पत्रिका अपने प्रकाशन के दौरान नन्हे मुन्नों के लिए शीर्षक के अंतर्गत इस वर्ग के बच्चों का साहित्य प्रकाशित किया करती थी जिसे पाठकों से अपने नन्हें भाई–बहनों को सुनाने का आग्र ...

फ़ेमस फ़ाइव

द फ़ेमस फ़ाइव एनिड ब्लायटन द्वारा लिखे गए बाल उपन्यासों की एक श्रृंखला का नाम है। इस सीरीज़ की पहली किताब "फ़ाइव ऑन ए ट्रेज़र आइलैन्ड" 1942 में रिलीज़ हुई थी।

बाल भास्कर

बाल भास्‍कर एक हिन्दी साप्ताहिक बाल पत्रिका है। इसका प्रकाशन बच्चों को ध्यान में रख कर किया गया है। इस पत्रिका का प्रकाशन भास्कर समूह करता है। यह इसके समाचार पत्र दैनिक भास्कर के साथ वैकल्पिक रूप से प्राप्त की जा सकती है।

मटिल्डा (किताब)

मटिल्डा ब्रिटिश लेखक रोआल्ड डाल के द्वारा लिखित एक बच्चो की किताब हैं। इसे 1988 मे लंदन मे प्रकाशित किया गया था। इसकी कहानी एक असाधारण बच्ची मटिल्डा वौर्मवुड के बारे मे हैं जिसके साधारण माता-पिता काफी हद तक अप्रिय हैं जो अपनी बेटी की विचित्र योग् ...

रमेशराज तेवरीकार

रमेशराज तेवरीकार हिंदी के विद्वान,कवि एवं लेखक हैं । व्यंग्य और रस के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट प्रतिभा के कारण प्रसिद्ध हैं| आप हिन्दी-काव्य की नूतन विधा तेवरी और रस-परंपरा का विकास करने वाले प्रमुख विद्वानों में से एक हैं

समझ झरोखा

समझ झरोखा बच्चों की एक हिन्दी पत्रिका है। यह भोपाल से निकलनेवाली मासिक पत्रिका है। मध्यप्रदेश में आदिवासी शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययन करने वाले बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित वन्या द्वारा मासिक बाल पत्रि ...

इन्फर्नो

इन्फर्नो महान इतालवी कवि दांते की महान कृति डिवाइन कॉमेडी का प्रथम भाग है। इसमें उन्होंने नर्क के यूरोपीय मान्यता के बारे में विवरण दिया है। उन्होंने इसके लिए वर्जिल की सहायता ली है।

एक्लोग्यूस

एक्लोग्यूस इटली के प्रसिद्ध कवि दांते एलीगियरी की महान रचना है। उन्होंने इसे १३१९-१३२० के बीच रचा था। ये दो कविताएं क्रमशः ६७ और ९७ अनुच्छेदों की हैं।

डी मोनार्किया

डी मोनार्किया इटली के प्रसिद्ध कवि दांते एलीगियरी की महान रचना है। यह धर्म-निरपेक्ष एवं धार्मिक शक्तियों पर एक टीका है। यह कृति लैटिन भाषा में रची गई है। इसका रचना काल है १३१२-१३१३ ई.।

द्विजदेव (कवि)

द्विजदेव:रीति कालीन स्वच्छन्द मुक्तक काव्य परम्परा के अंतिम कवि हैं। ये अयोध्या के महाराज मान सिंह माने जाते हैं जो द्विजदेव के नाम से कविता करते थे। ये जाति से ब्राह्मण थे। वर्ष १८५७ की गदर में अंग्रेजों का साथ दिया था और जागीर प्राप्त की थी लेक ...

पद्माकर

रीति काल के ब्रजभाषा कवियों में पद्माकर का महत्त्वपूर्ण स्थान है। वे हिंदी साहित्य के रीतिकालीन कवियों में अंतिम चरण के सुप्रसिद्ध और विशेष सम्मानित कवि थे। मूलतः हिन्दीभाषी न होते हुए भी पद्माकर जैसे आन्ध्र के अनगिनत तैलंग-ब्राह्मणों ने हिन्दी औ ...

भट्ट मथुरानाथ शास्त्री

कविशिरोमणि भट्ट मथुरानाथ शास्त्री बीसवीं सदी पूर्वार्द्ध के प्रख्यात संस्कृत कवि, मूर्धन्य विद्वान, संस्कृत सौन्दर्यशास्त्र के प्रतिपादक और युगपुरुष थे। उनका जन्म 23 मार्च 1889 को आंध्र के कृष्णयजुर्वेद की तैत्तरीय शाखा अनुयायी वेल्लनाडु ब्राह्मण ...

शिवानन्द गोस्वामी

शिवानन्द गोस्वामी | शिरोमणि भट्ट तंत्र-मंत्र, साहित्य, काव्यशास्त्र, आयुर्वेद, सम्प्रदाय-ज्ञान, वेद-वेदांग, कर्मकांड, धर्मशास्त्र, खगोलशास्त्र-ज्योतिष, होरा शास्त्र, व्याकरण आदि अनेक विषयों के जाने-माने विद्वान थे। इनके पूर्वज मूलतः तेलंगाना के त ...

सिद्धिदास महाजु

सिद्धिदास महाजु नेपालभाषा के महाकवि है। उन्हे नेपालभाषा पुनर्जागरण का चार स्तम्भ मै एक के रूप मै भी लेते है। नेपालभाषा मै आधुनिक कविता एवम्‌ आधुनिक कथा लेखन के सुरुवात मै इनका बडा हात था। उन्हौंने रामायण को नेपालभाषा मै अनुवाद किया था।

अपर्णा खरे

अपर्णा खरे हिंदी लेखिका और कवयित्री हैं। 7 जनवरी 1973 को उरई उत्तर प्रदेश में जन्मी अपर्णा की अब तक पांच पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। आकाशवाणी के ग्वालियर, भोपाल और लखनऊ केंद्रों से एक दर्जन से अधिक नाटक प्रसारित हो चुके हैं। इनकी पुस्तक खंडहर ...

एलिज़ाबेथ कुबलर रॉस

एलिज़ाबेथ कुबलर रॉस एक मशूर स्विस-अमेरिकन मनोचिकित्सक थी जिन्होने मृत्य और उस्के पास आने कि अनुभव कि विषय पर अनुसंधान की थी। वह इस अध्ययन क्षेत्र की एक मार्ग - निर्माता थी। वह औफ डेथ अन्ड दायिंग नामक मशूर पुस्तक की लेखिका हैं। इसी पुस्तक में वह अ ...

ऐनी लॉक

ऐनी लॉएक अंगरेज कवयित्री, अनुवादिका और काल्विनिस्ट संप्रदाय की उल्लेखनीय धार्मिक व्यक्तिव थी। मान जाता है कि सॉनेट सीक्वेंस प्रकाशित कराने वाली यह पहली महिला थी और इस रचना का शीर्षक अ मेडिटेशन ऑफ पॆनिटेंट सिनर था, जो 1560 में प्रकाशित हुई।

एम॰के॰ बिनोदिनी देवी

महाराज कुमारी बिनोदिनी देवी मणिपुरी भाषा की भारतीय लेखिका थीं। वे दक्षिण पूर्व हिमालयी राज्य पूर्वोत्तर भारत और मणिपुर के पूर्व शाही परिवार की सदस्या थीं।उन्हें साहित्य और शिक्षा के लिए वर्ष 1976 में भारत सरकार के द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किय ...

सुनीता देशपांडे

सुनीता देशपांडे, मराठी भाषा की एक भारतीय लेखिका थीं। उनके मायके का नाम सुनीता ठाकुर था। 1945 में उनकी मुलाक़ात पुरुषोत्तम लक्ष्मण देशपांडे से हुई और अगले ही साल 1946 में उन्होने उनसे शादी कर ली। सुनीता की आत्मकथा ‘आहे मनोहर तारी.’ काफी चर्चा में ...

प्रीति सिंह

प्रीति सिंह चंडीगढ़ में स्थित एक लेखिका, उपन्यासकार हैं। प्रीति पिछले १५ सालो से एक पेशेवर लेखक के रूप में काम कर रही है। २०१२ में महावीर पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित इनका पहला उपन्यास "फ्लर्टिंग विथ फेट" बेस्ट सेलिंग उपन्यास रहा और वे अपनी दूसरी कि ...

माधवी सरदेसाई

माधवी सरदेसाई एक भारतीय अकादमिक थी, जो कोंकणी साहित्यिक जर्नल जाग के संपादक थी और लेखिका भी, जो मुख्य रूप से गोवा में कोंकणी भाषा में काम करती थी। वह गोवा विश्वविद्यालय के कोंकणी विभाग की प्रमुख थी। इनके द्वारा रचित एक निबंध-संग्रह मंथन के लिये उ ...

ज्योत्स्ना मिलन

ज्योत्स्ना मिलन हिंदी की कवयित्री एवं कथाकार थीं। वे स्त्रियों के संगठन सेवा के मासिक मुखपत्र अनसूया की संपादक भी थीं। उन्हें महिलाओं के उत्थान तथा उनसे जुड़े संवेदनशील मुददों को अपनी लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त करने में महारत हासिल थी। वे वरिष् ...

रशीद जहाँ

रशीद जहाँ, भारत से उर्दू की एक प्रगतिशील लेखिका, कथाकाऔर उपन्यासकार थीं, जिन्होंने महिलाओं द्वारा लिखित उर्दू साहित्य के एक नए युग की शुरुआत की। वे पेशे से एक चिकित्सक थीं।

रश्मी बंसल

रश्मी बंसल का जन्म ८ मार्च १९८५ में मुम्बई शहर में हुआ था। उनके पिता खगोल भौतिकी के वैज्ञानिक थे। उन्हिने सेंट जोसेफ़ उच्च विद्यालय और आर सी चर्च से अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। बाद में सोफ़िया कॉलेज से अर्थशास्त्र में पदवी हासिल कर आई.आई.एम-ए ...

स्टेफनी मेयर

स्टेफनी मेयर एक अमरीकी लेखिका है जो अपनी पिशाच रोमांस शृंखला ट्वाइलाइट के लिए जानी जाती है। ट्वाइलाइट उपन्यासों ने विश्वभर में ख्याती बटोरी है व १०० मिलियन से अधिक प्रतियां बेची है जिसका ३७ भाषाओं में अनुवाद किया जा चूका है। मेयर अमरीका में २००८ ...

अल्फाबेतुम ब्रम्हानिकुम

अल्फाबेतुम ब्रम्हानिकुम कैसियानो बेलिगत्ती द्वारा लैटिन भाषा में लिखा हुआ हिंदी व्याकरण का ग्रंथ है। इसका प्रकाशन सन १७७१ ईस्वी में हुआ। इसकी विशेषता यह है कि इसमें नागरी के अक्षर एवं शब्द सुन्दर टाइपों में मुद्रित हैं। ग्रियर्सन के अनुसार यह हिन ...

फ़ाउन्डेशन शृंखला

फ़ाउन्डेशन शृंखला या बुनियाद शृंखला प्रसिद्ध विज्ञान कथा लेखक आईज़ैक असिमोव द्वारा रचित सात उपन्यासों में विस्तृत एक विज्ञान कथा है। इस शृंखला की पृष्ठभूमि सूदूर भविष्य में है, जिसमें मनुष्य क्षीरमार्ग में फैल गए हैं और उनकी जनसँख्या एक लाख खरब त ...

सोलारिस (उपन्यास)

सोलारिस सन् 1961 में पोलिश विज्ञान कथा लेखक स्तानिस्लाव लॅम द्वारा लिखा गया एक उपन्यास है, जिसमें मनुष्यों और एक अमानुष जीव के बीच सम्पर्क और प्रकारांतर से इस सम्पर्क की निष्फलता को दिखाया गया है। इस काल्पनिक कथा में मनुष्य सोलारिस नामक एक ग्रह क ...

अभिज्ञानशाकुन्तलम्

अभिज्ञान शाकुन्तलम् महाकवि कालिदास का विश्वविख्यात नाटक है ‌जिसका अनुवाद प्रायः सभी विदेशी भाषाओं में हो चुका है। इसमें राजा दुष्यन्त तथा शकुन्तला के प्रणय, विवाह, विरह, प्रत्याख्यान तथा पुनर्मिलन की एक सुन्दर कहानी है। पौराणिक कथा में दुष्यन्त क ...

अमरूशतकम्

अमरूशतकम् संस्कृत का एक गीतिकाव्य है। इसके रचयिता अमरु या अमरूक हैं। इसका रचना काल नवीं शती माना जाता है। इसमें १०० श्लोक हैं जो अत्यन्त शृंगारपूर्ण एवं मनोरम हैं।

अवधूत गीता

अवधूत गीता, अद्वैत वेदान्त के सिद्धान्तों पर आधारित संस्कृत ग्रन्थ है। अवधूत गीता का शाब्दिक अर्थ है, मुक्त व्यक्ति के गीत। यह ग्रन्थ नाथ योगियों का महत्वपूर्ण ग्रन्थ रहा है। यह ग्रन्थ दत्तात्रेय द्वारा रचित माना जाता है। वर्तमान समय में प्राप्त ...

अवन्तिसुन्दरी कथा

अवंतिसुंदरी कथा संस्कृत साहित्य के गद्यकाव्य के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कथाप्रबंध है। विद्वानों ने इसे आचार्य दण्डी की कृति माना है और इनकी तीसरी रचना के रूप में इसी प्रबंध को मान्यता दी है। दंडी के काव्यादर्श की टीका जंघाल ने इसे दंडी की रचना कहा ...

आधुनिक संस्कृत लेखक

दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत का प्राचीन साहित्य तो विपुल रूप से समृद्ध है ही, किन्तु आधुनिक काल में भी संस्कृत कवियों और लेखकों की संख्या कम नहीं है। जहाँ एक ओर संस्कृत पत्र-पत्रिकाएँ, यहाँ तक कि दैनिक समाचार पत्र तक संस्कृत में प्रकाशित ह ...

उदयसुंदरी कथा

उदयसुंदरी कथा सोड्ढल कृत एक कथात्मक गद्यकाव्य। कुछ विद्वानों ने इसे चंपूकाव्य कहा है लेकिन लेखक ने स्वयं अपनी कृति को गद्यकाव्य माना है तथा बाणभट्ट के गद्य को अपने लिए आदर्श बताया है। यह ठीक है, लेकिन एक तो उनकी संख्या उतनी नहीं जितनी चंपूकाव्य म ...

उद्भट

उद्भट अलंकार संप्रदाय में भामह और दंडी के परवर्ती प्रधान प्रतिनिधि आचार्य थे। कल्हणकृत राजतरंगिणी के अनुसार ये कश्मीर के शासक जयापीड की विद्वत्परिषद् के सभापति थे और इनका वेतन प्रति एक लक्ष दीनार था। इतिहासकारों ने जयापीड का शासनकाल सन् ७७९-८१३ ई ...

उपपुराण

उपपुराण समान्यतः पुराण नाम से प्रचलित अष्टादश महापुराणों के बाद रचित एवं प्रचलित उन ग्रन्थों को कहते हैं जो पंचलक्षणात्मक प्रसिद्ध महापुराणों से विषयों के विन्यास तथा देवीदेवताओं के वर्णन में न्यून हैं, परन्तु उनसे कई प्रकार से समानता भी रखते हैं ...