ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 119

राजनैतिक भ्रष्टाचार

अवैध निजी लाभ के लिये सरकारी अधिकारियों द्वारा अपने विधायी शक्तियों का उपयोग राजनैतिक भ्रष्टाचार कहलाता है। किन्तु सामान्यतः सरकारी शक्तियों का दुरुपयोग राजनैतिक भ्रष्टाचार में नहीं गिना जाता।

आवान लोग

आवान पाकिस्तानी पंजाब में बसने वाला एक पंजाबी समुदाय है। कुछ हद तक आवान लोग पाक-अधिकृत कश्मीर, ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा, सिन्ध और बलोचिस्तान में भी बसे हुए हैं। यह गक्खर समुदाय से सम्बन्धित हैं, जिनकी बहुसंख्या ने १२वीं से १४वीं शताब्दी में हिन्दू से इ ...

गक्खर लोग

गक्खर या गक्खड़ पाकिस्तानी पंजाब में बसने वाला एक पंजाबी समुदाय है। यह एक प्राचीन समुदाय है जिसमें आधुनिक काल में मुस्लिम बहुसंख्यक और हिन्दू अल्पसंख्यक हैं। इतिहास में लम्बे काल तक इनमें और जंजुआ समुदाय के बीच नमक कोह क्षेत्पर नियंत्रण के लिये स ...

अरोड़ा

अरोड़ा या अरोरा पंजाब मूल का समुदाय/जाति है। अधिकांश अरोड़ा हिन्दू है और खत्री के साथ वह पश्चिमी पंजाब के मुख्य हिन्दू समूह है। इनका मुख्य पेशा व्यापार हुआ करता था और दक्षिणी-पश्चिम पंजाब के सराइकी भाषी समाज में इनका काफी प्रभाव था। चेनाब के आसपा ...

जाट

जाट उत्तरी भारत और पाकिस्तान की एक क्षत्रिय, योद्धा जाति है। वर्ष 2016 तक, जाट, भारत की कुल जनसंख्या का 2 प्रतिशत हैं । एन्साइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका के अनुसार, पाकिस्तान में बड़ी संख्या में जाट मुस्लिम रहते हैं और पाकिस्तानी पंजाब तथा मौटे तौपर पा ...

जैन समुदाय

भारतीय जैन श्रमण परम्परा के अंतिम प्रत्यक्ष प्रतिनिधि हैं। जैन जैन धर्म के अनुयायी हैं जो धार्मिक निष्ठा के उन चौबीस प्रवर्तकों द्वारा बताया गया जिन्हें तीर्थंकर कहा जाता है।

राजपुरोहित

राजपुरोहित भारत के राजस्थान राज्य, मुख्यतः पश्चिमी भागों में निवास करने वाला एक समुदाय है। इस समाज के लोगों की परम्परायें ब्राह्मणों तथा राजपूतों - दोनों से मिलती-जुलती हैं। इस समाज में साक्षरता कम है और अधिकांश लोग कृषि, व्यापार में संलग्न हैं। ...

रावत

रावत एक भारतीय उपनाम है। सामान्यतः यह राजा या राजकुमार का समानार्थी शब्द है, और यह माना जाता है कि पहले यह एक प्रकार की उपाधि थी जिसे वीरता के सम्मान में राजाओं द्वारा दिया जाता था, जिसे वंश परंपरा में नाम के आगे लिखने का प्रचलन हो गया। रावत जाति ...

एयर बाल्टिक

ए एस एयर बॉल्टिक कॉर्पोरेशन, एयर बाल्टिक के रूप मे संचालित, लॅट्विया की राजकीय विमान सेवा है. एक निम्न श्रेणी वाली इस विमान सेवा का मुख्य आधार स्थान रिगा इंटरनॅशनल एयरपोर्ट पर है और इसका मुख्य कार्यालय लॅट्विया की राजधानी रिगा के मारूपीए म्यूनिसि ...

करनाल फ्लाइंग क्लब

करनाल फ्लाइंग क्लब, जिसे स्थानीय लोग करनाल हवाई अड्डा भी कहते हैं, भारत के हरियाणा राज्य स्थित करनाल शहर से लगभग ३ कि.मी पूर्व में स्थित एक हवाई पट्टी है। यह वही हवाई अड्डा है जहां प्रथम भारतीय-अमरीकी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला ने विमानचालन आरं ...

अवगम

अपने वातावरण के बारे में इन्द्रियों द्वारा मिली जानकारी को संगठित करके उस से ज्ञान और अपनी स्थिति के बारे में जागरूकता प्राप्त करने की प्रक्रिया को अवगम या प्रत्यक्षण कहते हैं। बोध तंत्रिका तंत्र में संकेतों के बहाव से पैदा होता है और यह संकेत स् ...

गंध

गंध सूँघने की शक्ति द्वारा ग्राह्य संवेदना है। गंध या गंध volatised रासायनिक यौगिकों कि महक, या गंध की हमारी समझ से माना जाता है के कारण होता है। खुश्बू सुखद या अप्रिय हो सकता है। एक गंध, जैसे सुखद रूप में माना जाता है जब धूप, यह मजबूत odors ब्लॉ ...

चमक

चमक, चमकीलापन या रोशनपन दृश्य बोध का एक पहलु है जिसमें प्रकाश किसी स्रोत से उभरता हुआ या प्रतिबिंबित होता हुआ लगता है। दुसरे शब्दों में चमक वह बोध है जो किसी देखी गई वस्तु की प्रकाश प्रबलता से होता है। चमक कोई कड़े तरीके से माप सकने वाली चीज़ नही ...

दृश्य बोध

दृश्य बोध आँखों में पहुँचने वाले प्रकाश में निहित जानकारी से देखी गई चीज़ों के बारे में बोध उत्पन्न होने की प्रक्रिया को कहते हैं। सामान्य हिन्दी में दृश्य बोध को दृष्टि और नज़र भी बुलाया जाता है। दृश्य बोध के लिए शरीर के बहुत से अंगों का प्रयोग ...

विद्युतभान

विद्युतभान कुछ जीवों में अपने वातावरण में उपस्थित विद्युतक्षेत्रों व अन्य विद्युत प्रभावों को बोध करने की क्षमता होती है। यह लगभग हमेशा जल में रहने वाले प्राणियों में ही पाई जाती है क्योंकि खारा पानी वायु से कहीं अधिक अच्छा विद्युत चालक होता है। ...

संवेद

संवेद या इन्द्रियबोध उन शारीरिक क्षमताओं को कहते हैं जिनसे प्राप्त हुए ज्ञान से किसी जीव को अपने वातावरण का बोध होता है। मनुष्यों में पाँच प्रमुख संवेदी अंग हैं- देखना, सुनना, छूना, सूंघना और स्वाद लेना । किन्तु मनुष्य में इनके अलावा भी बहुत से स ...

अनुभूति

अनुभूति किसी एहसास को कहते हैं। यह शारीरिक रूप से स्पर्श, दृष्टि, सुनने या गन्ध सूंघने से हो सकती है या फिर विचारों से पैदा होने वाली भावनाओं से उत्पन्न हो सकती है।

संवेग (भावना)

संवेग वस्तुतः ऐसी प्रकिया है जिसे व्यक्ति उद्दीपक द्वारा अनुभव करता है। संवेदनात्मक अनुभव:- संवेदन चेतन उत्पन्न करने की अत्यंत प्रारम्भिक स्थिति है। शिशु का संवेदन टूटा-फूटा अधूरा होता है। प्रौढ़ की संवेदना विकृतजन्य होती है। भावनाओं का कोई निश्च ...

हताशा

मनोविज्ञान के सन्दर्भ में हताशा या कुण्ठा एक प्रमुख भावनात्मक प्रतिक्रिया है जो व्यक्ति की इच्छाओं के अपूर्ण होने के प्रत्यक्षीकृत प्रतिरोध के कारण पैदा होता है। यह व्यक्ति की आशा के प्रतिकूल परिस्थिती मे उत्पन्न होता है। यह विषाद का ही एक अन्य र ...

आरण्य देवी मंदिर, आरा

आरण्य देवी मंदिर, आरा, भोजपुर, बिहार में स्थित एक हिन्दू मंदिर है। संवत् 2005 में स्थापित आरण्य देवी का मंदिर नगर के शीश महल चौक से उत्तर-पूर्व छोपर स्थित है। यह देवी नगर की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं। बताया जाता है कि उक्त स्थल पर प्राचीन काल में ...

कोकिला वन

कोकिला वन अथवा कोकिलावन भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के मथुरा में कोसी कलाँ नामक स्थान के समीप एक हिन्दू मंदिर परिसर है। यहाँ के मुख्य देवता शनि देव हैं। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार शनि ने यहाँ श्री कृष्ण के दर्शनार्थ कठोर तप किया जिससे प्रसन्न हो क ...

बाथू की लड़ी

बाथू मंदिर, स्थानीय स्तर पर बाथू की लड़ी, हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जनपद में मंदिरों का एक गुच्छ है। यह मंदिर 1970 में पोंग बाँध निर्माण के कारण बने जलाशय महाराणा प्रताप सागर में जलमग्न हैं। मंदिर-समूह तक केवल मई-जून में ही पहुँच सकते हैं, जब जल-स ...

लक्ष्मी नारायण मन्दिर, भोपाल

23°14′17.5″N 77°24′30.8″E भोपाल में बिरला मंदिर के नाम से विख्‍यात लक्ष्मीनारायण मंदिर मंदिर, भोपाल के मालवीय नगर क्षेत्र में, अरेरा पहाडियों के निकट बनी झील के दक्षिण में स्थित है। मंदिर के निकट ही एक संग्रहालय बना हुआ है जिसमें मध्‍यप्रदेश के र ...

इस्कॉन मंदिर, मायापुर

पश्चिम बंगाल के नदोया जिले के मायापुर में स्थित इस्कॉन मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित प्रमुख मन्दिर है। मायापुर अपने शानदार मन्दिरों के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है। मन्दिरों के अलावा पर्यटक यहां पर सारस्वत अद्वैत मठ और चैतन्य गौडिया मठ की य ...

कात्यायनी शक्ति पीठ

श्री कात्यायनी शक्ति पीठ भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है। महर्षि वेदव्यास ने श्री कात्यायनी शक्तिपीठ के बारे में श्रीमद भागवत में भी वर्णन किया है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जिस स्थान पर कात्यायनी शक्ति पीठ है वहां माता सती के केश गिरे थे। कि ...

चित्रगुप्त

चित्रगुप्त एक प्रमुख हिन्दू देवता हैं। वेदों और पुराणों के अनुसार धर्मराज श्री चित्रगुप्त जी अपने दरबार में मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा करके न्याय करने वाले बताए गये हैं। आधुनिक विज्ञान ने यह सिद्ध किया है कि हमारे मन में जो भी विचार आते ह ...

त्रिशूल (हथियार)

त्रिशूल एक परंपरागत भारतीय हथियार है। यह एक हिन्दु चिन्ह की तरह भी प्रयुक्त होता है। यह एक तीन चोंच वाला धात्विक सिर का भाला या हथियार होता है, जो कि लकडी़ या बांस के डंडे पर भी लगा हो सकता है। यह हिन्दु भगवान शिव के हाथ में शोभा पाता है। यह शिव ...

दुर्गा मन्दिर, दुर्गाकुण्ड

दुर्गा मंदिर काशी के पुरातन मंदिरॊ मॆ सॆ एक है। इस मंदिर का उल्लॆख काशी खंड" मॆ भी मिलता है। यह मंदिर वाराणसी कैन्ट से लगभग 5 कि॰मी॰ की दूरी पर है। लाल पत्थरों से बने अति भव्य इस मंदिर के एक तरफ "दुर्गा कुंड" है। इस कुंड को बाद में नगर पालिका ने ...

धूमावती

धूमावती पार्वती का एक रूप हैं। इस रूप में उन्हें बहुत भूख लगी और उन्होंने महादेव से कुछ खाने को माँगा। महादेव ने थोड़ा ठहरने के लिये कहा। पर पार्वती क्षुधा से अत्यंत आतुर होकर महादेव को निगल गई। महादेव को निगलने पर पार्वती को बहुत कष्ट हुआ।

नकुल

नकुल महान हिन्दू काव्य महाभारत में पाँच पांडवो में से एक था। नकुल और सहदेव, दोनों माता माद्री के असमान जुड़वा पुत्र थे, जिनका जन्म दैवीय चिकित्सकों अश्विन के वरदान स्वरूप हुआ था, जो स्वयं भी समान जुड़वा बंधु थे। नकुल, का अर्थ है, परम विद्वता। महा ...

प्राण

प्राण हिन्दू दर्शनों, जैसे योगदर्शन और आयुर्वेद इत्यादि में जीवनी शक्ति को कहा गया है। कुछ प्रसंगों में इसे सूर्य से उत्पन्न और पूरे ब्रह्माण्ड में व्याप्त शक्ति के रूप में भी वर्णित किया गया है। आयुर्वेद, तन्त्र इत्यादि में पाँच प्रकार के प्राण ...

भीम

हिन्दू धर्म के महाकाव्य महाभारत के अनुसार भीम पाण्डवों में दूसरे स्थान पर थे। वे पवनदेव के वरदान स्वरूप कुन्ती से उत्पन्न हुए थे, लेकिन अन्य पाण्डवों के विपरीत भीम की प्रशंसा पाण्डु द्वारा की गई थी। सभी पाण्डवों में वे सर्वाधिक बलशाली और श्रेष्ठ ...

महाभूत

महाभूत वह तत्त्व है जिससे यथार्थ बना हुआ है। पांच महाभूत हैं: सत्वगुण, रजगुण, कर्म, काल, स्वभाव जब ये पांच महाभूतों ने तामस अहंकार में विकार उत्पन्न किया तो शब्द, फिर शब्द में इन्ही पांच महाभूतों ने विकार उत्पन्न करके आकाश, आकाश में पांच महाभूतों ...

विदेश्वरस्थान

विदेश्वरस्थान बिहार राज्य के मधुबनी जिला के अन्तर्गत झंझारपुर प्रखंड का एक अतिप्राचीन तीर्थस्थान है। यह मंडन मिश्र रेलवे हाल्ट से २ किलोमीटर उत्तर दिशा में स्थित है। विदेश्वरस्थान राष्ट्रीय राजमार्ग 57, लोहना चौक से 1.5 किलोमीटर दक्षिण दिशा में स ...

सहदेव

सहदेव महाभारत में पाँच पांडवों में से एक और सबसे छोटा था। वह माता माद्री के असमान जुड़वा पुत्रों में से एक थे, जिनका जन्म देव चिकित्सक अश्विनों के वरदान स्वरूप हुआ था। जब नकुल और सहदेव का जन्म हुआ था तब यह आकाशवाणी हुई की, ‘शक्ति और रूप में ये जु ...

वर्बल बिहेवियर

वर्बल बिहेवियर मनोविज्ञानी बी॰एफ॰ स्किनर द्वारा १९५७ में रचित पुस्तक है जिसमें मानव व्यवहार का निरीक्षण करते हैं जिसे पारम्परिक रूप से भाषाविज्ञान कहा जाता है।

उत्तर उपनिवेशवाद

उत्तर उपनिवेशवाद अध्ययन की एक शाखा है जिसमें उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद से उत्पन्न होने वाले सांस्कृतिक और सामाजिक प्रभावों को समझा जाता है। इसमें किसी विदेशी शक्ति द्वारा किसी क्षेत्पर क़ब्ज़ा होने से स्थानीय लोगों के जीवन पर होने वाले प्रभावों ...

सत्याग्रह

सत्याग्रह का शाब्दिक अर्थ सत्य के लिये आग्रह करना होता है। सत्याग्रह, उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम दशक में गांधी जी के दक्षिण अफ्रीका के भारतीयों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून भंग शुरु करने तक संसार" नि:शस्त्र पतिकार अथवा निष्क्रिय प्रतिरोध पैं ...

सर-ए-संग

सर-ए-संग उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान के बदख़्शान प्रान्त के कूरान व मुन्जान ज़िले में कोकचा नदी की घाटी में स्थित एक बस्ती है। यह अपनी लाजवर्द की खान के लिए मशहूर है जहाँ से हज़ारों सालों से यह मूल्यवान पत्थर निकाला जा रहा है। प्राचीन दुनिया में साइबेरि ...

बिलबोर्ड हॉट १००

बिलबोर्ड हॉट १०० बिलबोर्ड 200, बिलबोर्ड पत्रिका द्वारा साप्ताहिक प्रकाशित, संयुक्त राज्य अमेरिका में 200 सबसे लोकप्रिय संगीत एल्बमों और ईपीएस रैंकिंग रिकॉर्ड चार्ट है। यह अक्सर एक कलाकार या कलाकारों के समूह की लोकप्रियता को व्यक्त करने के लिए उपय ...

म्यूज़िक रिकॉर्डिंग बिक्री प्रमाणन

म्यूज़िक रिकॉर्डिंग बिक्री प्रमाण पत्र विश्व भर में अधिकांश देशों में किसी संगीत या फिल्म के एल्बम की बिक्री के आधापर वार्षिक पुरस्कार स्वरूप दिये जाते हैं। ये देश विशेष में दिये जाते हैं। इनका आधार राष्ट्रीय स्तर पर रिलीज़ हुए एल्बमों की बिक्री ...

संगीत चिकित्सा

संगीत चिकित्सा सहबद्ध स्वास्थ्य व्यवसाय और वैज्ञानिक शोध का क्षेत्र है जो नैदानिक चिकित्सा और जैव-संगीत शास्त्र, संगीत ध्वनिकी, संगीत सिद्धांत, मनो-ध्वनिकी और तुलनात्मक संगीत शास्त्र की प्रक्रिया के बीच पारस्परिक संबंध का अध्ययन करता है। यह एक अं ...

लखमी चंद

पंडित लखमी चंद हरियाणवी भाषा के एक प्रसिद्ध कवि व लोक कलाकार थे। हरियाणवी रागनी व सांग में उनके उल्लेखनीय योगदान के कारण उन्हें "सूर्य-कवि" कहा जाता है। उन्हें "हरियाणा का कालिदास" भी कहा जाता है। उनका जन्म जिले के जाट्टी कलां गाँव में एक साधारण ...

चर्म कठपुतली

चर्म कठपुतली जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है प्राचीन समय में दक्षिण भारत में यह चलचित्र की तरह जनसमुदाय को प्रदर्शित की जाती थी। इसमें मुख्यत: रामायण, महाभारत आदि धार्मिक प्रसंगों का चित्रण दर्शाया जाता था। चर्म कठपुतली चर्मपत्पर बनाई जाती है तथा एक ...

भारतीय लोकनाट्य

भारत में नाट्य की परंपरा अत्यंत प्राचीन काल से चली आ रही है। भरत मुनि ने अपने नाट्यशास्त्र में इस विषय का विशद वर्णन किया है। इसे अतिरिक्त धनंजयकृत दशरूपक में तथा विश्वनाथ कविराजविरचित साहित्यदर्पण में भी एतत्संबंधी बहुमूल्य सामग्री उपलब्ध है, पर ...

मांडणा

मांडणा राजस्थान एवं मध्य प्रदेश की कला है। मांडणा संस्कृत भाषा के शब्द मांडण का रूप है। जिसका अर्थ है खोजना। मांडणे यहां के सामाजिक उत्सवों, धार्मिक पर्वो, शादी-विवाह, जन्मोत्सव, होली-दीवाली पर घर- आंगन का हिस्सा है जो प्राचीन वैदिक संस्कृति के प ...

लोक नृत्य

लोकनृत्य उन नृत्यों को कहते हैं जिनमें प्राय: निम्नलिखित विशेषताएँ पायी जाती हैं- इसको नियन्त्रित करने वाली कोई एक संस्था नहीं होती। प्राय: ये नृत्य उन्नीसवीं शताब्दी या उसके पहले के हैं जिन्हे पेटेन्ट नहीं कराया गया है। इन नृत्यों का ढ़ंग पारम्प ...

लोकनाट्य

लोकनाट्यों का लोकजीवन से अत्यंत घनिष्ठ संबंध है। यही कारण है कि लोक से संबंधित उत्सवों, अवसरों तथा मांगलिक कार्यों के समय इनका अभिनय किया जाता है। विवाह के अवसर पर अनेक जातियों में यह प्रथा है कि स्त्रियाँ बारात विदा हो जाने पर किसी स्वाँग या साँ ...

लोकरंग २००९

जोगिया जनूबी पट्टी को `लोकसंस्कृतियों का उत्सव और लोक उत्सवों का गांव´ में तब्दील होने की खुशी जहां देश के तमाम बुद्धिजीवियों के कौतुहल का विषय है वहीं हमें खुशी इस बात की है कि दिनों-दिन असाध्य नज़र आ रहे गंवई फूहड़पन, अपसंस्कृति और लम्पटई को मा ...

सूरजकुण्ड हस्तशिल्प मेला

सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला, भारत की एवं शिल्पियों की हस्तकला का १५ दिन चलने वाला मेला लोगों को ग्रामीण माहौल और ग्रामीण संस्कृति का परिचय देता है। यह मेला हरियाणा राज्य के फरीदाबाद शहर के दिल्ली के निकटवर्ती सीमा से लगे सूरजकुंड क्षेत्र में प्रतिवर् ...