ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 116

वस्त्र उद्योग

वस्त्र उद्योग मुख्यतः धागा, वस्त्र तथा कपड़ों के डिजाइन, उत्पादन तथा वितरण से सम्बन्धित है। इसके लिये आवश्यक कच्चा माल प्राकृतिक हो सकता है या रासायनिक उद्योग से निर्मित कृत्रिम ।

कताई

कताई वस्त्र उद्योग का आरम्भिक और बहुत बड़ा प्रक्रम है। कपास आदि प्राकृतिक रेशों या अन्य कृत्रिम रेशों को ऐंठकर सूत बनाने की क्रिया को कताई करना कहते हैं। पहले यह कार्य हाथ से किया जाता था किन्तु आजकल अधिकांश कताई स्वचालित मशीनों से की जाती है।

करघा

करघा एक प्रकार का कपड़ा बुनने का उपकरण है। किसी भी करघे का मूल उद्देश्य होता है धागों को तवान की स्थित में पकड़े रखना ताकी धागों की बुनाई करके कपड़ा बनाया जा सके। करघे की बनावट और कार्यप्रणाली भिन्न हो सकती है, लेकिन ये मूल रूप से एकसा कार्य करते ...

कपास

कपास एक नकदी फसल हैं।यह मालवेसी कुल का सदस्य है।संसार में इसकी 2 किस्म पाई जाती है। प्रथम को देशी कपास एवं के नाम से जाना तथा दूसरे को अमेरिकन कपास एवम् के नाम से जाता है। इससे रुई तैयार की जाती हैं, जिसे सफेद सोना कहा जाता हैं | कपास के पौधे बहु ...

कार्बन तंतु

कार्बन तंतु ५-१० माइक्रोमीटर का व्यास रखने वाले रेशे होते हैं जिनका अधिकांश भाग कार्बन परमाणुओं का बना हुआ हो। इन रेशो का निर्माण कार्बन परमाणुओं को ऐसे क्रिस्टलों में जोड़कर के होता है जो रेशे के लम्बे अक्ष से समानांतर व्यवस्थित हों। इस पंक्तियो ...

नमदा

नमदा एक प्रकार का कपड़ा है जो ऊन, बाल, वानस्पतिक रेशों तथा पर से बनाया जाता है। यह कंपनरोधी, ऊष्मा पृथग्न्यासक तथा ध्वनिशमक होता है। इसका उपयोग रेल और जहाज की छत बनाने, शीशे और संगमरमर की वस्तुओं की पैकिंग, धातुओं पर पॉलिश करने, वाद्ययंत्रों, मुद ...

प्राकृतिक रेशा

प्राकृतिक रेशा ऐसे रेशे होते हैं जिनकी मूल उत्पत्ति पौधों, जीवों व भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं द्वारा होती है। इनका प्रयोग रस्सियों, काग़ज़, नमदों व अन्य चीज़ों के उत्पादन में होता है।

रेशेदार फ़सल

रेशेदार फ़सलें ऐसे वनस्पतियों की व्यवस्थित कृषि द्वारा विकसित फ़सलें होती हैं जिनसे कागज़, वस्त्र, रस्सी, इत्यादि बनाए जाते हैं। सधारण रूप से रेशेदार फ़सलों के उत्पाद को खाया नहीं जा सकता और उन्हें केवल अपने रेशों से वस्तुएँ बनाने के लिए उगाया जा ...

2012 विश्व महिला कबड्डी प्रतियोगिता

2012 विश्व महिला कबड्डी प्रतियोगिता पटना, भारत मे १ मार्च से ४ मार्च २०१२ के बीच अयोजित हुई। यह महिलाओं की प्रथम विश्व स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता थी। इस प्रतियोगिता मे १६ देशो के कबड्डी दलों ने भाग लिया था। यह प्रतियोगिता भारत ने ईरान को हराकर जीत ...

प्रदीप नरवाल

Hy mujhe pardeep pkl me le lo by. प्रदीप नरवाल प्रदीप नरवाल प्रो कबड्डी लीग में एक अच्छे रेडर के रूप में उभरे हैं। इनका सबसे घातक हथियार डुबकी है। इसलिए इन्हें डुबकी किंग के नाम से जाना जाता है। ये प्रो कबड्डी लीग में सीजन-5 में पटना पायरेट्स के ...

दीपक निवास हुड्डा

दीपक निवास हुड्डा एक भारतीय कबड्डी खिलाड़ी है। ये भारतीय टीम का हिस्सा थे जिन्होंने २०१६ के दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। इन्होंने प्रो कबड्डी लीग के पहले तीन सत्रों में भी हिस्सा लिया। इन्हें प्रो कबड्डी लीग में २०१८ में जयपुर पिंक ...

परिकल्पना

किसी घटना की व्याख्या करने वाला कोई सुझाव या अलग-अलग प्रतीत होने वाली बहुत सी घटनाओं के आपसी सम्बन्ध की व्याख्या करने वाला कोई तर्कपूर्ण सुझाव परिकल्पना कहलाता है। वैज्ञानिक विधि के नियमानुसार आवश्यक है कि कोई भी परिकल्पना परीक्षणीय होनी चाहिये। ...

प्रागुक्ति

किसी अनिश्चित घटना के बारे में पहले ही कुछ कहना प्रागुक्ति या पूर्वानुमान कहलाता है। प्रागुक्ति प्रायः अनुभव या ज्ञान पर आधारित होती है। पूर्वानुमान और प्रागुक्ति में क्या और कितना अन्तर है, इस पर मतैक्य नहीं है।

क्लिक व्यंजन

क्लिक व्यंजन कुछ भाषाओँ में प्रयोग होने वाले वर्ण होते हैं जिनकी आवाज़ स्वर्ग्रंथी से नहीं बल्कि जीभ या होंठों द्वारा मुंह में हवा के दबाव में अचानक परिवर्तन करने से आती है। हिन्दी बोलने वालों में इसकी मिसाल "च-च" की आवाज़ है जो किसी चीज़ के बारे ...

खोई भाषाएँ

खोई भाषाएँ अफ़्रीका के दक्षिणी हिस्से में बोली जाने वाली भाषाओं का वह सबसे बड़ा परिवार है जो बांटू भाषा-परिवार का सदस्य नहीं है। यह पहले खोईसान भाषाओं की एक शाखा मानी जाती थी और मध्य खोईसान के नाम से जानी जाती थी, लेकिन आधुनिक काल में यह एक अलग प ...

ज़ुलु भाषा

ज़ुलु या इसिज़ुलु अफ़्रीका के दक्षिणी भाग में लगभग १ करोड़ लोगो द्वारा बोली जाने वाली एक भाषा है। इसे बोलने वाले ९५% लोग दक्षिण अफ़्रीका देश में रहते हैं जहाँ यह लगभग २५% जनसंख्या की मातृभाषा है और जहाँ के लगभग ५०% लोग इसे समझ-बोल सकते हैं। सन् १ ...

न्गूनी भाषाएँ

न्गूनी भाषाएँ या गूनी भाषाएँ दक्षिणी अफ़्रीका के न्गूनी लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषाओं का एक समूह है जो बांटू भाषा-परिवार की एक उपशाखा है। गूनी भाषाओं में कोसा, ज़ुलु, स्वाती, श्लूबी, फूथी, लाला और ह्लांगवीनी शामिल हैं। इनके अलावा तीन न्देबेल ...

स्वाज़ी भाषा

स्वाज़ी भाषा या स्वाती भाषा स्वाज़ीलैण्ड और दक्षिण अफ़्रीका में बोली जाने वाली बांटू भाषा-परिवार की न्गूनी शाखा की एक भाषा है। यह न्गूनी परिवार की तेकेला उपशाखा की सदस्या है और इसे लगभग २५ लाख लोग अपनी मातृभाषा के रूप में प्रयोग करते हैं।

वर्णमाला (संगणन)

कम्प्यूटर विज्ञान, तर्कशास्त्र व गणित के क्षेत्रों में किसी औपचारिक भाषा के मान्य चिन्हों के कुल समुच्चय को उस औपचारिक भाषा की वर्णमाला कहते हैं। उस औपचारिक भाषा के नियमों के अनुसार वर्णमाला के चिन्हों के अनुक्रम बनाकर उस भाषा के स्ट्रिंग बनाये ज ...

जॉहान मार्टिन स्कैलियेर

जॉहान मार्टिन स्कैलियेर एक जर्मन रोमन कैथलिक पादरी थे जिन्होंने वोलापूक नामक कृत्रिम भाषा का निर्माण किया था। उनका आधिकारिक नाम "मार्टिन स्कैलियेर" था; जॉहान नाम उन्होंने अपने धर्मपिता के सम्मान में अपने नाम के आगे जोड़ा था। उनका जन्म ओबेरलौडा बा ...

वोलापूक विकिपीडिया

वोलापूक विकिपीडिया विकिपीडिया का वोलापूक भाषा का संस्करण है। वोलापूएक निर्मित/कृत्रिम भाषा है जिसे जॉहान मार्टिन स्कैलियेर नामक एक रोमन कैथलिक पादरी ने बाडन, जर्मनी में निर्मित किया था। यह निर्मित भाषाओं में विकिपीडिया का दूसरा सबसे बड़ा संस्करण ...

कैरेक्टर (संगणन)

कम्प्यूटर और दूरसंचार में कैरेक्टर सूचना की इकाई होती है, जिसका स्थान किसी प्राकृतिक भाषा के लिखित रूप में अक्षर के बराबर-सा है। कैरेक्टर के उदाहरणों में अक्षर, अंक और भिन्न प्रकार के विराम चिन्ह शामिल हैं। लेकिन बहुत से नियंत्रण कैरेक्टर भी होते ...

अनुवाद स्मृति

अनुवाद स्मृति एक डेटाबेस है जिसमें स्रोत भाषा के किसी खण्ड के संगत लक्ष्य भाषा का खण्ड भण्डारित रहता है। स्रोत भाषा एवं लक्ष्य भाषा के ये युग्म पहले से मानव अनुवादकों द्वारा तैयार किये गये होते हैं। अनुवाद स्मृति में शब्द और उसका अनुवाद नहीं भण्ड ...

अपर्तिअम्

अपर्तिअम् मशीनी अनुवाद का एक मुक्तस्रोत प्रोग्राम है। यह नियमाधारित मशीनी अनुवाद करता है। यह ऐसी भाषाओं के लिये विशेष रूप से उपयोगी है जिनमें निकट का सम्बन्ध हो जैसे सभी भारतीय भाषाएँ ; या यूरोप की भाषाएँ। निकट के रिश्ते वाली भाषाओं में परस्पर अन ...

हिन्दी से पंजाबी यान्त्रिक अनुवादक

हिन्दी से पंजाबी यान्त्रिक अनुवादक, पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला में डा गुरप्रीत सिंह और डा विशाल गोयल द्वारा विकसित किया था, जिसका उद्देश्य हिन्दी पाठ का पंजाबी पाठ मे अनुवाद करना था। यह सीधी अप्रोच पर आधारित है। इसमे पूर्वप्रक्रमण, अनुवाद इन्जन ...

भाषा संस्थानों की सूची

यहाँ भाषा-नियामक संस्थानों की सूची दी गई है जो मानक भाषाओं का नियमन करतीं हैं। इन्हें प्रायः भाषा अकादमी कहा जाता है। भाषा अकादमियाँ भाषाई शुद्धता के उद्देश्य से काम करतीं हैं तथा भाषा से सम्बन्धित नीतियाँ बनाती एवं प्रकाशित करतीं हैं।

अकादमी फ्रंसेज

फ्रांसीसी अकादमी, फ्रांसीसी भाषा से सम्बन्धित मुद्दों को तय करने वाली विद्वानों की सभा है। इसकी स्थापना 1635 में कार्डिनल रिचेल्यु ने किया था जो लुई तेरहवें का मुख्यमंत्री था।

राष्ट्रीय कोरियाई भाषा संस्थान

राष्ट्रीय कोरियाई भाषा संस्थान कोरियाई भाषा का भाषा नियामक है। इसकी स्थापना २३ जनवरी १९९१ को, राष्ट्रपतीय आज्ञप्ति सं. १३१६३ द्वारा की गई थी। यह सियोल, दक्षिण कोरिया में स्थित है।

रूसी भाषा संस्थान

रूसी विज्ञान अकादमी का वीवी विनोग्रादोव रूसी भाषा संस्थान रूसी भाषा का नियामक संस्थान है। यह रूसी विज्ञान अकादमी का एक भाग है तथा मास्को में स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष १९४४ में हुई थी।

तकनीकज्ञ

प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उस व्यक्ति को तकनीकज्ञ या तकनीशियन कहते हैं जो किसी तकनीकी क्षेत्र के कार्यों को करने में सिद्धहस्त हो। तकनीशियन के पास तकनीकी सिद्धान्तों का अच्छा व्यावहारिक ज्ञान होता है। अनुभवी तकनीकज्ञ के पास सम्बन्धित क्षेत्र का ...

लिंगानुपात

लिंगानुपात या लिंग का अनुपात से तात्पर्य किसी क्षेत्र विशेष में पुरुष एवं स्त्री की संख्या के अनुपात को कहते हैं। प्राय: किसी भौगोलिक क्षेत्र में प्रति हजार पुरुषों के मुकाबले स्त्रियों की संख्या को इसकी इकाई माना जाता है।ise ling anupat khte hai

चाडी भाषाएँ

चाडी भाषाएँ अफ़्रीका के सहेल क्षेत्र में बोला जाने वाला एक भाषा-परिवार है। यह अफ़्रो-एशियाई भाषा-परिवार की एक शाखा है। चाडी भाषा-परिवार में लगभग 150 भाषाएँ आती हैं जो उत्तरी नाइजीरिया, दक्षिणी नाइजर, दक्षिणी चाड, मध्य अफ़्रीकी गणतंत्और उत्तरी कैम ...

मिस्री भाषा

मिस्री भाषा मिस्र की सबसे प्राचीन ज्ञात भाषा है और सामी-हामी भाषा-परिवार की एक शाखा है। इसकी लिखाईयाँ ३४०० ईसापूर्व से ज्ञात हैं जिस आधापर इसे विश्व की सबसे पुरानी लिखित भाषाओं में गिना जाता है। यह प्राचीन मिस्र की सभ्यता की भाषा हुआ करती थी लेकि ...

कोरकू भाषा

कोरकू भारत के मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र राज्यों में बोली जाने वाली ऑस्ट्रो-एशियाई भाषा-परिवार की मुण्डा शाखा की एक भाषा है। इसे कोरकू समुदाय के लोग बोलते हैं, जो भारतीय संविधान के तहत एक अनुसूचित जनताति हैं। कोरकूभाषियों के आसपास गोंडी भाषा बोलने ...

खड़िया भाषा

खड़िया एक भारतीय भाषा है जो ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं की मुण्डा शाखा की सदस्य है। भारत के पूर्वी क्षेत्रों के अलावा यह नेपाल में भी कहीं-कहीं बोली जाती है। इसका सम्बन्ध जुआंग भाषा से बहुत समीपी है।

खसिक भाषाएँ

खसिक भाषाएँ भारत के पूर्वोत्तरी मेघालय राज्य व बांग्लादेश के कुछ पड़ोसी क्षेत्रों में बोली जाने वाली ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं का एक भाषा-परिवार है।

खासी भाषा

खसी या खासी पूर्वोत्तर भारत के मेघालय राज्य में खसी समुदाय द्वारा बोली जाने वाली एक भाषा है। यह ऑस्ट्रो-एशियाई भाषा-परिवार की सदस्य है। खासी ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं के मोन-ख्मेर परिवार की एक शाखा है। २००१ की भारतीय जनगणना के अनुसार खासी भाषा को बोल ...

जुआंग भाषा

जुआंग एक भारतीय भाषा है जो ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं की मुण्डा शाखा की सदस्य है। यह उड़ीसा राज्य के जुआंग समुदाय द्वारा बोली जाती है और इसका सम्बन्ध खड़िया भाषा से बहुत समीपी है।

निकोबारी भाषाएँ

निकोबारी भाषाएँ भारत के निकोबार द्वीपसमूह में बोली जाने वाली कुछ ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं का परिवार है। इन्हें लगभग ३०,००० लोग बोलते हैं, जिनमें से अधिकतर कार भाषा के मातृभाषी हैं।

प्नार भाषा

प्नार, पनार, जयंतिया या सिन्तेंग भारत के पूर्वोत्तरी मेघालय राज्य व बांग्लादेश के कुछ पड़ोसी क्षेत्रों में बोली जाने वाली ऑस्ट्रो-एशियाई भाषा-परिवार की खसिक शाखा की एक भाषा है। माना जाता है कि यह आदि-खसी भाषा की सबसे समीपी जीवित भाषा है।

मुण्डा भाषाएँ

मुण्डा एक भाषापरिवार है जिसे भारत तथा बांग्लादेश के लगभग १ करोड़ लोग बोलते हैं। यह ऑस्ट्रो-एशियाई भाषा-परिवार की एक शाखा है। इसका अर्थ है कि मुण्डा भाषा वियतनामी भाषा और खमेर भाषा से सम्बंधित है। हो, मुण्डारी और सन्ताली इस भाषासमूह की मुख्य भाषाए ...

मोन भाषा

मोन भाषा बर्मा और थाईलैंड में मोन समुदाय द्वारा बोली जाने वाले एक ऑस्ट्रो-एशियाई भाषा है। इसे दस लाख से अधिक लोग बोलते हैं लेकिन नई पीढ़ी तेज़ी से इसे भुलाकर बर्मी भाषा बोलने लगी है जिस से इस भाषा के भविष्य के लिए ख़तरा बन गया है। दक्षिणपूर्व एशि ...

वार भाषा

वार, जो वार-जयंतिया भी कहलाती है, भारत के पूर्वोत्तरी मेघालय राज्य व बांग्लादेश के कुछ पड़ोसी क्षेत्रों में बोली जाने वाली ऑस्ट्रो-एशियाई भाषा-परिवार की खसिक शाखा की एक भाषा है। आम्वी भी इसकी एक बहुत समीपी उपभाषा है, इसलिए इन्हें अक्सर एक ही भाषा ...

वियतनामी भाषा

वियतनामी भाषा वियतनाम की राजभाषा है। जब वियतनाम फ्रांस का उपनिवेश था तब इसे अन्नामी कहा जाता था। वियतनाम के ८६% लोगों की यह मातृभाषा है तथा लगभग ३० लाख वियतनामी बोलने वाले यूएसए में रहते हैं। यह ऑस्ट्रो-एशियाई भाषा-परिवार की भाषा है। वियतनामी भाष ...

हो भाषा

हो आस्ट्रो-एशियाई भाषा परिवार की मुंडा शाखा में एक भाषा है जो झारखंड, पश्चिम बंगाल एवं उड़ीसा के आदिवासी क्षेत्रों में लगभग १०,७७,००० जनों द्वारा बोली जाती है।

इंडोनेशियाई भाषा

इंडोनेशियाई इंडोनेशिया की एकमात्र आधिकारिक और राष्ट्रीय भाषा है। यह मलय भाषा की एक मानक प्रयुक्ति पर आधारित है। मलय एक ऑस्ट्रोनीशियाई भाषा है जो बहुभाषीय इंडोनेशियाई द्वीपसमूह पर सम्पर्क भाषा के रूप में शताब्दियों से विस्तृत रही है। इंडोनेशिया वि ...

ओशियानी भाषाएँ

ओशियानी भषाएँ ऑस्ट्रोनीशियाई भाषा परिवार की मलय-पोलेनीशियाई शाखा का एक भाषा-परिवार है। इस परिवार में ४५० से १,५०० के बीच सदस्य भाषाएँ आती हैं जो प्रशान्त महासागर के पॉलीनीशिया, मेलानीशिया और माइक्रोनीशिया क्षेत्रों पर विस्तृत हैं। इतने बड़े भूक्ष ...

गोरोंतालोई भाषा

गोरोंतालोई या हुलोनतालो दक्षिणपूर्व एशिया के इण्डोनेशिया देश के सुलावेसी द्वीप पर स्थित गोरोंतालो प्रांत में गोरोंतालोई लोगों द्वारा बोली जाने वाली एक भाषा है। यह ऑस्ट्रोनीशियाई भाषा-परिवार की मलय-पोलेनीशियाई शाखा की सदस्या है।

फ़िजीयाई भाषा

फ़िजीयाई भाषा दक्षिण प्रशांत महासागर कें स्थित फ़िजी के द्वीपों पर बोली जाने वाली मलय-पोलेनीशियाई शाखा की एक ऑस्ट्रोनीशियाई भाषा है। फ़िजी की १९९६ की जनगणना के अनुसार इसे लगभग ३.५ लोग मातृभाषा के रूप में बोलते थे। फ़िजी के १९९७ के संविधान में फ़ि ...

मलय-पोलेनीशियाई भाषाएँ

मलय-पोलेनीशियाई भाषाएँ ऑस्ट्रोनीशियाई भाषा परिवार की एक उपश्रेणी है और विश्व में लगभग ३८.५५ करोड़ लोग मलय-पोलेनीशियाई भाषाएँ बोलते हैं। यह दक्षिण पूर्व एशिया के द्वीप-राष्ट्रों में, प्रशांत महासागर के बहुत से द्वीपों में और एशिया की मुख्यभूमि के ...