ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 114

मल्लीनाथ पशु मेला, तिलवाड़ा

यह पशु मेला भारतीय राज्य राजस्थान के बाड़मेर ज़िले में आयोजित होता है। यह मेला वीर योद्धा रावल मल्लीनाथ की स्मृति में आयोजित होता है। विक्रम संवत १४३१ में मलीनाथ के गद्दी पर आसीन होने के शुभ अवसर पर एक विशाल समारोह का आयोजन किया गया था जिसमें दूर ...

महाशिवरात्रि पशु मेला करौली

करौली जिले में भरने वाला यह पशु मेला राज्य स्तरीय पशु मेलों में से एक है। इस पशु मेले का आयोजन प्रतिवर्ष फाल्गुन कृष्णा में किया जाता है। महाशिवरात्रि के पर्व पर आयोजित होने से इस पशु मेले का नाम शिवरात्रि पशु मेला पड़ गया है। इस मेले के आयोजन का ...

राजस्थान के पशु मेले

भारतीय राज्य राजस्थान में सभी जिलों और ग्रामीण स्तर पर लगभग 250 से अधिक पशु मेला का प्रतिवर्ष आयोजन किया जाता है। कला, संस्कृति, पशुपालन और पर्यटन की दृष्टि से यह मेले अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। देश विदेश के हजारों लाखों पर्यटक इसके माध्यम से लो ...

रामदेव पशु मेला नागौर

पूरे राजस्थान राज्य में नागौर ज़िले में पशुपालन विभाग सबसे ज्यादा पशु मेले आयोजित करवाता है। इस मेले के बारे में प्रारंभ में प्रचलित मान्यता है कि मानसर गांव के समुद्र भू-भाग पर रामदेव जी की मूर्ति स्वतः ही अद्भुत हुई। श्रद्धालुओं ने यहां एक छोटा ...

मेला

जब किसी एक स्थान पर बहुत से लोग किसी सामाजिक,धार्मिक एवं व्यापारिक या अन्य कारणों से एकत्र होते हैं तो उसे मेला कहते हैं। भारतवर्ष में लगभग हर माह मेले लगते रहते ही है। मेले तरह-तरह के होते हैं। एक ही मेले में तरह-तरह के क्रियाकलाप देखने को मिलते ...

कतिकी मेला

कतकी मेला, उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में बांदा जिले में स्थित एक कस्बे कलिंजर के कालिंजर दुर्ग में प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पाँच दिवस के लिये लगता है। इसमें हजारों श्रद्धालुओं कि भीड़ उमड़ती है। साक्ष्यों के अनुसार यह मेला ...

कपाल मोचन मेला

कपाल मोचन, भारत के पवित्र स्थलों में से एक है। हरियाणा प्रान्त के यमुनानगर ज़िले में स्थित इस तीर्थ के बारे में मान्यता है कि कपाल मोचन स्थित सोम सरोवर में स्नान करने से भगवान शिव ब्रह्मादोष से मुक्त हुए थे। इसी वजह से हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर ...

कैथी (चन्दौली)

उत्तरप्रदेश के चंदौली जिले में स्थित गाँव अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। इसके 2 किलोमीटर स्थित बलुआ में लगने वाला बरनी मेला प्रसिद्ध है। यह मेला स्थानिय लोगों में छोटे कुंभ के रूप में विख्यात है। गंगा किनारे बाल्मिकी कुंड स्थित है। मा ...

दीपावली मेला

नानकमत्ता साहिब ऐतिहासिक महत्व का सिक्खों का सुविख्यात धार्मिक स्थान होने के साथ-साथ यहाँ लगने वाला दीपावली का मेला भी इस क्षेत्र का विशालतम मेला माना जाता है। इसमे 5 से 10 लाख लोगों की भीड़ जमा होती है। गुरूद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब उत्तराखण्ड ...

शहीद मेला

"शहीद मेला" देश में शहीदों की याद में लगने वाला सबसे लंबी अवधि का मेला है जो कि 19 दिनों तक मैनपुरी जनपद के बेवर नामक स्थान पर लगता है|इस मेले में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के तमाम जाने अनजाने अमर शहीदों,क्रांतिवीरों को याद किया जाता है|यह मेला उ ...

व्यापार मेला

औद्योगिक प्रदर्शनी या व्यापार मेला वह प्रदर्शनी है जिसमें किसी विशेष प्रकार के उद्योग अपने अद्यतन उत्पाद प्रदर्शित करते हैं। ये उपभोक्ता मेलों से इस अर्थ में अलग होती हैं कि अधिकांश औद्योगिक प्रदर्शनियों में सामान्य जनता को प्रवेश की अनुमति नहीं ...

ऑटो एक्सपो

ऑटो एक्सपो भारत की राजधानी दिल्ली में हर दो साल में आयोजित होने वाला एक व्यापार मेला हैं। इसका आयोजन नई दिल्ली के प्रगति मैदान में होंता है। शंघाई मोटर शो के बाद यह एशिया का दूसरा सबसे बड़ा वाहन व्यापार मेला है। मेले का आयोजन ऑटोमोटिव कम्पोनेण्ट ...

राष्ट्रगान

सबसे पुराना राष्ट्रगान ग्रेट ब्रिटेन का गॉड सेव दि क्वीन है, जिसे 1825 में राष्ट्रगान के रूप में वर्णित किया गया था, हालांकि 18 वीं सदी के मध्य से ही यह देश प्रेम के गीत के रूप में लोकप्रिय रहा तथा राजसी समारोहों में गाया जाता था। 19 वीं तथा 20 व ...

अज़रबैजान गणराज्य का राष्ट्रीय गान

अज़रबैजान मार्सी अज़रबैजान का राष्ट्रगान है, जिसका मूल शीर्षक अज़रबैजान का कदमताल है। गान के बोल कवि अहमद जावद द्वारा लिखे गए और संगीतकार उज़ेयिर हाजिबेयोव थे। इसे १९१८ में अपनाया गया था। राष्ट्रगान का का एक अन्श अज़रबैजान की मुद्रा के २००६ में ज ...

अफ़्गानिस्तान का राष्ट्रगान

अफ़्गानिस्तान का राष्ट्रगान पश्तो: ملی سرود ‎ - मिल्लि सुरूद ; फ़ारसी: سرود ملی ‎ - सुरूद-ए मिल्ली ") आधिकारिक रूप से मई २००६ में पनाया गया था। अफ़्गानिस्तान के संविधान की धारा २० के अनुसार, "अफ़्गानिस्तान का राष्ट्रगान पश्तो में होगा" और जिसमें ...

आमार शोनार बांग्ला

Amar Sonar Bangla Music.svg अमार शोनार बांग्ला मेरा सोने का बंगाल या मेरा सोने जैसा बंगाल, बांग्लादेश का राष्ट्रगान है, जिसे गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। यह बांग्ला भाषा में है। गुरुदेव ने इसे बंग भंग के समय सन १९०६ में लिखा था जब मजहब के ...

ईरानी इस्लामी गणराज्य का राष्ट्रगान

ईरानी इस्लामी गणराज्य का राष्ट्रगान के संघटक हसन रियाही थे और साथ ही में इन्होंने इस गान के बोल भी लिखे। इसे १९९० में ईरान का राष्ट्रगान चुना गया, जिसने आयतोल्लाह खुमैनी के समय से प्रयुक्त राष्ट्रगान को प्रतिस्थापित किया।

उज़्बेकिस्तान गणराज्य का राष्ट्रगान

उज़्बेकिस्तान गणराज्य का राष्ट्रगान १९९१ में सोवियत संघ के विघटन के पश्चात अस्तित्व में आया। स्वतन्त्रता मिलने पर, किसी अन्य उपयुक्त प्रत्याशी के अनुपलब्ध रहने पर, संगीतकार मुतल बुर्हानोव द्वारा संघटित, पुरानी सोवियत धुन को बनाए रखा और नए बोल अब् ...

एगुक्गा

एगुक्गा दक्षिण कोरिया का राष्ट्रगान है। यह १८९६ के आसपास लिखा गया था। गीत का सटीक मूल अज्ञात है, लेकिन वर्तमान आधिकारिक संस्करण १५ अगस्त १९४८ को स्थापित किया गया था।

क़ौमी तराना

पाक सरज़मीन पाकिस्तान का राष्ट्रगान है। इसे उर्दू में "क़ौमी तराना" कहा जाता है। इसे हफ़ीज़ जालंधरी ने लिखा था और इसका संगीत अकबर मुहम्मद ने बनाया। यह सन् 1954 में पाकिस्तान का राष्ट्रगान बना और उस से पहले जगन्नाथ आज़ाद द्वारा लिखित "ऐ सरज़मीन-ए- ...

किमिगायो

किमिगायो जापान का राष्ट्रगान है। यह दुनिया के सारे राष्ट्रगानों में से सब से छोटे वालों में गिना जाता है। विश्व के सारे राष्ट्रगानों में इसी की रचना सब से पुरानी है।

गॉड सेव द क़्वीन

गॉड सेव द क़्वीन विभिन्न राष्ट्रमण्डल देशों अथवा उनके शासित प्रदेशों अथवा ताज के अधीन क्षेत्रों में राष्ट्रगान अथवा रॉयल गीत है। गीत का लेखक अज्ञात है अथवा यह सामान्य रूप से विकसित हुआ गीत हो सकता है लेकिन १६१९ में इसकी धुन का श्रेय जॉन बुल को दि ...

जन गण मन

जन गण मन अधिनायक जय हे धुन जन गण मन अधिनायक जय हे गान जन गण मन, भारत का राष्ट्रगान है जो मूलतः बंगाली में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया था। भारत का राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम्‌ है। राष्ट्रगान के गायन की अवधि लगभग ५२ सेकेण्ड है। कुछ अवस ...

देशभक्ति का गीत (राष्ट्रगान उत्तर कोरिया)

ऍगुक्का उत्तर कोरिया का राष्ट्रगान है। अपनी स्थापना से पूर्व दोनो कोरियाओं का राष्ट्रगान एक ही था, लेकिन उत्तर कोरिया ने १९४७ में वर्तमान गान को चुना। गान के बोल पाक से-यं ने लिखे और संगीतकार किम वन-ग्युन थे। उत्तर कोरिया के नागरिक इस गीत के पहले ...

नशीद अस-सलाम अस-सुल्तानी

يا ربنا احفظ لنا جلالة السلطان والشعب بالأوطان بالعز والإيمان وليدم مؤيدا عاهلا ممجدا بالنفوس يفتدى ياعمان نحن من عهد النبي أوفياء من كرام العرب أبشري قابوس جاء فلتباركه السماء واسعدي والتقيه بالدعاء

निज़ाम का राष्ट्रीय गान

ता आबाद खालिक-ए-आलम तु रियासत रखे, तुझ को उस्मान बसद इजलाल सलामत रखे़़ जैसे तू फकर-ए-सलातीन है बफज़ल याज़्दान, यूँ ही मुमताज़ तेरा दौर-ए-हुकूमत रखे़ ाल ओ औलाद को अल्लाह दे उम्र-ए-खिज़री, उनसे आबाद तेरा खाना-ए-दौलत रखे़़ जोड़-ए-हातिम रहे शर्मिंदा- ...

बर्लिन

बर्लिन जर्मनी की राजधानी और इसके 16 राज्यों में से एक है। यह बर्लिन-ब्रैन्डनबर्ग मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के मध्य में, जर्मनी के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है। इसकी जनसंख्या 34 लाख है। यह जर्मनी का सबसे बड़ा और यूरोपीय संघ का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। ...

बायर्न

बायर्न या आधिकारिक बायर्न का मुक्त राज्य जर्मनी का एक राज्य है जो देश के दक्षिणपूर्वी भाग में स्थित है। कुल 70.258 वर्ग किमी क्षेत्रफल और 13 करोड़ जनसंख्या के साथ यह जर्मनी का सबसे बड़ा राज्य है और देश के कुल भूभाग का 20% है। इसकी राजधानी है म्यू ...

महान इण्डोनेशिया

महान इंडोनेशिया इंडोनेशिया का राष्ट्रगान है। इसके निर्माता हैं संगीतकार वागे रुडॉल्फ़ सुप्रत्मन जिन्होंने इसे १९२४ में रचा था और राष्ट्रगान को सर्वप्रथम २८ अक्टूबर, १९२८ को बाताविया में आयोजित एक राष्ट्रीय युवा सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया था। इ ...

मौतिनी

मौतिनी, जिसका हिंदी अर्थ मेरी गृहभूमि है, इराक का राष्ट्रगान है। यह कविता फ़िलिस्तीनी कवि इब्राहिम तुकान द्वारा लिखी गई थी जिसे मुहम्मद फ़्लेफ़िल ने संघटित किया था। सारे अरब जगत में प्रसिद्ध इस गीत में, फ़िलिस्तीनी संघर्ष को सराहा गया है और इस प् ...

राष्ट्रगीत

किसी देश का राष्ट्रगीत प्राय: देशभक्तिपूर्ण संगीतबद्ध रचना होती है जो वहाँ के इतिहास, संस्कृति, परम्परा एवं संघर्षों का वर्णन करती है। राष्ट्रगीत, देश विशेष की सरकार द्वारा स्वीकृत होता है या लोगों द्वारा परम्परा से लोगों द्वारा मान्य होता है।

श्रीलंका माता

श्रीलंका माता, श्रीलंका का राष्ट्रगान है। इस राष्टगान की शब्द और संगीत रचना श्री आनंद समाराकून ने सन 1940 में की थी। सन 1951 में इसे आधिकारिक रूप से श्रीलंका के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया।

सउदी अरब का राष्ट्रीय गान

सऊदी अरब का राष्ट्रगान १९५० में सबसे पहले बिना गीत के स्वीकार गया था। इसे १९८४ में इब्राहिम अल-खाफाजी द्वारा दिये गये बोल के साथ स्वीकार किया गया था। इसके वास्तविक संगीतकार अब्दुल रहमान अल-ख़तीब थे, जिन्होंने १९४७ में इसकी रचना की थी। बाद में सेर ...

सयौं थुँगा फूलका

सयौं थुँगा फूलका नेपाल का राष्ट्रगान है। यह गान व्याकुल माइला द्वारा रचित है। इस गान को ३ अगस्त, २००७ को सिंघा दरबार में स्थित राष्ट्रीय योजना आयोग के कॉन्फ़्रेन्स हॉल में आयोजित एक समारोह में श्री सुभाष चन्द्र नेमवांग ने नेपाल का राष्ट्रगान घोषि ...

सुरूद-ए-मिल्ली

सुरूद-ए-मिल्ली ताजिकिस्तान का राष्ट्रगान है। इसके बोल गुलनज़र कॅल्दीऍव ने लिखे थे और इसका संगीत सुलेमान युदाकोव ने बनाया था। ताजिकिस्तान कभी सोवियत संघ का हिस्सा हुआ करता था और जो उस समय ताजिकिस्तान का राष्ट्रगान था उसी का संगीत नए राष्ट्रगान में ...

स्वयंसेवकों का कदमताल

स्वयंसेवकों का कदमताल, चीनी जनवादी गणराज्य, हाँगकाँग और मकाउ का राष्ट्रगान है, जिसे जानेमाने कवि और नाटककार तियान हान ने लिखा था और संगीत रचना नी एर ने की थी। इसे पहली बार १९३४ में एक शंघाई नाट्य के दौरान बजाया गया था और इसका मूल गीतिकाव्य ही राष ...

हमारी गृहभूमि गाम्बिया के लिए

हमारी गृहभूमि गाम्बिया के लिए गाम्बिया का राष्ट्रगान है, जो वर्जिनिया जूली होवे द्वारा लिखा गया था और जेरिमि फ्रेडरिक होवे द्वारा रचा गया था। इसे १९६५ में देश के स्वतन्त्र होने पर अपनाया गया था।

हमारी पितृभूमि

हमारी पितृभूमि आर्मेनिया का राष्ट्रगान है। इसे १ जुलाई, १९९१ को अपनाया गया था और यह आर्मेनिया लोकतान्त्रिक गणतन्त्र के राष्ट्रगान पर आधारित है। गान का गीतिकाव्य मिकाइल नालबन्दियन द्वारा १८५९ में लिखित Իտալացի աղջկա երգը से लिया गया था। बाद में इस ...

हातिकवाह

हातिकवाह १९४८ में इज़रायल की स्थापना के बाद से इसका राष्ट्रगान है। यह राष्ट्रगान यहूदियों की उस दो हज़ार वर्ष आशा पर आधारित है कि एक दिन इज़रायल के लोगो कों उनकी धरती पर मुक्त, स्वतन्त्और सम्प्रभु राष्ट्र होने का अवसर मिलेगा जो अन्तत: १९४८ में जा ...

हैम्बर्ग

हैमबुर्ग जर्मनी का एक प्रमुख नगर एवं बन्दरगाह है| एक समय यह हैमबूर्ग राज्य की राजधानी था। यहाँ की भूमि बड़ी उपजाऊ है। राई, जौ, गेहूँ तथा आलू की अच्छी फसलें होती हैं। हैमबूर्ग के अतिरिक्त बरगेडोर्फ Bergedorf और कुक्सहहैवन अन्य बड़े नगर हैं। हैमबूर ...

वर्मा

वर्मा वर्मन या बर्मन) हिन्दू धर्म का एक जाति सूचक उपनाम है जिसे वर्तमान भारतवर्ष एवं दक्षिण पूर्व एशिया में निवास करने वाले सभी हिन्दू अपने नाम के आगे गर्व से लिखते हैं। मुख्यत: क्षत्रिय वर्ण से उत्पन्न जाति के लोग ही वर्मा लिखते हैं राजस्थान में ...

अग्रवाल

प्राचीन भारतीय राजवंश | आग्रेयवंशी प्राचीन यौधेय क्षत्रिय ही वर्तमान में अग्रवाल नाम से जाने जाते हैं। इनकी एक शाखा राजवंशी भी कहलाती है। सरस्वती नदी के सूखने एवं बादशाह सिकंदर के आक्रमण के फलस्वरूप आग्रेय गणराज्य का पतन हो गया और अधिकांश आग्रेयव ...

कुमार

कुमार एक हिन्दू भारतीय उपनाम है।इसका प्रयोग किसी न किसी रूप में भारत के सभी हिस्सों में होता है। यह एक मध्यनाम का काम भी करता है और भारत के अलावा नेपाल और श्रीलंका में भी प्रयोग में लाया जाता है। यह उत्तर भारत में सामान्य और हरियाणा, दिल्ली, केरल ...

कुलश्रेष्ठ

कुलश्रेष्ठ भारत में रहने वाले सवर्ण हिन्दू समुदाय की एक जाति कायस्थ का एक कुल है। मान्यता है कि कायस्थ धर्मराज श्री चित्रगुप्त जी की संतान हैं तथा देवता कुल में जन्म लेने के कारण इन्हें ब्राह्मण और क्षत्रिय दोनों धर्मों को धारण करने का अधिकार प्र ...

कौल (उपनाम)

कौल एक कश्मीरी पण्डित उपनाम है। -◆सबसे प्राचीन जनजाति है, ◆नृत्य-दहका नृत्य प्रथा। ◆यह सबसे आधुनिक जनजाति है। ◆मुख्यतः रीवा,सीधी,सिंगरौली में निवास करती हैं। द्वारा संपादित:राजेश मंडलोई भारतकोष बुक के अनुसार कोल समाज की व्याख्या- कोल मध्य प्रदेश ...

ख़ानुम

ख़ानुम, या ख़ानम एक मूल रूप से मध्य से प्राप्त एक महिला शाही और अभिजात शीर्षक है। एशियाई शीर्षक, और बाद में मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया में इसका इस्तेमाल किया गया था। यह एक संप्रभु या सैन्य शासक के लिए खान शीर्षक के समकक्ष है, जिसका उपयोग आधुनिक र ...

गुप्ता

गुप्ता भारतीय मूल का एक उपनाम है। कुछ विद्वानों के अनुसार, गुप्ता शब्द की व्युत्पति संस्कृत शब्द गोप्त्री से हुआ जिसका अर्थ सैन्य गर्वनर होता है। प्रमुख इतिहासकाआर सी मजुमदार के अनुसार उपनाम गुप्ता भिन्न समयों पर उत्तरी और पूर्वी भारत के विभिन्न ...

गोदारा

गोदारा भारत के राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में रहने वाली जाट की गौत्र है। इस गौत्र के कुछ लोग पश्चिमी इलाकों जैसे गुजरात और पाकिस्तान में भी बस गये। जाट में गोदारा एक बहुत बड़ी गोत्र के रूप में प्रतिनिधित्व करते हैं।

ग्वालवंशी

ग्वालवंशी एक ऐसा शब्द है जो उन लोगों के लिए प्रयुक्त किया जाता है जो अपने आप को ग्वाला वंश का मानते हैं अथवा गोपियों के वंश के गोपाल मानते हैं, ये क्षत्रिय यदुवंश का ही पवित्र शाखा है, ये शब्द अपने आप में पवित्र गायों से सम्बंध को बताता है। गर्ग ...

चतुर्वेदी

चतुर्वेदी ब्राह्मण जाति का एक उपनाम है, जो उनके लिए प्रयोग किया जाता है, जिनके पूर्वजों ने वेद को पढ़ने और उसमें पूर्णता प्राप्त कर ली है. वे चौबे भी कहा जाता है. चतुर्वेदी उपनाम में निम्न भी शामिल हैं: Triloki Nath Chaturvedi. चतुर्वेदी बद्रीनाथ ...